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अरुण पुरी, प्रणॉय रॉय, अभिक सरकार, राहुल जोशी, सुधीर चौधरी के खिलाफ केस दर्ज...
नेताओं को खुश करने के लिए कार्यकर्ता क्या कुछ नहीं करते, लेकिन....
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नेताओं को खुश करने के लिए कार्यकर्ता क्या कुछ नहीं करते, लेकिन झारखंड के पवन कुमार साह ने जो किया है, उसे देखने के बाद यह समझना मुश्किल है कि इसके लिए हिम्मत ज्यादा चाहिए या कुछ और। साह ने सार्वजानिक रूप से स्थानीय सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के पैर धोए और उस पानी को पी लिया। यह दृश्य देखकर सामान्य लोगों का जी-मचलना स्वाभाविक है, लेकिन न तो साह और न ही सांसद मोहदय को ऐसी कोई शिकायत हुई। हां इतना जरूर है कि जब मीडिया ने भक्ति, चाटुकारिता या स्वयं को भगवान रूपी अवतार में पेश करने के इस नजारे को जनता के सामने रखा, तो दोनों का ही मिजाज गर्म हो गया।
पहले, सांसद महोदय ने यह समझाने का प्रयास किया कि जो कुछ हुआ, उसमें उनका कोई हाथ नहीं था। उन्होंने बस साह के हठ पर अपने चरण उसे दे
दिए थे, अब यदि साह ने उनके चरण धोकर उस पानी को चरणामृत
समझकर पी लिया तो इसमें उनका कोई दोष नहीं। जब जनता, मीडिया
और विरोधियों को यह तर्क समझ नहीं आया, तो पवन कुमार साह ने
खुद मोर्चा संभाला और उन अखबारों और न्यूज चैनलों को नोटिस भेज उनके खिलाफ केस कर
डाला, जिन्होंने इस अनोखी भक्ति से लोगों को रूबरू कराया।
दरअसल, झारखंड के गोड्डा के सांसद निशिकांत
दुबे ने रविवार को कलाली कन्हवारा पुल का शिलान्यास किया था। शिलान्यास कार्यक्रम
में जब सांसद पहुंचे तो पार्टी कार्यकर्ता पवन साह ने उनका न सिर्फ सैकड़ों लोगों
की मौजूदगी में पैर धोकर स्वागत किया, बल्कि चरणामृत मानकर
उस पानी को पी भी लिया। सांसद ने इस तस्वीर को अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए
कार्यकर्ता की महानता की तारीफ कर दी। हालांकि जब इस तस्वीर पर लोगों की
टिप्पणियां आनी शुरू हुईं, तो उन्होंने पैर धोने की
आदिवासियों की पुरानी परंपरा कह अपना बचाव किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि साह के
हाथ में चाकू था। पैर नहीं धुलवाने पर वह स्वयं को चाकू मारने की बात कर रहा था।
मजबूरी में मुझे पैर धोने देना पड़ा। वह एक बार अपने खून से अभिषेक कर चुका है। वह
काफी जिद्दी प्रवृति का है, रामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान
जेल भी जा चुका है।
लेकिन जब इससे भी विरोध और बवाल की आग ठंडी नहीं पड़ी, तो सांसद महोदय अपने भक्त को लेकर पत्रकारों के समक्ष पहुंचे। वहां,
पवन कुमार साह ने कहा कि वह पॉकेट में चाकू रखे हुए था। अगर सांसद
पैर धुलवाने को राजी नहीं होते तो वह चाकू मारकर आत्महत्या कर लेता। वह पहले भी
चाकू से अंगुली चीरकर तिलक लगा चुका है। सांसद इस बात को जानते थे, इसलिए वे पैर धुलवाने को राजी हुए। पवन ने यह भी कहा कि मैंने करीब दस
वर्ष पूर्व सांसद को नदी पर पुल निर्माण कराने का अनुरोध किया था और उसी दिन
संकल्प लिया था कि पुल का शिलान्यास होने पर सांसद का पैर धोकर उसे पीउंगा। मैंने
अपना संकल्प पूरा किया। इसी मौके पर उसने विवाद में सांसद को घसीटने वालों पर
मुकदमा दर्ज कराने की बात कही और बाकायदा ऐसा किया भी।
पवन कुमार साह ने वरिष्ठ पत्रकार रोहणी सिंह, आजतक के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण पुरी, एनडीटीवी के संस्थापक प्रणव रॉय, राधिका रॉय, एबीपी समूह के वॉइस चेयरमैन अभिक सरकार, न्यूज18 के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल जोशी, जी न्यूज के प्रधान संपादक सुधीर चौधरी, दैनिक भास्कर के प्रधान संपादक सुधीर अग्रवाल और दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक चंदन शर्मा आदि के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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