‘सिर्फ पत्रकार नहीं, लोकतंत्र व अभिव्यक्ति की आजादी के विकट योद्धा थे डॉ. के. विक्रम राव’

उन्होंने लिखा. खूब लिखा. मरते दम तक लिखा. मौत से बारह घंटे पहले तक लिखा. वे अद्भुत लिक्खाड़ और दुर्लभ लड़ाका थे. किसी की परवाह नहीं करते थे.

Last Modified:
Monday, 12 May, 2025
Hemant Sharma.


अलविदा, कोटमराजू विक्रम राव उन्होंने लिखा. खूब लिखा. मरते दम तक लिखा. मौत से बारह घंटे पहले तक लिखा. वे अद्भुत लिक्खाड़ और दुर्लभ लड़ाका थे. किसी की...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए