अमागी मीडिया लैब्स (Amagi Media Labs Limited) ने 14 अप्रैल 2026 को एक बड़ा ऐलान करते हुए अपना नया ऐडवर्टाइजिंग और स्ट्रीम मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया है।
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Vikas Saxena
अमागी मीडिया लैब्स (Amagi Media Labs Limited) ने 14 अप्रैल 2026 को एक बड़ा ऐलान करते हुए अपना नया ऐडवर्टाइजिंग और स्ट्रीम मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया है। कंपनी ने इस टूल का नाम “AdFlow Orchestrator” रखा है, जिसका मकसद FAST (Free Ad-supported Streaming TV) प्लेटफॉर्म्स पर कमाई को बढ़ाना है।
कंपनी के मुताबिक, अभी ब्रॉडकास्ट और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के बीच एक बड़ा गैप है। पारंपरिक टीवी में जहां लंबे एड ब्रेक चलते हैं, वहीं FAST प्लेटफॉर्म्स इतने लंबे ब्रेक को स्वीकार नहीं करते। इसकी वजह से कई बार विज्ञापन सही से नहीं चल पाते और कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ता है। Amagi का नया टूल इसी समस्या को हल करने के लिए लाया गया है।
AdFlow Orchestrator एक ऐसा सिस्टम है जो अपने आप लंबे एड ब्रेक को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देता है, ताकि वे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के नियमों के मुताबिक फिट हो जाएं। इससे न सिर्फ एड सर्वर की दिक्कतें कम होंगी, बल्कि विज्ञापन सही तरीके से प्ले होंगे और कंपनियों की कमाई भी बढ़ेगी।
कंपनी के को-फाउंडर और ग्लोबल बिजनेस प्रेसिडेंट श्रीनिवासन केए का कहना है कि FAST का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन पुराने टीवी सिस्टम के कारण कई बार रेवेन्यू का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि यह नया टूल सीधे उस जगह काम करता है जहां समस्या होती है, जिससे बेहतर रिजल्ट मिलते हैं।
इस टूल की खासियत यह है कि यह न सिर्फ एड ब्रेक को छोटा करता है, बल्कि “Will Be Back” जैसे खाली स्क्रीन की जगह वीडियो कंटेंट दिखाता है, जिससे दर्शक जुड़े रहते हैं। साथ ही, यह एड से जुड़े डेटा को बेहतर बनाता है, जिससे कंपनियों को ज्यादा CPM यानी ज्यादा कमाई मिल सकती है।
Amagi का कहना है कि यह टूल अभी 50 से ज्यादा चैनलों पर इस्तेमाल हो रहा है और इसे अपनाने के कुछ ही हफ्तों में कंपनियों को कमाई में साफ सुधार देखने को मिला है। कई पार्टनर्स ने बताया कि इससे उनके एड डिलीवरी और एफिशिएंसी में भी तेजी आई है।
यह नया सिस्टम फिलहाल उपलब्ध है और इसे अलग से भी इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर Amagi के मौजूदा सिस्टम में जोड़ा जा सकता है। कंपनी इस टूल को NAB Show 2026 में भी प्रदर्शित कर रही है, जहां लोग इसे लाइव देख सकते हैं।
Amagi एक क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों को कंटेंट लॉन्च करने, मैनेज करने और उससे कमाई करने में मदद करता है। कंपनी आज दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में 300 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ काम कर रही है और 9,000 से ज्यादा चैनलों को मैनेज करती है।
आफरीन के ने डेंट्सु इंडिया में हेड ऑफ वीडियो प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह वायरलिटी में क्रिएटिव प्रोड्यूसर थीं, जहां उन्होंने प्रोडक्शन टीम और वीडियो वर्कफ्लो का नेतृत्व किया।
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Samachar4media Bureau
आफरीन के (Afreen K) ने डेंट्सु इंडिया (Dentsu India) में हेड ऑफ वीडियो प्रोडक्शन के पद पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह वायरलिटी (Wirality) में क्रिएटिव प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रही थीं।
वायरलिटी में मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक काम करने के दौरान आफरीन ने इन-हाउस प्रोडक्शन टीम तैयार की और उसका नेतृत्व किया। इस टीम में वीडियोग्राफर, प्रोड्यूसर, एडिटर और मोशन ग्राफिक्स डिजाइनर शामिल थे।
उन्होंने प्रोडक्शन वर्कफ्लो को बेहतर बनाया और हर महीने 40 से ज्यादा यूजर जनरेटेड कंटेंट (UGC), परफॉर्मेंस और ब्रांडेड वीडियो तैयार करने की प्रक्रिया संभाली। इसके साथ ही कई ब्रांड अभियानों के लिए एंड-टू-एंड प्रोडक्शन की जिम्मेदारी भी निभाई।
उनके काम में मोबिक्विक (MobiKwik), फास्टट्रैक (Fastrack), सुपरटेल्स (Supertails) और एटोवियो (Atovio) जैसे ब्रांडों के लिए शूट और कंटेंट प्रोडक्शन शामिल रहा। उन्होंने ब्रांडेड कंटेंट तैयार करने के लिए रनवेएमएल (RunwayML), मिडजर्नी (Midjourney), क्लिंग (Kling) और वीओ 3 (Veo 3) जैसे एआई आधारित क्रिएटिव टूल्स को शामिल करने की योजना पर भी काम किया।
वायरलिटी से पहले आफरीन दिसंबर 2022 से जुलाई 2024 तक एएएफटी ऑनलाइन (AAFT Online) में एसोसिएट प्रोड्यूसर और टीम लीड के पद पर थीं। उन्होंने 10 सदस्यों वाली अलग-अलग विशेषज्ञताओं की टीम का नेतृत्व किया और ऑनलाइन कोर्स, प्रमोशनल वीडियो और सोशल मीडिया रील्स समेत 1,000 घंटे से ज्यादा मूल कंटेंट के प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली।
इस दौरान उन्होंने 17 शैक्षणिक कोर्स का एंड-टू-एंड प्रोडक्शन भी किया और एएएफटी के 2023 एडमिशन अभियान का नेतृत्व किया।
इससे पहले आफरीन मौलश्री स्टूडियोज (Maulsree Studios) में प्रोडक्शन रिसर्च और कोऑर्डिनेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। यहां उन्होंने जी के सुपरमून (Zee’s Supermoon) के इवेंट वर्टिकल के तहत बी प्राक (B Praak), इमरान खान (Imran Khan), रफ्तार (Raftaar) और अर्जुन कानूनगो (Arjun Kanungo) जैसे कलाकारों के शूट और लाइव परफॉर्मेंस के लिए समन्वय किया।
देविका शिवदासानी जियोस्टार के स्टार प्रवाह में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव एंड कंटेंट और हेड ऑफ प्रोग्रामिंग बनी हैं। इससे पहले वह पॉकेट एफएम में सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर थीं।
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देविका शिवदासानी (Devika Shivdasani) जियोस्टार (JioStar) के स्टार प्रवाह (Star Pravah) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव एंड कंटेंट और हेड ऑफ प्रोग्रामिंग के पद पर शामिल हुई हैं। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट साझा कर अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी दी।
शिवदासानी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने जियोस्टार, स्टार प्रवाह में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट क्रिएटिव एंड कंटेंट और हेड ऑफ प्रोग्रामिंग के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।”
उन्होंने कहा कि वह अपने पेशेवर करियर की शुरुआत वाली जगह पर वापस लौटी हैं। स्टार टीवी नेटवर्क (StarTV Network) में उन्होंने करियर के शुरुआती दौर में काफी कुछ सीखा था और अब एक बार फिर वहां बहुत कुछ सीखने का मौका है।
शिवदासानी सितंबर में जियोस्टार से जुड़ी थीं। इससे पहले वह पॉकेट एफएम (Pocket FM) में सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर के पद पर काम कर रही थीं। वह करीब दो साल तक पॉकेट एफएम के साथ रहीं।
अपने करियर में शिवदासानी जी5 (Zee5) और सोनी (Sony) के साथ भी काम कर चुकी हैं।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने उनके कार्यालय के नाम पर चलाए जा रहे फर्जी WhatsApp चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने उनके कार्यालय के नाम पर चलाए जा रहे फर्जी WhatsApp चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इस चैनल का नाम ‘Deputy CMO, Andhra Pradesh’ है। उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि यह उसका अधिकृत चैनल नहीं है और इसके जरिए भ्रामक जानकारी और असंबंधित सामग्री साझा की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस फर्जी चैनल के जरिए सरकारी कार्यालय की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यालय ने कहा कि किसी सरकारी पद या कार्यालय के नाम का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जारी बयान में लोगों से अपील की है कि वे इस फर्जी WhatsApp चैनल पर भरोसा न करें, इसे फॉलो न करें और इससे मिलने वाली सामग्री को आगे साझा न करें।
कार्यालय ने लोगों से कहा है कि वे सही और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल और सत्यापित WhatsApp चैनल का ही इस्तेमाल करें। बयान में यह भी कहा गया है कि सरकारी कार्यालय की पहचान का गलत इस्तेमाल करने वालों को कानून के मुताबिक जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दी
इस बीच, पवन कल्याण ने केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की बधाई भी दी। उन्होंने अमित शाह के अच्छे स्वास्थ्य, शक्ति और लंबी उम्र की कामना करते हुए कहा कि वे समर्पण के साथ देश की सेवा करते रहें। उन्होंने सुरक्षित, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में अमित शाह के योगदान की भी कामना की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और एकता के लिए अमित शाह का समर्पण, नेतृत्व और लगातार किए जा रहे प्रयास सभी को प्रेरित करते हैं। नायडू ने उनके अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और देश की सेवा में लंबे समय तक योगदान देने की कामना की।
वहीं, आंध्र प्रदेश के मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने भी अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश को सुरक्षित रखने का उनका संकल्प और विकसित भारत के लिए उनके प्रयास लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। लोकेश ने आंध्र प्रदेश के लोगों को लगातार सहयोग देने के लिए अमित शाह का आभार जताया और उनके अच्छे स्वास्थ्य व खुशहाली की कामना की।
मीडिया और बिजनेस जगत की जानी-मानी हस्ती डॉ. अनुराग बत्रा ने 21 अक्टूबर को सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, दुबई में मीडिया और बिजनेस के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
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मीडिया और बिजनेस जगत की जानी-मानी हस्ती डॉ. अनुराग बत्रा ने 21 अक्टूबर को सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, दुबई में मीडिया और बिजनेस के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस सत्र में उन्होंने उद्यमिता, करियर की तैयारी और अपने पेशेवर अनुभवों से जुड़ी बातें साझा कीं।
BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉ. बत्रा ने इस दौरान अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतरता और कड़ी मेहनत के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अपने तीन सी के सिद्धांत—कंटेंट, कनेक्ट और कॉन्टेक्स्ट (Content, Connect and Context)—से भी परिचित कराया। उन्होंने बताया कि संवाद, पेशेवर संबंधों और ऑडियंस को समझने के लिहाज से ये तीनों बातें महत्वपूर्ण हैं।
डॉ. बत्रा के संबोधन के बाद एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसका संचालन मीडिया एवं कम्युनिकेशन विभाग की प्रमुख डॉ. पूजा महेश ने किया। इस बातचीत में डॉ. बत्रा के उद्यमिता के सफर, उनके मीडिया उपक्रमों के विकास और बिजनेस जगत के दिग्गजों से बातचीत के दौरान मिले अनुभवों पर चर्चा हुई।
डॉ. बत्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अवसरों को पहचानना, कारोबारी विचारों में बदलाव के साथ खुद को ढालना और मजबूत पेशेवर संबंध बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
सिम्बायोसिस दुबई की ओर से इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों की कक्षा में होने वाली पढ़ाई को पेशेवर दुनिया के अनुभवों से जोड़ना था। इससे विद्यार्थियों को अपने करियर के लक्ष्यों पर विचार करने और मीडिया एवं बिजनेस जगत के अनुभवों को समझने का अवसर मिला।
सुमित प्रियाणी ने हिताची डिजिटल और संयुक्त हिताची डिजिटल सर्विसेज तथा ग्लोबललॉजिक संगठन के सीआईओ की जिम्मेदारी संभाली है। उनके पास वैश्विक टेक्नोलॉजी नेतृत्व का 25 वर्षों से अधिक अनुभव है।
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सुमित प्रियाणी ने हिताची (Hitachi) में हिताची डिजिटल (Hitachi Digital) और संयुक्त हिताची डिजिटल सर्विसेज तथा ग्लोबललॉजिक (Hitachi Digital Services and GlobalLogic) संगठन के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर यानी सीआईओ (CIO) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।
सुमित के पास वैश्विक स्तर पर नेतृत्व का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड मॉडर्नाइजेशन, डेटा और एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म, गवर्नेंस, कंप्लायंस, साइबर रेजिलिएंस और ग्लोबल टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस में विशेषज्ञता हासिल है।
उनके काम का मुख्य फोकस टेक्नोलॉजी निवेश को कारोबारी प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सिस्टम को आधुनिक बनाना और कारोबार के लिए मापने योग्य परिणाम हासिल करना रहा है।
हिताची से जुड़ने से पहले सुमित अमेरिका में ईएक्सएल (EXL) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2026 तक यह जिम्मेदारी संभाली। वह कंपनी की ग्लोबल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य भी रहे।
सीआईओ बनने से पहले सुमित ने जून 2014 से अक्टूबर 2022 तक ईएक्सएल में वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल हेड ऑफ टेक्नोलॉजी की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले जुलाई 2012 से जून 2014 तक वह वाइस प्रेसिडेंट – टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज और आईटी सर्विस मैनेजमेंट के पद पर कार्यरत रहे।
सुमित इससे पहले कैपजेमिनी (Capgemini), जिसे पहले आईगेट पटनी (iGATE Patni) के नाम से जाना जाता था, में एक दशक से अधिक समय तक रहे। उन्होंने जुलाई 2002 से जुलाई 2012 तक यहां हेड ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में काम किया। इस भूमिका में उन्होंने कई देशों में ग्लोबल टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस और सर्विस डिलीवरी का नेतृत्व किया।
कनेक्ट ने शिप्रा चिंचणकर को नेशनल प्लानिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। वह देशभर में प्लानिंग फंक्शन का नेतृत्व करेंगी और ब्रांड व बिजनेस से जुड़े रणनीतिक नजरिए को मजबूत करेंगी।
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ओमनीकॉम एडवरटाइजिंग इंडिया (Omnicom Advertising India) का हिस्सा कनेक्ट (Kinnect) ने शिप्रा चिंचणकर को नेशनल प्लानिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह देशभर में प्लानिंग फंक्शन का नेतृत्व करेंगी। उनकी जिम्मेदारी कनेक्ट के काम में ब्रांड और बिजनेस से जुड़े रणनीतिक नजरिए को और मजबूत करना होगी।
शिप्रा कनेक्ट एंड 22फीट (Kinnect & 22feet) की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर चांदनी शाह को रिपोर्ट करेंगी। उन्हें रणनीति और प्लानिंग के क्षेत्र में 19 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पूर्ववर्ती एफसीबी उल्का (FCB Ulka), जेडब्ल्यूटी (JWT) और लोवे लिंटास (Lowe Lintas) जैसी प्रमुख एजेंसियों के साथ काम किया है।
उनके करियर में ब्रांड आर्किटेक्चर, नए बाजारों में लॉन्च और अलग-अलग श्रेणियों में कारोबार बढ़ाने से जुड़े काम शामिल रहे हैं। उन्होंने अमूल (Amul), टाटा टेलीसर्विसेज (Tata Teleservices), टीसीएस (TCS), गुड नाइट (Good Knight) और पराग मिल्क फूड्स (Parag Milk Foods) जैसे ब्रांड्स के साथ काम किया है।
पूर्ववर्ती लोवे लिंटास में 13 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने यूनिलीवर (Unilever) के पोर्टफोलियो पर बड़े स्तर पर काम किया। इसमें सर्फ एक्सेल (Surf Excel), विम (Vim), ग्लो एंड लवली (Glow & Lovely) और नॉर (Knorr) जैसे ब्रांड शामिल रहे।
उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में रमजान और होली के अवसर पर सर्फ एक्सेल के लिए तैयार किए गए चर्चित अभियान शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत में हर्शीज (Hershey’s) के चॉकलेट पोर्टफोलियो की लॉन्चिंग, कॉम्प्लान (Complan) के पुनर्गठन और प्रूडेंशियल हेल्थ (Prudential Health) की भारत में लॉन्चिंग में भी योगदान दिया है।
नोवा भोजवानी ने हिताची में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा यानी बीएफएसआई की प्रमुख जिम्मेदारी संभाली है। वह इससे पहले नेस डिजिटल इंजीनियरिंग में ग्लोबल इंडस्ट्री हेड थीं।
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नोवा भोजवानी ने हिताची (Hitachi) में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा यानी बीएफएसआई (BFSI) की प्रमुख के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह नेस डिजिटल इंजीनियरिंग (Ness Digital Engineering) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल इंडस्ट्री हेड-फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस तथा जीसीसी के पद पर थीं।
भोजवानी ने करीब तीन साल नेस में काम करने के बाद हिताची से जुड़ने की जानकारी साझा की। इस दौरान उन्होंने कंपनी के वैश्विक वित्तीय सेवाओं और बीमा कारोबार के विकास का नेतृत्व किया। नेस निजी इक्विटी फर्म केकेआर (KKR) के पोर्टफोलियो की कंपनी है।
अपने कार्यकाल को याद करते हुए भोजवानी ने नेस में मिले सीखने और आगे बढ़ने के अवसरों के लिए आभार जताया। उन्होंने केकेआर की निवेश प्रक्रिया और वैल्यू क्रिएशन रणनीति का भी उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने अपने सहयोगियों, नेतृत्व टीम, ग्राहकों और साझेदारों को धन्यवाद दिया।
नेस में हालिया कार्यकाल से पहले भोजवानी 2019 से जुलाई 2023 तक टेट्रासॉफ्ट इंक. (Tetrasoft Inc.) में चीफ रेवेन्यू ऑफिसर थीं। यहां उन्होंने वैश्विक कारोबार के विकास और रणनीति का नेतृत्व किया। उनका फोकस बीमा, स्वास्थ्य सेवा और तकनीक आधारित क्षेत्रों के लिए डिजिटल समाधानों पर था। उन्होंने प्रॉपर्टी एंड कैजुअल्टी इंश्योरेंस और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए गो-टू-मार्केट रणनीतियां तैयार कीं और नए कारोबारी अवसरों के लिए साझेदारियां विकसित कीं।
इससे पहले वह मार्लैब्स (Marlabs) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड के रूप में काम कर चुकी हैं। वहां उनकी जिम्मेदारी बिक्री, लाभप्रदता, रणनीतिक खातों और नए ग्राहकों को जोड़ने की थी। उन्होंने कारोबार बढ़ाने की रणनीतियों, साझेदारियों और मजबूत बिक्री टीम तैयार करने पर भी काम किया।
भोजवानी ने इससे पहले नेस डिजिटल इंजीनियरिंग में करीब पांच साल तक बिक्री और बिजनेस डेवलपमेंट से जुड़ी नेतृत्व भूमिकाएं भी निभाईं। उन्होंने कई भौगोलिक क्षेत्रों में रणनीतिक ग्राहकों और कारोबारी विकास से जुड़े प्रयासों का नेतृत्व किया। इस दौरान उनका फोकस डिजिटल सेवाओं, डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड, एनालिटिक्स और प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट पर रहा।
उनके शुरुआती करियर में बिरलासॉफ्ट (Birlasoft) में वरिष्ठ बिक्री भूमिकाएं शामिल हैं, जहां उन्होंने रणनीतिक सौदों और बीमा कारोबार का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने अनुबंध के तहत जीई (GE) और महिंद्रा सत्यम (Mahindra Satyam) में क्लाइंट मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं।
हिताची में नई भूमिका के साथ भोजवानी एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी बिक्री, कारोबारी रणनीति, क्लाइंट पार्टनरशिप और बिजनेस ग्रोथ लीडरशिप का व्यापक अनुभव लेकर आई हैं।
सोनाली माथुर ने एबॉट में ग्लोबल हेड ऑफ डेटा एंड एनालिटिक्स की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब एक दशक तक जनरल मोटर्स में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
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सोनाली माथुर (Sonali Mathur) ने एबॉट (Abbott) में ग्लोबल हेड ऑफ डेटा एंड एनालिटिक्स की नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब एक दशक तक जनरल मोटर्स (General Motors) यानी जीएम (GM) में अलग-अलग लीडरशिप रोल में काम कर चुकी हैं। यहां उन्होंने डेटा टेक्नोलॉजी, डेटा गवर्नेंस, एनालिटिक्स और कस्टमर एक्सपीरियंस से जुड़े क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली।
माथुर ने मार्च 2022 से दिसंबर 2024 तक जनरल मोटर्स में हेड ऑफ डेटा टेक्नोलॉजी एंड ऑपरेशंस–ग्लोबल मार्केटिंग के रूप में काम किया। इससे पहले जनवरी 2021 से मार्च 2022 तक वह एसोसिएट डायरेक्टर और हेड ऑफ डेटा एनेबलमेंट के पद पर थीं।
नवंबर 2019 से दिसंबर 2020 के बीच उन्होंने जनरल मोटर्स में सीनियर मैनेजर, डेटा गवर्नेंस एंड प्राइवेसी की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह कस्टमर एक्सपीरियंस प्रोग्राम्स में सीनियर डेटा एंड टेक्नोलॉजी मैनेजर और ग्लोबल कनेक्टेड कस्टमर एक्सपीरियंस में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के तौर पर भी काम कर चुकी हैं।
जनरल मोटर्स में माथुर के अनुभव में शंघाई में कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए ग्लोबल आईटी लीड की भूमिका भी शामिल रही। इसके अलावा उन्होंने उत्तरी अमेरिका में डेटा से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं।
जनरल मोटर्स से पहले माथुर ने सितंबर 2009 से जून 2011 तक कम्प्यूवेयर (Compuware) में डेटा वेयरहाउस टेक लीड के रूप में काम किया। यहां उन्होंने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफसाइकिल के दौरान 30 से अधिक एंटरप्राइज डेटा वेयरहाउस कंपोनेंट्स का मैनेजमेंट किया।
माथुर ने अपने करियर की शुरुआत महिंद्रा सत्यम (Mahindra Satyam) में सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में की थी। वर्ष 2006 से 2008 के बीच उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में काम किया।
एबॉट में नई भूमिका के तहत माथुर डेटा और एनालिटिक्स से जुड़ी ग्लोबल जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके अनुभव में एंटरप्राइज डेटा स्ट्रैटेजी, डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी, टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस और एनालिटिक्स आधारित बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन शामिल है।
प्रसार भारती ने डीडी न्यूज और डीडी इंडिया के लिए कॉरेस्पॉन्डेंट (संवाददाता) के पद पर भर्ती निकाली है। यह नियुक्ति गोवा की राजधानी पणजी में की जाएगी।
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प्रसार भारती ने डीडी न्यूज और डीडी इंडिया के लिए कॉरेस्पॉन्डेंट (संवाददाता) के पद पर भर्ती निकाली है। यह नियुक्ति गोवा की राजधानी पणजी में की जाएगी। इस पद के लिए अनुभवी और योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। चयनित उम्मीदवार को हर महीने 60,000 रुपये से 80,000 रुपये तक वेतन दिया जाएगा। यह नियुक्ति एक साल के अनुबंध पर होगी।
प्रसार भारती सचिवालय की ओर से 13 अक्टूबर, 2026 को जारी नोटिस के मुताबिक, इस भर्ती के तहत एक पद भरा जाएगा। उम्मीदवारों को प्रसार भारती की आधिकारिक आवेदन वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
शैक्षणिक योग्यता और अनुभव
इस पद के लिए उम्मीदवार के पास पत्रकारिता, जनसंचार या संबंधित क्षेत्र में डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी विषय में स्नातक होने के साथ पत्रकारिता, जनसंचार या संबंधित क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या मास्टर डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। डिग्री किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से होनी चाहिए।
उम्मीदवार को हिंदी और कोंकणी, दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है। अंग्रेजी भाषा का ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
आवेदक के पास संबंधित क्षेत्र में कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए। नोटिस जारी होने की तारीख तक उम्मीदवार की उम्र 40 साल से कम होनी चाहिए।
क्या होगा काम?
चयनित उम्मीदवार को मौके पर जाकर खबरें जुटाने और उन्हें न्यूजरूम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके साथ ही लाइव प्रसारण के दौरान कार्यक्रमों की मेजबानी करना, इंटरव्यू लेना और खबरों से जुड़े छोटे वीडियो अंश तैयार करना भी काम का हिस्सा होगा।
उम्मीदवार को खबरें और कार्यक्रम लिखने, अपनी आवाज में रिकॉर्ड करने और उनके संपादन से जुड़े काम करने होंगे। सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए सामग्री और हैशटैग भी तैयार करने होंगे।
इसके अलावा, भारत और विदेशों में अलग-अलग तरह की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करना, खबरों की योजना बनाना, संबंधित जगहों और लोगों तक पहुंच बनाना तथा सटीक, रोचक और जानकारीपूर्ण समाचार तैयार करना भी जिम्मेदारी में शामिल होगा। जरूरत के मुताबिक न्यूजरूम से जुड़े अन्य काम भी करने पड़ सकते हैं।
एक साल का होगा अनुबंध
यह नियुक्ति पूरी तरह अनुबंध के आधार पर होगी। शुरुआत में अनुबंध की अवधि एक साल रखी गई है। उम्मीदवार के काम की सालाना समीक्षा की जाएगी और जरूरत व प्रदर्शन के आधार पर अनुबंध आगे बढ़ाया जा सकता है।
नियुक्त व्यक्ति को पूरे समय इस पद पर काम करना होगा। अनुबंध की अवधि के दौरान वह कोई दूसरा काम या असाइनमेंट नहीं ले सकेगा। प्रसार भारती जरूरत के अनुसार चयनित उम्मीदवार को उसकी तय जिम्मेदारियों के अलावा अन्य काम भी सौंप सकता है।
नियुक्ति को किसी भी पक्ष की ओर से एक महीने का नोटिस देकर या उसके बदले एक महीने का वेतन देकर समाप्त किया जा सकता है। इस अनुबंध के आधार पर उम्मीदवार को पेंशन से जुड़ा कोई लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, भविष्य में प्रसार भारती में नियमित नियुक्ति का दावा भी नहीं किया जा सकेगा।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार प्रसार भारती की आधिकारिक आवेदन वेबसाइट https://avedan.prasarbharati.org पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
नोटिस के मुताबिक, आवेदन समाचार पत्र में भर्ती सूचना प्रकाशित होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर करना होगा। उम्मीदवारों को सभी जरूरी दस्तावेजों की पूरी और स्पष्ट प्रतियां अपलोड करनी होंगी। अधूरे या अस्पष्ट दस्तावेज जमा करने पर आवेदन बिना किसी सूचना के खारिज किया जा सकता है।
प्रसार भारती जरूरत के अनुसार पदों की संख्या घटाने या बढ़ाने का अधिकार रखता है। संस्था शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की परीक्षा और/या इंटरव्यू भी ले सकती है। इसमें शामिल होने के लिए यात्रा भत्ता या दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा। केवल शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से ईमेल के जरिए संपर्क किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन में किसी तरह की परेशानी होने पर उम्मीदवार avedanhelpdesk@gmail.com और ddnewshrcell@prasarbharati.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं। ईमेल के साथ समस्या का स्क्रीनशॉट भी भेजना होगा।
ध्यान दें: आवेदन की अंतिम तारीख की गणना समाचार पत्र में भर्ती सूचना के प्रकाशन की तारीख से की जाएगी, न कि केवल नोटिस जारी होने की तारीख से।
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महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने खाद्य पदार्थों के भंडारण और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों पर जांच तेज कर दी है।
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Samachar4media Bureau
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने खाद्य पदार्थों के भंडारण और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों पर जांच तेज कर दी है। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां सामने आने के बाद प्रशासन ने पुणे जिले के चाकण स्थित रिलायंस रिटेल के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द कर दिया है। वहीं, खेड़ तालुका के निघोजे में Blinkit से जुड़े एक केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और उसका कामकाज रोक दिया गया है।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई का दायरा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रिलायंस रिटेल और जोमैटो हाइपरप्योर से जुड़े वेयरहाउस तक भी पहुंचा है। पुणे और ठाणे जिलों में इन केंद्रों की जांच की गई है। प्रशासन को इस बात का संदेह है कि इस्तेमाल के लायक नहीं बचे, खराब या अस्वीकृत खाद्य पदार्थ, जिन्हें नष्ट किया जाना था, कहीं दोबारा बाजार में तो नहीं पहुंचाए गए।
इस व्यापक कार्रवाई के दौरान FDA ने 48.08 लाख रुपये कीमत का 8,392 किलोग्राम सामान जब्त किया। इसके अलावा, पांच वेयरहाउस के लाइसेंस निलंबित किए गए और बिना लाइसेंस चल रहे दो प्रतिष्ठानों को काम बंद करने का आदेश दिया गया।
रिलायंस के वेयरहाउस में चूहे और कॉकरोच मिलने का दावा
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को पुणे जिले के चाकण स्थित रिलायंस रिटेल के वेयरहाउस की जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने वहां चूहों की गतिविधियां देखीं। फर्श की दरारों में कॉकरोच भी मिले। इसके अलावा, कर्मचारियों के परिसर के अंदर थूकने की बात भी जांच में सामने आई।
अधिकारियों के मुताबिक, वेयरहाउस में एक्सपायरी डेट निकल चुके और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को दूसरे सामान से अलग नहीं रखा गया था। केंद्र के पास ऐसा सत्यापित प्रमाण भी नहीं था, जिससे यह साबित हो सके कि एक्सपायरी हो चुके सामान को नियमों के मुताबिक नष्ट किया गया है। हालांकि, वेयरहाउस ने कचरा निपटाने वाली एक एजेंसी के साथ समझौता होने की जानकारी दी थी।
इन खामियों के बाद FDA ने 15 अक्टूबर को वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके बाद नॉर्थ महालुंगे MIDC पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई।
Blinkit से जुड़े केंद्र में भी मिलीं खामियां
14 अक्टूबर को ही खेड़ तालुका के निघोजे में Linkit Commerce Pvt Ltd द्वारा संचालित एक वेयरहाउस की भी जांच की गई। इस केंद्र में खाद्य पदार्थों के भंडारण और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर सवाल उठे।
FDA के अधिकारियों को वहां खाद्य पदार्थों के पैकेट लीक होते मिले और कॉकरोच की समस्या भी सामने आई। जांच में कोल्ड रूम का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक पाया गया। वेयरहाउस जरूरी तापमान पर सामान रखे जाने का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं करा सका।
भंडारण के तरीके में भी खामियां मिलीं। कच्चे और दूसरे खाद्य पदार्थों को एक साथ रखा गया था। अधिकारियों ने टाटा नमक के 50 किलोग्राम और सूजी के 60 किलोग्राम पैकेट सीधे फर्श पर रखे हुए पाए।
करीब 600 कर्मचारियों में से सिर्फ पांच ने लिया था प्रशिक्षण
वेयरहाउस में कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर भी चिंता जताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां काम करने वाले करीब 600 कर्मचारियों में से केवल पांच ने खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन (FoSTaC) कार्यक्रम पूरा किया था।
FDA ने 15 अक्टूबर को इस केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इस मामले में साउथ महालुंगे MIDC पुलिस स्टेशन में भी FIR दर्ज की गई।
एक्सपायरी और खराब सामान दोबारा बाजार में पहुंचने की जांच
दोनों वेयरहाउस के खिलाफ कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब FDA उन खाद्य पदार्थों के निपटान की व्यापक जांच कर रहा है, जिन्हें बिक्री के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया था या जिन्हें नष्ट किया जाना था। इस कैंपेन के तहत पुणे और ठाणे में बड़े खुदरा कारोबारियों और खाद्य डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से जुड़े केंद्रों की जांच की गई है।
नियामक को संदेह है कि नष्ट करने के लिए एजेंसियों को सौंपा गया एक्सपायरी, खराब या अस्वीकृत सामान बिचौलियों या बिना अनुमति वाले केंद्रों के जरिए दोबारा आपूर्ति श्रृंखला में पहुंचाया गया हो सकता है। FDA इसी आशंका की जांच कर रहा है कि ऐसा सामान कहीं फिर से बाजार में तो नहीं बेचा गया।
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA की हालिया कार्रवाइयों में वेयरहाउस और खाद्य पदार्थों को संभालने वाले दूसरे केंद्रों में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर खास ध्यान दिया जा रहा है।