FICCI के सम्मेलन में उदय शंकर ने मीडिया इंडस्ट्री को लेकर जताई ये उम्मीद

‘भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ’ (FICCI) फ्रेम्स के 20वें एडिशन की शुरुआत...

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Tuesday, 12 March, 2019
Uday Shankar

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ’ (FICCI) फ्रेम्स के 20वें एडिशन की शुरुआत काफी धूमधाम से हुई। तीन दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन में पूरे मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर जैसे-फिल्म्स, ब्रॉडकास्ट (टीवी और रेडियो), प्रिंट मीडिया, डिजिटल एंटरटेनमेंट, एडवर्टाइजमेंट आदि से जुड़े दिग्गज शामिल हुए।

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में ‘फिक्की’ के वाइस प्रेजिडेंट उदय शंकर ने कहा, ‘यह काफी गौरवशाली और भावुक पल है, क्योंकि फिक्की फ्रेम्स अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। करीब 20 साल पहले जब कुछ दूरदर्शी लोगों ने मीडिया और एंटरटेनमेंट कम्युनिटी के लिए इस तरह का प्लेटफॉर्म तैयार करने का फैसला लिया था, तब न तो भारतीय मीडिया और न ही फ्रेम्स आज जैसी स्थिति में था। ये 20 साल दोनों के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ’20 साल पहले के मुकाबले मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री आज काफी आगे बढ़ चुकी है और फिक्की फ्रेम्स को उस समय ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया था, जहां पर मीडिया और एंटरटेनमेंट कम्युनिटी आपस में बैठकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर सके, लेकिन आज यह काफी विस्तार कर चुका है। आज के समय में मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री रोजगार, संपत्ति और स्वास्थ्य जैसे राष्ट्रीय सपनों को पूरा करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है और यह आने वाले समय में न्यू इंडिया में अपनी अहम भूमिका निभा सकता है।’

कार्यक्रम के बारे में पूरी रिपोर्ट आप यहां देख सकते हैं-

The 20th Edition of FICCI Frames is a three day global convention covering the entire gamut of Media & Entertainment like Films, Broadcast (TV & Radio), Print Media, Digital Entertainment, Advertisement, Live Entertainment Events, Digital & New Media, Animation, Gaming, Visual Effects, etc. It is attended by nearly 2000 Indian and 800 foreign delegates encompassing the entire universe of media and entertainment. It attracts not only the industry stakeholders from across the world, but also the government policy makers from India and abroad.

Here are the opening remarks by Uday Shankar, Vice President, FICCI at 20 years of FICCI Frames:

“Welcome to FICCI Frames 2019. It is a proud and an emotional moment because this is the 20th anniversary of Frames. Two decades ago when some visionaries decided to create this platform for the media & entertainment community, neither the Indian media nor Frames was what it is today. These 20 years have been a spectacular roller coaster ride for both. From being a very small and somewhat fragile media & entertainment industry 20 years ago, today it is a source of global ambition and envy and so is FICCI Frames. Frames was envisioned to be a platform where the media & entertainment community could get together to discuss its issues. Given the scale at which it is today, it would do its visionary founders very proud. Over time, Frames has become the most meaningful platform for media & entertainment community in this part of the world. Attempts to clone it can at best be described as unrealised ambitions. My heartiest congratulations to FICCI and team Frames, led by Leena Jaisani, who have been relentless in their passion and their commitment. This would not have been possible without all of you. On behalf of the entire media & entertainment community, I salute you all.

The transformation in the media & entertainment industry in India in the last 20 years has been mind boggling to say the least. It is one of the major media markets in the world now. It is also one of the most exciting media markets anywhere in the world with every major global company trying to give shape to its ambition in India, and with the Indian companies challenging them very vigorously.

So what does the journey ahead look like? We will hear the views of accomplished experts and practitioners over the next three days. But in my humble opinion, the great Indian media & entertainment story has just begun. We are standing at an inflexion point. We can either sit on our laurels or we can use the winds of change to fill our sails and embark on an even more exciting and glorious journey. We need to recognise the power of this creative sector in helping realise the national aspirations. Indian media & entertainment industry is ready to contribute more actively and more substantially than probably any other sector to the national dream of creating jobs, assets and wealth. What’s more is that we are also in a position to be the flag bearers of a brand new India all over the world. We are already seeing the innovations that are taking place in this country in the domain of Sports, or in Digital, where Indian creativity is being talked about globally and attracting the interest of one and all. However, we need to make sure that our policies are aligned to accelerate creativity and growth. Wherever we find drags, we should be able to step in and align them while making sure that the larger social interest is always at the front and center. At the same time, we also need to make sure that in the name of social or national interest we do not waste the potential of this industry. That would not just be a disappointment but also very unfair to the world of good that this industry can do to the crores of people of this country who can benefit directly from it.

I shall stop dwelling further on this subject because that is what you are going to hear from a series of illustrious speakers over the next three days. Before finishing, I would just like to highlight that this has been a very successful year for the FICCI media & entertainment committee. The committee has been instrumental in bringing about some key reforms for the industry, including a downward revision in the GST slab for entertainment services and the tabling of the anti cam-cording provisions under the Cinematograph Act. It marks a very satisfying year for me as the Chairman of the committee and I would like to congratulate all those who have been involved."

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'IMPACT Person of the Year' के नाम से उठा पर्दा, जानें किसे मिला अवॉर्ड

‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ हर साल एक्सचेंज4मीडिया समूह द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को दिया जाता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 21 February, 2020
Last Modified:
Friday, 21 February, 2020
ipoy

बहुप्रतीक्षित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ (IMPACT Person of the Year award) के विजेता के नाम से गुरुवार को पर्दा उठ गया। ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर (IMPACT Person of the Year) अवॉर्ड 2019’ का खिताब ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन ने जीता, जो कि हर साल एक्सचेंज4मीडिया समूह द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को दिया जाता है। उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग इकोसिस्टम में क्रांति लाने के लिए यह पुरस्कार जीता है।  मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में 20 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया।

केरल के एक छोटे से गांव से पढ़ाई करने वाले बायजू रविंद्रन ने कोचिंग क्लास से शुरू कर आज ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसके बारे में शायद ही उन्होंने कभी सोचा होगा। रविंद्रन ने सिर्फ 2 लाख रुपए खर्चकर अपनी कोचिंग क्लास शुरू की थी। कोचिंग पढ़ाने के बीच में ही उन्हें एक खास आइडिया आया और उनकी कोचिंग का तरीका बदला और साथ ही उनकी किस्मत भी। आज कोचिंग क्लास से शुरू हो Byju’s इंडिया की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी बन गई है, जिसके फाउंडर बायजू रविंद्रन हैं। उनके ही नेतृत्व में इस स्टार्टअप कंपनी ने एक चमत्कारिक वृद्धि दर्ज की और आज इस कंपनी की मार्केट  वैल्यू 8 बिलियन डॉलर की है।  

दरअसल, रविंद्रन को टीचिंग विरासत में मिली है। उनके माता-पिता भी टीचर थे। बचपन में रविंद्रन का पढ़ाई में मन नहीं लगता था, लेकिन जब बड़े हुए तो खुद टीचर बनने का सपना देखने लगे। पर उन्हें टीचिंग की जॉब नहीं मिली, तो उन्होंने कालीकट यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद एक शिपिंग कंपनी को जॉइन कर लिया। उन्हीं दिनों रविंद्रन को पता चला कि उनके कुछ सहपाठी एमबीए की तैयारी कर रहे हैं तो उन्होंने सोचा, क्यों न वे अपनी नौकरी करते हुए उनकी भी कुछ मदद कर दिया करें। फिर क्या था, पार्ट टाइम वह उन्हें एमबीए की तैयारी भी कराने लगे।

सहपाठियों को मिली सफलता को देख रविंद्रन को कोचिंग क्लास चलाने का पहला आइडिया सूझा। कोचिंग से अच्छी कमाई होने लगी तो वह आसपास के अन्य शहरों में भी जा-जाकर कोचिंग देने लगे। वर्ष 2009 में पहली बार 'कैट' के लिए उन्होंने ऑनलाइन विडियो लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया। इसके बाद उनके दिमाग में इस कोचिंग को एक बड़ी बिजनेस कंपनी बनाने के लिए ऑनलाइन क्लास चलाने का एक और नया आइडिया आया। वह उसे बड़ा प्रोजेक्ट बनाने में जुट गए। शुरुआती दौर में तकनीकी इंफ्रॉस्ट्रक्चर खड़ा कर लेने बाद 2011 में उन्होंने सबसे पहले एक कंपनी के रूप में अपने स्टार्टअप को नाम दिया- बायजू इंडिया (थिंक एंड लर्न)। उसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने अपना फ्लैगशिप प्रोडक्ट ‘BYJU- द लर्निंग ऐप’ भी लॉन्च कर दिया। स्मार्टफोन के जमाने में बस यही प्रयोग उनके लिए गेमचेंजर बन गया। बायजू कन्टेंट को छोटा और आकर्षक बनाकर बच्चों का ध्यान खींचती है।

‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर 2019’ पर टिप्पणी करते हुए कहा एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ.अनुराग बत्रा ने कहा कि बायजू रविंद्रन ने अपने जुनून को ही अपना प्रोफेशन बनाया और 8 बिलियन डॉलर की बायजू कंपनी तैयारी की। निसंदेह बायजू ‘अमेजन ऑफ एजुकेशन ’है। उन्होंने शिक्षा जैसी श्रेणी में एक अद्भुत ब्रैंड बनाकर दिखाया है। बायजू दर्शाता है कि IPOY का क्या मतलब है- इनोवेशन, लीडरशिप, स्केल, गेमचेंजिंग और सहयोगपूर्ण साझेदारी। निकट भविष्य में बायजू भारत से निकलने  वाली एक वैश्विक कंपनी बन सकती है।

गौरतलब है कि इस अवॉर्ड की रेस में ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन के अलावा 6 अन्य नॉमिनी भी मैदान में थे, जिनमें ‘InMobi Group’  के फाउंडर व सीईओ नवीन तिवारी, डब्ल्यूपीपी (WPP) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास, ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India Today Group) की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी, ‘ओयो रूम्स’ (Oyo Rooms) के फाउंडर व सीईओ रितेश अग्रवाल, ‘Affle’ के फाउंडर, चेयरमैन व सीईओ अनुज खन्ना सोहम शामिल थे। इसके अतिरिक्त जॉइंट नामिनी में शामिल थे ‘इंडियामार्ट’ (IndiaMart) के कोफाउंडर व डायरेक्टर ब्रिजेश अग्रवाल और ‘इंडियामार्ट’ के ही को-फाउंडर व सीईओ दिनेश अग्रवाल।

 

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TRAI के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट ने उठाया ये कदम  

केरल हाई कोर्ट ने पहले एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें TRAI को AIDCF के हितों को देखते हुए कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए मना किया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
TRAI

‘ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन’ (AIDCF) और ‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के बीच चल रहे दो मामलों को केरल हाई कोर्ट ने 28 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।

केरल हाई कोर्ट ने पहले एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें TRAI को AIDCF के हितों को देखते हुए कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए मना किया था।

बता दें कि 4 फरवरी को हाई कोर्ट ने यह मामला 18 फरवरी के लिए स्थगित कर दिया था।

वहीं दूसरी तरफ, बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) मामले को 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।

गौरतलब है कि ‘AIDCF’ ने ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के खिलाफ आठ जनवरी को केरल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘AIDCF’ का कहना था कि ब्रॉडकास्टर्स और ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ (DPOs) के बीच प्लेसमेंट, मार्केटिंग समेत अन्य एग्रीमेंट ट्राई के दायरे में नहीं आते हैं।   

वहीं, 9 जनवरी को हाई कोर्ट ने इस मामले को 4 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया था और ट्राई को इस याचिका के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। इस पर ट्राई के वकील की ओर से 1 फरवरी को हलफनामा दायर किया गया था।  

बता दें कि ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन’ (IBF) ने भी ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी हुई है।  

दरअसल, ट्राई ने रेगुलेटर्स को ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ के साथ किए गए सभी तरह के एग्रीमेंट्स की सूचना देने के लिए कहा है। इनमें कॉमर्शियल विवरण, मार्केटिंग, प्लेसमेंट के साथ ही एड स्लॉट्स को लेकर किए गए एग्रीमेंट्स आदि की सूचना देना भी शामिल है। ‘AIDCF’ ने ट्राई के इस कदम को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

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मीडिया के विरोध में सांसद ने लांघी शब्दों की मर्यादा, मचा हंगामा तो मांगी माफी

पत्रकारों को अपने काम के लिए क्या-क्या नहीं सहना पड़ता, इसके बावजूद कभी उन्हें किसी का समर्थक करार दिया जाता है तो किसी का विरोधी।

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Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
dmk

पत्रकारों को अपने काम के लिए क्या-क्या नहीं सहना पड़ता, इसके बावजूद कभी उन्हें किसी का समर्थक करार दिया जाता है तो किसी का विरोधी। कुछ लोग तो पत्रकारों की बुराई में शब्दों की मर्यादा को भी ताक पर रखने से पीछे नहीं हटते। डीएमके सांसद आरएस भारती भी उन्हीं लोगों में से एक हैं। भारती ने मीडिया हाउस और पत्रकारों की तुलना मुंबई के रेड लाइट एरिया से की है। हालांकि, मीडिया संगठनों के तीखे ऐतराज के बाद उन्होंने माफी मांग ली, लेकिन उनके शब्दों में मीडिया के प्रति उनकी सोच झलकती है और उसे माफी से बदला नहीं जा सकता।

दरअसल, सांसद महोदय को लग रहा है कि तमिलनाडु मीडिया उनकी पार्टी के खिलाफ अभियान चला रहा है, ताकि विधानसभा चुनाव में उसे नुकसान पहुंचाया जा सके, इसलिए वह मीडिया से खासे नाराज चल रहे हैं। जब एक पार्टी कार्यक्रम में उन्हें बोलने का मौका मिला, तो मीडिया के खिलाफ मन की भड़ास को उन्होंने झट से निकाल दिया, लेकिन इस फेर में वह इतना ज्यादा बोल गए कि बाद में अपने शब्दों पर खेद जाताना पड़ा।

आरएस भारती ने आरोप लगाया कि पत्रकार तमिलनाडु में डीएमके के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। पार्टी पर मीडिया का हमला तब से तेज हो गया है, जबसे पार्टी ने अपने चुनावी अभियान के लिए प्रशांत किशोर को राजनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। अपनी बात को आगे ले जाते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया हाउस का उद्देश्य सिर्फ पैसा है और वह मुंबई के रेड लाइट एरिया की तरह चल रहे हैं।

मीडिया पर अपनी इस टिप्पणी के बाद सांसद महोदय को चौतरफा विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर जहां पत्रकारों ने उन्हें घेरा, वहीं चेन्नई प्रेस क्लब ने भी कड़ा विरोध दर्ज किया।

‘द न्यूज मिनट’ की पत्रकार मेघा कावेरी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मुझे लगता है पत्रकार वोट बैंक नहीं होते, इसलिए उनके खिलाफी टिप्पणी के लिए कोई पछतावा न माफी नहीं।’

मामला बढ़ता देख डीएमके चीफ एम.के. स्टालिन मैदान में उतरे और उनके कहने पर आरएस भारती ने मीडिया से माफी मांग ली। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संदर्भ में उनका बयान उचित था।

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‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ को हेमंत अरोड़ा ने बोला बाय

‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ (Discovery Communications India) में न्यू रेवेन्यू स्ट्रीम के हेड हेमंत अरोड़ा ने कथित तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

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Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
HemantArora

‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ (Discovery Communications India) में न्यू रेवेन्यू स्ट्रीम के हेड हेमंत अरोड़ा ने कथित तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडस्ट्री के उच्च स्तरीय सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है।

अरोड़ा 2019 में ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ से जुड़े थे। तब से ही वे न्यू रेवेन्यू स्ट्रीम के हेड की भूमिका निभा रहे थे। इसके पहले, वे ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के साथ थे, जहां उन पर टाइम्स इन्फ्लुएंस (Times Influence) के बिजनेस हेड की जिम्मेदारी थी। टाइम्स में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने नेटवर्क चैनलों के लिए अलग-अलग समय पर सेल्स हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाली, जिसमें ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now), ‘ईटी नाउ’ (ET Now) और ‘जूम’ (Zoom) चैनल शामिल है। इसके पहले   

इससे पहले, अरोड़ा ने ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) और ‘एनडीटीवी मीडिया’ (NDTV Media) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया ऑर्गनाइजेशंस की सेल्स टीम में बड़े पद पर काम किया। अरोड़ा फिलहाल मुंबई से अपना कार्यभार संभालेंगे और डिस्कवरी की साउथ एशिया की मैनेजिंग डायरेक्टर मेघा टाटा को रिपोर्ट करेंगे।

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वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने जन्मदिन पर दिया अपनों को खुश रखने का ‘मंत्र’

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने मंगलवार को अपना जन्मदिन नोएडा में इंडिया टीवी के ऑफिस में केक काटकर मनाया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
Rajat Sharma

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने मंगलवार को अपना जन्मदिन नोएडा में इंडिया टीवी के ऑफिस में केक काटकर मनाया। इस मौके पर उन्होंने इंडिया टीवी से जुड़े लोगों को खुश रहने का मंत्र भी दिया।

इस दौरान रजत शर्मा का कहना था, ‘मैं आप सबसे यही कहना चाहता हूं कि खाओ-पियो मौज करो, सब करो लेकिन अपनी सेहत का जरूर ध्यान रखो। आज के जमाने में सबसे जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ध्यान रखें। थोड़ी एक्सरसाइज करेंगे और डाइट का ध्यान रखेंगे, स्वस्थ रहेंगे तो परिवार खुश रहेगा, दोस्त खुश रहेंगे और आप जिनके साथ काम करते हैं, वो सब खुश रहेंगे। यह हम सबको अच्छा लगेगा।’

बता दें कि रजत शर्मा ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) के प्रेजिडेंट हैं और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन के वाइस प्रेजिडेंट भी हैं। इसके अलावा वे ‘दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ’ (डीडीसीए) के पूर्व प्रेजिडेंट रह चुके हैं। रजत शर्मा को लोकप्रिय शो ‘आप की अदालत’ के लिए ज्यादा जाना जाता  है। यह शो पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहा है। इस शो के कारण, उन्हें कई बार बेस्ट एंकर अवॉर्ड से नवाजा गया है। इसके अलावा इंडियन टेलिविजन एकेडमी लाइफटाइम एचीवमेंट अवॉर्ड की उपलब्धि भी उन्हें हासिल है। उन्हें साल 2016 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। 

टेलिविजन में आने से पहले रजत शर्मा 10 वर्षों तक प्रिंट मीडिया में रहे और कई राष्ट्रीय प्रकाशनों में संपादक की भूमिका निभाई। 1995 में उन्होंने भारत के पहले प्राइवेट टेलिविजन न्यूज बुलेटिन की शुरुआत की और यह भारतीय मीडिया के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

इंडिया टीवी के ऑफिस में मनाए गए रजत शर्मा के जन्मदिन और उनके द्वारा दिए गए संदेश को आप इस विडियो में देख सकते हैं।

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बीमारी से लड़ते हुए संपादक एम.एस.मणि ने दुनिया से ली विदाई

मलयालम पत्रिका ‘कला कौमुदी’ (Kala Kaumudi) के मुख्य संपादक एम.एस.मणि का मंगलवार तड़के उनके आवास पर निधन हो गया।

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Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
MS-Mani

मलयालम पत्रिका ‘कला कौमुदी’ (Kala Kaumudi) के मुख्य संपादक एम.एस.मणि का मंगलवार तड़के उनके आवास पर निधन हो गया। वह 79 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुतबिक उन्होंने मंगलवार यानी आज तड़के कुमारापुरम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी डॉ. कस्तूरी और दो पुत्र सुकुमारन और वलासमणि हैं। वह ‘कला कौमुदी’ के संस्थापक संपादक के. सुकुमारन और और माधवी सुकुमारन के ज्येष्ठ पुत्र थे।

तिरुवनंतपुरम के एक कॉलेज से बीएससी की उपाधि लेने के बाद उन्होंने 1961 में ‘केरल कौमुदी’ (Kerala Kaumudi) से स्टाफ रिपोर्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी और 1975 में कला कौमुदी पब्लिकेशंस की शुरुआत की थी।

उन्होंने 1962 में लोकसभा और राज्यसभा की रिपोर्टिंग भी की थी और तिरुवनंतपुरम में 1965 में आने के बाद उन्होंने ‘केरल कौमुदी’ के संपादकीय पद की जिम्मेदारी काफी लंबे समय तक संभाली थी।

वह भारतीय समाचार पत्र सोसायटी की समिति के सदस्य भी थे और इंडियन न्यूजपेपर एडिटर्स कॉन्फ्रेंस के सदस्य रहे थे।

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मंत्रीजी ने पत्रकार से मांगी माफी, जानिए आखिर क्या है माजरा

महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र अवध ने सोमवार को कथित तौर पर एक रिपोर्टर के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
jitendra

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र अवध ने सोमवार को कथित तौर पर एक रिपोर्टर के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। मामला तूल पकड़ने के बाद उन्होंने ‘गलतफहमी’ का हवाला देते हुए माफी मांग ली।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार में शामिल पार्टी के सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में जितेंद्र अवध सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं की एक प्रतिनिधि के साथ पहुंचे थे।

पत्रकारों ने इस बैठक से पहले जितेंद्र अवध  को देखकर सवाल पूछना शुरू किया। लेकिन मंत्रीजी उनमें से एक पत्रकार का सवाल सुनकर कथित तौर पर नाराज हो गए और वहां से जाने लगे। पीटीआई के सूत्रों ने बताया कि अवध ने दूर जाकर रिपोर्टर पर निशाना साधते हुए अपशब्द कहे, जिसके बाद रिपोर्टर ने उनकी इस हरकत का विरोध किया।

वहीं, मुंबई प्रेस क्लब ने एनसीपी नेता के इस दुर्व्यवहार की कड़ी आलोचना की। क्लब ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से कहा कि टीवी पत्रकार अपने सहयोगी सोमदत्त शर्मा (CTV) के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर महाराष्ट्र के मंत्री जितेंद्र अवध के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है।

क्लब ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को भी टैग करते हुए लिखा कि हम अनुचित कार्य की निंदा करते हैं और अपने टीवी मीडिया सहयोगियों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

हालांकि इसके बाद, मंत्रीजी ने अपने ट्विटर हैंडल से माफी मांगते हुए कहा, ‘मैं उनके (पत्रकार के) एक सवाल से असहमत था, जो उन महिलाओं के लिए पूछा गया था, जिनका मैं प्रतिनिधित्व कर रहा था। इसके बाद तुरंत मैंने अपनी नाराजगी व्यक्त की और फिर वहां से चला गया। इसके बाद मेरे होंठ देखकर रिपोर्टर को गलतफहमी हो गई, जोकि मुझसे बहुत दूर खड़ा था। उसे लगा कि मैं उसे लेकर कुछ कह रहा हूं, लेकिन ऐसा नहीं था। पर फिर भी मैं इस घटना के लिए माफी मांगता हूं।

 

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जिंदगी पर भारी पड़ गया युवा पत्रकार का असहनीय दर्द

दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में मंगलवार तड़के एक युवा पत्रकार ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
aman

दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में मंगलवार तड़के एक युवा पत्रकार ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मृतक का नाम अमन बरार है और वह ‘न्यूज18 पंजाबी’ चैनल में कार्यरत थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को अमन का शव सराय रोहिल्ला और किशनगंज रेलवे स्टेशनों के बीच पटरियों पर मिला।

पंजाब स्थित मुक्तसर के मूल निवासी अमन मात्र 23 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि वह कुछ महीनों से पीठ के दर्द को लेकर मानसिक तौर पर काफी परेशान थे। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज भी चल रहा था और इसी सिलसिले में वे दिल्ली आए थे।

अमन ने दिल्ली के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान आईआईएमसी से पढ़ाई की थी और चंडीगढ़ में ‘न्यूज18 पंजाबी’ के साथ रिपोर्टर के तौर पर जुड़े हुए थे। वे करीब सवा साल पहले दिल्ली से चंडीगढ़ आए थे। फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक, इसके पहले वे जून, 2018 से दिसंबर 2018 तक ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ में कार्यरत थे। वे यहां ‘यूसी न्यूज’ से आए थे, जहां उन्होंने सितंबर 2017 से मई, 2018 तक काम किया। इसके पहले अमन ‘बोलता हिन्दुस्तान’ और ‘इंडिया न्यूज़ पंजाब’ में काम कर चुके थे।   

अमन के निधन पर अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम मजीठिया ने भी संवेदनाएं व्यक्त की। सुखबीर सिंह बादल ने लिखा-  'न्यूज 18 चैनल के युवा पत्रकार अमन बरार के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. आत्मा को शांति मिले!'

वहीं, बिक्रम मजीठिया ने लिखा- 'न्यूज 18 चैनल के युवा पत्रकार अमन बरार के आकस्मिक निधन के बारे में जानकर दुखी हूं. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. दिवंगत आत्मा को शांति मिले और वाहेगुरु जी शोक संतप्त परिवार को क्षति सहने की शक्ति दें.'

अमन के साथ काम कर चुकी उनकी सहयोगी अनुराधा शुक्ला ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है-

'RIP अमन… अमन बरार हमेशा ही दिल जीत लेने वाली मुस्कराहट के मालिक थे। संवेदनशील, सादा, विनम्र, ऊंचे विचारों और सबसे सहज रूप से जुड़ जाने वाले अमन आज हमारे बीच से चले गए। पंजाब के मुक्तसर से उनका महज 23 साल की उम्र में इस तरह से जाना उनके परिवार और साथियों को हमेशा के लिए एक ऐसा घाव दे गया है जो कभी नहीं भर सकता और इसके साथ जीना भी बहुत मुश्किल है।

चंडीगढ़, पंजाब के पत्रकारीय बंधुत्व के लिए अमन का जाना बहुत बड़ी क्षति है। इतनी छोटी उम्र में अमन एक परिपक्व जर्नलिस्ट के तौर पर नाम बना चुके थे। बड़ी ही परिपक्वता से वो राजनितिक गलियारों की रिपोर्टिंग करते थे और एक अच्छे लेखक भी थे। आज अकाली दल ने जब अपनी राज्यपाल के साथ मीटिंग अमन के जाने के दुख में मुल्तवी की तो एहसास बढ़ गया कि अमन अपने पीछे कितना बड़ा वैक्यूम छोड़  गया है।

अमन पिछले एक साल से नेटवर्क 18 चंडीगढ़ में कार्यरत थे। उनका काम करने का जज़्बा सबके लिए मिसाल था। अमन को हमेशा ही ऊर्जा से भरा देखा। काम के लिए उत्साह ऐसा कि बैकपैक उठाया, बालों को एक तरफ झटका और चल पड़े किसी भी चुनौती से निपटने के लिए। वह पिछले कुछ महीनों से पीठ की बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली इसी सिलसिले में आए थे।'

अमन के आत्महत्या की खबर सुनकर उनके अन्य साथी पत्रकारों में भी काफी दुख है। उनके साथियों ने फेसबुक पर अमन के वॉल पर टैग करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

 
 

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देखें, IMPACT Person of the Year के नॉमिनी की लिस्ट, 20 को विजेता के नाम से उठेगा पर्दा

इंडस्‍ट्री के लोगों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर किस शख्सियत के हाथ प्रतिष्ठित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ लगेगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
impact

एक्‍सचेंज4मीडिया (exchange4media) ग्रुप द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को हर साल दिया जाने वाले ‘इंपैक्‍ट पर्सन ऑफ द ईयर’ (IMPACT Person of the Year) अवॉर्ड का सिलसिला साल दर साल जारी है। इस बार बहुप्रतीक्षित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ (IMPACT Person of the Year award) के विजेता के नाम से गुरुवार को पर्दा उठ जाएगा। मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में 20 फरवरी को यह अवॉर्ड दिया जाएगा। मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को हर साल ‘एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप’ द्वारा यह अवॉर्ड दिया जाता है।

ऐसे में इंडस्‍ट्री के लोगों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर किस शख्सियत के हाथ यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड लगेगा। इन सभी नामों में वे लोग शामिल हैं जिन्‍हें अपने क्षेत्र में ऊचाइंयों को छुआ है और वे सभी अपने क्षेत्र के महारथी हैं। इस अवॉर्ड के लिए चुने गए नाम इस प्रकार हैं-

इस बार इस अवॉर्ड के लिए सात नॉमिनी मैदान में हैं। इनमें ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन, ‘InMobi Group’  के फाउंडर व सीईओ नवीन तिवारी, डब्ल्यूपीपी (WPP) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास, ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India Today Group) की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी, ‘ओयो रूम्स’ (Oyo Rooms) के फाउंडर व सीईओ रितेश अग्रवाल, ‘Affle’ के फाउंडर, चेयरमैन व सीईओ अनुज खन्ना सोहम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जॉइंट नामिनी में शामिल हैं ‘इंडियामार्ट’ (IndiaMart) के कोफाउंडर व डायरेक्टर ब्रिजेश अग्रवाल और ‘इंडियामार्ट’ के ही को-फाउंडर व सीईओ दिनेश अग्रवाल।

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TRAI के फैसले का TV चैनल्स पर पड़ा ये असर, आर्थिक मंदी का दिखा डर

आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
TV

आर्थिक मंदी और ‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के कारण पिछला साल देश की मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के लिए काफी चुनौती भरा रहा है। ‘न्यू टैरिफ ऑर्डर’ (NTO) की वजह से तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स का जहां सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू बढ़ा है, वहीं इनके विज्ञापन रेवेन्यू में कमी दर्ज की गई है।  

यदि हम ट्रेडिशनल मीडिया की बात करें तो तिमाही तौर पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकांश वर्षों के तुलना में जब चौथी तिमाही में त्योहारी सीजन के कारण विज्ञापन खर्च बढ़ जाता था, पिछले साल दूसरी तिमाही में आईपीएल, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आम चुनावों के कारण ऐसा रहा था, जबकि तीसरी और चौथी तिमाही में इसमें क्रमश: तीन प्रतिशत और सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  

पिछले दिनों जारी पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2020 (PMAR) के अनुसार, वर्ष 2019 में विज्ञापन खर्च (adex) में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि इसमें 13.4 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था और वर्ष 2018 में यह 15 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यदि हम विज्ञापन खर्च को ट्रेडिशनल (टीवी, प्रिंट और रेडियो) के हिसाब से अलग-अलग करें तो पता चलता है इसमें सिर्फ छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2018 में हासिल की गई 12 प्रतिशत ग्रोथ से आधी है।

तमाम उतार-चढ़ावों के बीच पिछले साल विज्ञापन खर्च में 37 प्रतिशत शेयर के साथ टीवी का सबसे ज्यादा योगदान जारी रहा है। हालांकि इस माध्यम में सिर्फ आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह एक दशक में तीसरी सबसे कम ग्रोथ है। अब जब हम वित्तीय वर्ष 2019-20 के आखिरी महीने में प्रवेश करने जा रहे हैं, इस बीच आइए तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (Zee Entertainment Enterprises Ltd), ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) और ‘टीवी18’ (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast) के तीसरी तिमाही के नतीजों पर नजर डालते हैं।  

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd)

तीसरी तिमाही के दौरान ‘जी’ (ZEE) का रेवेन्यू 5.5 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से गिरावट के साथ 2048.7 करोड़ रुपए रह गया जबकि इसी तिमाही में इसका एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 15.8 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से घटकर 1230.8 करोड़ रुपए रह गया है। इसके घरेलू एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में 15.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि इसी तिमाही में इंटरनेशनल एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 73.8 करोड़ रुपए रहा।   

वहीं, सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू को देखें तो यह तीसरी तिमाही में 15.4 प्रतिशत (साल दर साल) की दर से बढ़कर 713.7 करोड़ रुपए हो गया। इसमें घरेलू सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में 21.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह 631.7 करोड़ रुपए हो गया, जबकि इंटरनेशनल सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 82 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।  

मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक मंदी और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर की वजह से एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में गिरावट के कारण ‘जी’ के लिए यह तिमाही ज्यादा बेहतर नहीं रहा। वहीं, फ्रीडिश प्लेटफॉर्म से चैनलों को हटाने ने भी इसमें अपनी भूमिका निभाई।

इस बारे में ‘ZEEL’ के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पुनीत गोयनका का कहना है, ‘हमारे लिए तीसरी तिमाही का समय सामान्य रूप से ग्रोथ के हिसाब से ठीक रहा है। हालांकि, चुनौतीपूर्ण अर्थव्यवस्था के कारण हमारे ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में कमी आई है। हमारे अधिकांश ऐडवर्टाइर्स की ग्रोथ काफी धीमी है, यही कारण है कि विज्ञापन खर्च में कटौती की गई है।’ अगली तिमाही में बेहतरी की उम्मीद जताते हुए गोयनका ने कहा, ‘ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को कोर्ट में चुनौती दी गई है और हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।’       

टीवी18 (Entertainment (Viacom18+AETN18+Indiacast)

‘टीवी18’ (TV18) का समेकित ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल दर साल (YoY) तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ 1475 करोड़ रुपए से घटकर 1425 करोड़ रुपए रह गया है। एंटरटेनमेंट रेवेन्यू में भी चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है वित्तीय वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही (Q3FY19) में 1184 करोड़ रुपए के मुकाबले यह घटकर 1137 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 40 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 458 करोड़ रुपए हो गया। ‘Earnings before interest, tax, depreciation and amortization’ (EBITDA) में 262 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई और वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में 68 करोड़ के मुकाबले यह बढ़कर 245 करोड़ रुपए रह गया। सबस्क्रिप्शन ग्रोथ के बारे में ब्रॉडकास्टर का कहना है कि न्यू टैरिफ ऑर्डर से पारदर्शी माहौल बना है, जिससे टीवी सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू का बढ़ना जारी है। हालांकि, इस ब्रॉडकास्टर के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में ग्रोथ देखी गई है, लेकिन ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू को लेकर इस पर काफी दबाव बना हुआ है।

सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network)

नए टैरिफ ऑर्डर और तमिलनाडु में डिजिटलीकरण के कारण ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV Network) के सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू में भी ग्रोथ देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2018 को समाप्त हुई तिमाही में 349.60 करोड़ रुपए की तुलना में इस तिमाही में सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर 411.85 करोड़ रुपए हो गया है। इस तिमाही में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स भी छह प्रतिशत बढ़कर 373.45 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि इसी अवधि में पहले यह 351.33 करोड़ रुपए था। हालांकि, नेटवर्क के रेवेन्यू में साल दर साल (9.89) की दर से गिरावट दर्ज की गई। मीडिया विशेषज्ञों की मानें तो विभिन्न नेटवर्क्स की तरह ‘सन टीवी नेटवर्क’ को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसके ऐड रेवेन्यू में भी गिरावट दर्ज की गई।

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