आज यानी 5 सितंबर को वर्ल्ड समोसा डे है। जी हां, यह सच है। समोसे के नाम भी एक खास दिन है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डॉ. संदीप गोयल।।
आज यानी 5 सितंबर को वर्ल्ड समोसा डे है। जी हां, यह सच है। समोसे के नाम भी एक खास दिन है। भारत में घर से लेकर ऑफिस की कैंटीन तक और हलवाई की दुकान से लेकर बड़े रेस्तरां तक समोसा अपनी खास जगह बना चुका है। लेकिन अब यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। लंदन से लॉस एंजिल्स तक समोसा दुनिया को अपने स्वाद का दीवाना बना रहा है।
गरमा-गरम, कुरकुरी और डीप फ्राइड परत में आलू और मसालों से भरा यह त्रिकोण पहली बाइट में जीभ जला सकता है, लेकिन इसके बाद भी दूसरी बाइट लेने से कोई खुद को रोक नहीं पाता। ब्रिटिश भले ही कभी भारत पर शासन करने आए थे, लेकिन मजेदार बात यह है कि अब भारतीय समोसा उनके चाय के समय का हिस्सा बन चुका है।
चटनी के साथ दुनिया जीत रहा समोसा: लंदन में समोसा इतना लोकप्रिय हो चुका है कि वहां इसे चाय के साथ खाए जाने वाले स्नैक के तौर पर आसानी से देखा जा सकता है। प्रेट और वेटरोज जैसी जगहों पर 'स्पाइस्ड पोटैटो एंड पी समोसा' 2.50 पाउंड में मिलता है। इसे दक्षिण एशियाई स्वाद से प्रेरित एक खास डिश के तौर पर पेश किया जाता है। लेकिन इसे 'हैंडक्राफ्टेड' कहना भारतीयों को थोड़ा अजीब लग सकता है। आखिर राजौरी गार्डन की कोई आंटी सुबह 6 बजे टीवी पर 'अनुपमा' देखते हुए और बेटे पर चिल्लाते हुए एक हाथ से 200 समोसे बना सकती हैं!
अमेरिका ने भी समोसे को अपना लिया है, लेकिन अपने अंदाज में। वहां क्विनोआ समोसा, केल समोसा, बेक्ड समोसा और ग्लूटेन-फ्री समोसा जैसे प्रयोग हो रहे हैं। ब्रुकलिन के एक कैफे में 'डिकंस्ट्रक्टेड समोसा बाउल' तक मिलता है। यानी समोसे के टूट जाने पर डिब्बे में जो आलू की सब्जी और टूटी हुई परत बचती है, वही कुछ अलग नाम से परोस दी गई! ऑस्ट्रेलिया में समोसा पोस्ट-सर्फ स्नैक के तौर पर पसंद किया जाता है। टोरंटो में यह 14 डॉलर का 'आर्टिसनल' समोसा बन चुका है, जबकि दुबई में इन्फ्लुएंसर्स के लिए गोल्ड-लीफ समोसा तक उपलब्ध है।
हालांकि भारतीयों के लिए समोसे की असली पहचान आज भी वही है—हलवाई की दुकान वाला समोसा, जिसमें 90 प्रतिशत मैदा, 10 प्रतिशत आलू और 100 प्रतिशत भावना होती है। और फिर ऑफिस कैंटीन का वह समोसा, जो शाम 4 बजे क्लाइंट मीटिंग के दौरान बिल्कुल सही समय पर आ जाता है।
समोसे की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं: हर वैश्विक सितारे की तरह समोसे की भी एक दिलचस्प और विवादित शुरुआत की कहानी है। हम भारतीय इसे अपना समझते हैं, लेकिन तकनीकी तौर पर समोसा भारतीय नहीं है।
इसका शुरुआती रूप 10वीं सदी में मध्य पूर्व में 'संबुसक' के नाम से सामने आया था। यह एक छोटी पेस्ट्री थी, जिसमें कीमा भरा जाता था। फारसी व्यापारी इसे अपने सफर के दौरान साथ रखते थे, ताकि यात्रा में इसे आसानी से खाया जा सके। इसके बाद यह मध्य एशिया पहुंचा और उज्बेकिस्तान में 'सम्सा' के रूप में लोकप्रिय हुआ, जहां इसे आज भी तंदूर में पकाया जाता है।
13वीं-14वीं सदी में समोसा दिल्ली सल्तनत के दौर में भारत पहुंचा। मोरक्को के यात्री इब्न बतूता ने 1334 में मुहम्मद बिन तुगलक के दरबार में खाए गए 'संबुसक' का जिक्र किया था। उसमें कीमा, बादाम, अखरोट और मसालों का इस्तेमाल किया गया था। यानी उस समय समोसे में आलू नहीं था। पुर्तगालियों ने भारत में आलू बाद में पहुंचाया।
आज जिस आलू वाले समोसे के लिए हम दीवाने हैं, उसका मौजूदा रूप 19वीं सदी के ब्रिटिश दौर में विकसित हुआ। ब्रिटिश आलू लेकर आए और भारतीयों ने उसे उस अरबी पेस्ट्री के अंदर भरकर तल दिया। इस तरह यह एक ऐसा मेल बन गया, जिसमें भारतीय, इस्लामी और यूरोपीय खानपान की झलक दिखाई देती है। आज समोसे की कितनी किस्में हैं? आधिकारिक तौर पर 500 से ज्यादा और अनौपचारिक तौर पर शायद हर भारतीय मां की अपनी एक किस्म है।
भारत के अपने समोसे: भारत में समोसे के कई रूप हैं।
पंजाबी शाही समोसा: बड़ा और लगभग मुट्ठी के आकार का। इसमें आलू-मटर, पनीर, ड्राई फ्रूट्स और भरपूर अंदाज होता है।
बंगाली शिंगारा: आकार में छोटा और स्वाद में थोड़ा मीठा। इसमें मूंगफली और फूलगोभी का इस्तेमाल भी होता है।
हैदराबादी लुख्मी: चपटी और चौकोर, जिसमें मीट की फिलिंग होती है।
गुजराती चोराफली समोसा: छोटा और सूखा, जिसे एक-दो नहीं बल्कि 15 तक खाने का मन हो सकता है।
इंदौरी कचौरी वाला समोसा: इसमें आलू की जगह दाल की फिलिंग होती है, जिससे समोसे की पहचान को लेकर थोड़ा भ्रम जरूर पैदा हो सकता है।
दुनिया ने अपने हिसाब से बदला समोसा: मध्य पूर्व में समोसा आज भी मीट और बेक किए गए रूप में मिलता है और उसे मूल समोसे के करीब माना जाता है। पूर्वी अफ्रीका में इसे 'संबुसा' कहा जाता है। इसमें दाल और हरी मिर्च का इस्तेमाल होता है और केन्या में रमज़ान के दौरान भारत से भी ज्यादा समोसे खाए जाते हैं। पुर्तगाल में गोवा के प्रभाव वाला चिकन फिलिंग का रूप 'चमुकास' देखने को मिलता है। लंदन में चीज और बीन्स वाला 'कॉर्निश समोसा' भी है। वहीं न्यूयॉर्क के 'ब्रंच समोसा' में पुल्ड पोर्क, मैकरोनी एंड चीज, नुटेला और केले जैसी फिलिंग तक शामिल हो चुकी हैं। और प्रयोग यहीं खत्म नहीं होते। दिल्ली में नूडल्स समोसा, मुंबई में पिज्जा समोसा, अहमदाबाद में चॉकलेट समोसा, कनाडा में बटर चिकन समोसा और कोरिया में किमची समोसा भी देखने को मिलता है।
लेकिन समोसे के शौकीन लोगों से पूछिए तो 800 साल बाद भी केवल दो किस्में सबसे ऊपर हैं-
समोसे का त्रिकोण भी है खास: आखिर समोसा दुनिया भर में इतना सफल क्यों हुआ? पहली वजह है इसकी कीमत। यह कूटनीति से सस्ता है। दुनिया को योग के जरिए प्रभावित करना हो तो मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन समोसे के लिए सिर्फ भूख चाहिए।
दूसरी वजह है कि आलू वाला समोसा शाकाहारी होता है। ऐसे समय में जब दुनिया वीगन, हलाल और कोषेर जैसे अलग-अलग खानपान विकल्पों की बात करती है, आलू वाला समोसा चुपचाप कहता है—मैं सबके लिए हूं। हां, अगर इसमें कीमा डाल दिया तो बात अलग है।
तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण वजह इसका आकार है। त्रिकोण को इंजीनियरिंग में सबसे मजबूत आकृतियों में माना जाता है। मिस्र के लोग इसे जानते थे और उन्होंने पिरामिड बनाए। भारतीयों ने उसी विचार को आगे बढ़ाया—त्रिकोण के अंदर आलू भरा और उसे तल दिया। यही तो असली नवाचार है। पश्चिम के पास सैंडविच था। ब्रेड की दो स्लाइस और उनके बीच कुछ। हमने कहा कि भरावन को तीनों तरफ से बंद कर देते हैं, ताकि वह बाहर न निकल सके। यह रणनीतिक सोच है।
समोसा सिर्फ स्नैक नहीं, एक भावना है: समोसे की असली सफलता सिर्फ उसके स्वाद में नहीं है। यह लोगों के बीच एक तरह का सामाजिक रिश्ता बनाता है। कोई एक समोसा नहीं खाता। एक खाया तो दूसरा लेना ही पड़ता है। टीम के लिए समोसे मंगाए हैं तो चटनी भी चाहिए। चटनी है तो हरी और लाल दोनों चाहिए। आपको हरी पसंद है तो आपके सहयोगी को लाल पसंद होगी। समोसा भारत का एक बड़ा सामाजिक बराबरी वाला स्वाद भी है। बॉम्बे हाई कोर्ट हो, गुरुग्राम की मीडिया एजेंसी हो या इंदिरानगर का स्टार्टअप—शाम 4 बजे सवाल एक ही हो सकता है, 'समोसा मंगाएं?' सीईओ और इंटर्न एक ही पेपर बैग से समोसा निकालते हैं और एक ही तरह से गरम समोसे से अपनी जीभ जलाते हैं। किसी और खाने में शायद यह ताकत नहीं है। ट्रफल में नहीं, एवोकाडो टोस्ट में तो बिल्कुल नहीं।
और सच कहें तो समोसे ने वह काम कर दिखाया है, जो कई सरकारी अभियानों के लिए भी आसान नहीं रहा। 'मेक इन इंडिया' अपनी जगह है, लेकिन 'ईट इन इंडिया' भी कम नहीं। आज अमेरिका के ओहायो में बैठा व्यक्ति भले ही बिहार को नक्शे पर न खोज पाए, लेकिन वह समोसे को जरूर पहचानता है। इसलिए आज वर्ल्ड समोसा डे पर देशभक्ति का सही तरीका यही है कि डिकंस्ट्रक्टेड, एयर-फ्राइड, क्विनोआ वाले या ग्लूटेन-फ्री समोसे के पीछे न भागें। किसी नजदीकी हलवाई की दुकान पर जाएं, जहां तेल आपके किसी रिश्ते से भी पुराना हो सकता है, पीली रोशनी के नीचे समोसे पसीना बहाते हुए आपका इंतजार कर रहे हों।
दो समोसे मांगिए। आपको तीन मिलेंगे, क्योंकि 'तीन का शगुन होता है।'
जीभ जलाइए। गर्व के साथ जलाइए।
जय हिंद। जय समोसा।
(लेखक डॉ. संदीप गोयल FoodFood TV में Chief Tasting Officer (CTO) हैं।)
एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को सोमवार को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पद पर प्रमोट किया गया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को सोमवार को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional Deputy Commissioner) के पद पर प्रमोट किया गया है। उनके साथ 11 अन्य पुलिस अधिकारियों को भी प्रमोशन दिया गया है।
एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में डॉ. विकास श्योकंद, ए. वेंकटेश, गुरसेवक सिंह, रेणु लता, विदुषी कौशिक, मनु हिमांशु, सकारिया मिहिर प्रवीनभाई, गरिमा तिवारी, विवेक भगत, आशीष कुमार, मनीष लडला और रोहित गुप्ता शामिल हैं।
पुलिस ने प्रमोशन को बताया नियमित प्रक्रिया
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये प्रमोशन नियमित प्रक्रिया के तहत किए गए हैं और प्रमोशन के लिए अनुरोध काफी पहले ही भेजा गया था।
तीन महिला पत्रकारों ने लगाए थे आरोप
यह मामला 3 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस को इन मामलों में शिकायतें मिली थीं और आगे की जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया था कि 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी थी। इसी दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। पुलिस के मुताबिक, निष्पक्ष और उचित जांच के लिए शिकायतों को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया है। इन आरोपों के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन भी किया और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने चंडीगढ़ में अपना स्थानीय कार्यालय शुरू किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने चंडीगढ़ में अपना स्थानीय कार्यालय शुरू किया है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने सोमवार को चंडीगढ़ में इस स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन किया।
SEBI का चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय SCO नंबर 20-25, दूसरी मंजिल, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, सेक्टर 17B, चंडीगढ़-160017 में स्थित है।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए काम करेगा
चंडीगढ़ स्थित यह स्थानीय कार्यालय पंजाब और हरियाणा राज्यों तथा चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश को कवर करेगा। यह कार्यालय SEBI के नई दिल्ली स्थित नॉर्दर्न रीजनल ऑफिस के प्रशासनिक नियंत्रण और अधिकार क्षेत्र के तहत काम करेगा।
निवेशकों की शिकायतों के निपटारे में मदद करेगा
चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय के प्रमुख कामों में सूचीबद्ध कंपनियों और बाजार से जुड़े बिचौलियों के खिलाफ निवेशकों की शिकायतों के निपटारे में मदद करना शामिल होगा।
इसके अलावा, कार्यालय के जरिए निवेशकों के बीच निवेशक शिक्षा और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को निवेश और वित्तीय मामलों से जुड़ी जानकारी देने और उनकी समझ बढ़ाने में मदद करना है।
SME और दूसरे बाजार से जुड़े क्षेत्रों पर भी रहेगा फोकस
SEBI का यह स्थानीय कार्यालय अपने अधिकार क्षेत्र में जारीकर्ता मंच (Issuers Forum), छोटे और मध्यम उद्यम (SMEs), सोशल स्टॉक एक्सचेंज, म्युनिसिपल बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों और संस्थाओं के साथ भी संपर्क करेगा। इसके अलावा, स्थानीय कार्यालयों को समय-समय पर सौंपे जाने वाले दूसरे काम भी यह कार्यालय करेगा।
SEBI के मुताबिक, चंडीगढ़ में स्थानीय कार्यालय खुलने से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में निवेशकों से जुड़े मामलों और पूंजी बाजार से संबंधित गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क और सुविधा उपलब्ध होगी।
टीम पंपकिन ने को-फाउंडर स्वाति नाथानी को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है। वह बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्रोथ का नेतृत्व करते हुए एजेंसी की इंटीग्रेटेड क्षमताओं को मजबूत करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टीम पंपकिन (Team Pumpkin) ने अपनी को-फाउंडर स्वाति नाथानी (Swati Nathani) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (Chief Executive Officer) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह एजेंसी की बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्रोथ का नेतृत्व करेंगी।
स्वाति ने 2012 में टीम पंपकिन की सह-स्थापना की थी और डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस से एक इंटीग्रेटेड मार्केटिंग पार्टनर के तौर पर एजेंसी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नई जिम्मेदारी में उनका फोकस क्रिएटिव, परफॉर्मेंस, टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशंस और कॉमर्स को करीब लाने पर रहेगा।
स्वाति ने कहा कि एजेंसी बिजनेस में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में तेजी से बदलाव हो रहा है। एआई (AI) एक्सीक्यूशन के तरीके बदल रहा है, जबकि प्लेटफॉर्म ब्रांड्स की खोज के तरीके को प्रभावित कर रहे हैं। क्लाइंट्स अब आइडिया से बिजनेस रिजल्ट तक कम से कम साइलो चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि टीम पंपकिन का लक्ष्य हर नई टेक्नोलॉजी के पीछे भागना नहीं, बल्कि ऐसी एजेंसी तैयार करना है जो यह समझ सके कि टेक्नोलॉजी कहां वैल्यू जोड़ती है और कहां ह्यूमन जजमेंट सबसे ज्यादा जरूरी है।
स्वाति के नेतृत्व में टीम पंपकिन ब्रांड स्ट्रैटेजी, क्रिएटिव, डिजिटल, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, सोशल मीडिया, पीआर, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और मार्केटप्लेस सर्विसेज में अपनी इंटीग्रेटेड पेशकश को मजबूत करेगी। एजेंसी एआई-आधारित क्षमताओं को भी आगे बढ़ाएगी।
स्वाति के अनुभव में ब्रांडिंग, डिजिटल स्ट्रैटेजी, एनालिटिक्स, एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी शामिल हैं। उनका अनुभव क्रिएटिव और बिजनेस सोच के बीच संतुलित नजरिया बनाने में मदद करता है।
टीम पंपकिन के अगले चरण में इंटीग्रेटेड क्षमताओं को मजबूत करने, टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं का विस्तार करने, लीडरशिप टीम को मजबूत करने, ग्लोबल विस्तार बढ़ाने और कम्युनिकेशन को मापने योग्य बिजनेस ग्रोथ से जोड़ने पर जोर रहेगा।
मोहित चेरियन को डियाजियो इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट – कस्टमर मार्केटिंग बनाया गया है। वह भारत में कस्टमर मार्केटिंग एजेंडा का नेतृत्व करते हुए ब्रांड्स और कैटेगरी को मजबूत बनाने पर काम करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मोहित चेरियन (Mohit Cherian) को डियाजियो इंडिया (Diageo India) में वाइस प्रेसिडेंट – कस्टमर मार्केटिंग (Vice President – Customer Marketing) के पद पर पदोन्नत किया गया है। अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की। इस भूमिका में वह भारत में कस्टमर मार्केटिंग एजेंडा का नेतृत्व करेंगे और डियाजियो के ब्रांड्स व कैटेगरी को आकार देने और मजबूत बनाने पर काम करेंगे।
इससे पहले चेरियन डियाजियो इंडिया में कैटेगरी डायरेक्टर (Category Director) के तौर पर काम कर रहे थे। उससे पहले वह सीनियर जनरल मैनेजर, ब्रांड मार्केटिंग (Senior General Manager, Brand Marketing) की भूमिका में थे, जहां उन्होंने कंपनी के बीआईआई स्कॉचेज (BII Scotches) पोर्टफोलियो की मार्केटिंग संभाली।
चेरियन 2020 में डियाजियो इंडिया से जुड़े थे। उन्होंने कंपनी की इनोवेशन टीम (Innovation Team) से अपना सफर शुरू किया और बाद में ब्रांड मार्केटिंग में आए। इस दौरान उन्होंने रॉयल चैलेंज (Royal Challenge) और मैकडॉवेल्स नंबर 1 (McDowell’s No.1) जैसे ब्रांड्स पर काम किया।
रॉयल चैलेंज के साथ उन्होंने ब्रांड की री-पोजिशनिंग और विराट कोहली (Virat Kohli) के साथ ‘नया शेर’ (Naya Sher) कैंपेन पर काम किया। वहीं, मैकडॉवेल्स नंबर 1 के विकास और पोर्टफोलियो से जुड़ी पहलों में भी उनकी भूमिका रही, जिसमें एक्स-सीरीज (X-Series) और सिंगल माल्ट (Single Malt) पेशकश शामिल है।
डियाजियो इंडिया से पहले चेरियन आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल (Aditya Birla Fashion and Retail) में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट और एलन सॉली (Allen Solly) के हेड ऑफ मार्केटिंग रह चुके हैं। उन्होंने ओगिल्वी (Ogilvy) और मैनेजमेंट कंसल्टिंग के क्षेत्र में भी काम किया है।
आदित्य सुनीलकुमार ने मेटा में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह हवास इंडिया में एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ डिजिटल की भूमिका में थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आदित्य सुनीलकुमार (Aditya Sunilkumar) ने मेटा (Meta) में क्रिएटिव डायरेक्टर (Creative Director) के तौर पर नई भूमिका संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट के जरिए अपने नए पद की जानकारी साझा की।
सुनीलकुमार ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह मेटा में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर नई शुरुआत को लेकर खुश हैं। मेटा जॉइन करने से पहले वह हवास इंडिया (Havas India) से जुड़े थे, जहां उन्होंने एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर एंड हेड ऑफ डिजिटल (Executive Creative Director & Head of Digital) की जिम्मेदारी संभाली।
मेटा में उनकी नई भूमिका कंपनी के क्रिएटिव काम और डिजिटल इकोसिस्टम (Digital Ecosystem) से जुड़े प्रयासों के साथ होगी।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 और 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पत्रकारों के प्रमुख संगठन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 और 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई है। प्रेस क्लब ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ पुलिस का रवैया कथित तौर पर आक्रामक रहा।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने 4 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि एक एसीपी ने उनके साथ छेड़छाड़ और गलत तरीके से छूने की कोशिश की। महिला पत्रकार शनिवार रात संसद मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची थीं।
प्रेस क्लब के अनुसार, विभिन्न स्वतंत्र संगठनों और न्यूज पोर्टलों से जुड़े पत्रकारों ने बताया कि उनके पास प्रेस कार्ड थे और उन्होंने बार-बार पुलिस को बताया कि वे मीडिया से हैं। इसके बावजूद पुलिस ने उनके साथ कथित तौर पर हिंसक और आक्रामक व्यवहार किया। प्रेस क्लब ने कहा कि कुछ पत्रकारों को प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में भी लिया गया।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जा सकता। उसके मुताबिक पत्रकारों को बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से काम करने और विभिन्न मुद्दों को लेकर जुटे लोगों की कवरेज करने की अनुमति मिलनी चाहिए। प्रेस क्लब ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में भी ऐसा नहीं हो पाना देश में मीडिया की स्वतंत्रता की दिशा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
प्रेस क्लब ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार की शिकायत पर उचित कार्रवाई करने और मीडियाकर्मियों को अपना काम करने के लिए आवश्यक जगह देने की मांग की है, ताकि उन्हें आक्रामकता और धमकियों का सामना न करना पड़े।
इंटरनेट सेवा बंद करने पर भी जताई आपत्ति: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जंतर-मंतर और उसके आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के आदेश दिए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, दूरसंचार कंपनियों को जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।
प्रेस क्लब के मुताबिक, इंटरनेट बंद होने से सूचनाओं का प्रवाह प्रभावित होता है और पत्रकारों के काम में बड़ी बाधा आती है। उसने कहा कि इस तरह की मनमानी इंटरनेट बंदी की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि पत्रकारों को बिना डर और दबाव के अपना काम करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग के दौरान उन्हें आवश्यक सुरक्षा और काम करने की जगह उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच भेजा: इस बीच, दिल्ली पुलिस ने 4 अक्टूबर को बताया कि 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिला पुलिस को इनकी शिकायतें मिली हैं और उन्हें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेज दिया गया है।
एबीपी न्यूज की प्राइम टाइम एंकर और वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी को KIIT भुवनेश्वर ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए KIIT परिवार का आभार जताया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एबीपी न्यूज (ABP News) की प्राइम टाइम एंकर और वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी (Chitra Tripathi) को भुवनेश्वर स्थित केआईआईटी (KIIT) ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया है। चित्रा ने एक्स (X) पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।
चित्रा ने इस सम्मान को अपने लिए गौरव और भावुकता का क्षण बताया। उन्होंने केआईआईटी परिवार और संस्थान के फाउंडर अच्युत सामंत (Achyuta Samanta) का आभार जताया। उन्होंने कहा कि करीब 40 हजार छात्रों वाले संस्थान ने उन्हें इस सम्मान के योग्य समझा, जिसके लिए वह हमेशा कृतज्ञ रहेंगी।
KIIT भुवनेश्वर, ओडिशा द्वारा #डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित होना मेरे लिए अत्यंत गौरव और भावुकता का क्षण है 🙏🏻 इस सम्मान के लिए KIIT परिवार और इसके फाउंडर @achyuta_samanta जी का हृदय से आभार. KIIT जिसमें क़रीब 40 हज़ार स्टूडेंट पढ़ते हों, उन्होंने मुझे इस योग्य समझा, आज डॉक्टरेट की उपाधि से नवाज़ा, मैं हमेशा इसके लिये कृतज्ञ रहूंगी 🙏🏻 यह सम्मान मेरे लिए उपलब्धि के साथ एक नई जिम्मेदारी भी है. मेरी कोशिश रहेगी कि अपनी कलम, आवाज़ और कर्म के माध्यम से समाज और देश के प्रति अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाती रहूँ. आज मंच पर देश और विदेश के प्रतिष्ठित लोगों के साथ ये सम्मान पाने का अवसर मिला, जिनमें **Prof. Gobardhan Das — Hon’ble Member, NITI Aayog, Government of India **Prof. Cezar Ionut Spinu, PhD — Rector, University of Craiova, Romania **Prof. Agesh Kumar Tyagi — Dean & Sr. Professor, Homi Bhabha National Institute (HBNI), DU ये गणमान्य लोग शमिल रहे, और इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर - ** Mr. Michael James Baumgartner , Congressman, Member of the U.S. House of Representatives from Washington’s 5th District **Dr. Brock Tessman — Hon’ble President, Montana State University, USA की मौजूदगी रही. आप सभी का हृदय से आभार 🙏🏻 जय हिंद, वंदेमातरम् 🙏🏻 जय जगन्नाथ 🙏🏻🙏🏻
— Chitra Tripathi (@chitraaum) October 4, 2026
चित्रा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए उपलब्धि के साथ एक नई जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अपनी कलम, आवाज और कर्म के जरिए समाज और देश के प्रति अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाते रहने की बात कही।
समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (U.S. House of Representatives) के सदस्य और वॉशिंगटन के 5वें डिस्ट्रिक्ट से कांग्रेसमैन माइकल जेम्स बॉमगार्टनर (Michael James Baumgartner) और मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी (Montana State University), अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉ. ब्रॉक टेस्मैन (Dr. Brock Tessman) भी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश बीजेपी ने शनिवार को अपनी नई मीडिया टीम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने राज्य स्तर पर 31 प्रवक्ताओं और 25 मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
उत्तर प्रदेश बीजेपी ने शनिवार को अपनी नई मीडिया टीम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने राज्य स्तर पर 31 प्रवक्ताओं और 25 मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति की है। नई टीम की सूची प्रदेश मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित ने जारी की।
नई टीम में डॉ. समीर सिंह, अभिषेक कृष्ण दुबे, अवनीश त्यागी, मनीष शुक्ला, नवीन श्रीवास्तव, अंकुश त्रिपाठी, आनंद दुबे, हीरो वाजपेयी और डॉ. ऋचा सिंह समेत कई नेताओं को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से कई नेता पिछली मीडिया टीम में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
अभिषेक कृष्ण दुबे को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी
एटा निवासी अभिषेक कृष्ण दुबे को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है। वह इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और फिलहाल युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। अभिषेक कृष्ण दुबे पार्टी के युवा मोर्चा में राजस्थान के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
मीडिया विभाग में भी नियुक्तियां
बीजेपी ने हिमांशु दुबे और दीपक बघेल को मीडिया विभाग का सह-संयोजक नियुक्त किया है। वहीं दिवस चतुर्वेदी और मनोज त्रिवेदी को मीडिया वॉच टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए भी मीडिया संयोजक और सह-संयोजकों की घोषणा की है।
प्रदेश मीडिया सह संयोजक
प्रदेश प्रवक्ता
प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट
मीडिया वॉच
पश्चिम मीडिया संयोजक
पश्चिम सह मीडिया संयोजक
बृज मीडिया संयोजक
बृज सह मीडिया संयोजक
कानपुर मीडिया संयोजक
कानपुर सह मीडिया संयोजक
अवध मीडिया संयोजक
अवध सह मीडिया संयोजक
काशी मीडिया संयोजक
काशी सह मीडिया संयोजक
गोरखपुर मीडिया संयोजक
गोरखपुर सह मीडिया संयोजक
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। अब क्राइम ब्रांच महिला पत्रकारों के बयान दर्ज करेगी और पूरे मामले की जांच करेगी।
एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि 3 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे, लेकिन मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। उनका दावा है कि जब वह इस कार्रवाई की कवरेज कर रही थीं और इस बारे में एसीपी विवेक भगत से सवाल किया, तो उन्होंने कथित तौर पर उनके साथ गलत तरीके से व्यवहार किया और उन्हें धक्का दिया।
इस मामले को लेकर पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर भी प्रदर्शन किया और आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। फिलहाल पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेज दिया है।
CJP ने भी FIR की मांग की
मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी एसीपी विवेक भगत के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। CJP के प्रतिनिधिमंडल ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचकर इस मामले में शिकायत दी।
राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब
इस मामले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है और महिला प्रदर्शनकारियों व पत्रकारों के साथ बदसलूकी के आरोपों पर गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है। 2 और 3 अक्टूबर को यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
प्रदर्शनकारियों और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
मामले में अब क्राइम ब्रांच की जांच के बाद यह साफ होगा कि महिला पत्रकारों की शिकायतों में लगाए गए आरोपों को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
मीडिया जगत में करीब 10-12 साल तक काम करने वाले ग्राफिक और मोशन ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन हो गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया जगत में करीब 10-12 साल तक काम करने वाले ग्राफिक और मोशन ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन हो गया। उन्होंने 1 अक्टूबर की रात धनबाद के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। बताया गया है कि वह पिछले दो दिनों से वेंटिलेशन पर थे।
उज्ज्वल झारखंड के बोकारो स्टील सिटी के रहने वाले थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन न्यूज से की थी। इसके बाद उन्होंने IndiaReport, Bluekraft Digital Foundation और LearnApp जैसे संस्थानों में काम किया।
जनवरी 2021 में उज्ज्वल TV9 से जुड़े थे, जहां उन्होंने सीनियर ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर काम किया। करीब छह साल तक TV9 को अपनी सेवाएं देने के बाद उनकी नौकरी चली गई थी।
उज्ज्वल को ग्राफिक और मोशन ग्राफिक्स के क्षेत्र में काम करने का अनुभव था। मीडिया संस्थानों में ग्राफिक डिजाइनर की भूमिका खबरों को विजुअल रूप देने और ब्रेकिंग न्यूज व दूसरी स्टोरीज के लिए क्रिएटिव तैयार करने में अहम होती है।
उज्ज्वल के निधन की खबर के बाद मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके निधन को असमय और दुखद बताया जा रहा है।