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महज इतनी सी बात पर पत्रकार को डंडे से पीटा, FIR दर्ज

पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 14 November, 2022
Last Modified:
Monday, 14 November, 2022
Journalist Beaten

असम के सिलचर में एक अस्पताल के सुरक्षा गार्ड्स द्वारा पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिलचर के पत्रकार बिस्वा कल्याण पुरकायस्थ को सुरक्षा गार्ड्स ने उस समय डंडे से पीटा, जब वह शनिवार की रात ‘सिलचर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल’ (SMCH) के प्रसूति वार्ड में भर्ती अपनी भाभी को खाना देने के लिए वहां गए थे।

’हिन्दुस्तान टाइम्स’ और एक बंगाली दैनिक से जुड़े पुरकायस्थ का आरोप है कि इस दौरान प्रसूति वार्ड के बाहर तैनात अस्पताल के सुरक्षा गार्ड्स कुछ लोगों से दुर्व्यवहार कर रहे थे। पुरकायस्थ के अनुसार, ‘मेरे द्वारा टोके जाने पर उन्होंने न सिर्फ मेरे साथ भी दुर्व्यवहार किया बल्कि डंडे से पिटाई भी की।‘

हमले में पुरकायस्थ के हाथ और पीठ पर चोट आई। बाद में उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। सूचना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फिलहाल, मुख्य आरोपी सुरक्षा गार्ड को ड्यूटी से हटा दिया गया है।

पुरकायस्थ ने सिलचर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मीडिया रिपोर्ट्स में एसपी के हवाले से कहा गया है, ‘मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। मुख्यमंत्री ने अपराधमुक्त राज्य का निर्देश दिया है, जहां हर कोई पूरी गरिमा के साथ सुरक्षित रह सके। मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाएगी।’

इस मामले में पुरकायस्थ ने एक फेसबुक पोस्ट भी की है। पुरकायस्थ द्वारा की गई फेसबुक पोस्ट को आप यहां पढ़ सकते हैं।

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स्वस्थ समाज के लिए कानून और मीडिया बहुत ही आवश्यक: जस्टिस सूर्यकांत

संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर ‘आईटीवी नेटवर्क’ के फ्लैगशिप प्रोग्राम ‘Legally Speaking’ ने दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ में 1st law and constitution dialogue का आयोजन किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 26 November, 2022
Last Modified:
Saturday, 26 November, 2022
iTV Network

देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फ्लैगशिप प्रोग्राम ‘Legally Speaking’ के तहत संविधान दिवस (Constitution Day) की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ (IIC) में पहले लॉ और संविधान डायलॉग (1st Law and Constitution Dialogue) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और ‘आईटीवी नेटवर्क’ के प्रमोटर व राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा द्वारा ‘Legally Speaking’ की वेबसाइट legallyspeakings.com और ऐप को भी लॉन्च किया गया।

इस मौके पर जस्टिस सूर्यकांत का कहना था, ‘स्वस्थ समाज के लिए कानून और मीडिया बहुत ही आवश्यक हैं।’ संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) के बारे में जस्टिस सूर्यकांत का कहना था कि महत्वपूर्ण व्याख्याओं की श्रृंखला में कई अवसरों पर इसे सुना और लागू किया गया है। समय के साथ उभरा संवैधानिक नैतिकता का सामान्य विचार उन मूल्यों को बनाए रखना चाहता है, जिन्हें हमारे संविधान में बनाए रखने का दावा किया जाता है।

इसके साथ ही जस्टिस सूर्यकांत का यह भी कहना था, ‘इस अवधारणा का पहला उल्लेख हमारे समय से लगभग पचास वर्ष पूर्व का है, जब न्यायमूर्ति ए.एन. रे और जगन मोहन रेड्डी ने पहली बार संवैधानिक नैतिकता की धारणा को केशवानंद भारती के सबसे चर्चित निर्णयों में से एक में पेश किया।’

हमारे पुरखों के दृष्टिकोण के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा,‘   नि:संदेह, बाबा साहेब आंबेडकर ने अपने भाषण में संवैधानिक नैतिकता को भविष्योन्मुखी बताया। यह विचार भारतीय समाज को एक ऐसे राज्य और संस्थाओं में बदलना चाहता है जो लोकतांत्रिक विचारों और लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

जस्टिस सूर्यकांत के अनुसार, ‘उस दौर को याद करें, जब देश उपनिवेशवाद से उबर रहा था और पूरी तरह लोकतांत्रिक बनने की दिशा में बढ़ रहा था। ऐसे में संविधान का उद्देश्य अपने कई परस्पर विरोधी दायित्वों के बीच उचित संतुलन की खोज में देश को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रेरक के रूप में कार्य करना था। अंग्रेज सिर्फ शासन की बात करते थे। एक राज्य जो अपने लोगों पर शासन करता है, उनकी जरूरतों के प्रति उदासीन होता है, जबकि संविधान की नैतिकता लोगों के प्रति उत्तरदायी होनी चाहिए।’

कानूनी रिपोर्टिंग में मीडिया की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत का कहना था, ‘मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह सच्चाई को सामने लाए और यह सुनिश्चित करे कि उसकी रिपोर्टिंग में भरोसा और ईमानदारी हो। भारतीय कानून रिपोर्ट अधिनियम 1875 से अब तक कानूनी रिपोर्टिंग की स्थिति में कई गुना वृद्धि हुई है। तमाम डेटाबेस और लीगल न्यूज वेबसाइट्स के साथ कानून की बारीकियों को संप्रेषित करने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।’ उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और निचली अदालतों में क्या हो रहा है, मीडिया उस पर नजर रखने का एक तरीका है।

इस कार्यक्रम में कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि कानून की बारीकियों को लोगों तक पहुंचाने के विजन के साथ छह साल साल पहले ‘Legally speaking’ की शुरुआत की गई थी और इसका तेजी से विकास हुआ है। ‘Legally speaking’ जैसी वेबसाइट्स और रिपोर्टिंग की जरूरत के बारे में बोलते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने आईटीवी नेटवर्क के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘कानून के बारे में जानकारी समय की जरूरत है। इसलिए ‘Legally Speaking’ और इसके जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स अस्तित्व में हैं। वो कानून को लोगों तक ले जा रहे हैं, जो एक अनिवार्य सेवा है।’

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पत्रकारिता के लिए जरूरी है सृजनात्मकता: प्रो. नागेश्वर राव

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय सत्रारंभ समारोह के समापन पर ‘IGNOU’ के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने पत्रकारिता के विद्यार्थियों को दिए सफल होने के टिप्स

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 25 November, 2022
Last Modified:
Friday, 25 November, 2022
IIMC

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) द्वारा आयोजित सत्रारंभ समारोह का शुक्रवार को समापन हो गया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय’ (IGNOU) के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने कहा कि पत्रकारिता के लिए सृजनात्मकता की आवश्यकता है। ज्ञान के आधार पर हम किसी भी क्षेत्र में शीर्षतम स्तर पर पहुंच सकते हैं, लेकिन इसके लिए सृजनात्मक, निष्पक्ष और साहसी होना जरूरी है।

'अमृतकाल के संकल्प और मीडिया' विषय पर नवागत विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए प्रो. राव ने कहा कि पत्रकारों के लिए बोलने से ज्यादा सुनना बेहद जरूरी है। मीडिया में अपना करियर शुरू करने जा रहे प्रत्येक विद्यार्थी के लिए यह आवश्यक है कि वो किताबी ज्ञान से ऊपर उठकर समाज के लिए जमीन पर रहकर काम करे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के लिए व्यावहारिक ज्ञान आवश्यक है, जो पत्रकार को सर्वश्रेष्ठ बनाता है। 

अमृत के साथ विष के लिए तैयार होना भी सीखिए: मेहता

कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार (पद्मश्री) आलोक मेहता ने कहा कि अमृतकाल के इस महत्वपूर्ण समय में युवाओं को अमृत के साथ विष के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में एक सैनिक की तरह काम करना होता है। आपकी सफलता तब है, जब आपकी तारीफ कोई दूसरा व्यक्ति करे। आलोक मेहता के अनुसार, ‘युवाओं के लिए आगे बढ़ने और सफल होने का मूलमंत्र है कि 'परफेक्शन' से काम करें और 'रिजेक्शन' की चिंता न करें। इसके साथ ही पत्रकारिता की लक्ष्मण रेखा का ध्यान रखना भी आवश्यक है।‘

ईमानदारी और मेहनत से मिलेगी सफलता: प्रो. द्विवेदी

आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि अगर आप अपने काम को मेहनत और ईमानदारी से करते हैं, तो यकीन मानिए आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि श्रमजीवी व्यक्ति के सामने कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न हो, वो उसका समाधान निकालना जानता है। प्रो. द्विवेदी के अनुसार, ‘सकारात्मक सोच और सार्थक विचारों की पत्रकारिता ही समाज और संस्कृति के लिए सबसे बेहतर होती है। युवाओं को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करना चाहिए।‘

इस अवसर पर भारतीय जनसंचार संस्थान द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका 'संचार सृजन' और मासिक न्यूजलैटर 'आईआईएमसी न्यूज' के नए अंक का विमोचन भी किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर 'संचार सृजन' ने 'राष्ट्र निर्माताओं की पत्रकारिता' विषय पर विशेषांक का प्रकाशन किया है। इस मौके पर आईआईएमसी के अपर महानिदेशक आशीष गोयल, डीन (अकादमिक) प्रो. गोविंद सिंह, कार्यक्रम के संयोजक एवं उर्दू पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार सहित आईआईएमसी के सभी केंद्रों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। 21 नवंबर से प्रारंभ हुए आईआईएमसी के पांच दिवसीय सत्रारंभ समारोह में लगभग 56 वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित किया और जनसंचार के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उनका मार्गदर्शन किया।

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26/11 के हमले में जान गंवाने वालों को कुछ यूं याद करेगा ‘पाञ्चजन्य’

मुंबई के ताज पैलेस होटल में ‘पाञ्चजन्य’ ने 25 नवंबर को देश की नामी हस्तियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम रखा है, जिसे नाम दिया है, ‘मुंबई संकल्प’।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 22 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 22 November, 2022
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26/11 को मुंबई पर हुए हमले को न तो देश भूलेगा और न ही इसके आरोपियों को माफ करेगा। मुंबई के ताज पैलेस होटल में ‘पाञ्चजन्य’ ने 25 नवंबर को देश की नामी हस्तियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम रखा है, जिसे नाम दिया है, ‘मुंबई संकल्प’। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर चर्चा होगी।

‘मुंबई संकल्प’ कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य राम माधव करेंगे। वह सुरक्षा और विदेश मामलों के जानकर माने जाते हैं। पूर्व थलसेना अध्यक्ष व केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह भी चर्चा सत्र में भाग लेंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एक नाथ शिंदे इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपनी बात रखेंगे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मुंबई हमले के दौरान मुंबई के हालात और फिर इस हादसे के बाद कैसी उबरी मुंबई इस पर चर्चा करेंगे।

मुंबई हमले के दोषी कसाब को कैसे फांसी की सजा मिली, इस पर जानकारी देने के लिए जाने-माने अधिवक्ता पदमश्री उज्ज्वल निकम भी मौजूद रहेंगे। फिल्म निर्देशक और अभिनेता डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी भी मुंबई हमले के बारे में अपनी बात रखेंगे। मुंबई हमले को जिन लोगो प्रत्यक्ष रूप से देखा ऐसे लोगो के साथ संवाद करेंगी प्रख्यात एंकर ऋचा अनिरुद्ध।

कार्यक्रम के समापन सत्र में मुंबई हमले में बलिदान हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और सामाजिक संगठनों के सम्मनित लोगों को आमंत्रित किया गया है।

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‘ईटीवी भारत’ में कार्यरत महिला पत्रकार की दर्दनाक मौत, कंटेंट एडिटर घायल

‘ईटीवी भारत’ में काम करने वाली 26 वर्षीय महिला पत्रकार निवेदिता सूरज की सड़क हादसे में मौत हो गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 21 November, 2022
Last Modified:
Monday, 21 November, 2022
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हैदराबाद से एक बड़ी खबर सामने आयी है। दरअसल यहां ‘ईटीवी भारत’ में काम करने वाली 26 वर्षीय महिला पत्रकार निवेदिता सूरज की सड़क हादसे में मौत हो गई है। वह ‘ईटीवी भारत’ में केरल डेस्क पर कार्यरत थीं और कंटेंट एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहीं थीं।

वहीं एक अन्य पत्रकार सोनाली चौरे इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, जोकि यूपी डेस्क पर कार्यरत थीं और वह भी यहां कंटेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।

हादसा हैदराबाद के हयातनगर इलाके स्थित भाग्यलता कॉलोनी के पास शनिवार सुबह हुआ जब एक कार ने निवेदिता सूरज को टक्कर मार दी। निवेदिता सूरज सुबह 5 बजे ऑफिस जाने के लिए घर से निकली थीं। वह सड़क पार करते हुए बस प्वाइंट की ओर बस पकड़ने के लिए जा रही थीं, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। कार एलबी नगर से हयातनगर की ओर जा रही थी। इस हादसे में निवेदिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कंटेंट एडिटर सोनाली चौरे को गंभीर चोटें आयी हैं। सोनाली को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका प्राथमिक उपचार जारी है।

हादसा इतना भयावह था की टक्कर मारने के बाद कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और विपरीत दिशा में पलट गई। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। हयातनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

निवेदिता केरल के त्रिशूर की रहने वाली हैं, जबकि सोनाली महाराष्ट्र की।   निवेदिता का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद हैदराबाद से उनका शव त्रिशूर ले जाया गया। रविवार सुबह 10:30 बजे, अंतिम संस्कार उनके घर विरुथिपरम्बिल हाउस, इरिंगलाकुडा त्रिशूर जिले में हुआ। उनके भाई शिवप्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में रिश्तेदार, दोस्त और सहकर्मी शामिल हुए। ईटीवी भारत की ओर से केरल राज्य प्रमुख के प्रवीण कुमार और केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एमवी विनीता ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।

निवेदिता के पिता का नाम सूरज और माता का नाम बिंदू है। वह त्रिशूर के पडियूर में रहते हैं। निवेदिता का भाई शिवप्रसाद स्नातक का छात्र है। मई 2021 में निवेदिता 'ईटीवी भारत' में कंटेंट एडिटर के रूप में शामिल हुई थीं। निवेदिता ने 'रिपोर्टर टीवी' के त्रिशूर ब्यूरो में भी काम किया है। 'ईटीवी भारत' की पूरी टीम ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर दो मिनट का मौन रख शोक व्यक्त किया।  

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कार्यस्थल पर उत्पीड़न के आरोप मामले में Dentsu ने शुरू की जांच

शिकायतकर्ता ने अब कार्यस्थल पर अपने उत्पीड़न के आरोप वाले ट्वीट्स को हटा लिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 18 November, 2022
Last Modified:
Friday, 18 November, 2022
Dentsu

कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली एक महिला एंप्लॉयी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डेंट्सू (Dentsu) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस बीच ‘Dentsu-iProspect’ की एसोसिएट डायरेक्टर (Paid Media) और शिकायतकर्ता संविधा सिन्हा (Samvidha Sinha) ने उन ट्वीट्स को हटा लिया है, जिनमें उन्होंने ये आरोप लगाए थे। 

दरअसल, सिन्हा ने कार्यस्थल पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था और ट्वीट किया था कि इससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है।

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एचआर और लीगल टीमें मिलकर जांच में जुटी हुई हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि इस मामले में शुक्रवार को सिन्हा की कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के साथ बैठक भी हुई थी। हालांकि, दोनों ही पक्षों (सिन्हा और डेंट्सू) ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है। 

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कथित संपादक को नोएडा पुलिस ने किया गिरफ्तार, लगा ये आरोप

एक न्यूज पोर्टल का एडिटर होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को नोएडा थाना सेक्टर-20 पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 18 November, 2022
Last Modified:
Friday, 18 November, 2022
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एक न्यूज पोर्टल का एडिटर होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को नोएडा थाना सेक्टर-20 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कथित संपादक पर एक महिला के यौन शोषण तथा उससे वसूली करने के आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी का नाम वसीम अहमद है, जोकि अवेयरनेस न्यूज नामक यूट्यूब चैनल चलाता है। फिलहाल वह डॉ. सैनी वाली गली ग्रेटर नोएडा गौतमबुद्धनगर का रहता है। पुलिस ने आरोपी को नोएडा के सब मॉल के पास से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वसीम ने पीड़िता के साथ अश्लील वीडियो बनाया था। इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वह महिला के रुपए मांग रहा था।

आरोपी ने कई बार लड़की को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने वसीम अहमद के खिलाफ लड़की का यौन उत्पीड़न, मारपीट, उसके अभिमान को ठेस पहुंचाने, जबरन वसूली, शांति भंग करने, धमकी देने, स्त्री की लज्जा का अनादर और आपराधिक साजिश रचने की संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।

गुरुवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उसके अन्य साथी के बारे में पता लगा रही है।

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फिर सजने को तैयार है 'साहित्य आजतक' का मंच

दिल्ली में 18 नवंबर से शुरू होने जा रहे इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में मिलेगा साहित्य, कला और मनोरंजन से रूबरू होने का मौका

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 17 November, 2022
Last Modified:
Thursday, 17 November, 2022
Sahitya Aajtak

हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (Aajtak) साहित्य, कला और मनोरंजन से रूबरू कराने के लिए 18 नवंबर से 'साहित्य आजतक' 2022 का आयोजन करने जा रहा है। अगर आप यूपी के हैं तो स्वाभाविक रूप से आपके दिल के किसी न किसी कोने में साहित्य और कला होगी ही। आप मुंशी प्रेमचंद, कैफी आजमी और अमिताभ बच्चन की जन्मभूमि पर पैदा हुए हैं तो कला व साहित्य से वंचित कैसे रह सकते हैं। ऐसे में यह चैनल आपको मौका दे रहा है कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में साहित्य और कला का भरपूर आनंद उठाएं। इस दौरान इंडिया टुडे समूह की पूरी टीम होगी, जो आपको तमाम जाने-माने उन लोगों से परिचय कराएगी, जिन्हें अभी तक आप अखबारों/टीवी में पढ़ते/देखते आए हैं।

यह है कार्यक्रम: दिल्ली में साहित्य के सितारों का जमावड़ा हो रहा है। इसके लिए फ्री रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह साहित्य उत्सव तीन दिन तक चलेगा। 18-19-20 नवंबर 2022 यानी शुक्रवार से रविवार तक। एक दिन में आपके लिए एक समय में तीन स्टेज सजे होंगे। इसका मतलब है कि आपके लिए तीन कार्यक्रम लगातार चल रहे होंगे। आप अपनी रुचि के मुताबिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। लेखकों, गायकों, उपन्यासकारों, कवियों, मोटीवेशनल स्पीकर्स, सोशल थिंकर्स को देख व सुन सकते हैं। उनसे आमने-सामने बात कर सकते हैं। रॉक बैंड का आनंद ले सकते हैं। कहानियां सुन सकते हैं। किस्सागोई भी होगी और गीत-संगीत भी चलेगा।

यहां हो रहा है कार्यक्रम: अगर आप दिल्ली में हैं तो साहित्य के महाकुंभ में सीधे हिस्सा ले सकते हैं। कार्यक्रम ‘मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम’, नई दिल्ली में होने जा रहा है। यहां आपको अपने प्रिय लेखकों, कलाकारों से मिलने के लिए कोई खर्च नहीं करना है। केवल प्री रजिस्ट्रेशन कराना है। इंडिया टुडे की वेबसाइट (aajtak.in/sahitya) पर जाएं। वेबसाइट पर जाकर आप अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल जैसी  जानकारियां उपलब्ध कराएं। आपको कोई शुल्क भुगतान नहीं करना है। आपने वेबसाइट में सूचना दी, ओके किया। उसके बाद सरकार द्वारा दिया गया अपना कोई भी परिचय पत्र, जैसे वोटर आईडी, आधार कार्ड, सरकारी कर्मचारी हैं तो सरकार द्वारा जारी परिचय पत्र, स्कूल के विद्यार्थी हैं तो स्कूल से जारी परिचय पत्र लेकर पहुंच जाएं।

साहित्य और संगीत का संगम: साहित्य की विभिन्न धाराओं को जोड़ने वाला ये अनूठा उत्सव ‘आजतक’ की एक ऐसी कोशिश है, जिसके जरिये आज के युवाओं और समाज को साहित्य और संस्कृति की दुनिया को करीब से समझने और उससे सीधे जुड़ने का मौका मिलता है। इसीलिए इसमें ऐसे तमाम लेखक, विद्वान, रचनाकार, संगीतकार, एक्टर, कॉलमिस्ट, बिज़नेस लीडर, कवि और थिएटर आर्टिस्ट शामिल होते हैं, जिन्होंने वर्षों से अपने काम के बूते लोगों के बीच पहचान बनाई है।

ये कलाकार एक बार फिर एक मंच पर जुटेंगे, अपनी सोच-अपनी आवाज के साथ आपके सामने होंगे। चर्चा इस बात पर भी होगी कि साहित्य, कला-संस्कृति आखिर क्या है और कैसे, क्यों और किस शक्ल में वो लोगों पर छा जाती है। ‘साहित्य आजतक’ में आपकी सोच को धार देने वाली बहसों की दिमागी खुराक है तो आपके भीतर के घुमक्कड़ को जगाने वाली अनूठी किताबों और दुनिया भर में घूमकर उन्हे लिखने वाले राइटर्स के साथ मिलने का मौका भी। तो कवियों और शायरी की महफिल भी सजेगी, जिसमें फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी महफिल को कुछ और मजेदार बनाएगी।    

इन हस्तियों की मौजूदगी से जगमग होगा ‘साहित्य आजतक’ का मंच: बी प्राक, असीस कौर, अफसाना खान, भुवन बाम, शशि थरूर, भूपेन्द्र यादव, विक्रम संपत, अश्विन सांघी, चेतन भगत, प्रसून जोशी, नासिरा शर्मा, अशोक वाजपेयी, अनामिका, अरुण कमल, नंदकिशोर आचार्य, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, दिव्या दत्ता, व्योमेश शुक्ला, गीत चतुर्वेदी, नरेश सक्सेना, लीलाधर जगूड़ी, सुरेंदर मोहन पाठक, कुमार विश्वास, राजेश जोशी, कबीर बेदी, स्वानन्द किरकिरे, मोरारी बापू, दीप्ति नवल, कैलाश सत्यार्थी, मृदुला गर्ग, वसीम बरेलवी, शीन काफ निजाम, नवाज देवबंदी और महुआ माजी आदि। 

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देश की लोकतांत्रिक भावना को लगातार मजबूत कर रहा है मीडिया: प्रो. संजय द्विवेदी

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर तेजपुर विश्वविद्यालय, असम में आयोजित कार्यक्रम में आईआईएमसी के महानिदेशक ने कहा-स्वतंत्र प्रेस एक जीवंत लोकतंत्र की नींव है। मीडिया का काम बेजुबानों को जुबान देना है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 16 November, 2022
Last Modified:
Wednesday, 16 November, 2022
National Press Day

‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (आईआईएमसी), नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी का कहना है कि स्वतंत्र प्रेस एक जीवंत लोकतंत्र की नींव है। 138 करोड़ भारतीयों के कौशल, ताकत और रचनात्मकता दिखाने के लिए मीडिया का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा सकता है। मीडिया का काम बेजुबानों को जुबान देना है।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर बुधवार को तेजपुर विश्वविद्यालय, असम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. द्विवेदी का कहना था, ‘स्वाधीनता आंदोलन से आजादी के अमृत काल तक की इस यात्रा में अपनी निष्पक्ष सोच और स्वतंत्र विचारधारा से प्रेस ने देश को दिशा देने का काम किया है। लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाते हुए भारत के निर्माण में प्रेस का योगदान सराहनीय है।’ उन्होंने कहा कि सकारात्मक आलोचना हो या फिर सफलता की कहानियों को उजागर करना, मीडिया भारत की लोकतांत्रिक भावना को लगातार मजबूत कर रहा है।

आईआईएमसी के महानिदेशक के अनुसार महत्वपूर्ण मुद्दों पर सामूहिक चेतना पैदा करने से लेकर व्यापक हित में सामाजिक व्यवहार को बदलने में योगदान देने तक, मीडिया ने एक महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभाई है। इससे स्वच्छ भारत और जल संरक्षण जैसे अभियानों को व्यापकता देने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने यह साबित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है कि एक प्रजातांत्रिक देश में पद और सत्ता के आधार पर इंसान-इंसान में भेद नही किया जा सकता। सभी मनुष्य समान हैं।

प्रो. द्विवेदी के अनुसार, ‘पिछले दशकों में प्रेस की स्वतंत्रता के मामले में स्थितियां काफी बदली हैं। आज दुनियाभर में पत्रकारों पर सर्वाधिक खतरा है और भारत भी इस मामले में अछूता नहीं है। कुछ लोग विदेशी एनजीओ की रिपोर्ट्स का भी हवाला देते हैं, लेकिन इसके बावजूद मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि जितनी आजादी भारत में मीडिया को है, उतनी शायद ही किसी देश में होगी। उन्होंने कहा कि मीडिया ने एक व्यक्ति के जीवन के मूल अधिकारों के प्रति संघर्ष किया है और दोषियों को सजा दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अगर मीडिया के पास आजादी न होती, तो क्या ऐसी खबरें दिखा पाना संभव था।’

कार्यक्रम के दौरान 'वैश्वीकरण के युग में क्षेत्रीय पत्रकारिता' विषय पर एक पैनल डिस्कशन का आयोजन भी किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित 'वॉल मैगजीन' का विमोचन एवं 'असम में खेल पत्रकारिता' विषय पर विद्यार्थियों द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.के. भट्टाचार्य, कुलसचिव प्रो. वीरेन दास, 'द असम ट्रिब्यून' के कार्यकारी संपादक पीजे बरुआ और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. अभिजीत वोरा समेत विश्वविद्यालय के तमाम विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

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नहीं रहे जाने-माने पत्रकार गोपाल सच्चर

गोपाल सच्चर का अंतिम संस्कार 15 नवंबर 2022 की दोपहर करीब 12 बजे जम्मू में जोगी गेट स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 14 November, 2022
Last Modified:
Monday, 14 November, 2022
Gopal Sachar Tribute

जाने-माने पत्रकार और जम्मू में ‘हिंद समाचार’ (Hind Samachar) के संस्थापक ब्यूरो चीफ में से एक गोपाल सच्चर का निधन हो गया है। ‘हिंद समाचार’ के जम्मू-कश्मीर एडिशन में रेजिडेंट एडिटर रहे गोपाल सच्चर ने सोमवार की शाम जम्मू में गांधी नगर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

गोपाल सच्चर का अंतिम संस्कार 15 नवंबर 2022 की दोपहर करीब 12 बजे जम्मू में जोगी गेट स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा। गोपाल सच्चर के निधन पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह समेत तमाम लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि दी है।  

सोशल मीडिया पर सच्चर को श्रद्धांजलि देते हुए और उनके साथ अपनी पुरानी फोटो शेयर करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने लिखा है, ‘गोपाल सच्चर के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। सच्चर जी और उनके परिवार के साथ जीवन भर मेरे व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंध रहे। मैं नियमित रूप से उनके संपर्क में था। सच्चर जी के परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदना है।’

एक अत्यंत साधारण घर में जन्मे 94 वर्षीय गोपाल सच्चर अपने पत्रकारीय जीवन में पांच अखबारों के संपादक रहे। उनकी रिपोर्ट्स सत्य घटनाओं, तथ्यों, सप्रमाण वृत्तांत के लिए जानी जाती थीं।

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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति: पहले चरण में 20 हजार से अधिक विद्यार्थी हुए परीक्षा में शामिल

लिखित परीक्षा ओएमआर शीट के माध्यम से ली जा रही है। दूसरे चरण में 20 नवंबर को 27 शहरों के 29 सेंटरों पर यह परीक्षा होगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 14 November, 2022
Last Modified:
Monday, 14 November, 2022
Amar Ujala Foundation

‘अमर उजाला फाउंडेशन’ (Amar Ujala Foundation) की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति-2022 के पहले चरण की परीक्षा 13 नवंबर को 30 शहरों के 31 परीक्षा केंद्रों पर सुबह की पाली में संपन्न हुई। ‘अमर उजाला’ की एक खबर के मुताबिक, छात्रवृत्ति पाने के लिए नौंवी से 12वीं कक्षा के 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी।

इस परीक्षा के लिए विद्यार्थियों में इतना उत्साह था कि वे सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। कई जगह तो विद्यार्थियों को करीब एक किलोमीटर तक लंबी लाइन में लगना पड़ा। ऐसे में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन की मदद ली गई।  बता दें कि दूसरे चरण में 20 नवंबर को 27 शहरों के 29 सेंटरों पर यह परीक्षा होगी।

इस बार प्रवेश पत्र पंजीकृत मोबाइल नंबरों एवं ई-मेल पर भेजे गए हैं और लिखित परीक्षा ओएमआर शीट के माध्यम से ली जा रही है। दृष्टिबाधित छात्रों में भी इस परीक्षा को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। वे अपने साथ राइटर लेकर आए थे।

यहां हुई परीक्षा- ऊधमपुर, जम्मू, फिरोजाबाद, एटा, आगरा, ललितपुर, झांसी, रोबर्ट्गंज, गाजीपुर, आजमगढ़, वाराणसी, प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, उत्तरकाशी, कोटद्वार, हरिद्वार, रुड़की, देहरादून, हरदोई, फर्रुखाबाद, जालौन, इटावा, कानपुर, बस्ती, देवरिया, गोरखपुर।

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