‘मीडिया रिपोर्टिंग में खेल को समग्र दृष्टि से देखने की जरूरत’

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में डॉ. आशीष द्विवेदी की पुस्तक 'खेल पत्रकारिता के आयाम' का हुआ विमोचन

Last Modified:
Friday, 29 January, 2021
Book Launching

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में लेखक डॉ. आशीष द्विवेदी की पुस्तक 'खेल पत्रकारिता के आयाम' का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक पवन कुमार जैन ने इस मौके पर खेल पत्रकारिता और उसकी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उनका कहना था, ‘किसी भी खेल प्रेमी के लिए वह क्षण बड़ा ही गौरवपूर्ण होता है, जब जन-गण-मन की धुन पर तिरंगा लहराता है। केंद्र सरकार की 'खेलो इंडिया अभियान' के बाद से भारतीय समाज में विभिन्न खेलों के प्रति लोकप्रियता बढ़ी है। भोपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है।’

पवन कुमार जैन ने कहा,‘मीडिया रिपोर्टिंग में खेल को समग्र दृष्टि से देखने की आवश्यकता है। कोरोना संकट के बाद खेल हमारे समाज को नया मार्ग दिखा सकते हैं।’ इसके साथ ही पवन कुमार जैन ने मीडिया प्राध्यापक डॉ. आशीष द्विवेदी की पुस्तक 'खेल पत्रकारिता के आयाम' को सामाजिक मनोभाव को सकारात्मक मार्गदर्शन करने वाला शोधपूर्ण ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी पुस्तक है जो न सिर्फ खेलों के बारे में हमें बताती है, बल्कि यह पुस्तक हमें खेलों तक लेकर जाती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि एक खेल प्रेमी ही बेहतर खेल प्रशासक या खेल पत्रकार हो सकता है। खेल के विविध आयामों को समाहित करते हुए यह पुस्तक प्रकाशित हुई है। यह पुस्तक पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि जीवन में खेल का बहुत महत्व है। प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी खेल से जुड़ना चाहिए। खेल जीवन में अनुशासन लाता है।

पुस्तक की रचना के संदर्भ में लेखक डॉ. आशीष द्विवेदी ने कहा कि खेल पत्रकारिता के अध्यापन के दौरान ध्यान आया था कि इस विषय पर समग्रता से एक पुस्तक की आवश्यकता है। खेल पत्रकारिता में असीम संभावनाएं हैं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार शिव कुमार विवेक ने कहा कि यह पुस्तक खेल पत्रकारिता के सभी आयामों को समेटती है। इसे खेल पत्रकारिता की एनसाइक्लोपीडिया कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंदी समाचार पत्रों में भी खेल के लिए विशेष पन्ने निर्धारित होने लगे हैं, इससे यह परिलक्षित होता है कि खेलों के प्रति वातावरण बेहतर हुआ है। आज इंदौर जैसे शहरों से प्रकाशित समाचार पत्रों में खेल के दो पृष्ठों का प्रकाशन होता है। यह सकारात्मक परिवर्तन खेल के प्रति बढ़ी रुचि के कारण है।

खेल पत्रकार एवं विशिष्ट अतिथि सुश्री श्रुति तोमर भदौरिया ने बताया कि मध्यप्रदेश में खेल पत्रकारिता करते हुए उन्होंने अनुभव किया है कि यहां आर्थिक रूप से कमजोर और महिलाओं को खेल के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि खेलों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। खेलों में महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्टि और बाजारवादी सोच को उन्होंने चुनौती माना। कार्यक्रम का संचालन लोकेन्द्र सिंह ने किया और आभार प्रदर्शन कुलसचिव प्रो. अविनाश वाजपेयी ने किया।

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भाजपा में शामिल हुए ये पत्रकार

सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले तेलंगाना के एक पत्रकार ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ थाम लिया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 08 December, 2021
Last Modified:
Wednesday, 08 December, 2021
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सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले तेलंगाना के एक पत्रकार ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ थाम लिया। प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की मौजूदगी में पत्रकार नवीन कुमार उर्फ थीनमार मल्लाना ने पार्टी की सदस्यता हासिल की।

इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि नवीन कुमार के खिलाफ तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘भ्रष्टाचार’ और अन्य गलत कामों को उजागर करने के लिए 38 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।

भाजपा नेताओं ने उल्लेख किया कि नवीन कुमार ने विधान पार्षद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लड़ा था और उन्हें 1.49 लाख से अधिक वोट मिले थे, जो लोगों के साथ उनके जुड़ाव को प्रदर्शित करता है।

चुघ ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर राव ‘तानाशाही सरकार’ चला रहे हैं जिन्होंने कथित रूप से भ्रष्ट और पारिवारिक शासन चलाने के लिए सभी लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन किया है। भाजपा नेता ने कहा कि मल्लाना को लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए दंडित किया गया है।

भाजपा का अपना सदस्यता पत्र दिखाते हुए 38 वर्षीय नवीन कुमार  ने कहा कि यह एक रस्सी की तरह है जिसका इस्तेमाल वह राज्य सरकार के ‘भ्रष्ट’ सदस्यों को खींचकर राज्य विधानसभा के बाहर स्थापित एक स्मारक से बांधने के लिए करेंगे। यह स्मारक उन लोगों को समर्पित है जो अलग राज्य के लिए आंदोलन के दौरान मारे गए थे।

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खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शुरू, इन मुद्दों पर लेखक-पत्रकार रखेंगे अपनी राय

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में जाने-माने फिल्म अभिनेता गोविंदा की मौजूदगी में पांच दिसंबर को 7वें ‘खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ का रंगारंग आगाज हुआ

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 06 December, 2021
Last Modified:
Monday, 06 December, 2021
Khajuraho Film Festival

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में 7वां ‘खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ शुरू हो गया है। खजुराहो स्थित पाहिल वाटिका के प्रांगण में जाने-माने फिल्म अभिनेता गोविंदा की मौजूदगी में पांच दिसंबर को इस कार्यक्रम का रंगारंग आगाज हुआ। बता दें कि शहीद जवानों को समर्पित यह फिल्म महोत्सव 11 दिसंबर तक चलेगा।

देश भक्ति की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में देशभर के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशकों की 75 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। फिल्मों के प्रदर्शन के दौरान देश के कई जाने-माने फिल्म अभिनेता, अभिनेत्रियां, निर्माता, निर्देशक और विशेषज्ञ भी उपस्थित रहेंगे।

पर्यटन और संस्कृति विभाग एवं बुंदेलखंड विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस फेस्टिवल में तमाम कार्यक्रमों के साथ आठ और नौ दिसंबर को मीडिया विमर्श का आयोजन भी किया जाएगा। ‘बदलता रहा परदे का चेहरा’ शीर्षक से आठ दिसंबर को होने वाले मीडिया विमर्श में प्रह्लाद अग्रवाल, पुष्पेन्द्र पाल सिंह, निवेदिता शर्मा, गजेन्द्र श्रोत्रिय, प्रकाश के रे शामिल होंगे, वहीं इस सेशन को जाने-माने फिल्म पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज मॉडरेट करेंगे।

इसके अलावा नौ दिसंबर को होने वाले मीडिया विमर्श ‘घर और सिनेमाघर’ में गिरजाशंकर, अजय ब्रह्मात्मज, अविनाश त्रिपाठी, हरीश पाठक, रेखा खान जैसे दिग्गज लेखक-पत्रकार शामिल होंगे। इस सेशन को नीलकण्ठ पारटकर मॉडरेट करेंगे।       

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OLA ड्राइवर ने महिला पत्रकार के सामने की गंदी हरकत, चिल्लाने पर छोड़कर भागा

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक महिला पत्रकार को अश्लील हरकत का सामना करना पड़ा, जिसका आरोप ओला कैब (OLA Cab) ड्राइवर पर लगा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 04 December, 2021
Last Modified:
Saturday, 04 December, 2021
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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक महिला पत्रकार को अश्लील हरकत का सामना करना पड़ा, जिसका आरोप ओला कैब (OLA Cab) ड्राइवर पर लगा है। महिला पत्रकार ने इस घटना का जिक्र अपने ट्विटर पर किया है।

महिला पत्रकार का कहना है कि वह जब ओला कैब से ऑफिस से घर लौट रही थीं, तभी कैब के ड्राइवर ने उनके सामने ही हस्तमैथुन (Masturbation) करना शुरू कर दिया।  महिला के शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग निकला।

‘आजतक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित महिला पत्रकार ने बताया कि ड्राइवर ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहा था कि उसने कुछ गलत नहीं किया। जब उन्होंने शोर मचाना शुरू किया तो कैब ड्राइवर उन्हें छोड़कर भाग गया।

महिला पत्रकार के आरोपों के बाद OLA ने भी जवाब देते हुए आरोपी ड्राइवर के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात कही, जिसके बाद ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं, बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर कमल पंत ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित महिला पत्रकार ने लिखा, 'जिस शहर को मैं अपना घर कहती हूं, वहां आज मुझे असुरक्षित महसूस हुआ। काम के बाद मैं घर लौट रही थी तो ओला कैब का ड्राइवर मेरे सामने ही मास्टरबेट कर रहा था। वो ये सोच रहा था कि मैं उस पर ध्यान नहीं दे रही हूं। लेकिन थोड़ी देर बाद उसने ऐसा नाटक किया कि उसने कुछ गलत नहीं किया। मैं उसी वक्त चिल्लाई तो उसने कैब रोक दी। दुर्भाग्य से मैं उस वक्त एक अंधेरी सड़क पर थी। वो रुका और चला गया।'

उन्होंने लिखा कि 'इमरजेंसी नंबर था, लेकिन जब आप ऐसी स्थिति में होते हैं तो आप इस बारे में नहीं सोचते हैं। आप सोचते हैं कि जल्द से जल्द इस स्थिति से निकला जाए। मुझे थोड़ी देर बाद दूसरी राइड मिली।' उन्होंने आगे लिखा, 'ओला ने ड्राइवर को सस्पेंड करने का भरोसा दिया है लेकिन काम के बाद हम घर लौटते समय कैसे सुरक्षित महसूस करें? क्या हम काम करना बंद कर दें?' 

पीड़ित पत्रकार ने लिखा, 'इसलिए महिलाएं अकेले यात्रा करते समय फोन पर बात करती हैं। वो अपनी लोकेशन दूसरे से साझा करती हैं। ये सब इसलिए ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें, जबकि इसमें उनकी कोई गलती भी नहीं होती।'

कुछ देर बाद उन्होंने ट्वीट कर बताया कि ओला ने ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि, उन्होंने ये भी लिखा कि इसके बाद भी हम कैसे मान सकते हैं कि ऐसे लोग दोबारा सड़कों पर नहीं होंगे। उन्होंने लिखा कि नौकरी लेने का मकसद नहीं है, बल्कि सुरक्षा का मसला है। उन्होंने लिखा कि उम्मीद है कि ऐसा किसी के साथ न हो।

बता दें कि कैब ड्राइवरों द्वारा इस तरह की वारदातों के मामले पहले भी देखे जा चुके हैं।

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प्रधानमंत्री का उत्तराखंड दौरा आज, करोड़ों की विकास योजनाओं की रखेंगे आधारशिला

प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव भी है। यही कारण है कि जब भी उत्तराखंड में वह जाते हैं, वहां से कोई न कोई बड़ा संदेश भी देते हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 03 December, 2021
Last Modified:
Friday, 03 December, 2021
PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिसंबर को उत्तराखंड को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। इससे पहले भी प्रधानमंत्री उत्तराखंड के विकास के लिए कई योजनाओं की सौगात दे चुके हैं। दरअसल, उत्तराखंड का विकास प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के प्रति अपना विशेष स्नेह दिखाया भी है। केदारनाथ का पुनर्निर्माण और चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री केदारनाथ में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के अलावा कई और योजनाओं की सौगात दे चुके हैं।

प्रधानमंत्री 2025 तक नए उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प भी दिखाते हैं। उसी कड़ी में लगातार प्रदेश को योजनाओं की सौगात मिल रही है। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव भी है। यही कारण है कि जब भी उत्तराखंड में वह जाते हैं, वहां से कोई न कोई बड़ा संदेश भी देते हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश में पांच माह पूर्व ही हुए नेतृत्व परिवर्तन को बेहतर बताते हैं और प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ भी करते हैं।

दूसरी ओर, 2025 में नए उत्तराखंड का संकल्प लेते हुए धामी भी अपनी सभाओं में कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने जो विजन रखा है, उसे वे जरूर पूरा करेंगे। हाल ही में एक इंटरव्यू में धामी ने कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार ने प्रदेश में विकास की रफ्तार को तेज कर दिया है। जो योजनाएं अधूरी हैं, उसके लिए भी रोडमैप बनाया जा चुका है। यही बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कहते आ रहे हैं।

ऋषिकेश एम्स में ऑक्सीजन प्लांट के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा था कि उत्तराखंड की टीम अच्छा काम कर रही है। केंद्र की सरकार भी प्रदेश सरकार की पूरी मदद कर रही है। उत्तराखंड अगले तीन चार सालों में गठन के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। भाजपा सरकार का ‘डबल इंजन’ प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

प्रधानमंत्री 4 दिसंबर को देहरादून में लगभग 18,000 करोड़ रुपये लागत की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जंक्शन से देहरादून तक) शामिल है, जिसे लगभग 8300 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री इस दौरे पर देहरादून में बच्चों की यात्रा के लिए सड़कों को सुरक्षित बनाकर शहर को बाल हितैषी बनाने के लिए चाइल्ड फ्रेंडली सिटी प्रोजेक्ट, देहरादून की आधारशिला भी रखेंगे।

 प्रधानमंत्री देहरादून में अत्याधुनिक इत्र और सुगंध प्रयोगशाला (सुगंधित पौधों के लिए केंद्र) का भी उद्घाटन करेंगे। बताया जा रहा है कि यहां किया गया शोध इत्र, साबुन, सैनिटाइजर, एयर फ्रेशनर, अगरबत्ती आदि सहित विभिन्न उत्पादों को बनाने के लिए उपयोगी साबित होगा और इससे क्षेत्र में संबंधित उद्योगों की स्थापना भी होगी। यह सुगंधित पौधों की अधिक उपज देने वाली उन्नत किस्मों के विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।

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रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, श्रीलंकाई सैनिकों के एक समूह पर लगा आरोप

एक तमिल पत्रकार पर श्रीलंकाई सैनिकों के एक समूह द्वारा बेरहमी से हमला करने का आरोप लगा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 December, 2021
Last Modified:
Wednesday, 01 December, 2021
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एक तमिल पत्रकार पर श्रीलंकाई सैनिकों के एक समूह द्वारा बेरहमी से हमला करने का आरोप लगा है। पत्रकार 2009 में सरकारी सैनिकों के साथ लिट्टे की अंतिम लड़ाई में मारे गए श्रीलंकाई तमिलों के स्मरणोत्सव की खबर संकलित करने की कोशिश कर रहे थे।

मीडिया मंत्री दुल्लास अल्हापेरुमा को लिखे एक ईमेल में, ‘द फेडरेशन ऑफ मीडिया एम्प्लॉइज ट्रेड यूनियंस’ (एफएमईटीयू) ने कहा कि 28 नवंबर को हुए कार्यक्रम को कवर करने पहुंचे पत्रकार विश्वलिंगम विश्वचंद्रन पर बेरहमी से हमला किया गया। यूनियंस के मुताबिक, उन पर उस समय कंटीले तार में लिपटे ताड़ के डंडे से बर्बर हमला किया गया, जब वह मुल्लीवैक्कला बोर्ड की फोटो खींच रहे थे।' 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगठन ने चश्मदीदों के हवाले से कहा कि हमला मौके पर तैनात सैनिकों के एक समूह ने किया। फिलहाल मुल्लातीवु पुलिस ने मामले में तीन सैनिकों को गिरफ्तार किया है।

श्रीलंका के उत्तर में स्थित मुल्लातीवु लिट्टे का गढ़ था। सुरक्षा प्रतिष्ठान युद्ध क्षेत्र में तमिलों को मृतकों के स्मृति समारोह में शामिल नहीं की अनुमति नहीं देती, जो 2009 में सेना द्वारा कुचले जाने से पहले लिट्टे के वीर सप्ताह समारोह में शामिल थे।

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इस अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार को पाने वाले पहले भारतीय पत्रकार बने नव ठाकुरिया

प्रेस एम्बलेम कैम्पेन ने पहली बार दुनिया में दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश के किसी पेशेवर पत्रकार को इस पुरस्कार से विभूषित करने का निर्णय लिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 December, 2021
Last Modified:
Wednesday, 01 December, 2021
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मीडियाकर्मियों की सुरक्षा के लिये काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था प्रेस एम्बलेम कैम्पेन (पीईसी) ने इस बार एक भारतीय वरिष्ठ पत्रकार को अपने वार्षिक पुरस्कार से नवाजा है। असम के वरिष्ठ पत्रकार नव ठाकुरिया को यह पुरस्कार भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य देशों के संवादकर्मियों के हित में उनकी ओर से किये गये प्रयासों के लिये दिया जा रहा है।

बता दें कि ठाकुरिया इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने वाले पहले भारतीय पत्रकार हैं, लेकिन वे इस पुरस्कार प्राप्त करने के लिए जिनेवा नहीं पहुंच सके, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वेरिएंट ने दुनियाभर की चिंता बढ़ा दी है। लिहाजा संस्था ने एहतियातन वर्चुअल माध्यम से उन्हें यह सम्मान देने का निर्णय लिया है।

प्रेस एम्बलेम कैम्पेन ने पहली बार दुनिया में दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश के किसी पेशेवर पत्रकार को इस पुरस्कार से विभूषित करने का निर्णय लिया है। संस्था के महासचिव व्लेज लेम्प के मुताबिक, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में परिचित भारत में एक शक्तिशाली जनमाध्यम मौजूद है।  

दक्षिण एशिया के इस देश में विगत वर्ष 15 पत्रकारों की हत्या की खबरें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि इस साल भी अभी तक भारत में छह पत्रकारों की हत्या की खबरें सामने आ चुकी हैं। साथ ही मार्च 2020 से अब तक लगभग 300 पत्रकारों को कोरोना वायरस की चपेट में आकर अपनी जान गंवानी पड़ी है।

ठाकुरिया ने अपने देश के साथ पड़ोसी राष्ट्र म्यांमार के पत्रकारों के उत्पीड़न के आंकड़े भी एकत्र किए हैं। गत एक फरवरी से आरम्भ सैनिक शासन काल में लगभग 120 पत्रकारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। म्यांमार में अभी भी 40 पत्रकार जेल में बंद हैं।

असम अभियांत्रिक महाविद्यालय से स्नातक ठाकुरिया दुनिया के अनेक देशों के संवाद माध्यमों में अपने क्षेत्र के समाचार और आलेख प्रकाशित करवा चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें मिलने वाला यह पुरस्कार दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों को विश्व मंच पर सामने लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

पीईसी (www.pressemblem.ch) ने वर्ष 2020 में मेक्सिको के पत्रकार कारमेन एरिष्टेगुइक को यह पुरस्कार दिया था। उसके पहले अफगानिस्तान, मालटा, तुर्की, रूस, सीरिया, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, ग्वाटेमाला, ट्यूनीशिया, मिस्र, फिलीपींस आदि के पत्रकार और पत्रकार संगठन इस पुरस्कार से नवाजे जा चुके हैं।

 

 

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‘कुछ लव जैसा’ लेकर आईं वरिष्ठ पत्रकार जयंती रंगनाथन

10 एपिसोड में दोस्ती और प्यार की खट्टी-मीठी दास्तान है यह ऑडियो स्टोरी, जिसे ‘स्टोरीटेल’ प्लेटफॉर्म पर सुना जा सकता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 29 November, 2021
Last Modified:
Monday, 29 November, 2021
Jayanti Rangnathan

लेखिका व वरिष्ठ पत्रकार जयंती रंगनाथन की ऑडियो स्टोरी ‘कुछ लव जैसा’ (Kuch Love Jaisa) लॉन्च हो गई है। शुक्रवार को लॉन्च हुई यह स्टोरी 10 एपिसोड में है और ‘स्टोरीटेल’ (Storytel) प्लेटफॉर्म पर सुनी जा सकती है। इस ऑडियो सीरीज की पब्लिशर प्रियम्बदा रस्तोगी हैं।

इस स्टोरी के अनुसार, छोटे शहर की 25 वर्षीय नैना बेहद खुशमिजाज और सपनों की दुनिया में रहने वाली लड़की है। वह मुंबई की एक विज्ञापन एजेंसी में बतौर कॉपीराइटर काम करती है। परिवार के दबाव में आकर वह अपने बचपन के दोस्त अश्विन के साथ सगाई तो कर लेती है, लेकिन इस रिश्ते से पूरी तरह खुश नहीं है।

अचानक एक दिन नैना की मुलाकात बॉलीवुड के अपकमिंग सिंगर और कॉलेज के साथी नीरज से होती है। उससे मिलकर नैना को लगता है कि नीरज ही है उसका ड्रीम ब्वाय। उसे सीरियस और केयरिंग अश्विन के बजाय रोमांटिक, एंडवेचरस और अनप्रेडिक्टिबल नीरज अपनी ओर आकर्षित करता है। नीरज को भी नैना पसंद आती है और वह उसके सपनों में रंग भरने का वादा करता है।

नैना अश्विन से ब्रेकअप कर नीरज के साथ लिवइन में रहने लगती है। नैना के इस फैसले से उसकी मां और दोस्तों समेत कोई खुश नहीं है। क्या नैना के सपने पूरे हो पाएंगे? रूमानी, जिंदादिल नैना क्या अपने लिए सही निर्णय ले पाएगी? जिसे वह प्यार समझ रही है, वो है क्या? लव या कुछ लव जैसा? नैना की इस रोचक कहानी को जानने के लिए जयंती रंगनाथन द्वारा लिखित ‘ कुछ लव जैसा’ ‘ स्टोरीटेल’ ऑडियो पर सुन सकते हैं।

इस सीरीज को सुनने के लिए ‘स्टोरीटेल’ का ऐप डाउनलोड करना होगा। दस एपिसोड की यह सीरीज प्यार और दोस्ती के खट्टे-मीठे रिश्तों की दास्तान है। इस ऑडियो स्टोरी को सुनने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं। 

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IPI अवॉर्ड के लिए चुने गए NDTV और The Week के ये पत्रकार

‘इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट’ (IPI) इंडिया द्वारा पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले अवार्ड के विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी गई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 29 November, 2021
Last Modified:
Monday, 29 November, 2021
IPI Award

‘इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट’ (IPI) इंडिया द्वारा  पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले अवार्ड के विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी गई है। इस साल यह अवॉर्ड संयुक्त रूप से ‘एनडीटीवी’ के श्रीनिवासन जैन और मरियम अल्वी तथा ‘द वीक’ की लक्ष्मी सुब्रमण्यम और भानु प्रकाश चंद्र को दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में ‘आईपीआई’ की ओर से शनिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जैन और अल्वी ने उत्तर प्रदेश में जबरन धर्मांतरण के मामलों की असत्यता के खुलासे पर एक रिपोर्ट के लिए पुरस्कार जीता। वहीं, सीरिया और इराक के गृहयुद्धग्रस्त क्षेत्रों में शरणार्थी शिविरों में फंसे भारतीयों, विशेष रूप से महिलाओं का पता लगाने वाली सुब्रमण्यम और चंद्रा की रिपोर्ट को पुरस्कार के लिए चुना गया।

इस पुरस्कार के तहत प्रत्येक टीम को एक लाख रुपये नकद, एक ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता में संपादकों के चयन मंडल ने पुरस्कार के लिए नामों का चयन किया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले साल के पुरस्कारों के साथ ये पुरस्कार जल्द ही प्रदान किए जाएंगे।

बता दें कि साल 2020 का पुरस्कार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रितिका चोपड़ा को अति विशिष्ट लोगों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों से निपटने के मामले में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) में मतभेद पर उनकी खास खबरों के लिए दिया गया था। यह पुरस्कार अब तक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 16 मीडिया संगठनों और पत्रकारों को दिया गया है।

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कश्मीरी पंडित पत्रकार आदित्य राज कौल को मिली जान से मारने की धमकी

वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल को जान से मारने की धमकी मिली है। खुद को ‘आईएसआईएस कश्मीर’ (ISIS Kashmir) बताने वाले एक समूह ने उन्हें यह धमकी दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 25 November, 2021
Last Modified:
Thursday, 25 November, 2021
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वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल को जान से मारने की धमकी मिली है। खुद को ‘आईएसआईएस कश्मीर’ (ISIS Kashmir) बताने वाले एक समूह ने उन्हें यह धमकी दी है। इस समूह ने बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को भी धमकी भरा मेल भेजा है। कौल ने यह जानकारी ट्विटर पर साझा की।

कश्मीरी पंडित पत्रकार कौल का दावा है कि उनकी आतंकवाद पर बेबाक रिपोर्टिंग के चलते उन्हें यह धमकी दी गई है। कौल का कहना है कि फिलहाल धमकी के बारे में उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस और स्पेशल सेल को जानकारी दे दी है और उम्मीद है कि जल्द ही आतंकी पकड़े जाएंगे।

कौल ने धमकी भरे ई-मेल के तीन स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर किए हैं। इनमें उन्हें स्पष्ट शब्दों में जान से मारने की धमकी मिली है। स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए कौल ने लिखा, ‘कल रात मुझे ‘आईएसआईएस कश्मीर’ से एक के बाद एक धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए, जिसमें कहा गया था कि वे आतंकवाद पर मेरी रिपोर्ट के लिए मेरा सिर काट देंगे और मुझे मार देंगे।’

दिल्ली पुलिस और साइबर सेल को टैग करते हुए उन्होंने लिखा, ‘@Uppolice और @CellDelhi को लिखा है कि आतंकवादियों का पता लगाने और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के लिए तत्काल जांच करें। हम आपसे नहीं डरते।’

‘Our next Target is you Mr. Aditya’ शीर्षक (हमारा अगला शिकार तुम हो) वाले धमकी भरे ई-मेल में लिखा गया है, ‘जनाब आदित्य, कुछ ज्यादा ही आपने हमारे अगेंस्ट लिख दिया है। अब आपको हम कुछ दिन बाद लंबी यात्रा कराने वाले हैं… आओ कभी श्रीनगर।  -रिगार्ड: दाइश, जम्मू-कश्मीर।’

वहीं साझा किए गए एक अन्य स्क्रीनशॉट में कहा गया है, ‘जल्द ही हम तुम्हें मार देंगे।’

जबकि तीसरे स्क्रीनशॉट में आईएसआईएस कश्मीर ने दावा किया है कि कौल के बारे में सभी जानकारियां उसके पास है। इसमें लिखा है, ‘हमारे पास सभी तरह की डिटेल्स है। कहां रहते हो और अभी किस जगह पर हो? बस कुछ दिन की बात है और उसके बाद तुम्हारा सिर काट देंगे।’

पत्रकार आदित्य राज कौल कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद के खिलाफ मुखर होकर लिखते रहे हैं। शायद यही वजह है वे इस्लामी चरमपंथियों के निशाने पर हैं।

बता दें कि पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को भी ISIS कश्मीर से धमकी मिली है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से इसकी शिकायत की है। डीसीपी सेंट्रल श्वेता चौहान ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। गंभीर को मिले ई-मेल में उनकी और उनके परिवार की हत्या की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस ने गंभीर के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बताया जा रहा है कि गौतम गंभीर को यह मेल पाकिस्तान से आया था। गौतम गंभीर ने आरोप लगाया था कि उन्हें ISIS कश्मीर से जान से मारने की धमकी मिली है, लेकिन ये मेल जिस सिस्टम से भेजा गया था, उसका आईपी एड्रेस पाकिस्तान में मिला है।  दरअसल, दिल्ली पुलिस ने गूगल से जानकारी मांगी थी। गूगल ने जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक गौतम गंभीर को धमकी भरा ई-मेल पाकिस्तान से भेजा गया था।  

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने की तरुण तेजपाल की यह याचिका खारिज

'तहलका’ के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल के द्वारा दायर उस याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया है, जिसमें...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 25 November, 2021
Last Modified:
Thursday, 25 November, 2021
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‘तहलका’ के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल के द्वारा दायर उस याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया है, जिसमें 2013 के दुष्कर्म  मामले में उन्हें बरी करने को चुनौती देने वाली कार्यवाही को बंद कमरे में करने की मांग की गई थी।

न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति एम.एस. जावलकर की पीठ ने करीब दो सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। बॉम्बे हाई कोर्ट तर्कपूर्ण आदेश बाद में देगी।

बता दें कि इस साल 21 मई को एक निचली अदालत ने ‘तहलका’ पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तेजपाल को दुष्कर्म के मामले में बरी कर दिया था। बाद में गोवा सरकार ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट की गोवा पीठ में अपील दाखिल की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीठ ने बंद कमरे में सुनवाई के लिए तेजपाल के अनुरोध को सीआरपीसी की धारा 327 के तहत खारिज किया। तेजपाल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अमित देसाई ने बंद कमरे में सुनवाई के लिए उनके आवेदन का समर्थन करते हुए विधि आयोग और उच्च न्यायालयों के विभिन्न फैसलों का हवाला दिया।

तेजपाल के वकील अमित देसाई ने तर्क देते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को कुछ ऐसा कहना पड़ सकता है जो इस मामले में कुछ तथ्यों को उजागर कर सकता है, जिसे मीडिया में प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में अपना बचाव करने का मेरा मौलिक अधिकार नहीं छीना जा सकता है।

देसाई ने तर्क दिया कि बरी किए जाने के खिलाफ अपील में आरोपी की पहचान भी पीड़ित की तरह सुरक्षित रखने के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।

वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गोवा सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए तर्क दिया कि जिला अदालत द्वारा निर्णय (तेजपाल को बरी करने का) सार्वजनिक डोमेन में है। उन्होंने कहा कि धारा 327 किसी भी अपराध की जांच या कोशिश करने के उद्देश्य से लागू होती है। पूछताछ या ट्रायल के दौरान इसका उपयोग सीमित हो जाता है। अपील में बहुत कुछ स्पष्ट है। अपील, पुनरीक्षण आदि न तो जांच हैं और न ही पूछताछ और न ही परीक्षण।

दोनों की दलीलों को सुनने के बाद पीठ ने तरुण तेजपाल की याचिका को खारिज कर दिया। वहीं राज्य सरकार द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर छह दिसंबर को सुनवाई होगी।

बता दें कि नवंबर 2013 में तेजपाल पर गोवा में एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट में अपनी तत्कालीन सहयोगी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था।

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