कनौजिया की तरह इस पत्रकार की गिरफ्तारी पर हल्ला क्यों नहीं?

पत्रकार की गिरफ्तारी पर अब उठने लगे हैं सवाल, पत्नी ने लगाए पुलिस पर कई आरोप

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Rupesh Kumar

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किये गए पत्रकार प्रशांत कनौजिया भले ही मीडिया संस्थानों के दबाव और सुप्रीम कोर्ट के दखल के चलते सलाखों से बाहर निकल आये हों, लेकिन झारखंड का एक पत्रकार अभी भी अपनी रिहाई की बाट जोह रहा है। फ्रीलांस जर्नलिस्ट रूपेश कुमार सिंह समेत तीन लोगों को कुछ दिन पहले नक्सली बताकर गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस का कहना है कि इनके पास से विस्फोटक बरामद किया गया है, जबकि रूपेश कुमार की पत्नी इप्सा सताक्षी का दावा है कि उनके पति को गिरफ्तार कहीं से किया गया, दिखाया कहीं और गया। इतना ही नहीं, विस्फोटक को बाकायदा प्रायोजित तरीके से उनकी गाड़ी में प्लांट कर दिया गया।

स्थानीय अखबार ‘प्रभात खबर’ में इस संबंध में प्रकाशित समाचार में बताया गया है कि रूपेश कुमार, मिथलेश कुमार सिंह और उनके ड्राइवर मोहम्मद कलाम को गया से 30 किमी दूर हाईवे से विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया गया था। जैसे ही गिरफ्तारी की खबर मीडिया में आई, बिहार पुलिस ने रूपेश के रामनगर और बोकारो स्थित घर पर छापा मारा और उनका लैपटॉप, फोन सहित कुछ कथित नक्सल साहित्य बरामद करके ले गई। हालांकि, स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि जिसे पुलिस नक्सल साहित्य बता रही है, वो कुछ और नहीं, बल्कि मैगजीन ‘लाल माटी’ में रूपेश के प्रकाशित लेख हैं, रूपेश ‘लाल माटी’ के संपादक भी हैं।

इप्सा सताक्षी का भी यही कहना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने घर की तलाशी लेने से पहले कोई वारंट नहीं दिखाया। उनके बार-बार मांगने पर भी अधिकारी खामोश रहे। यह पूरा मामला 4 जून से शुरू हुआ, जब मिथलेश के पैतृक गाँव औरंगाबाद जाते वक़्त सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। काफी देर तक जब सभी का कोई पता नहीं चला तो मिथलेश के परिवार ने रामगढ़ पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। इसके बाद मामले में मोड़ उस वक़्त आया जब मिथलेश ने रूपेश के भाई को अपने सकुशल होने और वापस लौटने की बात कही, हालांकि ऐसा हुआ नहीं।

दो दिन बाद यानी 6 जून को आला पुलिस अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि पुलिस को विस्फोटक से लदे वाहन के नेशनल हाईवे से गुजरने की खबर मिली थी, जिसके आधार पर पत्रकार रूपेश सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का यहां तक कहना है कि रूपेश पहले भी नक्सलियों को विस्फोटक सप्लाई करता रहा था। पुलिस की इस थ्योरी पर शक इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि स्थानीय पत्रकारों को रूपेश से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

वहीं, रूपेश से जेल में मुलाकात के बाद उनकी पत्नी का कहना है कि तीनों की गिरफ्तारी आईबी द्वारा 4 जून को सुबह 9.30 बजे की गई, जबकि पुलिस 6 जून की गिरफ्तारी दिखा रही है। जब सभी सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके टॉयलेट जा रहे थे, तभी उन पर अचानक पीछे से हमला बोला गया और बाल खींचकर, आंखों पर पट्टी बांधकर बाराचट्टी के कोबरा बटालियन कैम्प ले जाया गया। जहां रूपेश को बिल्कुल भी सोने नहीं दिया गया और रात भर बुरी तरीके से दिमागी टार्चर किया गया। उन्हें धमकाया गया कि व्यवस्था या सरकार के खिलाफ लिखना छोड़ दो। इतना ही नहीं, यह भी कहा गया कि ‘पढ़े-लिखे हो, अच्छे से आराम से कमाओ, खाओ। ये आदिवासियों के लिए इतना क्यों परेशान रहते हो। कभी कविता, कभी लेख। इससे आदिवासियों व माओवादियों का मनोबल बढ़ता है भाई। क्या मिलेगा इससे। जंगल, जमीन के बारे में बड़े चिंतित रहते हो, इससे कुछ हासिल नहीं होना है। शादीशुदा हो, परिवार है, उनके बारे में सोचो। सरकार कितनी अच्छी-अच्छी योजनाएं लायी है। इनके बारे लिखो। आपसे कोई दुश्मनी नहीं है,छोड़ देंगे’।

इप्सा सताक्षी के अनुसार, तीनों को कहा गया कि आप लोगों को छोड़ देंगे और 5 जून को मिथिलेश कुमार से दोपहर 1 बजे कॉल भी करवाया गया, लेकिन किसी को छोड़ा नहीं गया। 5 जून को रूपेश को 4 घंटे सोने दिया गया फिर 5 जून की शाम को कोबरा बटालियन के कैम्प में ही इनके सामने विस्फोटक गाड़ी में रखा गया। विरोध करने पर शेरघाटी एएसपी रवीश कुमार ने कहा, ‘अरे पकड़े हैं तो ऐसे ही छोड़ देंगे? अपनी तरफ से केस पूरी मजबूती से रखेंगे रूपेश जी।’ फिर इसी विस्फोटक को दिखाकर डोभी थाने में प्रेस कांफ्रेंस की गई और तीनों को शेरघाटी जेल भेज दिया गया।

गौर करने वाली बात यह है कि जिस तरह प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी को लेकर हल्ला मचा था, वैसा रूपेश कुमार के मामले में क्यों नहीं है? एडिटर गिल्ड सहित सभी संस्थाओं की ख़ामोशी इस सवाल को पुख्ता करती है कि क्या मीडिया को केवल दिल्ली में होने वाली हलचल ही दिखाई देती है?

 

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PTI के ब्यूरो चीफ ने मौत को लगाया गले, घर में फंदे से लटका मिला शव

न्यूज एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ के रांची ब्यूरो चीफ पीवी रामानुजम ने बुधवार की देर रात अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 August, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 August, 2020
PV Ramanujam

देश की प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (PTI) के रांची ब्यूरो चीफ पीवी रामानुजम ने बुधवार की देर रात अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। करीब 56 वर्षीय रामानुजम रांची के लालपुर थाना क्षेत्र के अफसर कॉलोनी स्थित आवास में रहते थे। गुरुवार की सुबह एक सूचना पर पुलिस उनके घर पहुंची, जहां रामानुजम का शव आवास पर बने कार्यालय में फंदे से लटका मिला। ब्यूरो चीफ का दफ्तर और आवास एक ही जगह था।

आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पीवी रामानुजम के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा है, जो ओडिशा में रहता है।

पीवी रामानुजम करीब दो दशक से रांची में कार्यरत थे और रांची के राजभवन के निकट स्थित सरकारी र्क्वाटर में पत्नी के साथ रहते थे। इसी भवन से रांची स्थित पीटीआई का कार्यालय भी संचालित होता है। पीवी रामानुजम के असामयिक निधन पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत तमाम गणमान्य लोगों ने गहरा दुःख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

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NUJ(I) मनाएगा स्वर्ण जयंती वर्ष, आयोजन समिति में शामिल किए ये पत्रकार

देश में पत्रकारों का प्रमुख संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया (एनयूजे-आई)’ अगले वर्ष जनवरी से अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मनाने जा रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 August, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 August, 2020
NUJI

देश में पत्रकारों का प्रमुख संगठन ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया (एनयूजे-आई)’ अगले वर्ष जनवरी से अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मनाने जा रहा है। इसके लिए आयोजन समिति का गठन किया गया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और देश के जाने-माने पत्रकार अच्युतानंद मिश्र को इस आयोजन समिति का संयोजक बनाया गया है।

एनयूजे-आई के पदाधिकारी और समर्थक रहे देश भर के अन्य पत्रकार इस समिति में शामिल किए गए हैं। बताया जाता है कि यह समिति पूरे साल के आयोजनों का मार्गदर्शन करेगी। पहला आयोजन बड़े स्तर पर दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद साल भर संबंद्ध राज्यों में आयोजन होंगे, जिसकी रूपरेखा बनाई जा रही है।

एनयूजेआई के अध्यक्ष मनोज मिश्र और महासचिव सुरेश शर्मा की ओर से जारी बयान बयान में बताया गया है कि एनयूजे-आई स्वर्ण जयंती आयोजन के लिए बनी समिति में अच्युतानंद मिश्र संयोजक होंगे। समिति में के.एन गुप्ता, के.एन.मलिक, हिरण्मय कार्लेकर, राम बहादुर राय, राजेन्द्र शर्मा, प्रभात झा, बलबीर पुंज, बालमुकुंद भारती, श्याम खोसला, जी.के मोहंती, पी. के. राय, जगदीश उपासने, बलदेव भाई शर्मा, गुलाब बत्रा, आत्मदीप, उपाला लक्ष्मण, विजय क्रांति, प्रफुल्ल केतकर, आशुतोष भटनागर, हर्षवर्धन सक्सेना, अशोक मलिक, हेमन्त विश्नोई, रामभुवन सिंह कुशवाह, जीतेन्द्र तिवारी, सुश्री विचित्रा शर्मा, श्रीमती मनोरंजना और रवींद्र वाजपेयी को सदस्य बनाया गया है।

एनयूजे-आई अध्यक्ष मनोज मिश्र, महामंत्री सुरेश शर्मा और कोषाध्यक्ष उमेश चतुर्वेदी समिति के पदेन सदस्य रहेंगे। एनयूजे-आई के पदाधिकारियों, कार्यसमिति के सदस्यों, संबद्ध राज्यों के अध्यक्ष व महामंत्री तथा प्रमुख नेताओं की एक संचालन समिति अलग से बनाई जा रही है। इसी प्रकार प्रदेशों में स्वर्ण जयंती आयोजन के लिए स्थानीय समितियों का गठन भी किया जा रहा है।

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कोरोना ने छीन ली एक और पत्रकार की जिंदगी

हिमाचल प्रदेश के पत्रकार को हालत बिगड़ने पर अमृतसर में कराया गया था भर्ती, पत्नी भी निकली कोरोना पॉजिटिव

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 August, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 August, 2020
Corona Virus

देश-दुनिया में कोरोनावायरस (कोविड-19) का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना के संक्रमण के चलते कई पत्रकारों समेत तमाम लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अभी भी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। कोरोना की चपेट में आकर जान गंवाने वालों की लिस्ट में एक नाम और शामिल हो गया है। खबर है कि हिमाचल के पत्रकार पप्पी धालीवाल की कोरोना से अमृतसर में मौत हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पप्पी धालीवाल डमटाल से एक दैनिक समाचार पत्र के लिए पिछले लगभग 25 वर्षों से सेवाएं दे रहे थे। धालीवाल को करीब 10 दिन पहले सर्दी और बुखार के कारण पठानकोट के एक अस्पताल में ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अमृतसर रेफर कर दिया था। वह डायबिटीज से भी ग्रस्त थे। अमृतसर के निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। बताया जाता है कि धालीवाल की पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं, जिन्हें पठानकोट में एक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है।

धालीवाल की मौत पर रॉयल प्रेस क्लब इंदौरा व डमटाल के पत्रकारों ने गहरा दुख जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। पत्रकारों ने सरकार से पीड़ित परिजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने पत्रकारों को कोरोना वॉरियर घोषित करने की मांग भी उठाई है।

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दैनिक जागरण के पत्रकार धर्मेंद्र मिश्र के मामले में हरकत में आया NHRC, लिया ये स्टेप

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में 'दैनिक जागरण' के पूर्व ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग हरकत में आया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 August, 2020
Last Modified:
Wednesday, 12 August, 2020
NHRC

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में 'दैनिक जागरण' के पूर्व ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ नगर कोतवाली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से चार हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ ‘सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस’ (CJP) की ओर से एक पत्र लिखकर मानवाधिकार आयोग को पूरे मामले से अवगत कराया था। पत्र में कहा गया था कि धर्मेंद्र मिश्र सुल्तानपुर में बढ़ते अपराधों और इनकी तफ्तीश में पुलिस की नाकामियों को अपने अखबार के माध्यम से लगातार उजागर कर रहे थे।

पत्र के अनुसार, इसी बात का बदला लेने के लिए पुलिस ने धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज की है। पत्र में आयोग से इस मामले में दखल देने की मांग की गई थी। इसी पत्र के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है।  

बता दें कि सितंबर 2018 में 'दैनिक जागरण' ने अमेठी जिले के निवासी धर्मेंद्र मिश्र को सुल्तानपुर में ब्यूरो चीफ के पद पर तैनात किया था। धर्मेंद्र मिश्र के खिलाफ पिछले साल 16 नवंबर को जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें लूट का आरोप लगाते हुए घटना की तारीख दिसंबर 2018 बताई गई है। एक साल बाद इस मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

वही, धर्मेंद्र मिश्र का आरोप है कि सुल्तानपुर के तत्कालीन एसपी हिमांशु कुमार उनके द्वारा पुलिस की नाकामियों को उजागर करने वाले खबरों से नाराज थे। धर्मेंद्र मिश्र के अनुसार, हिमांशु कुमार ने सच्चाई की आवाज दबाने के लिए उनके ऊपर लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। धर्मंद्र मिश्र का कहना है कि उन्होंने इस मामले में प्रेस काउंसिल में भी याचिका दायर की है।

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न्यूज कवरेज कर लौट रहे पत्रकार को मारी गोली, सामने आ रही ये वजह

हमले में पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 August, 2020
Last Modified:
Wednesday, 12 August, 2020
Neeraj Tripathi

बदमाश आए दिन पत्रकारों को निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अब बिहार के आरा से आया है, जहां पर कुछ बदमाशों ने कवरेज कर लौट रहे पत्रकार को गोली मार दी। हमले में पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पत्रकार की हालत ठीक बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी त्रिलोकी नाथ त्रिपाठी के बेटे नीरज उर्फ विक्की त्रिपाठी (25) एक निजी चैनल में पत्रकार हैं। मंगलवार को नीरज त्रिपाठी शाहपुर थाना क्षेत्र के शहजादी माता मंदिर के पास बेलौटी गांव में खबर की कवरेज कर घर लौट रहे थे। आपसी विवाद के चलते रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठे बदमाशों ने नीरज को गोली मार दी। पैर में गोली लगने से नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि नीरज त्रिपाठी के भाई पंकज त्रिपाठी और सरोज त्रिपाठी का विवाद गांव के कुछ लोगों के साथ है। पिछले साल नवंबर में नागा तिवारी के परिवार में किसी को गोली लगी थी, जिसमें यह लोग अभियुक्त हैं। पुलिस का कहना है कि गांव में आपसी विवाद को लेकर ही पत्रकार को गोली मारी गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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प्रशासन के इस कदम से नाराज हुए पत्रकार, जमीन पर लेटकर किया प्रदर्शन

पत्रकारों को अपना काम करने के दौरान तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 08 August, 2020
Last Modified:
Saturday, 08 August, 2020
Protest

पत्रकारों को अपना काम करने के दौरान तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ड्यूटी निभाने के दौरान कई बार उनके साथ मारपीट की जाती है तो कई बार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का आया है। बताया जाता है कि यहां के जिला अस्पताल में एक बच्ची द्वारा लगाए जा रहे पोछे का वीडियो रिकॉर्ड कर खबर को वायरल करने पर पत्रकार अमिताभ रावत  के खिलाफ प्रशासन ने विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। उन पर बच्ची को उकसाकर पोछा लगवाते हुए वीडियो बनाने का आरोप है।

प्रशासन की इस कार्रवाई का जिले भर के पत्रकार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस क्रम में जिले के तमाम पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया और अमिताभ रावत के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। यही नहीं, इस दौरान प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में पत्रकारों ने लेटकर प्रदर्शन भी किया। पत्रकारों ने अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार पटेल के द्वारा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में अमिताभ रावत का कहना है, ’25 जुलाई को जिला अस्पताल में एक बच्ची पोछा लगाते दिखी थी तो मैंने उसका वीडियो बना लिया था और इस पर खबर लिखी, जिसके बाद मुझ पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।’

पत्रकार निशि कांत त्रिवेदी ने पत्रकारों के इस विरोध प्रदर्शन को अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।

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कोरोना ने छीन ली दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राकेश चतुर्वेदी की जिंदगी

कोरोना संक्रमण के चलते बुधवार की रात उन्हें बीएचयू स्थित सरसुंदर लाल अस्पताल के कोविड लेवल-तीन में भर्ती कराया गया था।

Last Modified:
Friday, 07 August, 2020
Rakesh Chaturvedi

दैनिक जागरण, वाराणसी में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार राकेश चतुर्वेदी का गुरुवार की रात कोरोना से निधन हो गया। करीब 55 वर्षीय राकेश चतुर्वेदी को कोरोना संक्रमण के चलते बुधवार की रात बीएचयू स्थित सरसुंदर लाल अस्पताल के कोविड लेवल-तीन में भर्ती कराया गया था।

बताया जाता है कि फेफड़ों में संक्रमण की वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। आक्सीजन का स्तर बनाए रखने के लिए उनको कृत्रिम सांस दी जा रही थी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और रात करीब सवा नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के उगापुर के मूल निवासी राकेश चतुर्वेदी ने दैनिक ‘आज’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह पिछले दो दशकों से दैनिक जागरण संस्थान में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इन दिनों वे डाक डेस्क पर कार्यरत थे।

राकेश चतुर्वेदी चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। राकेश चतुर्वेदी के निधन पर जिलाधिकारी जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा समेत तमाम लोगों ने दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। 

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इस मंच पर जुटेंगी मीडिया जगत की हस्तियां, तमाम मुद्दों पर होगी चर्चा

वर्चुअल रूप से होने वाले इस कार्यक्रम में ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे

Last Modified:
Friday, 07 August, 2020
Hope India

ताजनगरी आगरा से पिछले साल शुरू हुआ नेशनल हिंदी न्यूज चैनल ‘टीबीआई9’ (tbi9) अपनी पहली वर्षगांठ मना रहा है। चैनल के अनुसार, इस एक साल में उसके व्युअर्स की संख्या 16 मिलियन हो गई है। इस सफलता का जश्न मनाने के लिए आगरा के होटल भावना क्लार्क्स इन होटल में सात अगस्त को ‘होप इंडिया कॉन्क्लेव’ (Hope India Conclave) 2020 का आयोजन किया जाएगा।

‘महासचिव, कॉर्पोरेट काउंसिल फॉर लीडरशिप एंड अवेयरनेस’ (सीसीएलए) की ओर से वर्चुअल रूप से होने वाले इस कार्यक्रम को ‘टीबीआई9’ मीडिया नेटवर्क की ओर से पेश किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मीडिया जगत की तमाम हस्तियां एक मंच पर जुटेंगी और अपने विचार रखेंगी। ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

दोपहर करीब पौने दो बजे अतिथियों के स्वागत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इस दौरान दो पैनल डिस्कशन भी किए जाएंगे। दोपहर ढाई बजे होने वाले पैनल डिस्कशन में सीएलई-नॉर्थ के रीजनल चेयरमैन पूरन डावर, ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, नोएडा फिल्म सिटी के फाउंडर और मीडिया विश्लेषक संदीप मारवाह, आईटीवी नेटवर्क के चीफ एडिटर अजय शुक्ला, राज्यसभा टेलिविजन के पूर्व कार्यकारी निदेशक राजेश बादल शामिल होंगे। ‘द कैपिटल पोस्ट’ की एडिटर गरिमा सिंह इस पैनल को मॉडरेट करेंगी।

अपराह्न तीन बजे चार वक्ताओं की स्पीच के बाद 03.20 बजे से दूसरा पैनल डिस्कशन आयोजित किया जाएगा। इसमें मीडिया विश्लेषक प्रमिला दीक्षित, रोमसंश ग्रुप के किशोर खन्ना, उत्ताखंड के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, न्यूज नशा की फाउंडर विनीता यादव अपने विचार रखेंगे और इस पैनल को इंडिया न्यूज के सीनियर एडिटर यतेंद्र शर्मा मॉडरेट करेंगे। शाम चार बजे चीफ गेस्ट की स्पीच और धन्यवाद ज्ञापन के साथ करीब सवा चार बजे इस कॉन्क्लेव का समापन होगा। उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (Social Welfare State minister) डॉ. जीएस धर्मेश कार्यक्रम में चीफ गेस्ट होंगे।

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भीषण बम विस्फोट में भारतीय महिला पत्रकार घायल, परिजनों से कही ये बात

लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को हुए भीषण बम विस्फोट में उत्तर प्रदेश के मेरठ की पत्रकार आंचल वोहरा भी घायल हो गई हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 06 August, 2020
Last Modified:
Thursday, 06 August, 2020
anchal

लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को हुए भीषण बम विस्फोट में उत्तर प्रदेश के मेरठ की पत्रकार आंचल वोहरा भी घायल हो गई हैं। धमाके के बाद उनके एक दोस्त ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। उनके घर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आंचल वोहरा ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। बता दें कि इस हमले में मरने वालों की संख्या 100 पहुंच गई है।

आंचल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर विस्फोट की वीडियो और खुद के घायल होने की जानकारी दी थी। आंचल ने घायल होने के बाद इसकी जानकारी अपने एक दोस्त को दी। दोस्त ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं विस्फोट के बाद मलबे के कुछ टुकड़े उनके फ्लैट में भी आकर गिरे, जिससे उनके फ्लैट को भी काफी नुकसान हुआ है।

आंचल वोहरा मेरठ में पली-बढ़ी हैं और उनका परिवार अभी भी मेरठ के शास्त्रीनगर में रह है। वे लेबनान के बेरूत में रहकर पत्रकारिता कर रही हैं। आंचल ‘वॉइस ऑफ अमेरिका’ की संवाददाता हैं और यहीं से ही मिडिल ईस्ट और साउथ एशिया को कवर करती हैं। आंचल अल जजीरा के लिए भी लिखती हैं और टाइम्स के लिए फॉरेन पॉलिसी कंट्रीब्यूटर हैं। इससे पहले आंचल दुबई के प्रसिद्ध चैनल के लिए भी काम कर चुकी हैं। जिस जगह धमाका हुआ है वहां से आंचल वोहरा का घर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है।

आंचल वोहरा ने ट्वीट करके अपने घायल होने और घर के क्षतिग्रस्त होने के बारे में परिजनों को जानकारी दी है। आंचल के घायल होने की सूचना से परिजन चिंतित हैं। परिजनों को जब आंचल के अस्पताल में भर्ती होने और उनके सकुशल होने की जानकारी मिली तो परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं परिजन पल-पल की जानकारी के लिए आंचल को फोन कर रहे हैं। आंचल ने अपने परिजनों को बताया कि अब उसकी हालत ठीक है।

 

 

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पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड मामले में अंतिम आरोपी भी गिरफ्तार

यूपी के गाजियाबाद में 20 जुलाई को हुए पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड मामले में अब अंतिम आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 05 August, 2020
Last Modified:
Wednesday, 05 August, 2020
murdercase

यूपी के गाजियाबाद में 20 जुलाई को हुए पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड मामले में अब अंतिम आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 9 आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि एक आरोपी फरार चल रहा था। गाजियाबाद पुलिस ने जिस दसवें आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसका नाम आकाश बिहारी है। पत्रकार हत्यकांड में इस आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था।

बता दें कि पिछले महीने गाजियाबाद में पत्रकार विक्रम जोशी को बदमाशों ने गोली मार दी थी। घटना 20 जुलाई की है। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान विक्रम जोशी की मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज हत्या के मामले में फौरी एक्शन लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने विजय नगर थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया था। घटना के बाद पत्रकार विक्रम जोशी के घरवाले कई दिनों से इंसाफ की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि विक्रम जोशी को विजय नगर इलाके में बदमाशों ने घेरकर गोली मार दी थी। विक्रम जोशी पर हमला भांजी से छेड़छाड़ की शिकायत करने पर बदमाशों ने किया था। बाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मर्डर केस का संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही सीएम ने विक्रम के परिवार वालों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि, पत्नी को नौकरी और बच्चों की नि:शुल्क पढ़ाई का इंतजाम करने का ऐलान किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

विक्रम जोशी की हत्या से पहले ही पुलिस ने छेड़खानी की उस शिकायत पर भी जांच शुरू कर दी थी, जिसकी शिकायत विक्रम ने कई बार पुलिस से की थी। हालांकि दूसरे पक्ष ने भी पहले एक मारपीट की शिकायत दी थी। लेकिन मारपीट की वजह क्या थी, यह साफ नहीं हो पाया था। गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी थी, इसी दौरान विक्रम जोशी के साथ ये वारदात हो गई। इसी के बाद पुलिस ने छेड़खानी की एफआईआर भी दर्ज कर ली थी।

 

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