टीवी रेटिंग जारी करने की व्यवस्था में रुकावट के बीच केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी GTPL Hathway ने टेलीविजन दर्शकों से जुड़ा डेटा जारी करना शुरू कर दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टीवी रेटिंग जारी करने की व्यवस्था में रुकावट के बीच केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी GTPL Hathway ने टेलीविजन दर्शकों से जुड़ा डेटा जारी करना शुरू कर दिया है। कंपनी इसके लिए रिटर्न पाथ डेटा (RPD) तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। फिलहाल इस व्यवस्था के तहत 10 हजार से ज्यादा ऐसे सेट-टॉप बॉक्स से डेटा जुटाया जा रहा है, जो इस तकनीक से जुड़े हैं। कंपनी आने वाले कुछ महीनों में इस दायरे को बढ़ाकर करीब 50 हजार घरों तक पहुंचाना चाहती है।
कंपनी के मुताबिक, यह पहल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी, 2026 के अनुरूप है। GTPL ने अपनी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले टीवी चैनलों और सेट-टॉप बॉक्स पर उपलब्ध डिजिटल विज्ञापन माध्यमों से जुड़ी जानकारी के सारांश भी जारी करने शुरू कर दिए हैं।
GTPL के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, एक औसत घर में रोजाना साढ़े सात घंटे से ज्यादा समय तक पारंपरिक टीवी देखा जाता है। कंपनी का कहना है कि यह आंकड़ा भारतीय घरों में लीनियर टेलीविजन यानी तय कार्यक्रमों और प्रसारण समय के अनुसार टीवी देखने की आदत को दिखाता है।
यह पहल ऐसे समय में आई है, जब टीवी रेटिंग व्यवस्था में जारी रुकावट के बीच प्रसारकों, विज्ञापनदाताओं और मीडिया एजेंसियों को दर्शकों की पसंद और विज्ञापनों की पहुंच समझने के लिए दूसरे स्रोतों की जरूरत है। हालांकि, GTPL का यह प्लेटफॉर्म आधारित डेटा मौजूदा उद्योग-स्तरीय टीवी रेटिंग व्यवस्था से अलग है।
50 हजार घरों तक सैंपल बढ़ाने की योजना
GTPL फिलहाल 200 से ज्यादा शहरों और कस्बों के साथ करीब 3,000 पिन कोड क्षेत्रों में मौजूद 10 हजार से अधिक RPD-सक्षम सेट-टॉप बॉक्स से डेटा जुटा रही है। इस सैंपल में महानगरों, शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों को शामिल किया गया है।
कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में इस सैंपल को बढ़ाकर लगभग 50 हजार घरों तक पहुंचाना है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में टीवी देखने के तौर-तरीकों को समझने और आंकड़ों का अधिक बारीकी से विश्लेषण करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कंपनी के मुताबिक, इस व्यवस्था के लिए शुरुआती अध्ययन एक स्वतंत्र तीसरी पार्टी की रिसर्च एजेंसी ने किया है। इसमें अलग-अलग बाजारों में दर्शकों की देखने की आदतों को समझने के लिए सांख्यिकीय और वैज्ञानिक सैंपलिंग तरीकों का इस्तेमाल किया गया है।
GTPL के पास 1.1 करोड़ से ज्यादा सक्रिय डिजिटल टीवी घरों का ग्राहक आधार है और कंपनी का अनुमानित दर्शक आधार करीब 5 करोड़ है। कंपनी का कहना है कि सैंपल बढ़ने से उसके ग्राहक आधार में टीवी देखने के रुझानों की बेहतर जानकारी मिल सकती है।
हालांकि, इन आंकड़ों की सटीकता और व्यापकता इस बात पर निर्भर करेगी कि सैंपल में किस तरह के घर शामिल हैं, उन्हें कैसे चुना गया है और उनके आंकड़ों के आधार पर बड़े ग्राहक आधार के अनुमान किस तरीके से तैयार किए जाते हैं। इसलिए इस डेटा को पूरे भारत के टीवी दर्शकों की पसंद का प्रतिनिधि मानने से पहले इसकी कार्यप्रणाली को समझना जरूरी होगा।
RPD तकनीक से कैसे मिलेगी जानकारी?
रिटर्न पाथ डेटा यानी RPD तकनीक के जरिए टीवी देखने से जुड़ी गतिविधियों का डेटा सीधे इससे जुड़े सेट-टॉप बॉक्स से मिलता है। सर्वे में लोगों से उनकी टीवी देखने की आदतों के बारे में पूछने के बजाय यह तकनीक अपने आप देखने की गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करती है।
GTPL के मुताबिक, इस डेटा से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि लोग कितनी देर टीवी देखते हैं, किन चैनलों को पसंद करते हैं, किस समय और किस तरह के कार्यक्रम ज्यादा देखते हैं और अलग-अलग बाजारों में दर्शकों की पसंद कैसे बदलती है।
इस व्यवस्था के जरिए दर्शकों की पहुंच, विज्ञापनों के अनुमानित इम्प्रेशन, चैनलों की लोकप्रियता, क्षेत्रीय देखने के रुझान, कार्यक्रमों की श्रेणी और अलग-अलग समय के हिसाब से टीवी देखने की आदतों का विश्लेषण किया जा सकता है। कंपनी लंबे समय में दर्शकों की पसंद में होने वाले बदलावों और विज्ञापनों की प्रभावशीलता को समझने के लिए भी इसका इस्तेमाल करना चाहती है।
कंपनी के अनुसार, यह व्यवस्था उसके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करीब 1,000 टीवी चैनलों के देखने से जुड़े डेटा को कवर करती है। इसमें पे चैनल और फ्री-टू-एयर चैनल, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनल के साथ सैटेलाइट और प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध कराए जाने वाले चैनल भी शामिल हैं।
इससे छोटे, क्षेत्रीय और नए प्रसारकों को भी अपने कार्यक्रमों की पहुंच और दर्शकों की पसंद समझने में मदद मिल सकती है। प्रसारक इस जानकारी के आधार पर कार्यक्रमों और उनके प्रसारण के समय से जुड़े फैसलों का आकलन कर सकते हैं। वहीं, विज्ञापनदाता और मीडिया एजेंसियां इसका इस्तेमाल विज्ञापन की योजना बनाने और दर्शकों के रुझान समझने के लिए कर सकती हैं।
सेट-टॉप बॉक्स पर डिजिटल विज्ञापनों का भी होगा आकलन
GTPL ने टीवी देखने के आंकड़ों के अलावा सेट-टॉप बॉक्स पर उपलब्ध डिजिटल विज्ञापन माध्यमों के प्रदर्शन को मापने की व्यवस्था भी तैयार की है।
कंपनी के मुताबिक, सैंपल में शामिल घरों के देखने के व्यवहार से मिलने वाले आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा और सांख्यिकीय तरीकों से इनके आधार पर अपने व्यापक ग्राहक आधार के लिए अनुमान तैयार किए जाएंगे।
इससे विज्ञापनदाताओं को यह समझने में मदद मिल सकती है कि सेट-टॉप बॉक्स पर मौजूद डिजिटल विज्ञापन माध्यम कितने लोगों तक पहुंचे और उन्हें देखने में कितना समय बिताया गया। इसके लिए विज्ञापनों की अनुमानित पहुंच और औसत देखने के समय जैसे मानकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
कंपनी विज्ञापनदाताओं को इन डिजिटल माध्यमों पर तय डिजिटल मानकों के आधार पर विज्ञापन खरीदने का विकल्प देने की योजना बना रही है। इनमें प्रति हजार इम्प्रेशन की लागत यानी CPM के आधार पर विज्ञापन खरीदने की व्यवस्था भी शामिल होगी। डिजिटल विज्ञापन जगत में गूगल और मेटा जैसे प्लेटफॉर्म पर भी इस तरह के मॉडल का इस्तेमाल किया जाता है।
इस पहल से GTPL को अपने सेट-टॉप बॉक्स आधारित विज्ञापन माध्यमों के लिए एक नया कारोबारी विकल्प मिल सकता है। विज्ञापनदाता भी टीवी और डिजिटल माध्यमों पर अपनी पहुंच का आकलन करने के लिए इन आंकड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हालांकि, कंपनी ने अभी इस विज्ञापन सुविधा की व्यावसायिक शर्तों और उपलब्ध विज्ञापन माध्यमों का विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया है।
डेटा की गोपनीयता पर कंपनी का क्या कहना है?
GTPL का कहना है कि उसने इस व्यवस्था में डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता का ध्यान रखा है। कंपनी के मुताबिक, इस प्रक्रिया में ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान बताने वाली जानकारी एकत्र नहीं की जाती। डेटा को प्रोसेस करने से पहले उसकी पहचान छिपाई जाती है और जानकारी को घरों के स्तर पर एकत्रित रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
कंपनी ने डेटा जुटाने और उसके विश्लेषण को सुरक्षित रखने के लिए स्वचालित प्रणालियों के इस्तेमाल की भी बात कही है।
टीवी रेटिंग व्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह पहल?
टीवी रेटिंग का डेटा प्रसारकों, विज्ञापनदाताओं और मीडिया एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इससे उन्हें चैनलों और कार्यक्रमों की लोकप्रियता समझने, विज्ञापन की योजना बनाने और अपने निवेश से जुड़े फैसले लेने में मदद मिलती है।
ऐसे में GTPL की यह पहल टीवी देखने के रुझानों को समझने के लिए एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध करा सकती है। आने वाले महीनों में सैंपल को 50 हजार घरों तक बढ़ाने से कंपनी के अपने ग्राहक आधार से मिलने वाले आंकड़ों का दायरा बढ़ सकता है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि GTPL का डेटा उसके प्लेटफॉर्म से जुड़े सेट-टॉप बॉक्स और चुने गए घरों के सैंपल पर आधारित है। इसे अपने आप पूरे भारत की टीवी व्युअरशिप का आधिकारिक या सार्वभौमिक माप नहीं माना जा सकता। इसके निष्कर्षों को समझने के लिए सैंपल के चयन, आंकड़ों के विश्लेषण और अनुमान तैयार करने की प्रक्रिया को देखना होगा।
कुल मिलाकर, GTPL Hathway की इस पहल से टीवी दर्शकों की पसंद और सेट-टॉप बॉक्स पर उपलब्ध विज्ञापन माध्यमों के प्रदर्शन को समझने का एक नया रास्ता खुल सकता है। इसकी उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि उद्योग के दूसरे पक्ष इन आंकड़ों और उनकी कार्यप्रणाली का आकलन किस तरह करते हैं।
राजेंद्र तिवारी पूर्व में दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान, अमर उजाला और प्रभात खबर जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर काम कर चुके हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र तिवारी ने लाइव आई न्यूज सर्विस (LENS) में एग्जिक्यूटिव एडिटर के रूप में नई पारी शुरू की है। प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले तिवारी यहां न्यूजरूम का नेतृत्व करेंगे। उनकी जिम्मेदारी में खबरों की पुष्टि, न्यूजरूम की कार्यप्रणाली और संपादकीय मानकों की देखरेख शामिल होगी।
राजेंद्र तिवारी पूर्व में दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान, अमर उजाला और प्रभात खबर जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर काम कर चुके हैं। प्रभात खबर में उन्होंने कॉरपोरेट एडिटर के रूप में भी काम किया है।
उनके पत्रकारिता अनुभव का दायरा दिल्ली, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, भोपाल, इंदौर, रायपुर, रांची और कोलकाता तक फैला रहा है। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों में काम करने का उनका अनुभव उनके लंबे पत्रकारिता करियर का हिस्सा रहा है।
हाल के वर्षों में तिवारी डिजिटल पत्रकारिता से भी जुड़े रहे हैं। वह यूट्यूब आधारित न्यूज और राजनीतिक विश्लेषण मंच अनब्रेकिंग (UnBreaking) से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा, वह द वायर (The Wire) पर ‘बात दरअसल ये है’ नाम से राजनीतिक विश्लेषण कार्यक्रम भी प्रस्तुत करते हैं।
दरअसल, LENS एक ऐसा मंच विकसित कर रहा है, जो रिपोर्टरों और स्ट्रिंगरों के वीडियो फुटेज को ब्रॉडकास्टर्स और डिजिटल पब्लिशर्स से जोड़ने का काम करेगा। इसका उद्देश्य खबरों से जुड़े वीडियो फुटेज की पुष्टि करना, उनके अधिकारों को स्पष्ट रखना और एक व्यवस्थित लाइसेंसिंग व्यवस्था के जरिए उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था में योगदान देने वाले लोगों को पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर है।
एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा आज दुबई में आयोजित होने वाले मिडिल ईस्ट डिजिटल मार्केटिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड्स (MDME) 2026 के उद्घाटन समारोह में विशेष कीनोट संबोधन देंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
BW बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा 23 अक्टूबर को यानी आज दुबई में आयोजित होने वाले मिडिल ईस्ट डिजिटल मार्केटिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड्स (MDME) 2026 के उद्घाटन समारोह में विशेष कीनोट संबोधन देंगे।
इस कार्यक्रम का आयोजन ग्रैंड एक्सिस ग्लोबल (Grand Axis Global) की ओर से किया जा रहा है। यह आयोजन दुबई के डाउनटाउन इलाके में स्थित केम्पिंस्की द बुलेवार्ड में होगा। कार्यक्रम में ‘टॉप 50 मार्केटिंग लीडर्स ऑफ द मिडिल ईस्ट 2026’ के तहत क्षेत्र के प्रमुख मार्केटिंग लीडर्स को भी पहचान दी जाएगी।
डॉ. बत्रा की भागीदारी से कार्यक्रम में भारतीय मीडिया और मार्केटिंग इंडस्ट्री का नजरिया भी सामने आएगा। BW Businessworld और एक्सचेंज4मीडिया के जरिए वह बिजनेस पत्रकारिता के साथ-साथ विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया जगत से जुड़े मुद्दों को सामने लाने में सक्रिय रहे हैं।
उन्होंने साल 2000 में एक्सचेंज4मीडिया की स्थापना की थी। इसके बाद इस मंच ने विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया क्षेत्र के पेशेवरों के बीच अपनी पहचान बनाई। समूह के काम में खबरों और विश्लेषण के साथ इंडस्ट्री से जुड़े कार्यक्रम, चर्चाएं और वरिष्ठ कारोबारी नेताओं तथा ब्रैंड से जुड़े फैसले लेने वाले लोगों के साथ संवाद भी शामिल हैं।
डिजिटल मार्केटिंग के अलग-अलग क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
MDME 2026 का उद्देश्य डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में बेहतर काम और नए प्रयोगों को पहचान देना है। इसके तहत परफॉर्मेंस मार्केटिंग, ब्रैंडिंग, ग्राहकों से जुड़ाव, सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैंपेन, मार्केटिंग टेक्नोलॉजी, विज्ञापन तकनीक और डिजिटल बदलाव जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा।
अवॉर्ड्स की विभिन्न श्रेणियों में सोशल मीडिया और कंटेंट, कारोबार की वृद्धि, ग्राहक अनुभव, ब्रैंड की पहचान, नई तकनीक, रचनात्मक प्रयोग, एजेंसी के काम और व्यक्तिगत नेतृत्व को शामिल किया गया है। इनमें मार्केटिंग में जनरेटिव AI के इस्तेमाल और ऐसे कैंपेन को भी जगह दी गई है, जिनसे कारोबार में मापने योग्य वृद्धि हुई हो।
कार्यक्रम में ‘टॉप 50 मार्केटिंग लीडर्स ऑफ द मिडिल ईस्ट 2026’ के जरिए क्षेत्र के उन पेशेवरों को भी पहचान दी जाएगी, जो मार्केटिंग जगत को दिशा देने में भूमिका निभा रहे हैं। इस तरह कार्यक्रम में एक ओर प्रभावी मार्केटिंग अभियानों और दूसरी ओर इस क्षेत्र का नेतृत्व करने वाले लोगों पर ध्यान दिया जाएगा।
ग्रैंड एक्सिस ग्लोबल कर रहा है आयोजन
दुबई स्थित ग्रैंड एक्सिस ग्लोबल कॉरपोरेट कार्यक्रमों का आयोजन करने वाली कंपनी है। इसके काम में अवॉर्ड्स, नेतृत्व से जुड़े सम्मेलन, वरिष्ठ अधिकारियों की गोलमेज बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। कंपनी का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में कारोबार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, ब्रैंड्स, एजेंसियों और तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है।
कंपनी की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रियंका भदौरिया हैं। उन्हें बिजनेस इवेंट्स इंडस्ट्री में 25 साल से अधिक का अनुभव है। ग्रैंड एक्सिस ग्लोबल की स्थापना से पहले वह नौ साल से अधिक समय तक एक्सचेंज4मीडिया के साथ जुड़ी रही थीं। वहां उन्होंने अवॉर्ड्स, नेतृत्व सम्मेलनों और वेबिनार जैसे कार्यक्रमों पर काम किया।
अमागी ने चिंतन जोशी को हेड ऑफ रेवेन्यू ऑपरेशंस-ऐड्स बिजनेस नियुक्त किया है। इससे पहले वह इनमोबी एक्सचेंज में सीनियर मैनेजर-रेवेन्यू ऑपरेशंस थे और करीब पांच वर्षों तक इनमोबी से जुड़े रहे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमागी (Amagi) ने चिंतन जोशी (Chintan Joshi) को हेड ऑफ रेवेन्यू ऑपरेशंस-ऐड्स बिजनेस के पद पर नियुक्त किया है। जोशी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट साझा कर अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी दी।
जोशी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने अमागी में हेड ऑफ रेवेन्यू ऑपरेशंस-ऐड्स बिजनेस के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।”
अमागी से पहले जोशी इनमोबी (InMobi) से जुड़े हुए थे। यहां वह इनमोबी एक्सचेंज में सीनियर मैनेजर-रेवेन्यू ऑपरेशंस के पद पर काम कर रहे थे। वह करीब पांच वर्षों तक इनमोबी से जुड़े रहे।
अपने करियर में जोशी इंफोसिस (Infosys) और यस प्रॉपर्टी (Yes Property) के साथ भी काम कर चुके हैं।
रेनी किशोर तिलकनगर इंडस्ट्रीज के अल्कोहलिक बेवरेज पोर्टफोलियो, मीडिया रणनीति और ब्रांड समाधान का नेतृत्व करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रेनी किशोर (Reni Kishore) ने डब्ल्यूपीपी मीडिया (WPP Media) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्लाइंट सॉल्यूशंस के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह मई से इस भूमिका में काम कर रही हैं और हाल ही में लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
नई भूमिका में रेनी भारत में तिलकनगर इंडस्ट्रीज (Tilaknagar Industries) के अल्कोहलिक बेवरेज पोर्टफोलियो का नेतृत्व करेंगी। इसमें इंपीरियल ब्लू (Imperial Blue), सेवन आइलैंड्स व्हिस्की (Seven Islands Whiskey) और मैंशन हाउस (Mansion House) जैसे ब्रांड शामिल हैं। उनकी जिम्मेदारियों में मीडिया रणनीति, ब्रांड समाधान, प्रचार साझेदारियां और रणनीतिक कारोबार विकास शामिल होगा।
इससे पहले रेनी डब्ल्यूपीपी मीडिया में सहायक उपाध्यक्ष-रणनीति एवं साझेदारी के रूप में काम कर रही थीं। इससे पहले उन्होंने एसेंसमी़डियाकॉम इंडिया (EssenceMediacom India) में तीन वर्षों से अधिक समय तक काम किया।
रेनी को बी2सी और बी2बी मार्केटिंग में 15 वर्षों का अनुभव है। उन्हें डिजिटल रणनीति, ब्रांड निर्माण, कंटेंट मार्केटिंग, मार्केटिंग कम्युनिकेशन और पार्टनर मैनेजमेंट में विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने भारत के अलावा एशिया-प्रशांत और अमेरिका के बाजारों में भी काम किया है।
अपने करियर में रेनी मीडिया कॉम (MediaCom), ग्रुपएम (GroupM), रेकिट बेनकाइजर (Reckitt Benckiser), इंटरग्लोब टेक्नोलॉजीज (InterGlobe Technologies) और वीडोपिया (Vdopia) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुकी हैं।
आशीष वानखड़े पीएचडी में ग्रुप हेड-डिजिटल प्लानिंग के रूप में शामिल हुए हैं। वह मैरिको के लिए डिजिटल प्लानिंग संभालेंगे। इससे पहले वह डब्ल्यूपीपी मीडिया और अन्य मीडिया एजेंसियों से जुड़े थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आशीष वानखड़े (Ashish Wankhade) पीएचडी (PHD) में ग्रुप हेड-डिजिटल प्लानिंग के रूप में शामिल हुए हैं। उन्हें मैरिको (Marico) के लिए डिजिटल प्लानिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
पीएचडी में शामिल होने से पहले वह डब्ल्यूपीपी मीडिया (WPP Media) में मीडिया प्लानिंग मैनेजर के तौर पर एक साल से कुछ अधिक समय तक काम कर चुके हैं।
वानखड़े ग्रुपएम नेक्सस (GroupM Nexus) और मैडिसन वर्ल्ड (Madison World) के साथ भी काम कर चुके हैं।
अविनाश सिंह इंडिया टुडे ग्रुप (India Today Group) में मैनेजर–मार्केटिंग (ऑनलाइन रेपुटेशन मैनेजमेंट एवं रेपुटेशन स्ट्रैटेजी) के पद पर कार्यरत थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया प्रोफेशनल अविनाश सिंह अब मीडिया नेटवर्क NDTV से जुड़ गए हैं। अविनाश सिंह को स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस, ऑनलाइन रेपुटेशन मैनेजमेंट और डिजिटल नैरेटिव बिल्डिंग में करीब एक दशक का अनुभव है।
NDTV से जुड़ने से पहले वह इंडिया टुडे ग्रुप (India Today Group) में मैनेजर–मार्केटिंग (ऑनलाइन रेपुटेशन मैनेजमेंट एवं रेपुटेशन स्ट्रैटेजी) के पद पर कार्यरत थे। यहां अपने तीन साल से अधिक के सफर में उन्होंने आजतक (AajTak), इंडिया टुडे (India Today) और नेटवर्क के अन्य ब्रैंड्स की रेपुटेशन और इमेज बिल्डिंग से जुड़ी पहलों में अहम भूमिका निभाई।
उनकी जिम्मेदारियों में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत सूचनाओं का मुकाबला करने, लोगों की प्रतिक्रिया को समझने और संवेदनशील न्यूज घटनाक्रमों के दौरान ब्रैंड की छवि को संभालने के लिए स्ट्रैटेजी तैयार करना शामिल था।
समाचार4मीडिया से बातचीत में अविनाश सिंह ने बताया कि इंडिया टुडे ग्रुप में उन्होंने ऐसे कैंपेन तैयार करने में भी योगदान दिया, जिनके जरिए लोगों के बीच कम्युनिकेशंस को बढ़ावा मिला और ब्रैंड्स की विजिबिलिटी, प्रासंगिकता तथा ऑडियंस एंगेजमेंट को मजबूत करने में मदद मिली।
इंडिया टुडे ग्रुप से पहले अविनाश सिंह ने नेशन विद नमो (Nation with NaMo) में डिजिटल स्ट्रैटेजी और नैरेटिव ऑपरेशंस के कैंपेन मैनेजर के रूप में काम किया। जनवरी 2019 से मई 2023 तक इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में जनधारणा को प्रभावित करने के लिए डिजिटल पीआर और नैरेटिव स्ट्रैटेजी पर काम किया। उन्होंने ऑडियंस के व्यवहार और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप डेटा आधारित कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी तैयार करने तथा बड़े स्तर पर कंटेंट प्रसार के लिए नेटवर्क विकसित करने में भी भूमिका निभाई।
इससे पहले वह इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (Indian Chamber of Food and Agriculture) में असिस्टेंट मैनेजर–मार्केटिंग कम्युनिकेशंस और अरुकस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (Arrucus Media Private Limited) में मार्केटिंग एग्जिक्यूटिव के रूप में काम कर चुके हैं।
अविनाश सिंह ने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया स्टडीज में मास्टर डिग्री हासिल की है। इसके अलावा, उन्होंने एनबीए ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया है।
JioHotstar और Prime Focus Studios ने फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ को भारत में पे-पर-व्यू मॉडल के तहत उपलब्ध कराने के लिए साझेदारी की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ अब सिनेमाघरों के बाद डिजिटल मंच पर भी दर्शकों तक पहुंचेगी। JioHotstar और Prime Focus Studios ने इस फिल्म को भारत में पे-पर-व्यू मॉडल के तहत उपलब्ध कराने के लिए साझेदारी की है। इसके तहत दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म की विशेष रिलीज के बाद JioHotstar पर इसे अलग से पैसे देकर देख सकेंगे।
फिल्म की दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज 5 नवंबर 2026 को दिवाली के मौके पर तय की गई है। इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। फिल्म को IMAX 3D में भी दिखाया जाएगा।
सब्सक्रिप्शन से अलग होगी फिल्म देखने की सुविधा
JioHotstar पर फिल्म पे-पर-व्यू मॉडल के तहत उपलब्ध होगी। यानी दर्शकों को इसे देखने के लिए अपने सामान्य सब्सक्रिप्शन के अलावा अलग से भुगतान करना होगा। यह सुविधा सामान्य ओटीटी रिलीज से अलग है, जहां कई फिल्में सब्सक्रिप्शन के साथ ही देखी जा सकती हैं।
हालांकि, अभी यह नहीं बताया गया है कि फिल्म को डिजिटल मंच पर देखने के लिए कितनी कीमत चुकानी होगी। इसकी डिजिटल रिलीज की तारीख और सिनेमाघरों में विशेष प्रदर्शन की अवधि का भी खुलासा नहीं किया गया है। कंपनी ने फिलहाल इतना बताया है कि सिनेमाघरों में विशेष प्रदर्शन के बाद फिल्म भारत में JioHotstar पर अलग से खरीदकर देखी जा सकेगी।
बड़े पर्दे के बाद घरों तक पहुंचेगी ‘रामायण’
JioStar की चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी ने कहा कि रामायण भारतीय संस्कृति की ऐसी विरासत है, जिसने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। उनके मुताबिक, तकनीक की मदद से इस कहानी और इसके मूल्यों को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी देशभर के परिवारों और नई पीढ़ी को कर्तव्य, प्रेम, साहस और अच्छाई जैसे मूल्यों से जुड़ने का मौका देगी।
फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि ‘रामायण’ को बड़े पर्दे पर, खासकर IMAX 3D में देखना फिल्म की परिकल्पना का अहम हिस्सा है। हालांकि, देश में सिनेमाघरों की पहुंच हर दर्शक तक नहीं है। ऐसे में JioHotstar के जरिए फिल्म को सिनेमाघरों के प्रदर्शन के बाद भारतीय घरों तक पहुंचाने का रास्ता मिलेगा।
रणबीर कपूर राम, यश रावण की भूमिका में
‘रामायण’ को दो हिस्सों में बनने वाली लाइव-एक्शन फिल्म के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण Prime Focus Studios ने आठ बार ऑस्कर जीत चुके प्रोडक्शन और विजुअल इफेक्ट्स स्टूडियो DNEG तथा यश की Monster Mind Creations के साथ मिलकर किया है।
फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है, जबकि इसकी पटकथा श्रीधर राघवन ने वाल्मीकि की रामायण पर आधारित होकर तैयार की है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे।
फिल्म के अन्य कलाकारों में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुणाल कपूर और काजल अग्रवाल भी शामिल हैं। इसके संगीत से ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर और ए. आर. रहमान जुड़े हैं। फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइन की जिम्मेदारी रवि बंसल और रैमसे एवरी ने संभाली है, जबकि एक्शन दृश्यों पर टेरी नोटरी और गाइ नॉरिस ने काम किया है।
डिजिटल मंचों पर कमाई का नया तरीका
JioHotstar और Prime Focus Studios की यह साझेदारी बड़े बजट की फिल्मों को सिनेमाघरों के बाद डिजिटल मंच पर अलग से खरीदकर देखने का विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है। इससे उन दर्शकों तक भी फिल्म पहुंच सकती है, जिनके लिए सिनेमाघर में इसे देखना आसान नहीं है। साथ ही, फिल्म की शुरुआती सिनेमाघर रिलीज को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
फिलहाल फिल्म की डिजिटल रिलीज की तारीख, पे-पर-व्यू की कीमत और सिनेमाघरों में विशेष प्रदर्शन की अवधि से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि भारत के बाहर के दर्शकों के लिए इसी तरह की व्यवस्था होगी या नहीं।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों को केवल आमंत्रण के जरिए जुड़ने वाले वॉट्सऐप ग्रुप्स में शेयर खरीदने-बेचने की सलाह देने वालों से सावधान रहने को कहा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों को केवल आमंत्रण के जरिए जुड़ने वाले वॉट्सऐप ग्रुप्स में शेयर खरीदने-बेचने की सलाह देने वालों से सावधान रहने को कहा है। बाजार नियामक के मुताबिक, कुछ अपंजीकृत लोग खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताकर ऐसे ग्रुप्स के जरिए निवेशकों को शेयरों से जुड़ी टिप्स और ट्रेडिंग कॉल दे रहे हैं। इनका मकसद निवेशकों को गुमराह कर अपने जाल में फंसाना हो सकता है।
SEBI ने 22 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ऐसे ग्रुप्स के संचालक अक्सर विदेशी वॉट्सऐप नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। वे निवेशकों को मुफ्त निवेश शिक्षा देने के नाम पर शेयर खरीदने और बेचने की अनधिकृत सलाह देते हैं।
फर्जी मुनाफे के दावों से निवेशकों को फंसाने की कोशिश
SEBI के अनुसार, इन ग्रुप्स में कुछ सदस्य संचालकों के साथ मिलकर काम करते हैं। वे शेयरों में मुनाफा कमाने के झूठे दावे करते हैं और कथित विशेषज्ञ की तारीफ करते हैं, ताकि दूसरे लोगों को लगे कि उसकी सलाह भरोसेमंद है। इस तरीके को ‘एस्ट्रोटर्फिंग’ (Astroturfing) कहा जाता है। इसके जरिए निवेशकों के सामने समर्थन और सफलता की झूठी तस्वीर पेश की जाती है, जिससे वे बिना जांच-पड़ताल के निवेश से जुड़े फैसले ले सकते हैं।
ग्रुप बंद होने पर नए वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़ने का न्योता
SEBI ने बताया कि जब ऐसे किसी फर्जी ग्रुप पर नियामक या दूसरी संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई होती है और उसे बंद कर दिया जाता है, तो उसके सदस्यों को अक्सर किसी नए नंबर से दूसरे ग्रुप में जुड़ने का संदेश भेजा जाता है।
इन संदेशों में दावा किया जाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सुरक्षा उपायों के कारण पुराना ग्रुप बंद हो गया है और नया ग्रुप रोजाना बेहतर शेयरों की जानकारी और ट्रेडिंग से जुड़ी सलाह देगा। SEBI ने ऐसे संदेशों को खतरे का संकेत बताते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
निवेशकों को SEBI की सलाह
SEBI ने निवेशकों से कहा है कि वे अनजान लोगों या खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वालों के ऐसे वॉट्सऐप ग्रुप्स से दूर रहें। खासकर विदेशी नंबरों से चलाए जा रहे ग्रुप्स में दी जाने वाली शेयरों की सलाह पर भरोसा न करें।
नियामक ने यह भी कहा है कि ग्रुप में दूसरे सदस्यों की ओर से किए गए मुनाफे के दावों, तारीफों और ट्रेडिंग से जुड़े संदेशों से प्रभावित न हों। ऐसे संदेश जानबूझकर डाले जा सकते हैं, ताकि निवेशकों को ग्रुप की सलाह सही लगे।
अगर किसी ग्रुप के बंद या प्रतिबंधित होने का संदेश मिले और उसके बाद किसी नए ग्रुप में जुड़ने के लिए कहा जाए, तो इसे खतरे का संकेत मानते हुए ऐसे ग्रुप से बाहर निकल जाना चाहिए।
अनजान ट्रेडिंग ऐप पर न खोलें खाता, न भेजें पैसे
SEBI ने निवेशकों को ऐसे वॉट्सऐप ग्रुप्स में सुझाए गए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या ऐप पर खाता खोलने और पैसे ट्रांसफर करने से भी मना किया है। निवेशकों को अपनी शेयर होल्डिंग या ट्रेडिंग खाते से जुड़ी जानकारी भी ऐसे लोगों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
नियामक ने सलाह दी है कि निवेशक केवल SEBI में पंजीकृत मध्यस्थों के साथ ही काम करें और उनके आधिकारिक ट्रेडिंग ऐप का इस्तेमाल करें।
निवेशक किसी संस्था के पंजीकरण की स्थिति SEBI की आधिकारिक वेबसाइट पर यहां जांच सकते हैं। वहीं, SEBI में पंजीकृत मध्यस्थों के ट्रेडिंग ऐप की जानकारी के लिए निवेशक सहायता पोर्टल पर जा सकते हैं।
SEBI ने इस प्रेस विज्ञप्ति के जरिए निवेशकों को फर्जी वॉट्सऐप ग्रुप्स में शेयर टिप्स और ट्रेडिंग कॉल के आधार पर फैसले लेने से बचने और शेयर बाजार में निवेश करते समय सतर्क रहने की अपील की है।
मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs ने अपने कुछ सिस्टम से जुड़े संचालन और नेटवर्क कॉन्फिगरेशन डेटा हासिल करने का दावा करने वाले एक व्यक्ति की धमकी के बाद जांच शुरू कर दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs ने अपने कुछ सिस्टम से जुड़े संचालन और नेटवर्क कॉन्फिगरेशन डेटा हासिल करने का दावा करने वाले एक व्यक्ति की धमकी के बाद जांच शुरू कर दी है। कंपनी के मुताबिक, धमकी देने वाले ने डेटा सार्वजनिक करने की बात कही है और इसके बदले पैसे की मांग की है।
कंपनी ने 22 अक्टूबर को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि उसे जबरन वसूली की कोशिश के बारे में पता चला है। फिलहाल वह धमकी देने वाले के दावे और उसके साझा किए गए डेटा के सैंपल्स की जांच कर रही है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से जांच
Amagi Media Labs ने बताया कि मामले की जांच के लिए बाहरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और कानूनी सलाहकारों की मदद ली जा रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि कंपनी के कौन-से सिस्टम और किस तरह का डेटा इस मामले से जुड़ा हो सकता है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इससे किसी ग्राहक पर असर पड़ा है। कंपनी ने संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी है।
सेवाओं पर असर नहीं, वित्तीय नुकसान की आशंका नहीं
कंपनी के अनुसार, अब तक की जांच में उसकी सेवाओं में किसी तरह की रुकावट सामने नहीं आई है। साथ ही, ग्राहकों के कामकाज पर असर पड़ने का भी कोई सबूत नहीं मिला है।
Amagi Media Labs ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय किए हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि फिलहाल उसे इस मामले से किसी बड़े वित्तीय असर की आशंका नहीं है। जांच में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने पर कंपनी शेयर बाजारों को इसकी जानकारी देगी।
बिबाबसु कुमार को अडानी नवभारत डेवलपर्स में उपाध्यक्ष और मीडिया एवं कॉरपोरेट संचार प्रमुख बनाया गया है। वह दो वर्षों से अधिक समय से कंपनी से जुड़े हैं और नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बिबाबसु कुमार को अडानी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (Adani Navbharat Developers Private Limited) में उपाध्यक्ष और मीडिया एवं कॉरपोरेट संचार प्रमुख बनाया गया है। वह दो वर्षों से अधिक समय से कंपनी से जुड़े हुए हैं।
इससे पहले कुमार कंपनी में महाप्रबंधक और मीडिया एवं कॉरपोरेट संचार प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पदोन्नति के बाद वह संगठन के मीडिया और कॉरपोरेट संचार से जुड़े काम का नेतृत्व जारी रखेंगे।
नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा करते हुए कुमार ने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने अडानी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में उपाध्यक्ष और मीडिया एवं कॉरपोरेट संचार प्रमुख के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।”
अडानी नवभारत डेवलपर्स से जुड़ने से पहले कुमार ने मीडिया और कॉरपोरेट संचार के क्षेत्र में काम किया है। उनका अनुभव मीडिया संबंधों और रणनीतिक संचार से जुड़े काम पर केंद्रित रहा है।