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‘ZEE यूपी-उत्तराखंड’ ने की आगरा के 'विकास' की बात, उपमुख्यमंत्री के साथ...
आगरा एक ऐतिहासिक शहर है, जिसके प्रमाण यह अपने चारों ओर समेटे हुए है...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आगरा एक ऐतिहासिक शहर है, जिसके प्रमाण यह अपने चारों ओर समेटे हुए है। दुनिया का सातवां अजूबा भी आगरा में ही है और ‘ताजमहल’ के नाम से मशहूर है। ऐसे में आगरा के विकास की बात हर बार होती है, लेकिन असल में क्या विकास हो रहा है? शहर के अपने मुश्किलात कितने हैं और कितनों पर काम हुआ है? इस तरह के तमाम सवालों का हल ढूंढने के लिए जी समूह के रीजनल न्यूज चैनल ‘ZEE यूपी-उत्तराखंड’ ने आयोजित किया एक ऐसा दिवसीय कार्यक्रम (आगरा के 'विकास' की बात), जिसमें यहां की सरकार और जिम्मेदार मंत्रियों व नामचीन हस्तियों के साथ की गई आगरा के 'विकास' की बात।
चैनल पर लाइव कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे से शुरू हुआ और शुरुआत यूपी के उपमुख्यमंत्री व आगरा के प्रभारी मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के साथ वार्तालाप के जरिए हुई। कार्यक्रम को ‘जी यूपी-उत्तराखंड’ व ‘जी छत्तीसगढ़’ चैनल के एडिटर दिलीप तिवारी ने होस्ट किया।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का कहना था कि उनकी सरकार आने से पहले उत्तर प्रदेश ऐसा प्रदेश बन चुका था, जहां पर कई शिलान्यास हुए, कई योजनाओं की घोषणाएं हुईं और कई जगह पत्थर भी लगे, लेकिन इनका लोकार्पण नहीं हुआ।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में विभिन्न ऐतिहासिक इमारतें हैं, उसे ताज नगरी भी कहा जाता है। हालांकि ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) के कारण यहां के कई उद्योग भी प्रभावित हुए हैं, लेकिन सरकार ने नियोजन के कई उपाय भी किए हैं और इस दिशा में कई अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर मुहैया कराए जा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों के साथ सरकार आगरा के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और इस दिशा में काफी काम भी किए जा रहे हैं। आगरा के विकास को दो हजार करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं, ताकि यहां सफाई व्यवस्था बेहतर की जा सके, इंटरनेट की कनेक्टिविटी बेहतर की जा सके और अतिक्रमण हटाया जा सके।
दिनेश शर्मा का कहना था कि छह माह के अंदर आगरा का कायाकल्प हो जाए, इस दिशा में हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि एक साल में हमने काफी बदलाव भी किया है। इस दौरान गंदे नाली के पानी का डायवर्जन किया है। नालों के किनारे चारदीवारी भी की गई है। यहां कांक्रीट की सड़कें और पेड़-पौधे लगाने का काम भी शुरू हुआ है।
उपमुख्यमंत्री का कहना था कि आगरा की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज की है और दूसरी परेशानी यहां का खारा पानी है। पानी की समस्या को दूर करने के लिए नरौरा से गंगाजल लाने के लिए 345 एमएलडी का प्लांट लगाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ी है और गंगाजल यहां आने पर समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। उन्होंने दिसंबर में आगरा में गंगाजल का इस्तेमाल शुरू होने की संभावना जताई।
उनका कहना था कि सरकार इस दिशा में भी प्रयासरत है कि यहां छोटे उद्योग पनपें, इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का कैसे नियोजन हो, उनकी वैकल्पिक व्यवस्था क्या हो, कूड़े का निस्तारण कैसे हो? के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है। नगर निकायों में लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की दिशा में भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आगरा में सफाई व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में भी सरकार काफी ध्यान दे रही है। इसके अलावा इसे एजुकेशन हब बनाने की भी तैयारी है, कुछ बड़े संस्थान खुले हैं और कुछ अभी खोले जाने हैं। आगरा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नकल पर रोक लगाने के साथ ही यहां का शैक्षिक सत्र भी नियमित हुआ है। उन्होंने कहा कि आगरा ही नहीं, पूरे प्रदेश में समग्र विकास की अवधारणा साकार रूप ले रही है। उद्योगों की सुविधा के लिए बैंक लोन को दस लाख से एक करोड़ तक ले जाने की दिशा में भी सरकार प्रयासरत है और इस दिशा में काफी सफलता भी मिली है।
यह पूछे जाने पर कि लोग विदेश जाते हैं तो यादें लेकर आते हैं, लेकिन आगरा के लिए सरकार ऐसा क्या कर रही है कि लोग यहां से भी यादें लेकर जाएं? दिनेश शर्मा का कहना था कि सरकार यहां म्यूजियम बनाने की तैयारी कर रही है। इसमें आगरा के इतिहास से लेकर यहां की ऐतिहासिक इमारतों का महत्व दिखा सकें, इसकी तैयारी है। वहीं, पर्यटकों को सांस्कृतिक गतिविधियां देखने को मिलें, उच्च शिक्षा मिले, बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले व खानपान की व्यवस्था भी अच्छी हो, इस दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
आगरा के बारे में अपनी तीन प्राथमिकताएं बताते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि इसे पर्यावरण और प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा। दूसरी बात, इसे आधुनिक संसाधनों के साथ ही रोजगार युक्त बनाना और तीसरी प्राथमिकता शिक्षा और चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाना है। वहीं, अपने विजन के बारे में उपमुख्यमंत्री का कहना था कि वे पिछली सरकार की तरह सिर्फ शिलान्यास ही नहीं करेंगे, बल्कि लोकार्पण भी करेंगे और इस दिशा में वे आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि अंत में उन्होंने कार्यक्रम में देर से पहुंचने के लिए माफी भी मांगी और कहा कि वैसे तो वे किसी कार्यक्रम में देर से नहीं पहुंचते, लेकिन इस कार्यक्रम में थोड़ी देरी से पहुंचने के लिए माफी मांगता हूं।
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता में आगरा पहले भी शामिल था, अब भी है और आगे भी रहेगा। आगरा विश्व स्तर पर प्रसिद्ध शहर है, दूर-दूर से यहां पर्यटक आते हैं। आगरा का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है और विकास की रफ्तार में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। चूंकि आगरा में भी प्रदूषण की काफी गंभीर समस्या है। ऐसे में दिवाली पर पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को लेकर केशव प्रसाद ने कहा कि इस दिशा में संतुलन होना चाहिए। त्योहार और प्रदूषण दोनों को ही ध्यान में रखकर चलना होगा। हालांकि लोग भी काफी जागरूक हैं।
उनका कहना था कि प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ताजमहल को लेकर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि समय सीमा का निर्धारण किया है और लोग भी इस बात को अच्छी तरह समझते हैं और वे इसका पालन करेंगे। ताजमहल की पहचान पूरे विश्व में सातवें अजूबे के रूप में है। यहां देश-विदेश से काफी पर्यटक आते हैं, जिससे देश की जीडीपी भी बढ़ती है। ऐसे में ताजमहल का स्वरूप किसी हालत में न बिगड़े, ताकि यहां ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आएं, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
आगरा में सिर्फ ताजमहल ही नहीं है, बल्कि यहां तमाम उद्योग भी हैं। जूता उद्योग के साथ यहां पेठा उद्योग भी है। इन्हें और आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि जब जिले का विकास होगा तो प्रदेश का और फिर देश का विकास होगा। रही बात आगरा के विकास की तो यहां के सांसद, विधायक और मेयर भाजपा के हैं, जिन्हें जनता ने समर्थन देकर जिताया है। ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि आगरा को विकास के पथ पर आगे ले जाएं और विश्वस्तरीय बनाएं।
यमुना की सफाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यमुना का विकास सरकार की प्राथमिकता में है, हमें पेयजल भी इससे मिलता है। ऐसे में परिस्थितियों के हिसाब से चीजें दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए समय सीमा अभी तय नहीं की जा सकती है। मौर्य ने अयोध्या में रामलला के स्थान के बारे में कहा कि वहां जब भी बनेगा, तो सिर्फ राममंदिर ही बनेगा। इस मामले में सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार हो रहा है। अपनी निजी राय के बारे में उन्होंने कहा कि एक रामभक्त होने के नाते वे चाहते हैं कि राममंदिर जल्द से जल्द बने।
यह पूछे जाने पर कि दिल्ली से करीब होने का भी आगरा को लाभ नहीं मिला है, जबकि दिल्ली के आसपास के शहरों का काफी विकास हुआ है, मौर्य का कहना था कि दरअसल, पिछली सरकारों के एजेंडे में विकास शामिल नहीं था, लेकिन हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़े थे और विकास के मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि डेढ़ साल में प्रदेश सरकार ने विकास के लिए काफी काम किया है और सरकारी खजाने का मुंह खोल रखा है। आगरा के लिए रोडमैप के बारे में मौर्य का कहना था, ‘प्राकृतिक रूप से संतुलन बनाना पड़ेगा और विकास के कामों को आगे बढ़ाना होगा। इस बारे में सरकार तो अपनी तरफ से प्रयास करेगी, लोगों को भी आगे आना चाहिए।’
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