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देश में हो रहा है लोकतंत्र पर उपहास, उमेश पत्रकार हैं या आतंकवादी?
‘समाचार प्लस’ के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ उमेश कुमार शर्मा पर एक के बाद एक आरोप...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
प्रवीण साहनी।।
‘समाचार प्लस’ के सीईओ
व एडिटर-इन-चीफ उमेश कुमार शर्मा पर एक के बाद एक आरोप और बढ़ते मुक़दमे लोकतंत्र
पर उपहास है। सरकार रातोंरात घर पर छापा मारती है, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगता। फिर
आरोप से भरे मुक़दमे डालती है, जो कोर्ट में टिकते नहीं। मक्खी मारने जैसे मामले
बना दिए जाते हैं, फिर ज़मानत मिल जाती है और हाई कोर्ट सरकार को फटकार लगाती
है, लेकिन अभी भी उत्तराखंड में बैठे मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार की आग बुझी नहीं,
इसलिए जनाब रांची से पुरानी दोस्ती के बल पर और मुकदमा डलवा देते हैं।
दो सौ पुलिसकर्मियों
की तैनाती में जेल के सारे क़ायदे तोड़कर आतंकी की तरह जेल से बाहर निकालकर और साठ
घंटे का सफ़र कराकर उमेश को पुलिस रांची के हवाले कर आती है। अब रांची से ज़मानत
की मशक्कत शुरू हुई। मेरिट पर मामला कुछ था ही नहीं, फिर भी पत्रकार पर राजद्रोह का मामला
लगा दिया। इसके चलते जज भी छुट्टी पर निकल गए। प्रशासन को आधार कुछ नहीं मिला तो
कुछ धारा हट गईं और उमेश को सोमवार को ज़मानत मिल गई, लेकिन यहां एक और कहानी
सरकार ने तैयार कर ली। सोमवार को ही देहरादून से दूसरे मामले में वारंट आ गया कि उमेश
को फिर से देहरादून पेश किया जाए।
अब फिर उमेश ख़ुद को बेक़सूर साबित करेंगे और फिर सरकार कोई नया मामला ढूंढ लेगी उमेश को जेल में रखने का। सवाल ये है कि ये सारा खेल क्यूं? क्यूंकि मुख्यमंत्री रावत ख़ुद को भ्रष्ट साबित होने से नहीं रोक सकेंगे, अगर उमेश बाहर आते हैं।
टैग्स पत्रकार उमेश कुमार शर्मा