‘अखबार-चैनल पत्रकारों को पर्याप्त वेतन नहीं देते हैं, जिससे वे...’

52वें राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर के मौके पर भारतीय प्रेस परिषद की ओर से पत्रकारिता...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 17 November, 2018
Last Modified:
Saturday, 17 November, 2018
Chandramouli Kumar Prasad

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

52वें राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर के मौके पर भारतीय प्रेस परिषद की ओर से पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्टत योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए नई दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रमौलि कुमार प्रसाद ने कहा कि प्रेस परिषद ने मर्यादित, तथ्यपूर्ण और सही पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। प्रेस परिषद फर्जी खबरों और धन देकर गलत मकसद से फैलाई जा रही खबरों की चुनौती से मुकाबला करने के लिए सजग है, लेकिन मीडिया के सदस्यों के मौलिक अधिकारों का बड़े पैमाने पर हनन किया जा रहा है।

न्यायमूर्ति प्रसाद ने कहा कि अखबार और चैनल पत्रकारों को पर्याप्त वेतन नहीं देते हैं, जिससे उन्हें येन केन प्रकारेण कहीं ना कहीं से कमाना पड़ रहा है। अधिकतर मामलों में यह कमाई ईमानदारी की नहीं होती है। पत्रकार केवल अपने पेशे से गरिमा हासिल नहीं कर सकते, उन्हें अच्छा जीवन स्तर बनाए रखने के लिए समुचित वेतन चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार कानून का पालन कम, उल्लंघन ज्यादा हो रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह समझना बहुत जरूरी है कि पत्रकार एक मनुष्य भी होता है। उसकी सुरक्षा और उसके अधिकारों का सम्मान बहुत आवश्यक है तभी मीडिया लोकतंत्र का सार्थक एवं सशक्त चौथा स्तंभ बन सकता है।

भारतीय प्रेस परिषद ने वर्ष 2018 के लिए प्रतिष्ठित राजा राममोहन राय अवॉर्ड के लिए वरिष्ठ पत्रकार व हिन्दू प्रकाशन समूह के चेयरमैन एन. राम को चुना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद जेटली से उन्हें यह अवॉर्ड प्रदान किया। वहीं ‘देशबंधु’ भोपाल की मुख्य संवाददाता रूबी सरकार और मराठी दैनिक ‘पुढ़ारी’ के राजेश परशुराम जोष्टे को ग्रामीण पत्रकारिता का पुरस्कार दिया गया। जबकि विकास पत्रकारिता का अवॉर्ड ‘केरल कौमुदी’ के उप संपादक वी.एस. राजेश को दिया गया। फोटो पत्रकारिता के लिए ‘राष्ट्रीय सहारा’ के सुभाष पॉल और ‘पंजाब केसरी’ के मिहिर सिंह और कार्टून के लिए ‘नव तेलंगाना’ के लिए पी. नरसिंह को सम्मानित किया गया।

 

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

enba 2019: जूरी ने तय किए विजेताओं के नाम, 22 को उठेगा पर्दा

‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ के विजेताओं के नामों पर मुहर लगाने के लिए दिल्ली के ताज पैलेस होटल में 15 फरवरी को जूरी मीट का आयोजन किया गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
enba

बहुप्रतिष्ठित ‘एक्‍सचेंज4मीडिया न्‍यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) के विजेताओं के नाम पर मुहर लगाने के लिए दिल्ली के ताज पैलेस होटल में 15 फरवरी को जूरी मीट का आयोजन किया गया। जूरी द्वारा चुने गए विजेताओं को 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित एक समारोह में इन अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि होंगे। बता दें कि वर्ष 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह अवॉर्ड मीडिया में कार्यरत उन शख्सियतों को दिया जाता है, जिन्‍होंने देश में टेलिविजन न्‍यूज इंडस्‍ट्री को एक नई दिशा दी है और इस इंडस्‍ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

विजेताओं के नामों का चयन करने के लिए दिल्ली में 15 फरवरी को हुई जूरी मीट में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने चेयरपर्सन की भूमिका निभाई। जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, असम की कलियाबोर सीट से चुने गए सांसद गौरव गोगोई, पूर्व सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव महेश गिरी, राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव, पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री और कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी, पंजाब राज्य मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी, ‘इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड’ (IHCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पुनीत छटवाल, ‘ब्लू स्टार’ के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. थियागराजन, ‘डब्‍ल्‍यूपीपी’ (WPP) इंडिया के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास शामिल रहे।

इनके अलावा जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में डालमिया ग्रुप के चेयरमैन गौरव डालमिया,  ‘पब्लिसिस ग्रुप साउथ एशिया’ (Publicis Groupe South Asia) की सीईओ अनुप्रिया आचार्य, ‘एडफैक्टर्स पीआर’ (Adfactors PR) के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर मदन बहल, बीजेपी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, कांग्रेस प्रवक्ता और ‘Dale Carnegie Training India’ के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजय झा, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व प्रेजिडेंट पद्मश्री आलोक मेहता भी शामिल थे।

वहीं, ‘स्कोप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Scope India Pvt Ltd) के एमडी राकेश कुमार शुक्ला,  ‘राधा टीएमटी’ (Radha TMT) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमन सराफ, ‘मेडिकाबाजार’ (Medikabazaar) के फाउंडर और सीईओ विवेक तिवारी,  ‘RightFOLIO’ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. परकला प्रभाकर, ‘वोल्टास’ के पूर्व सीओओ और ‘सिंपा नेटवर्क्स’ के डायरेक्टर सलिल कपूर, ‘EMMAY Entertainment’ की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर मोनिषा अड्वानी (MONISHA ADVANI), ‘इंडियन डॉक्यूमेंट्री फाउंडेशन’ की फाउंडर और सीईओ सोफी विश्वरमन (SOPHY VSIVARAMAN) और ‘GoZoop’ के सीईओ और को-फाउंडर अहमद आफताब नकवी,‘नेट वैल्यू मीडिया’ (Net Value Media) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर जनार्दन पांडे और भाजपा नेता शाजिया इल्मी को भी जूरी मेंबर्स में शामिल किया गया था।

इस मौके पर जूरी और नामांकन प्रक्रिया के बारे में जूरी के चेयरपर्सन और राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, ‘इतना बड़ा प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए मैं एक्सचेंज4मीडिया को धन्यवाद अदा करना चाहूंगा। इस बार नॉमिनेशंस के बीच काफी कड़ा मुकाबला था और काफी विचार विमर्श के बाद जूरी ने सबसे योग्य विजेता का चुनाव किया है।’

वहीं, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया का कहना था, ‘नॉमिनी और एंट्रीज के बारे में सबसे खास बात यह दिखी कि प्रत्येक में कुछ न कुछ खास क्वालिटी थी और ऐसे में विजेता का चयन करना बहुत ही मुश्किल काम था। मुझे लगता है कि प्रत्येक चैनल और प्रत्येक नॉमिनी अपनी जगह विजेता है और जूरी ने निष्पक्ष तरीके से विजेताओं का चयन किया है।’

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

महिला पत्रकार ने एक महीने से परेशान कर रहे मनचले को कुछ यूं सिखाया सबक

एक फेरीवाला महिला पत्रकार को अक्सर विडियो और वॉट्सऐप कॉल करता था और उन्हें ऑनलाइन गालियां भेजता था...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 17 February, 2020
Last Modified:
Monday, 17 February, 2020
journalist

महिला पत्रकार को कथित रूप से विडियो कॉल करने और अश्लील संदेश भेजने के आरोप में मुंबई पुलिस ने एक फेरीवाले को गिरफ्तार किया है। इस बात की जानकारी मालाबार हिल पुलिस ने दी।

बता दें कि 27 वर्ष के इस फेरीवाले का नाम जहीरूद्दीन इदरिशि है और वह बांद्रा के बहरामपदा का रहने वाला है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह फेरीवाला महिला पत्रकार को अक्सर विडियो और वॉट्सऐप कॉल करता था और उन्हें ऑनलाइन गालियां भेजता था जिसकी महिला पत्रकार अकसर अनदेखी करती थी।

अधिकारी ने बताया कि महिला पत्रकार ने अपनी शिकायत ने आरोप लगाया है कि वह पिछले दो महीने से इस उत्पीड़न का सामना कर रही है। उसने उसे पुलिस में मामला दर्ज कराने की चुनौती भी दी और यह धमकी भी दी कि यदि वह उसे जवाब नहीं देगी तो वह उसके घर पहुंच जाएगा। इसके बाद महिला पत्रकार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद हमने इदरिशि को पकड़ने के लिए तकनीकी सहायता ली।’

अधिकारी के मुताबिक, आरोपी पर आईपीसी की धारा 354A , 354D और 506 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी कानून से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नए टैरिफ ऑर्डर को लेकर TRAI ने दिए ये निर्देश

ट्राई के अनुसार, इस कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंज्यूमर्स को अपने पसंदीदा चैनल और बुके चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
TRAI

‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) ने घोषणा की है कि नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के प्रावधान एक मार्च से अस्तित्व में आ जाएंगे। इन्हें लागू करने के लिए सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा इस अवधि तक तमाम तैयारियां की जानी हैं।

ट्राई का कहना है कि यह सुनिश्चित किया गया है कि एक मार्च 2020 से पहले उपभोक्ताओं को अपने पसंदीदा चैनल्स और बुके (bouquets) चुनने के लिए पर्याप्त समय मिले। इसलिए सभी सर्विस प्रोवाइडर्स को भी इसी तरह से कदम उठाने होंगे, ताकि उपभोक्ताओं को अपने पसंदीदा चैनल चुनने के लिए पर्याप्त समय मिल सके और एक मार्च 2020 से नया टैरिफ ऑर्डर लागू हो सके।  

ट्राई की ओर से इस बारे में जारी एक आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया है कि सभी पे ब्रॉडकास्टर्स को चैनल अथवा बुके की कीमत में अथवा बुके के बारे में हुए बदलावों के बारे में 15 जनवरी 2020 तक ट्राई को रिपोर्ट करने के साथ ही अपनी वेबसाइट पर भी पब्लिश करना था।

इसी तरह, सभी ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ (DPO) को भी नेटवर्क कैपेसिटी फीस, पे चैनल्स के डिस्ट्रीब्यूटर रिटेल प्राइस, पे चैनल्स के बुके की लिस्ट, फ्री टू एयर चैनल्स के बुके की लिस्ट आदि में कोई बदलाव होने पर ट्राई को सूचना देने के साथ ही अपनी वेबसाइट पर भी जनवरी 2020 तक इसकी सूचना देनी थी। इस दौरान ये देखा गया कि अब तक तमाम ब्रॉडकास्टर्स द्वारा न तो ट्राई को इस बारे में सूचना दी गई और न ही वेबसाइट पर कोई जानकारी पब्लिश की गई। यह भी देखा गया कि कई ब्रॉडकास्टर्स द्वारा अपनी वेबसाइट पर जो सूचना दी गई, उनमें पे चैनल्स के बुके में मौजूदा टैरिफ ऑर्डर 2017 (जिसे अब टैरिफ ऑर्डर 2020 से संशोधित किया गया है) के नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसी तरह, कुछ डीपीओ द्वारा भी न तो अपनी वेबसाइट पर आवश्यक जानकारी पब्लिश की गई है और न ही एक जनवरी 2010 को पब्लिश टैरिफ अमेंडमेंट ऑर्डर के अनुसार, चैनल्स का नया बुके तैयार किया गया है।

उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए अब सभी संबंधित पक्षों को इसके बारे में समस्त जानकारी देनी होगी और इसे वेबसाइट पर पब्लिश करना होगा। ट्राई ने ब्रॉडकास्टर्स से यह भी कहा है कि चैनल के नाम, प्रकृति, भाषा, एमआरपी आदि में कोई भी बदलाव करने से करीब 45 दिन पूर्व इसकी सूचना अथॉरिटी को देनी होगी। इसके साथ ही यह जानकारी ब्रॉडकास्टर को अपनी वेबसाइट पर भी पब्लिश करनी होगी। डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी नेटवर्क कैपेसिटी फीस, नाम, नेचर, डिस्ट्रीब्यूटर रिटेल प्राइस आदि के बारे में कोई भी बदलाव करने से पहले कम से कम 30 दिन पहले इसकी सूचना अथॉरिटी को देनी होगी और अपनी वेबसाइट पर भी पब्लिश करनी होगी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

स्टार ग्रुप के सग्निक घोष ने इन दो चैनलों की छोड़ी कमान  

स्टार ग्रुप (Star Group) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सग्निक घोष ने कंपनी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
sagnik-ghosh

स्टार ग्रुप (Star Group) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, ‘स्टार जलशा’ (Star Jalsha) और ‘जलशा मूवीज’ (Jalsha Movies) के वाइस प्रेजिडेंट व बिजनेस हेड सग्निक घोष ने कंपनी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वे फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं। बताया जा रहा है कि वे जल्द ही नई पारी शुरू करेंगे, लेकिन अभी इसकी नहीं मिल पाई है।

 घोष पिछले चार साल पांच महीनों से स्टार में बंगाली चैनलों की कमान संभाले हुए थे। वे इन दोनों चैनलों में बिजनेस ऑपरेशंस, कंटेंट डेवलपमेंट व प्रोग्रामिंग स्ट्रैटजी पर काम कर रहे थे।

अपनी इस भूमिका को निभाने से पहले वे ‘स्टार भारत’ (Star Bharat) के जनरल मैनेजर व बिजनेस हेड के तौर पर स्टार ग्रुप में अपना योगदान दे रहे थे। उन्होंने ‘एक्सिस बैंक’ (Axis bank) के साथ चार साल, दस महीने काम किया।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

PMAR 2020: BARC के CEO ने बताया, TV के लिए 2019 क्यों रहा खास

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (BARC इंडिया) के सीईओ सुनील लुल्ला ने 'BARC में नया क्या?' इस विषय पर अपनी राय रखी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 14 February, 2020
Last Modified:
Friday, 14 February, 2020
sunil

मुंबई के सांताक्रूज स्थित ताज होटल में गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया और ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री को लेकर पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2020 (PMAR) जारी की गई, जिसका अनावरण ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ (BARC) इंडिया के सीईओ सुनील लुल्ला समेत कई अन्य दिग्गजों की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान लुल्ला ने 'BARC में नया क्या?' इस विषय पर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि पिछले साल टेलिविजन पर एफएमसीजी (FMCG) कैटेगरी के ही सबसे ज्यादा विज्ञापन दिखाई दिए और पिछले कुछ वर्षों में यदि सभी तरह के विज्ञापनों को देखें, तो इस कैटेगरी के विज्ञापनों ने इनके बीच 57 फीसदी की हिस्सेदारी दर्ज कर अपना वर्चस्व बनाया है।

न्यूज जॉनर के डेटा शेयर करते हुए, लुल्ला ने कहा कि न्यूज देखने वाले दर्शकों की संख्या के हिसाब से साल 2019 ने एक रिकॉर्ड कायम किया और वह था कि यदि पिछले 4 वर्षों में सबसे ज्यादा दर्शकों की संख्या वाले हफ्ते देखें तो ऐसे पांच हफ्तों में चार हफ्ते तो 2019 में ही दर्ज किए गए और वह इसलिए क्योंकि बाढ़, भारी बारिश, पड़ोसी देश के साथ तनावपूर्ण संबंध और आम चुनाव जैसी घटनाएं इन्हीं हफ्तों में शामिल रही थीं।

इस बीच, लुल्ला ने यह भी कहा कि आईपीएल-12 के दौरान यदि अधिकांश दर्शकों द्वारा देखे गए टॉप-5 मैचों की बात करें तो इनमें मुंबई इंडियंस के मैच ही शामिल रहे हैं, क्योंकि जब-जब मुंबई इंडियंस का मैच हुआ, आईपीएल देखने वाले दर्शकों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गई।

रीजनल मार्केट के दिलचस्प आंकड़े शेयर करते हुए लुल्ला ने कहा कि अन्य भाषाओं वाले पे जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स की तुलना में तमिल भाषीय चैनल्स के एडवरटाइजर्स (901) सबसे ज्यादा रहे हैं, जबकि हिंदी भाषा वाले चैनल्स (575) से यह संख्या 1.6 गुना ज्यादा है। हालांकि, तेलुगू फिल्म 'आईस्मार्ट शंकर’ (ISmart Shankar)  देशभर में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म रही। इस वर्ल्ड टेलिविजन प्रीमियर की औसतन रेटिंग 14.4 प्रतिशत थी।

लुल्ला ने इस दौरान यह भी कहा कि अन्य खेलों की तुलना में  फुटबॉल को सिर्फ 3 प्रतिशत दर्शकों ने ही देखा है, जिसमें से आधे से ज्यादा दर्शक केरल, असम/उत्तर पूर्वी/ सिक्किम और पश्चिम बंगाल से आते हैं। वहीं मिश्रित मार्शल आर्ट्स और टेनिस जैसे खेलों को 45 प्रतिशत से भी ज्यादा महिलाएं देखना पसंद करती हैं। वहीं और भी इस तरह के कुछ दिलचस्प आंकड़े हैं, जोकि बड़ी चीजों के सामने दब जाते हैं।

आईपीएल का नया सीजन शुरू होने में अभी एक महीने से ज्यादा का समय है। ऐसे में आईपीएल के बारे में बात करते हुए लुल्ला ने कहा कि विज्ञापनों के लिहाज से 2019 एक बहुत बड़ा साल था। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रॉडकास्टर ने मैच को कई अलग-अलग भाषाओं में प्रसारित किया। फिनाले को तो 17 अलग-अलग टीवी चैनलों पर प्रसारित किया गया था, लिहाजा विज्ञापन भी अलग चैनलों पर प्रसारित हुए थे। ऐसे में बीता साल विज्ञापनों के लिहाज से बेहद खास रहा। वैसे पिछले 4 वर्षों में आईपीएल पर विज्ञापनों में खासा वृद्धि हुई है।

लुल्ला ने आगे कहा कि आईपीएल-12 को 424 मिलियन दर्शकों ने टीवी पर लाइव देखा और यह संख्या आईपीएल-11 की तुलना में 2 प्रतिशत ज्यादा है। लाइव टीवी पर IPL-12 ने 1.58 बिलियन इंप्रेशन दर्ज किए, जोकि पिछले सीजन (आईपीएल-11) की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक हैं। इस दौरान 81 प्रतिशत दर्शकों की संख्या स्थानीय/क्षेत्रीय भाषाओं से आई, लेकिन इसमें हिंदी का दबदबा रहा। जबकि पिछले सीजन (आईपीएल-11) में यह संख्या 77 प्रतिशत थी।

जॉनर और लैंग्वेजेस के आधार पर विज्ञापनों की संख्या में जो ग्रोथ हुई है, उसके बारे में आंकड़े साझा करते हुए लुल्ला ने कहा कि पिछले चार वर्षों में, भोजपुरी में 24% विज्ञापनों की संख्या बढ़ी है, इसके बाद बंगाली में 19%, मलयालम में 15% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पंजाबी और गुजराती में विज्ञापनों की संख्या में क्रमशः 13% और 11% की वृद्धि देखने को मिली है।

उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर विज्ञापनों की संख्या में ज्यादा इजाफा देखने को नहीं मिला और यह 2018 की तरह ही रहा। लेकिन सवाल यहां ये उठता है कि जो वृद्धि हुई है, फिर वह कहां से हुई है? इसलिए यह देखकर आप उम्मीद कर सकते हैं कि वर्ष 2020 के साथ-साथ आने वाले समय में भी यह वृद्धि देखी जा सकती है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज चैनल पर दिखाई गई ये खबर थोड़ी हटके है...

न्यूज चैनल पर आपने कई तरह की खबरें देखी होंगी, पर ये खबर थोड़ी हटके है। इस खबर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
anchor

न्यूज चैनल पर आपने कई तरह की खबरें देखी होंगी, पर ये खबर थोड़ी हटके है। इस खबर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ये खबर जुड़ी है एक न्यूज एंकर से।  

दरअसल, मशहूर मलयालम न्यूज चैनल ‘मातृभूमि’ की न्‍यूज एंकर और चीफ सब एडिटर की पोस्‍ट पर काम कर रहीं सृजा श्‍याम प्रतिदिन की तरह बुलेटिन पढ़ रही थीं और तभी उन्‍हें लाइव टीवी पर एक ऐसी खबर पढ़ने को मिली, जोकि खुद उनसे ही जुड़ी थी। खबर पढ़ते समय वे थोड़ी असमंजस में भी पड़ गईं, पर जैसे-जैसे खबर पढ़ती गईं उन्हें इस बात का एहसास हो गया कि ये खबर उनसे ही जुड़ी है।

बता दें कि सृजा जिस समय न्‍यूज पढ़ रहीं थीं, उस समय वे टीवी पर लाइव थीं। वे उन लोगों के बारे में खबर पढ़ रहीं थीं जिन्‍हें केरल सरकार के मीडिया अवॉर्ड्स 2019 के लिए चुना गया था। जब सृजा को टीवी प्रॉम्‍पटर पर अपना नाम दिखा तो वे असमंजस में पड़ गईं, लेकिन जैसे-जैसे वे खबर पढ़ती रहीं सृजा को एहसास हो गया कि उन्‍हें बेस्‍ट न्‍यूज एंकर अवॉर्ड के लिए चुना गया है।

टीवी पर ग्राफिक्स के साथ एंकर-विजुअल चल रहे थे। सृजा पीछे से अपनी आवाज दे रहीं थीं, जिसमें उनकी खुशी साफ तौर से झलक रही थी। जैसे ही कैमरा वापस सृजा की तरफ मुड़ा, वह अपनी हंसी दबाते हुए दिखीं।

मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, सृजा के साथ न्‍यूज डेस्‍क पर काम करने वाले लोगों को जब इस बात का पता चला, तो उन्‍होंने ही सृजा के लिए ये सरप्राइज प्‍लान किया था। अब ये विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

‘पत्रिका’ में बड़े उलटफेर, मध्यप्रदेश से दिल्ली आए जिनेश जैन

मध्यप्रदेश में ‘पत्रिका’ को नए मुकाम पर पहुंचाने वाले स्टेट एडिटर जिनेश जैन का दिल्ली तबादला हो गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
Jinesh jain

मध्यप्रदेश में ‘पत्रिका’ को नए मुकाम पर पहुंचाने वाले स्टेट एडिटर जिनेश जैन का दिल्ली तबादला हो गया है। हालांकि, अभी यह पता नहीं चला है कि उनकी नई जिम्मेदारी क्या होगी, लेकिन खबरों के मुताबिक ‘पत्रिका’ समूह किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और उसी के लिए जैन को दिल्ली बुलाया गया है।

जिनेश जैन उन संपादकों में शुमार हैं, जो जमीनी स्तर पर काम को बढ़ावा देते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने खुद गांव-गांव घूमकर जनता की नब्ज टटोलने का प्रयास किया था और उनके आंकलन बेहद सटीक साबित हुए थे। जैन के दिल्ली तबादले से भोपाल पत्रिका में मायूसी है, क्योंकि उन्होंने हमेशा केबिन संस्कृति से दूर रहकर एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की, जहां सबको सहजता से अपनी बात रखने की आजादी थी। वह अगले हफ्ते से दिल्ली में अपनी नई पारी शुरू करेंगे। जिनेश जैन के स्थान पर ‘पत्रिका’ इंदौर के संपादक विजय चौधरी को भोपाल भेजा गया है। चौधरी ने छह महीने पहले ही इंदौर में जॉइन किया था।

वहीं, पत्रिका डिजिटल के मध्य-प्रदेश प्रमुख शैलेन्द्र तिवारी का भी दिल्ली तबादला किया गया है। प्रबंधन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। अब वह समूह के दिल्ली स्थित कार्यालय में सेवाएं देंगे। मूलरूप से उत्तर प्रदेश निवासी तिवारी पिछले 13 वर्षों से पत्रिका समूह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2002 में मध्य प्रदेश से प्रकाशित होने वाले अखबार ‘स्वदेश’ से की। इसके बाद ‘नवभारत’, ‘नई दुनिया’ जैसे मीडिया संस्थानों से होते हुए पत्रिका समूह का दामन थामा और पिछले 13 सालों से यहीं सेवाएं दे रहे हैं। तिवारी ने ग्वालियर में पत्रिका की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तबादले की सूचना मिलने के बाद बुधवार को ‘पत्रिका भोपाल’ द्वारा अपने दोनों संपादकों को गरिमामय विदाई दी गई।

‘पत्रिका’ समूह ने दो अन्य संपादकों का भी तबादला किया है। कोटा के संपादक राजेश त्रिपाठी को इंदौर की कमान सौंपी गई है। जबकि अजमेर से कान्हाराम मुंडियार को कोटा भेजा गया है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकारों के लिए गोरखनाथ मंदिर में प्रवेश अब नहीं आसान, वजह कर देगी हैरान

यूपी के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में सतर्कता बढ़ा दी गई है, खासकर पत्रकारों को अब कड़ी जांच के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
gorakhnath

यूपी के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में सतर्कता बढ़ा दी गई है, खासकर पत्रकारों को अब कड़ी जांच के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि खुफिया एंजेसी की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि आतंकवादी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला करने की फिराक में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, आतंकी पत्रकार के वेश में गोरखनाथ मंदिर में योगी पर हमला कर सकते हैं, लिहाजा मंदिर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

आपको बता दें कि गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्रकार सहजता से मिल सकते हैं। खुफिया सूचना के मुताबिक आतंकी इसका फायदा उठा सकते हैं। वे पत्रकारों के बीच में शामिल होकर जानलेवा हमला कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों के अलर्ट को पुलिस, प्रशासन ने गंभीरता से लिया और इसे लेकर अब सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले पत्रकारों की सघन चेकिंग की जाएगी। केवल उन्हीं पत्रकारों को अंदर जाने की इजाजत होगी जिनके पास पुलिस द्वारा जारी पहचान पत्र रहेगा। इसके लिए शहर के पत्रकारों की एलआईयू जांच कराने के बाद सबके फोटोयुक्त पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं।  

वहीं, एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता के बताया कि पत्रकारों को असुविधा न हो और उनकी पहचान भी हो सके इसके लिए पहचान पत्र बनवाया गया है। जल्द ही अधिकृत पत्रकारों को फोटोयुक्त पहचान पत्र मुहैया कराया जाएगा।  

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

HC में अब इस दिन होगी नए टैरिफ ऑर्डर के खिलाफ याचिका पर सुनवाई

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के खिलाफ दायर याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने केस की सुनवाई के लिए नई तारीख दे दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 February, 2020
TRAI

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के खिलाफ दायर याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने केस की सुनवाई के लिए नई तारीख दे दी है। अब 26 फरवरी को इस मामले की सुनवाई होगी।

बता दें कि ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ ने 13 जनवरी को कोर्ट में ट्राई के खिलाफ एक याचिका दायर कर नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए पहले 22  जनवरी और फिर 30 जनवरी की तारीख तय कर दोनों पक्षों को तलब किया था। 30 जनवरी को कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख निश्चित की थी। लेकिन 12 फरवरी को कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी है।

गौरतलब है कि ट्राई ने एक जनवरी को नई टैरिफ पॉलिसी जारी की थी, जिसके तहत ब्रॉडकास्टर्स को 15 जनवरी से चैनल्स के लिए नई मूल्य सूची अपनाने का निर्देश दिया गया था। ट्राई के इस नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) का टीवी ब्रॉडकास्टर्स ने विरोध किया था और संयुक्त रूप से इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जानें, क्या है Zee News और सुधीर चौधरी पर हुए 'हमले' की हकीकत

फेसबुक पर ‘जी न्यूोज’ और उसके एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी पर हमले के बारे में फेसबुक पर एक पोस्ट वायरल हो रही है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 12 February, 2020
Sudhir Chaudhary

फेसबुक पर ‘जी न्‍यूज’ और उसके एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी पर हमले के बारे में इन दिनों एक फेसबुक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। लेकिन, फैक्ट चेक में वायरल हो रही यह खबर झूठी निकली है। दरअसल, कुछ लोगों ने पुरानी तस्‍वीरों को लेकर सुधीर चौधरी पर निशाना साधते हुए यह झूठ फैलाया था कि ‘जी न्‍यूज’ के ऑफिस पर दिल्‍ली के नाराज लोगों ने तोड़फोड़ की।

इस पोस्ट की जब पड़ताल की गई तो यह झूठी साबित हुई है। जांच में पता चला कि न तो ‘जी न्‍यूज’ के ऑफिस पर और न ही सुधीर चौधरी पर किसी तरह का कोई हमला हुआ है। फेसबुक पर वायरल तस्‍वीरें पुरानी हैं। इन्हें जानबूझ कर फर्जी दावों के साथ चलाया गया है।

बता दें कि फेसबुक पेज Ravish Ki Sena ने 10 फरवरी को एक पोस्‍ट अपलोड करते हुए दावा किया था,‘दिल्ली के लोगों को मुफ्तखोर और गद्दार कहने पर भड़की दिल्ली की जनता… जी न्यूज के ऑफिस पर लोगों का हमला बधाई हो।‘

लेकिन वायरल पोस्‍ट को देखने पर पता चला कि इस पोस्ट में दो तस्‍वीरों का इस्‍तेमाल किया गया था। पहली तस्‍वीर में एक केबिन का टूटा हुआ शीशा दिखाया गया था, जबकि दूसरी तस्‍वीर में सुधीर चौधरी की नाक पर चोट देखी जा सकती है।

यह भी पढ़ें: वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी का मुंबई में हुआ एक्सिडेंट

जांच में पता चला कि इस पोस्ट में सुधीर चौधरी पर हमले की जो फोटो दिखाई गई है, वह उनके साथ मुंबई में छह महीने पहले हुए हादसे की फोटो है। सुधीर चौधरी ने अपने साथ हुए इस एक्सीडेंट के बारे में फेसबुक पर एक विडियो भी पोस्ट किया था। इस बारे में ‘समाचार4मीडिया’ ने 12 जुलाई को खबर भी पब्लिश की थी।

दूसरी तस्वीर की जांच में न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ का एक टवीट मिला। 1 दिसंबर 2017 को किए गए इस टवीट में बताया गया कि मुंबई के सीएसटी स्थित कांग्रेस ऑफिस में अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ की।

वहीं, सुधीर चौधरी ने भी ‘जी न्यूज’ और उन पर हमले के बारे में वायरल हो रहीं खबरों को झूठा बताया है। इसके बाद साबित हो गया कि ‘जी न्‍यूज’ और सुधीर चौधरी पर हमले के बारे में वायरल हो रही इस पोस्ट में कोई सच्चाई नहीं है और यह झूठी है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए