Tata Sky ने बंद किए सोनी के चैनल्स, लोगों का फूटा गुस्सा

डीटीएच ऑपरेटर ‘टाटा स्काई’ (Tata Sky) द्वारा अपने प्लेटफॉर्म से ‘टीवी टुडे नेटवर्क’ (TV Today Network) समेत ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ (SPN) के...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 03 October, 2018
Last Modified:
Wednesday, 03 October, 2018
TATA SKY

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

डीटीएच ऑपरेटर ‘टाटा स्काई’ (Tata Sky) द्वारा अपने प्लेटफॉर्म से ‘टीवी टुडे नेटवर्क’ (TV Today Network) समेत ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ (SPN) के 22 चैनल हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है।

‘टीवी टुडे नेटवर्क’ के इन चैनलों का डिस्ट्रीब्यूशन आधिकारिक रूप से ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’  द्वारा किया जाता है। ‘सोनी टीवी’ का प्रसारण बंद होने से लोग ‘कौन बनेगा करोड़पति’ शो भी नहीं देख पाए।

‘टाटा स्काई’ के इस कदम को लेकर सबस्क्राइबर्स सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। एक यूजर ने चैनलों को बंद किए जाने को धोखाधड़ी करार दिया है। अभी नाम के एक यूजर ने टाटा स्काई को 12 घंटे की मोहलत देते हुए चैनल शुरू करने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी है।



वहीं, ‘टाटा स्काई’ के इस कदम के बाद ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ ने पलटवार करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ का कहना है कि नेटवर्क्स द्वारा अपने चैनलों के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं, इसके बावजूद ‘टाटा स्काई’ ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उसके चैनलों के अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।   

‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है कि उनका नेटवर्क देशभर में काफी लोकप्रिय है और इसके चैनल भी लोगों द्वारा काफी पसंद किए जाते हैं। ऐसे में इन चैनलों को हटाकर ‘टाटा स्काई’ दर्शकों को विशवस्तरीय मनोरंजन और खेल आयोजनों को देखने से वंचित कर रहा है।

‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ ने सबस्क्राइबर्स को भरोसा दिलाया है कि  ‘ट्राई’ के आदेश के अनुसार रिफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) के तहत उसके चैनल उपलब्ध हैं। यही नहीं, इस बयान में सबस्क्राइबर्स से अनुरोध किया कि वे ‘टाटा स्काई’ को कॉल करें और मांग करें कि चैनल उन्हें उपलब्ध कराए जाएं।

दूसरी तरफ, ‘टाटा स्काई’ ने अपने सबस्क्राइबर्स से सहयोग की अपील की है। टाटा स्काई’ ने कहा कि ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ और ‘टीवी टुडे’ द्वारा बार-बार दाम बढ़ाने पर मजबूर किया जा रहा है। इसलिए हमने कई चैनलों को बंद कर दिया है, लेकिन कुछ लोकप्रिय चैनलों का प्रसारण चालू रखा है।

‘टाटा स्काई’ के सीईओ और एमडी हरित नागपाल ने कहा कि सबस्क्राइबर्स के हितों को ध्यान में रखते ही यह निर्णय लिया गया है। ‘टाटा स्काई’ ने ट्विटर पर एक सोशल मीडिया यूजर अनिरुद्ध सिंह को जवाब देते हुए कहा कि ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों से समझौता नहीं हो पाने के कारण ऐसा कदम उठाना पड़ा।

‘टाटा स्काई’ का य़ह भी कहना है कि यदि सबस्क्राइबर्स निम्न 11 चैनल (SET, Sony SAB, Sony Six, Sony Ten, Sony Pix और Aaj Tak आदि) पहले ही सबस्क्राइब कर चुके हैं तो बिना कोई अतिरिक्त भुगतान किए सिर्फ मिस्ड कॉल देकर वे इन चैनलों को देख सकते हैं।

हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब ‘टाटा स्काई’ ने पहली बार चैनलों को अपने प्लेटफॉर्म से हटाया है। पिछले महीने भी इस डीटीएच ऑपरेटर ने एक अंग्रेजी अखबार में इस बारे में नोटिस जारी कर कहा था कि समझौते के नवीनीकरण में विफलता के कारण 15 दिनों के भीतर उसके प्लेटफॉर्म पर ‘नेटवर्क 18’ के करीब 100 चैनलों का प्रसारण बंद कर दिया जाएगा।

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ZEE एंटरटेनमेंट से जुड़े विवेक अरोड़ा, निभाएंगे यह बड़ी जिम्मेदारी

ZEE एंटरटेनमेंट से पूर्व विवेक अरोड़ा करीब चार साल से टीवी18 ब्रॉडकास्ट में वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Last Modified:
Wednesday, 12 May, 2021
Vivek Arora

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEE ENTERTAINMENT ENTERPRISES LTD) ने विवेक अरोड़ा को हेड (Alliances & Partnerships, South Asia) के तौर पर नियुक्त किया है। ZEEL से पूर्व विवेक अरोड़ा करीब चार साल (3.9 years) से टीवी18 ब्रॉडकास्ट में वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

टीवी18 में अपनी पारी निभाने से पहले वह ‘हवास’ (Havas) में प्रोजेक्ट लीड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। यहां पर इस भूमिका में वह रेवेन्यू जुटाने के अलावा ब्रैंड्स के लिए डिजिटल कंटेंट और सोशल मार्केटिंग सॉल्यूशंस के लिए जिम्मेदार थे।

इस बारे में ZEEL ने अपने ऑफिसियल लिंक्डइन पेज पर एक पोस्ट में कहा है, ‘कंपनी में विवेक अरोड़ा के शामिल होने पर हम काफी खुश हैं। यहां वह हेड (Alliances & Partnerships, South Asia) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। विवेक को इंडस्ट्री में काम करने का 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। हम अपने साथ नए सफर की शुरुआत के लिए विवेक को शुभकामनाएं देते हैं।’

अरोड़ा को साउथ एशिया के मार्केट्स में सबस्क्रिप्शन व लाइसेंसिंग के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। पूर्व में वह ‘स्टार इंडिया’ (Star India) और ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ (Discovery Communications India) में भी लंबे समय तक काम कर चुके हैं।

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महामारी में वरदान साबित होगी एफमैक की पहल, 15 दिनों में तैयार किया प्री कोविड अस्पताल

आगरा के जूता निर्यातकों की सबसे बड़ी संस्था एफमैक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की है।

Last Modified:
Tuesday, 11 May, 2021
FMEC-Hospital54

कोरोना संकट के बीच आगरा के लोगों के लिए ये राहत भरी खबर है। आगरा के जूता निर्यातकों की सबसे बड़ी संस्था एफमैक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की है। लगभग 15 दिनों से युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी चल रही थी, जिसे मंगलवार की सुबह अंतिम रूप दे दिया गया। कोविड मरीजों के इलाज के लिए बनकर तैयार हुए 350 बेड के इस प्री कोविड हॉस्पिटल के बारे में संस्था पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। इस दौरान एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि किस प्रकार इस मुहिम को गति मिली।

विभागों के आपसी समन्वयन से मिली सफलता

एफमैक अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि जिला प्रशासन के सभी विभागों के आपसी समन्वय से इस प्री कोविड हॉस्पिटल को इतने कम समय में हमने बनाकर तैयार किया। जिलाधिकारी आगरा प्रभु नारायण सिंह के निर्देशन में प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला। नगर आयुक्त आगरा निखिल टीकाराम फंदे, डीवीएनएल एमडी इंजी. सुधीर कुमार वर्मा, स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. आरसी पांडे आदि अधिकरियों और इनकी कुशल टीम की तत्परता से यह कार्य सम्भव हुआ।

चिकित्सा व्यवस्थाओं को संभालेगा जिला प्रशासन

एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में चिकित्सा व्यवस्थाओं को एफमैक से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक चिकित्सकों के साथ जिला प्रशासन संभालेगा, जिसमें एसीएमओ और डिप्टी एसीएमओ को जिम्मेदारी दी गईं है। साथ ही चिकित्सा विभाग ने डॉ. जीतेन्द्र लवानिया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशंसा करते हुए जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि अस्थाई कोविड सेंटर के रूप में एफमैक का यह प्री हॉस्पिटल मॉडल साबित हो रहा है।

अभी इस श्रेणी के मरीजों का होगा इलाज

कॉन्फ्रेंस के दौरान एफमैक पदाधिकारियों ने बताया कि हॉस्पिटल में 350 बेड्स की व्यवस्था है, जिसमें अभी एल वन और एल प्लस श्रेणी के मरीजों का इलाज होगा। कुछ दिनों में हम एल-टू श्रेणी के मरीजों को भी इसमें शामिल कर लेंगे। अभी हमारे यहां 200 बेड पर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था है। प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को चंद्र शेखर जीपीआई निभा रहे हैं। हॉस्पिटल को जिला प्रशासन के कोविड कमांड सेंटर से भी जोड़ा गया है। भर्ती होने वाले मरीज कमांड सेंटर के जरिये और हॉस्पिटल के हेल्पलाइन नंबर 9557597705 पर संपर्क कर भर्ती होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने मरीजों के लिए तैयार किया खास डाइट चार्ट

प्रतिदिन आहार वितरण सूची इस प्रकार है-

•             जीरा/अजवाइन गरम पानी   7:00 सुबह

•             सुबह का नाश्ता   8:30 सुबह

•             चाय / कॉफी   9:00 सुबह

•             सूप    12:00 दोपहर

•             दोपहर भोज 12:30 दोपहर     

•             दालचीनी नींबू शहद (CLH) 4:00 सांय

•             चाय / कॉफी   6:00 सांय

•             रात्रि भोजन    7:30 सांय

•             ग्रीन-टी (जरूरत के अनुसार)

नियमित योग और मेडिटेशन को भी किया गया है इलाज में शामिल

योग और मेडिटेशन को भी इलाज में शामिल किया गया है, जिसका प्रतिदिन नियमित समय सुबह 6 बजे से 7 बजे तक रहेगा, साथ ही दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लिए मरीज की जरूरत के अनुसार रहेगा सूक्ष्म योग, यौगिक सूक्ष्म व्यायाम, पवनमुक्तासन, वज्रासन की योग क्रियाएं योगाचार्य के निर्देशन में होंगी। तीन बजे मेडिटेशन का समय निर्धारित किया गया है। कोविड सेंटर में आईसीयू वार्ड के साथ कुल 5 हाल बनाए गए हैं, जिनमें लगातार आध्यत्मिक ध्वनि के संगीत की व्यवस्था की गई है।  

मरीजों को इलाज के साथ होगा प्रकृति से निकटता का अहसास

भव्य क्षेत्र में फैले एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में मरीजों को इलाज के साथ-साथ प्रकृति से निकटता का अहसास भी होगा। आस-पास हरभरा वातावरण यहां मरीजों की जल्दी रिकवरी का भी माध्यम बनेगा।

अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी

एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि देश एक बड़ी महामारी से जूझ रहा है। स्वाभाविक रूप से जो देश में व्यवस्थाए हैं नाकाफी हैं। सरकार या हेल्थ सेक्टर कितना भी करे ऐसी महामारियों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। औद्योगिक संगठन हों या सामाजिक संगठन अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी। सरकार, प्रशासन और डॉक्टर्स के साथ मिलकर एफमैक ट्रस्ट का यह प्रयास मुझे लगता है लोगों के लिए विशेष लाभकारी साबित होगा।

आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे

एफमैक की उपाध्यक्ष रूबी सहगल ने कहा कि यदि किसी बीमारी से पीड़ित होकर पूरा शहर हॉस्पिटल की ओर भगा चला आए तो यह संभव नहीं कि किसी भी देश या प्रदेश का प्रशासन हॉस्पिटल या ऑक्सीजन तुरंत उपलब्ध करा पाए। ऐसे आपातकाल में सामूहिक प्रयासों से ही जीत हासिल की जा सकती है। कोरोना की इस आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए एफमैक की ओर से यह एक जनहितैषी प्रयास है।

आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं हम

वहीं, एफमैक के कन्वेनर कैप्टन एएस राणा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की यह दूसरी लहर है, लोग लगातार इस संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। हालांकि कुछ दिन से राहत की खबर आ रही है वहीं दूसरी ओर कुछ एक्सपर्ट तीसरी वेब की बात कह रहे हैं ऐसी किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। कोविड के इस प्री हॉस्पिटल में विदेशी चिकित्सक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपनी सेवाएं देंगे।

विशेष रूप से रहे मौजूद

पत्रकार वार्ता के दौरान जूता निर्यातक और एफमैक के वरिष्ठ सदस्य विजय निझावन, चंद्रमोहन सचदेवा, अनिरुद्ध तिवारी, अशोक अरोरा  इन्क्रेडिबल इंडिया फांउंडेशन के महासचिव अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।

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कुछ इस तरह से कोरोना पीड़ितों की मदद करेगा सन टीवी नेटवर्क

देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) की दूसरी लहर से लड़ने में लोगों की मदद करने के लिए ‘सन टीवी नेटवर्क’ ने सराहनीय कदम उठाया है।

Last Modified:
Tuesday, 11 May, 2021
Sun TV Network

कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस महामारी की चपेट में आकर आए दिन तमाम लोगों की जान जा रही है, वहीं कई लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन है। सालभर बाद कोरोना ज्यादा दैत्याकार और विकराल आकार लेता जा रहा है।

ऐसे में देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) की दूसरी लहर से लड़ने में लोगों की मदद करने के लिए ‘सन टीवी नेटवर्क’ (Sun TV) ने सराहनीय कदम उठाते हुए 30 करोड़ रुपये दान दिए हैं। यह राशि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में चल रही कई पहलों (initiatives) पर खर्च की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेटवर्क उन गैरसरकारी संगठनों (NGOs) के साथ भी साझेदारी कर रहा है, जो जरूरतमंद लोगों को दवाएं और ऑक्सीजन सिलेंडर आदि उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा, देश-दुनिया में टीवी दर्शकों के बीच महामारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कंपनी अपनी सभी मीडिया परिसंपत्तियों समेत अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल करेगी।

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नोएडा में पत्रकारों के लिए लगा वैक्सीनेशन कैंप, एनबीए ने जताया सीएम का आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला लिए जाने के बाद नोएडा में सोमवार को वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया।

Last Modified:
Monday, 10 May, 2021
Vaccination

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला लिए जाने के बाद नोएडा में सोमवार को कोरोना वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोएडा के इंदिरा गांधी कला केंद्र में लगाए गए इस निशुल्क कैंप में इंडिया टीवी, एबीपी, टीवी टुडे और न्यूज24 समेत तमाम मीडिया संस्थानों के कई पत्रकारों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली।

इस मौके पर गौतमबुद्ध नगर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। प्रदेश सरकार की इस पहल पर निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है।

बता दें कि इस बारे में ‘एनबीए समेत कई संगठनों ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा था। एनबीए प्रेजिडेंट रजत शर्मा की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए एक लेटर में एनबीए का कहना था कि सभी मीडियाकर्मियों को वैक्सीनेशन की बहुत आवश्यकता है। ऐसे में निवेदन है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से इन सभी मीडियाकर्मियों और उनके परिवारवालों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाए, तो अच्छा रहेगा। अपने लेटर में एनबीए का यह भी कहना था कि मीडिया संस्थानों की तरफ से हम इसका पूरा खर्चा उठाने के लिए तैयार हैं।

इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों, जजों, सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करते हुए मीडियाकर्मियों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला लिया था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि मीडियाकर्मियों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी जाए। उनके लिए अलग सेंटर अलॉट किए जाएं और जरूरत हो तो उनके कार्य स्थलों पर जाकर निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए उनके 18 साल से ऊपर के परिजनों को फ्री वैक्सीनेशन किया जाए।

गौरतलब है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद भयावह रूप ले रही है, जिसके साथ ही यह आए दिन नए रिकॉर्ड भी बना रही है। इस बीच कोरोना के खिलाफ जंग में तमाम पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं और तमाम अपडेट्स लोगों तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे में देश में कई स्थानों पर पत्रकार कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं और कई तो कोरोना से लड़ते हुए जिंदगी की जंग भी हार गए हैं। लिहाजा, इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

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पत्रकारों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने वालों में ये राज्य भी हुए शामिल, देखें लिस्ट

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं

Last Modified:
Monday, 10 May, 2021
journalist64

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं और लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इन सबके बीच हरियाणा और छत्तीसगढ़ सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी है।

हरियाणा:

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को राज्य के सभी पत्रकारों के लिए कोविड टीकाकरण (COVID Vaccination) अभियान शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही कोविड की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान हर पत्रकार को वैक्सीन शॉट्स दिए जाएंगे। खट्टर ने कहा, टीकाकरण अभियान के दौरान हर पत्रकार को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी जिलों में मीडिया केंद्रों पर टीका प्रशासन की तैयारी की जाएगी।

छत्तीसगढ़:

छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीज शनिवार को राज्य के आलाधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि कहा कि राज्य में अलग-अलग श्रेणियों से वैक्सीनेशन के लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स की लिस्ट बनाई जाएगी। उन्होंने घोषणा की अब पत्रकारों और वकीलों को भी फ्रंट लाइन वर्कर्स की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

वकीलों और पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स में शामिल करने के साथ ही सीएम ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन पत्रकारों और वकीलों के परिवारों के परिजनों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।  

बता दे कि हरियाणा और छत्तीसगढ़ से पहले भी कई दूसरे राज्यों में पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स मानते हुए कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी है, जो निम्न हैं-

दिल्ली:

दिल्ली सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों का बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उनके ही संस्थानों में वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी और इस पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी।  

पश्चिम बंगाल:

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने भी ऐलान किया कि वह राज्य के सभी पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करती हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सभी को फ्री में वैक्सीन देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के लिए कुछ नहीं है।

झारखंड:

वहीं, झारखंड की हेमंत सरकार ने भी राज्य के पत्रकारों को प्राथमिकता के तौर पर कोरोना वैक्सीन अभियान से जोड़ने पर जोर दिया है। इस संबंध सीएम सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लड़ाई में सभी मिलकर लड़ते हुए जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना फिर हारेगा और झारखंड फिर जीतेगा।

कर्नाटक:

कर्नाटक सरकार ने भी पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड वॉरियर्स मानने और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराने का फैसला किया है। राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की विशेष बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कर्मी मानेंगे और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराएंगे।’

हालांकि, येदियुरप्पा ने पत्रकारों से घटनाओं की इस तरह रिपोर्टिंग नहीं करने की अपील की, ताकि लोगों में दहशत न फैले।

मणिपुर:

कोरोनोवायरस संक्रमणों की दूसरी लहर के बीच, मणिपुर सरकार ने भी सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का निर्णय लिया है। राज्य अब प्राथमिकता के तौर पर कोविड-19 के खिलाफ पत्रकारों का वैक्सीनेशन करेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘तमाम जोखिमों के बावजूद खबरों को लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों के प्रयासों की हम सराहना करते हैं। ये किसी भी मायने में दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स से कम नहीं हैं। राज्य सरकार मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों का फ्रंटलाइन वॉरियर्स के तौर पर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करेगी।’

उत्तराखंड:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एक महीने पहले ही राज्य के सभी पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित किया कर दिया था, साथ ही सभी को कोरोना वैक्सीन दिए जाने की मंजूरी भी दी हुई है।  ऐसा करने वाला वह पहला राज्य था। यहां पत्रकारों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं रखी गई है।

बिहार:

बिहार में मान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ-साथ गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर सरकार प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण कराएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को इस आशय का निर्देश दिया, जो पत्रकार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची में नहीं हैं, उन्हें जिला जनसंपर्क अधिकारी द्वारा सत्यापित किए जाने के बाद टीका लग सकेगा। सभी चिह्नित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण कराया जाएगा। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रानिक व वेब मीडिया के पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर माना जाएगा।

ओडिशा:

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स घोषित किया है। इस घोषणा से गोपबंधु पत्रकार स्वास्थ्य योजना में शामिल राज्य के छह हजार 944 पत्रकारों को इसका लाभ मिलेगा। योजना में पत्रकारों को दो लाख का स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। कोविड के समय कार्यरत किसी भी पत्रकार की मृत्यु होने पर परिवार को 15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है।

मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश में सभी पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह ऐलान करते हुए कहा कि पत्रकार कोरोना महामारी के खतरे के बीच अपनी जान खतरे में डालकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं, जिसको ध्यान  में रखते हुए हमने  मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मध्य प्रदेश में फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित करने का निर्णय  लिया है और इसी आधार पर उनका केयर किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यप्रदेश में करीब 4000 पत्रकारों को सरकारी मान्यता प्राप्त है। मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अभी सरकार ने इस ऐलान से संबंधित नियमों का निर्धारण नहीं किया है, जिसके बारे में बाद में सूचित किया जाएगा।

पंजाब:

वहीं, पंजाब सरकार ने सूबे के मान्यता प्राप्त और येलो कार्ड धारक पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स की सूची में शामिल कर लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पत्रकार प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाने सहित उन सभी लाभों के लिए योग्य होंगे, जो बाकी फ्रंटलाइन वर्कर्स राज्य सरकार से हासिल करने के हकदार हैं।  

उत्तर प्रदेश:  

बता दें कि पंजाब और मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया। अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका लगाया जाएगा। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि मीडियाकर्मियों के लिए अलग सेंटर अलॉट किए जाएं और जरूरत हो तो उनके कार्य स्थलों पर जाकर निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए उनके 18 साल से ऊपर के परिजनों को फ्री वैक्सीनेशन किया जाए।  

 

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कोरोना को नहीं हरा सके TOI के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्रा, अस्पताल में ली अंतिम सांस

लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे

Last Modified:
Saturday, 08 May, 2021
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लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे और लखनऊ के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती थे, जहां  इलाज के दौरान ही वे जिंदगी की जंग हार गए। उन्हें 21 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सुभाष मिश्रा राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में असिसटेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत ते। इसके पहले वे इंडिया टुडे में एक लंबी पारी खेल चुके थे। उनकी गहन और निर्णायक पॉलिटिकल रिपोर्टिंग की वजह से ही मीडिया जगत में उनका बड़ा नाम था। कई वरिष्ठ मीडिया हस्तियों व राजनेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

ट्विटर पर लिखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘वरिष्ठ @TOILucknow पत्रकार, श्री सुभाष मिश्रा जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने खुद को एक मेहनती पर्यवेक्षक, विपुल लेखक और एक अद्भुत इंसान के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने यूपी में अंग्रेजी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदना।’

वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन पर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए कहा कि वह अपनी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ सम्बद्ध करती हैं।

वहीं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘अत्यंत दुःखद! लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष मिश्रा जी का निधन, अपूरणीय क्षति। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में संबल प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि।’

 

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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पत्रकारों के हित में दिल्ली सरकार ने लिया ये फैसला

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
Arvind Kejriwal

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं और लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

इन सबके बीच दिल्ली सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों का बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन किया जाएगा।

इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उनके ही संस्थानों में वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी और इस पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी। बताया जाता है कि दिल्ली सरकार ने मीडिया घरानों से उनके यहां कार्यरत एम्प्लॉयीज की सूची मांगी है, ताकि वैक्सीनेशन जल्द शुरू हो किया जा सके।

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बीजेपी ने कहा मारा गया कार्यकर्ता, पत्रकार ने कहा- 'जिंदा हूं मैं'

वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
manik

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर जारी है। इस दौरान बीजेपी और टीएमसी दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं की हत्या की खबरें सामने आई। बुधवार को बीजेपी की बंगाल आईटी सेल की ओर से 5.28 मिनट का एक वीडियो रिलीज कर टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाया गया। वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की। इस वीडियो में एक शख्स को लेकर जो दावा किया गया है, उसकी फोटो ही गलत निकली।

दरअसल, दावा किया कि माणिक मोइत्रा नाम का एक शख्स सीतलकूची में मारा गया है। हालांकि, बीजेपी ने वीडियो में जिस फोटो का इस्तेमाल किया, वह IndiaToday.in के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की है।

बंगाल में हुई हिंसा के बाद बीजेपी ने नौ लोगों की लिस्ट जारी की है, जिसमें माणिक मोइत्रा, मिंटू बर्मन का नाम शामिल है। हालांकि, किसी की पहचान माणिक मोइत्रा के तौर पर नहीं हुई है। विवाद के बाद बीजेपी ने अब इस वीडियो को हटा लिया है, लेकिन उससे पहले ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर हजारो बार देखा जा चुका था। 

करीब 2 मिनट 35 सेकंड का वीडियो गुजरने के बाद एक युवक की तस्वीर आती है, जिसे वीडियो में मनिक मोइत्रो बताया गया। बीजेपी ने दावा किया कि ये पार्टी कार्यकर्ता हैं और टीएमसी से जुड़े कुछ लोगों ने इनकी हत्या कर दी। दरअसल, वह इंडिया टुडे के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की तस्वीर थी। 

अभ्रो बनर्जी को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं अभी जिंदा हूं। मैं सीतलकूची से करीब 1300 किमी दूर हूं। बीजेपी आईटी सेल ने दावा किया है कि मैं मनिक मोइत्रा हूं और सीतलकुची में मारा गया। कृपया इन फेक पोस्ट पर यकीन न करें और चिंता न करें। मैं फिर दोहराता हूं, मैं जीवित हूं। 

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मसले पर अभ्रो ने कहा कि वह आज सुबह थोड़ी देरी से उठे थे, उन्होंने देखा कि उनके फोन में 100 से अधिक मिस कॉल हैं। वह इससे पहले कुछ समझ पाते, उनके दोस्त अरविंद ने बताया कि बीजेपी आईटी सेल ने माणिक मोइत्रा की जगह उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया है। बाद में इस मसले से जुड़ा एक हाइपलिंक बीजेपी ने शेयर किया और कहा कि तस्वीर का गलत इस्तेमाल किया गया है।

अभ्रो ने कहा कि वह हैरान थे कि वह 1300 किमी. दूर है, फिर भी ये गलत जानकारी कितनी खतरनाक हो सकती है। अभ्रो बनर्जी अभी दिल्ली में हैं और IndiaToday.in के साथ काम कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद से ही हिंसा हो रही है. रविवार को शुरू हुई हिंसा मंगलवार तक लगातार जारी रही, इस दौरान बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में आगजनी, लूटपाट, तोड़फोड़ की खबरें आईं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले में उनके कई कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। वहीं टीएमसी का भी दावा है कि हिंसा में उनके पार्टी के कार्यकर्ता भी मारे गए हैं। इसके बाद ममता बनर्जी ने गुरुवार को ऐलान किया कि चुनाव के बाद प्रदेश में हुई इस हिंसा में मरने वाले लोगों को बिना किसी भेदभाव के 2-2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।  

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‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ रोहित सक्सेना को मिला ये सम्मान

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
RohitSaxena545

‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ व मैनेजिंग एडिटर रोहित सक्सेना को खेलो और समाज के लिए किए जा रहे प्रयासों को तब बल मिला, जब उन्हें एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स व टोंगा की कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी ने ‘एशिया पैसिफिक एक्सिलेंस अवॉर्ड’ के लिए चुना। यह सम्मान उन्हें ‘मोस्ट प्रॉमिसिंग पर्सनॉलिटी ऑफ द ईयर’ कैटेगरी के तहत मिला।

उन्होंने खेल संगठनों, खिलाड़ियों और कोरोना काल में जरूरतमंदो की जिस तरह से मदद की है, उसी के चलते उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया है।

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं। देश के कई खेल संगठनो (ताइक्वोंडो, बॉक्सिंग और बॉड़ी बिल्डिंग) के चेयरमैन और अध्यक्ष होने के साथ 21 वर्षो में मीडिया के शुरुआती पद से ग्रुप सीईओ तक का मुकाम  हासिल किया है। रोहित भारत सरकार की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल के वारिष्ठ सलाहकार भी हैं।

उन्होंने  एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स को धन्यवाद देने के साथ ये विश्वास भी दिलाया कि उनकी लोगों के काम आने की मुहिम यूं ही चलती रहेगीl  उन्होंने लोगों को यह संदेश भी दिया की बहुत जरूरी हो, तभी बाहर निकले और कोविड  प्रोटोकाल का पालन करेंl

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नहीं रहे NE TV समेत कई चैनलों के मालिक व पूर्व कांग्रेसी नेता मतंग सिंह

कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
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कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के ILBS अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 58 साल के थे।

बताया जा रहा है कि मतंग सिंह ने 22 अप्रैल को कोविड-19 का टेस्ट कराया था और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। उन्हें लीवर से संबंधित बीमारी भी थी।

मतंग सिंह पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के करीबी थे और उनकी सरकार के दौरान वे केंद्रीय मंत्री थे। सिंह 1992 में असम से राज्यसभा सदस्य के तौर पर चुने गए थे और 1994 से 1998 तक संसदीय मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर कार्य किया।

उन्होंने फोकस टीवी, हमार टीवी, एनई टीवी समेत कुल छह चैनल व एक रेडियो स्टेशन की नींव रखी थी। बताया जाता है कि टीवी ब्रॉडकास्ट के कारोबार में उनका आना भी अपनी पत्नी और पूर्व पत्रकार मनोरंजना सिंह के चलते हुआ था। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनोरंजना ने न्यूज ब्रॉडकास्ट लाइसेंस के लिए 2003 में आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने पॉजिटिव टीवी (POSITIV TELEVISION PRIVATE LIMITED) नाम की एक कंपनी लॉन्च की, जिसके डायरेक्टर खुद मतंग सिंह, पवन सिंह व मैनेजिंग डायरेक्टर रूपेंद्र नाथ सिंह थे। इस बैनर के तले हिंदी न्यूज चैनल ‘फोकस टीवी’ सहित कुछ और चैनल भी चलते थे। हालांकि हिंदी में महिलाओं पर केंद्रित चैनल ‘फोकस टीवी’ कोई खास असर तो नहीं छोड़ पाया। लेकिन, पूर्वोत्तर में लॉन्च किए गए क्षेत्रीय चैनल शुरुआत में तो अच्छे चले, लेकिन बाद में चैनलों की भीड़ बढ़ गई तो पॉजिटिव टीवी के लिए डगर कठिन हो गई और कंपनी घाटे में चलने लगी थी।    

मनोरंजना मतंग सिंह से कई साल पहले अलग हो गईं थीं। उन्होंने अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप भी लगाया था। दोनों में पॉजिटिव टीवी के मालिकाना हक को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई भी चली। 

मतंग सिंह का जन्म 1962 में असम के तिनसुकिया में एसपी सिंह और रानी रुक्मिणी सिंह के घर हुआ था। उनका नाम शारदा चिटफंड घोटाले में भी आया था।

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