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विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहा पत्रकार गिरफ्तार, लगा आतंकवाद का आरोप
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने वाले वरिष्ठ पत्रकार मतिउल्लाह जान को गिरफ्तार कर लिया गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
पाकिस्तान से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने वाले वरिष्ठ पत्रकार मतिउल्लाह जान को गिरफ्तार कर लिया गया। सबसे हैरानी की बात यह है कि उनके साथ उनके सहयोगी साकिब बशीर को भी हिरासत में लिया गया और दोनों पर आतंकवाद का गंभीर आरोप लगाया गया। इस गिरफ्तारी की पुष्टि उनके वकील इमान मजारी ने की है।
मतिउल्लाह जान को रावलपिंडी आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ताहिर अब्बास सिप्रा ने पत्रकार को दो दिन की रिमांड पर रखने की अनुमति दे दी। दरअसल, पुलिस ने 30 दिन की रिमांड देने के अनुरोध किया था।
सेना के प्रभाव के आलोचक और गिरफ्तारी का कारण
मतिउल्लाह जान पाकिस्तान के प्रमुख टीवी पत्रकारों में से एक हैं और अपने शो के जरिए पाकिस्तानी राजनीति में सेना के प्रभाव की आलोचना के लिए जाने जाते हैं। गिरफ्तारी से ठीक पहले उन्होंने एक शो में सरकारी दावों का खंडन करते हुए अस्पताल के रिकॉर्ड दिखाए थे। इन रिकॉर्ड्स से पता चला कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों ने गोलियां चलाई थीं, जबकि सरकार ने इससे इनकार किया था।
सहयोगी को बंधक बनाकर छोड़ा गया
साकिब बशीर ने बताया कि दोनों को इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) की पार्किंग से हथियारबंद लोगों ने उठाया। उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और एक कार में डाल दिया गया। तीन घंटे बाद साकिब को सड़क किनारे छोड़ दिया गया, लेकिन मतिउल्लाह जान अब भी हिरासत में हैं। बशीर के मुताबिक, वे विरोध प्रदर्शन में मारे गए लोगों के आंकड़े जुटा रहे थे।
परिवार ने की रिहाई की मांग
मतिउल्लाह जान के बेटे अब्द-उ-रज़ाक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने पिता की रिहाई की मांग की। वकील इमान मजारी का कहना है कि जान पर आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और पुलिस पर हमला करने जैसे बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले में इस्लामाबाद पुलिस और सूचना मंत्रालय से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जान की रिपोर्ट ने सरकारी दावों पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और सुरक्षाकर्मियों की मौत के संबंध में जांच की मांग की थी।
पीटीआई का प्रदर्शन और मौत का दावा
यह विवाद इमरान खान की पार्टी पीटीआई द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें चार सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि हुई थी। पीटीआई ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोगों को गोली मारी गई और 8 से 40 लोगों की मौत हुई।
पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना पर पाकिस्तान में पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने चिंता जताई है और मतिउल्लाह जान की तत्काल रिहाई की मांग की है। यह मामला न केवल पत्रकारों की सुरक्षा बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़ा करता है।
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