होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / #MeToo: एमजे अकबर-प्रिया रमानी मामले में कोर्ट ने दिया ये आदेश...
#MeToo: एमजे अकबर-प्रिया रमानी मामले में कोर्ट ने दिया ये आदेश...
पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने पत्रकार प्रिया रमानी को सोमवार को जमानत दे दी है। जमानत मिलने के बाद प्रिया रमानी ने कहा, 'सत्य ही उनकी ढाल है' और वह जल्दी ही कोर्ट को अपनी कहानी बताएंगी।
इस मामले में सोमवार को प्रिया रमानी बतौर आरोपी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुईं और जमानत के लिए अर्जी लगाई। कोर्ट ने कुछ ही मिनट हुई सुनवाई के बाद प्रिया रमानी को 10 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी। प्रिया रमानी की तरफ से जमानत मिलने के बाद एक और अर्जी लगाई गई, जिसमें मामले की सुनवाई के दौरान उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की कोर्ट से गुहार लगाई गई थी, लेकिन एमजे अकबर के वकीलों ने प्रिया रमानी की अर्जी का विरोध किया।
कोर्ट ने इस मामले में अकबर के वकीलों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 8 अप्रैल तक का वक्त दिया है। जमानत मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रिया रमानी ने कहा, 'वे मेरे खिलाफ आरोप तय करेंगे। इसके बाद मैं अपनी कहानी बताऊंगी। सत्य ही मेरी रक्षा करेगा।' इस मामले की अगली सुनवाई अब 8 मार्च को होगी।
गौरतलब है कि #MeToo कैंपेन के तहत प्रिया रमानी ने अकबर पर 20 साल पहले उनके साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि अकबर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। अकबर ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद पिछले वर्ष 17 अक्टूबर को विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
इस मामले में कोर्ट ने प्रिया रमानी को आरोपी मानते हुए 25 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया था। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने अकबर की ओर से दाखिल याचिका और पेश साक्ष्यों पर विचार करने के बाद रमानी के खिलाफ समन जारी किया था।
प्रिया रमानी बतौर पत्रकार एमजे अकबर के साथ काम कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर प्रिया रमानी के इस आरोप के बाद तो एमजे अकबर पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली महिला पत्रकारों की जैसे बाढ़ सी आ गई थी। यह मामला सामने आने के बाद संपादकों की संस्था ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर और तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की सदस्यता निलंबित कर दी थी।
टैग्स एमजे अकबर प्रिया रमानी पटियाला हाउस कोर्ट