राजस्थान की कम्प्यूकॉम सॉफ्टवेयर लिमिटेड कंपनी के दो नये न्यूज चैनल जन टीवी और जन टीवी प्लस अपना विस्तार उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में करने जा रहे हैं। समाचार4मीडिया से बात करते चैनल के इंचार्ज मनोज अग्रवाल ने बताया कि हम जल्द ही इन दोनो प्रदेशों में डिस्टिब्यूशन और कंटेट के लिहाज से रिजनल आफिस खोलने का विचार कर रहे है। चैनल पर उत्तर प्रदेश और मध
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
वह कंपनी में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे और Times Television Network के सीईओ आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।
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Samachar4media Bureau
टाइम्स नेटवर्क (Times Network) ने जाने-माने टीवी पत्रकार शमशेर सिंह को अपने हिंदी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत (Times Now Navbharat) के मैनेजिंग एडिटर का अंतरिम प्रभार सौंपा है। वह यह जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से संभालेंगे। इसके साथ ही वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे।
शमशेर सिंह फिलहाल मैनेजिंग एडिटर – डिजिटल (हिंदी और स्थानीय भाषाएं) के पद पर हैं। इस भूमिका के तहत वह टाइम्स ग्रुप की हिंदी और स्थानीय भाषाओं की डिजिटल न्यूज प्रॉपर्टीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
नई अंतरिम जिम्मेदारी के तहत शमशेर सिंह Times Television Network के CEO और Media & Entertainment के Chief Growth Officer आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पूर्व मैनेजिंग एडिटर रंजीत कुमार के टाइम्स नेटवर्क से अलग होने के बाद उनके अधीन रिपोर्ट करने वाले सभी सहयोगी अब इस अंतरिम अवधि के दौरान शमशेर सिंह को रिपोर्ट करेंगे।
समाचार4मीडिया की ओर से शमशेर सिंह को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं।
वर्तमान में साक्षी कोहली ‘हार्पर्स बाजार इंडिया’ , ‘कॉस्मोपॉलिटन इंडिया’ , ‘हैलो! इंडिया’ और ‘ब्राइड्स टुडे’ की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
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'इंडिया टुडे ग्रुप' (India Today Group) ने अपने लग्जरी और लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो में नेतृत्व स्तर पर कई बदलावों की घोषणा की है। यह बदलाव ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ (India Today Spice) के इस पोर्टफोलियो में शामिल होने के बाद किए गए हैं।
समूह ने साक्षी कोहली को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें सीईओ (Luxury and Lifestyle Business) के रूप में नई भूमिका दी है। साक्षी कोहली अब अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ के बिजनेस का भी नेतृत्व करेंगी।
वर्तमान में साक्षी कोहली ‘हार्पर्स बाजार इंडिया’ (Harper’s Bazaar India), ‘कॉस्मोपॉलिटन इंडिया’ (Cosmopolitan India), ‘हैलो! इंडिया’ (Hello! India) और ‘ब्राइड्स टुडे’ (Brides Today) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उनके कार्यक्षेत्र में ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ भी शामिल हो गया है।
कोहली ‘इंडिया टुडे’ समूह के साथ लंबे समय से जुड़ी हुई हैं। उन्हें कम्युनिकेशन, ब्रैंड बिल्डिंग, मीडिया इवेंट्स, एंटरटेनमेंट और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले वह ‘ताज ग्रुप ऑफ होटल्स’ और ‘द ओबेरॉय ग्रुप’ में लंबी पारी खेल चुकी हैं और कम्युनिकेशंस, प्रॉडक्ट लॉन्चिंग व मार्केटिंग आदि में तमाम प्रमुख जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
इसके अलावा समूह ने अन्य नेतृत्व बदलावों की भी घोषणा की है। इसके तहत रुचिका मेहता अब अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अतिरिक्त ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ की एडिटर का दायित्व भी संभालेंगी। वहीं, कमलिनी चटर्जी को ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ की सेल्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंडिया टुडे ग्रुप का कहना है कि ये बदलाव उसके लग्जरी और लाइफस्टाइल बिजनेस को और मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
News Leader से जुड़ने से पहले वह इंडिया टीवी (India TV) में करीब चार साल तक वाइस प्रेजिडेंट (Ad–Sales) के पद पर कार्यरत थे।
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‘न्यूज लीडर’ (News Leader) ने मनन शील भसीन को अपना चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में मनन शील भसीन चैनल के रेवेन्यू फंक्शन का नेतृत्व करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च की तैयारी के बीच वह चैनल के विज्ञापन और मोनेटाइजेशन से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाएंगे।
मनन शील भसीन को मीडिया सेल्स और रेवेन्यू लीडरशिप में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है। News Leader से जुड़ने से पहले वह इंडिया टीवी (India TV) में करीब चार साल तक वाइस प्रेजिडेंट (Ad–Sales) के पद पर कार्यरत थे।
इससे पहले मनन शील भसीन नेटवर्क18 (Network18), एबीपी न्यूज (ABP News) और टीवी टुडे (TV Today) में वरिष्ठ सेल्स भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।
News Leader के मुताबिक, मनन शील भसीन के अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड के साथ जुड़ने से चैनल के रेवेन्यू फंक्शन को मजबूत और बड़े स्तर पर तैयार करने की दिशा में मदद मिलेगी। चैनल आने वाले हफ्तों में अपने डिस्ट्रीब्यूशन और व्यूअरशिप को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नई दिल्ली में उर्दू सहाफ़त कॉन्क्लेव में उर्दू भाषा, पत्रकारिता, साझा सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय निर्माण में भूमिका पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू समेत विशेषज्ञों ने चर्चा की।
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नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के बज़्म-ए-सहाफ़त के तहत ‘उर्दू सहाफ़त कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में उर्दू भाषा, पत्रकारिता, साझा सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय निर्माण में उर्दू की भूमिका पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि उर्दू भाषा की मिठास का उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा एहसास है। उनके मुताबिक, उर्दू से परिचित व्यक्ति समृद्ध होता है। यह भाषा व्यक्तित्व को संवारने के साथ जीवन जीने के तौर-तरीके भी सिखाती है। उन्होंने कहा कि उर्दू पूरी तरह भारत की भाषा है और इसकी जन्मभूमि तथा मूल भारत है। इसे किसी धर्म या संप्रदाय से जोड़ना उचित नहीं है।
कॉन्क्लेव में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज़ हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain), पूर्व राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी (Shahid Siddiqui) और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रोफेसर शाहिद अख्तर (Professor Shahid Akhtar) समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के निदेशक एवं ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधे श्याम राय (Radhe Shyam Rai) ने उर्दू-हिंदी के मजबूत रिश्ते और साझा सांस्कृतिक परंपरा पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के निदेशक डॉ. मोहम्मद शम्स इकबाल (Dr. Mohammad Shams Iqbal) ने उर्दू पत्रकारिता की देश के निर्माण और विकास में भूमिका बताई।
शाहनवाज़ हुसैन ने उर्दू को साझा सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक बताया। वहीं शाहिद सिद्दीकी ने इसे तहज़ीब, शालीनता और प्रेम की भाषा बताते हुए उर्दू के प्रचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के इस्तेमाल की जरूरत बताई। प्रोफेसर शाहिद अख्तर ने कहा कि विकसित भारत 2047 में भारतीय भाषाओं, विशेषकर उर्दू की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के इतिहास और कार्यों पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसके बाद विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। दूसरे सत्र में ‘राष्ट्रीय निर्माण में उर्दू पत्रकारिता की भूमिका’ पर फिरोज़ बख्त अहमद (Firoz Bakht Ahmed), तहसीन मुनव्वर (Tahseen Munawwar), खुर्शीद रब्बानी (Khurshid Rabbani), अतहर सईद (Athar Saeed) और डॉ. वसीम राशिद (Dr. Wasim Rashid) ने विचार रखे।
तीसरे सत्र में ‘राजनीतिक संवाद में उर्दू की भूमिका’ पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Imran Masood), बीजेपी नेता आलोक वत्स (Alok Vats) और भारत एक्सप्रेस के एंकर रोहित पोखरियाल (Rohit Pokhariyal) ने चर्चा की।
अंतिम सत्र में ऑल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें इकबाल अशहर (Iqbal Ashhar), शालिनी सिंह (Shalini Singh), अनामिका जैन अंबर (Anamika Jain Amber), अलीना इत्रत (Alina Itrat) और मोइन शादाब (Moin Shadab) समेत कई शायरों और कवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सहयोगियों को मोमेंटो और भारत एक्सप्रेस की ओर से सम्मानित किया गया।
UFO Moviez India Limited ने TSR Films Private Limited के साथ चल रहे मध्यस्थता मामले (Arbitration Proceedings) को लेकर अपडेट दिया है।
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Vikas Saxena
UFO Moviez India Limited ने TSR Films Private Limited के साथ चल रहे मध्यस्थता मामले (Arbitration Proceedings) को लेकर अपडेट दिया है। कंपनी के मुताबिक, इस मामले में 17 सितंबर 2026 को मध्यस्थ (Sole Arbitrator) ने एक आदेश दिया, जिसके बाद पहले जारी किया गया अंतरिम यथास्थिति (Status Quo) आदेश वापस ले लिया गया। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के बीच हुआ विज्ञापन समझौता भी समाप्त हो गया है।
कंपनी ने 18 सितंबर 2026 को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह मामला 23 दिसंबर 2023 को हुए ऐडवर्टाइजमेंट एग्रीमेंट से जुड़ा है। इस समझौते के तहत TSR के सिनेमाघरों की स्क्रीन पर इन-सिनेमा विज्ञापन के अधिकार UFO Moviez के पास थे। इस मामले में जून 2025 में एक मध्यस्थ (Sole Arbitrator) की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, मध्यस्थता की कार्यवाही चल रही थी, उसी दौरान TSR ने 23 सितंबर 2025 को नोटिस देकर यह समझौता खत्म कर दिया था।
नोटिस मिलने के बाद UFO Moviez ने Arbitration and Conciliation Act, 1996 की धारा 17 के तहत एक अंतरिम आवेदन दाखिल किया था। इसमें कंपनी ने मध्यस्थता मामले के अंतिम निपटारे तक पहले से चल रही अनुबंध व्यवस्था को जारी रखने की मांग की थी।
इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को Sole Arbitrator ने अंतरिम यथास्थिति (Status Quo) का आदेश दिया था, जो तब से लागू था। हालांकि, करीब 10 महीने बाद TSR ने 29 जुलाई 2026 को इस यथास्थिति (Status Quo) आदेश को जारी रखने को Sole Arbitrator के सामने चुनौती दी।
अब 17 सितंबर 2026 के आदेश में Sole Arbitrator ने UFO Moviez की अंतरिम याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया। इसके साथ ही पहले दिया गया Status Quo का अंतरिम आदेश वापस ले लिया गया। इसके परिणामस्वरूप, दोनों कंपनियों के बीच हुआ विज्ञापन समझौता अब समाप्त माना जाएगा।
कंपनी ने साफ किया है कि इस आदेश के तहत उस पर कोई लागत, हर्जाना या किसी तरह की मौद्रिक देनदारी नहीं लगाई गई है।
मुख्य मामले पर इस आदेश का असर नहीं
UFO Moviez ने बताया कि यह आदेश केवल अंतरिम आवेदन तक सीमित है। इसमें मामले के मुख्य पक्षों यानी दोनों कंपनियों की ओर से किए गए दावों, बचाव और Counter Claim के गुण-दोष पर कोई फैसला नहीं दिया गया है।
कंपनी के मुताबिक, इस आदेश का मुख्य मामले पर कोई असर नहीं है। दोनों पक्षों के दावे अभी भी Sole Arbitrator के सामने लंबित हैं और UFO Moviez की ओर से पेश किया गया बचाव और Counter Claim भी प्रभावित नहीं हुआ है।
कंपनी पर बड़े वित्तीय असर की उम्मीद नहीं
UFO Moviez ने अपने मौजूदा आकलन के आधार पर कहा है कि इस आदेश से कंपनी के कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा प्रतिकूल असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
कंपनी ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि TSR के स्तर पर समझौते को लागू करने में आ रही दिक्कतों के कारण TSR की स्क्रीन पर विज्ञापन अधिकारों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। इसके चलते कंपनी के लिए यह व्यवस्था कुल मिलाकर नकारात्मक रिटर्न दे रही थी। कंपनी ने यह भी कहा कि इन कामकाजी दिक्कतों के कारण उसने जो कटौती की थी, वह भी मध्यस्थता मामले में उठाए गए मुद्दों में शामिल है।
UFO Moviez ने बताया कि वह अपने कानूनी सलाहकारों के साथ इस आदेश की समीक्षा कर रही है और अपने हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएगी। कंपनी को इस आदेश की जानकारी उसके वकीलों के जरिए 17 सितंबर 2026 को दोपहर 1:49 बजे मिली थी।
शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) की 21वीं सालाना आम बैठक (AGM) 14 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।
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Vikas Saxena
शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) की 21वीं सालाना आम बैठक (AGM) 14 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक में रखे गए सभी चारों प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए।
कंपनी की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी मतदान नतीजों के मुताबिक, AGM में रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान हुई ई-वोटिंग को मिलाकर मतदान के नतीजे जारी किए गए हैं। इन नतीजों के साथ स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट भी जमा की गई है।
पहला प्रस्ताव: फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी
पहले प्रस्ताव में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, जिसमें ऑडिट किए गए कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट भी शामिल हैं, को मंजूरी देने की बात थी। इसके साथ डायरेक्टरों और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को भी स्वीकार करने का प्रस्ताव रखा गया था।
इस प्रस्ताव पर कुल 1,96,93,131 वोट पड़े। इनमें 1,96,92,397 वोट पक्ष में और 734 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में पड़े वोट कुल वोटों का 99.9963% रहे। यह प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।
जय मारू की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी
दूसरे प्रस्ताव में जय मारू को डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई। जय मारू कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं और रोटेशन के आधार पर डायरेक्टर पद से रिटायर हो रहे थे। पात्र होने के कारण उन्होंने दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश किया था।
इस प्रस्ताव पर भी कुल 1,96,93,131 वोट पड़े। इनमें 1,96,92,336 वोट पक्ष में और 795 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में पड़े वोट 99.996% रहे। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हो गया।
Statutory Auditors की दोबारा नियुक्ति
तीसरे प्रस्ताव में M/s Mukund M. Chitale & Co., Chartered Accountants को कंपनी के Statutory Auditors के रूप में दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। फर्म का Registration Number 106655W है।
इस प्रस्ताव पर 1,96,92,336 वोट पक्ष में और 795 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में वोटों का प्रतिशत 99.996% रहा और प्रस्ताव पास हो गया।
Cost Auditors के पारिश्रमिक की पुष्टि
चौथे प्रस्ताव में 31 मार्च 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए Cost Auditors को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की पुष्टि करने का प्रस्ताव था। इस प्रस्ताव पर 1,96,92,397 वोट पक्ष में और 734 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में वोटों का प्रतिशत 99.9963% रहा। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।
मतदान से जुड़ी जानकारी
कंपनी के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट थी और उस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में कुल 13,945 शेयरधारक थे। AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 8 प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप और 40 सार्वजनिक शेयरधारक शामिल हुए। AGM में कुल 4 प्रस्ताव रखे गए थे और सभी प्रस्ताव पास हो गए।
रिमोट ई-वोटिंग की प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और 13 अगस्त 2026 शाम 5 बजे समाप्त हुई। वहीं, जो सदस्य रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोट नहीं कर सके, उनके लिए AGM के दौरान भी ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। इस सुविधा के जरिए 3 सदस्यों ने मतदान किया।
स्क्रूटिनाइजर के तौर पर Dipesh Gosar & Co. के प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी दिपेश यू. गोसार को नियुक्त किया गया था। उन्होंने ई-वोटिंग प्रक्रिया की जांच कर अपनी रिपोर्ट कंपनी को सौंपी।
GTPL Hathway Limited के बोर्ड ने 18 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कई अहम नियुक्तियों और एक निदेशक के इस्तीफे को मंजूरी दी है।
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Vikas Saxena
GTPL Hathway Limited के बोर्ड ने 18 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कई अहम नियुक्तियों और एक निदेशक के इस्तीफे को मंजूरी दी है। बोर्ड ने अश्विन कुमार पटेल को कंपनी का कंपनी सेक्रेट्री और कम्प्लॉयंस ऑफिसर (Key Managerial Personnel) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 19 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।
इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा B2B (CATV & Broadband) का बिजनेस हेड और चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर पीयूष पंकज को कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। वह सौरव बनर्जी की जगह लेंगे, जो 30 सितंबर 2026 को कामकाजी समय समाप्त होने के साथ रिटायर हो रहे हैं।
बोर्ड ने गौरव सिंह कपूर को भी कंपनी का एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। यह नियुक्ति कंपनी के सदस्यों की मंजूरी के अधीन है। मंजूरी मिलने के बाद वह Companies Act, 2013 और कंपनी के Articles of Association के मुताबिक रोटेशन के आधार पर रिटायरमेंट के दायरे में होंगे।
जानिए, कौन हैं अश्विन कुमार पटेल
अश्विन कुमार पटेल, इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के फेलो सदस्य हैं। उन्हें कंपनी सचिव से जुड़े काम और कानूनी मामलों, सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में कॉरपोरेट कानून के अनुपालन, प्रतिभूति कानून, कॉरपोरेट पुनर्गठन, जांच-पड़ताल, मुकदमेबाजी और कानूनी मामलों के प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने करीब 18 साल तक Electrotherm (India) Limited में अलग-अलग पदों और भूमिकाओं पर काम किया है।
पीयूष पंकज को मिली CFO की जिम्मेदारी
पीयूष पंकज को कुल 28 साल से ज्यादा का अनुभव है और वह पिछले 10 साल से GTPL Hathway से जुड़े हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कंपनी में कई अलग-अलग पदों पर काम किया है। फिलहाल वह B2B (CATV & Broadband) के बिजनेस हेड और चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे हैं।
वह चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट (CFA) हैं और उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया (ICFAI) से फाइनेंस और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Finance & IT) में एमबीए किया है।
गुरजीव सिंह कपूर बने एडिशनल डायरेक्टर
गुरजीव सिंह कपूर को 1 अक्टूबर 2026 से एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) बनाया गया है। गुरजीव सिंह का कंपनी के किसी भी मौजूदा डायरेक्टर के साथ कोई पारिवारिक या अन्य संबंध नहीं है।कंपनी ने यह भी बताया है कि गौरव सिंह कपूर को सेबी (SEBI) या किसी अन्य प्राधिकरण के आदेश के तहत डायरेक्टर पद संभालने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
गुरजीव सिंह को मीडिया इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का नेतृत्व अनुभव है। उन्होंने रणनीतिक विकास और बिजनेस ऑपरेशंस में बदलाव के क्षेत्र में काम किया है।
फिलहाल वह Hathway Cable and Datacom Limited (HCDL) में चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद पर हैं। HCDL से जुड़ने से पहले उन्होंने ESPN, Discovery और Sony Pictures जैसी कंपनियों में काम किया है। इससे पहले वह Disney Star में डिस्ट्रीब्यूशन व इंटरनेशनल बिजनेस के हेड रह चुके हैं, जहां उन्होंने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने और रेवेन्यू ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने Delhi College of Engineering से Bachelor of Engineering की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने Faculty of Management Studies, Delhi से Marketing Management में MBA और Cornell University से Digital Business Leadership में डिप्लोमा किया है।
तविंदरजीत सिंह पनेसर ने दिया इस्तीफा
बोर्ड ने तविंदरजीत सिंह पनेसर (Tavinderjit Singh Panesar) का इस्तीफा भी नोट किया है। वह कंपनी में नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर थे। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से तत्काल प्रभाव से कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने बोर्ड से अपना इस्तीफा स्वीकार करने और उन्हें निदेशक की जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कंपनी के साथ अपने कार्यकाल के दौरान बोर्ड के सदस्यों से मिले सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया है।
तबूला ने प्रीमियम डिजिटल विज्ञापन सेवा प्रदाता डायनोमी को खरीदने की पेशकश की है। सौदा 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके लिए नियामकीय और शेयरधारक मंजूरी जरूरी होगी।
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डिजिटल विज्ञापन कंपनी तबूला (Taboola) ने डायनोमी (Dianomi) को खरीदने की पेशकश की है। डायनोमी बिजनेस, फाइनेंस और लाइफस्टाइल (Business, Finance and Lifestyle) क्षेत्रों के प्रीमियम ग्राहकों को डिजिटल विज्ञापन सेवाएं देती है। अधिग्रहण (Acquisition) 2026 के अंत से पहले पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए सामान्य नियामकीय शर्तों (Regulatory Conditions) और डायनोमी के शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
डायनोमी प्रीमियम विज्ञापनदाताओं (Premium Advertisers) को बड़े और हाई-इंटेंट ऑडियंस (High-Intent Audiences) तक पहुंच उपलब्ध कराती है। इसके ग्राहकों में चार्ल्स श्वाब (Charles Schwab), इनवेस्को (Invesco) और बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कंपनी प्रीमियम पब्लिशर्स (Premium Publishers) के साथ साझेदारी के जरिए यह सुविधा देती है।
तबूला के मुताबिक, डायनोमी के अधिग्रहण से परफॉर्मेंस विज्ञापनदाताओं (Performance Advertisers) को फाइनेंस पर केंद्रित एक विशेष और प्रीमियम विज्ञापन नेटवर्क (Premium Ad Network) उपलब्ध कराने की उसकी क्षमता मजबूत होगी। यह नेटवर्क तबूला के परफॉर्मेंस एडवरटाइजिंग प्लेटफॉर्म रियलाइज (Performance Advertising Platform Realize) से संचालित होगा।
रियलाइज एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म (Technology Platform) है, जो तबूला की सप्लाई, फर्स्ट-पार्टी डेटा (First-Party Data) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके विज्ञापनदाताओं को बड़े स्तर पर परिणाम हासिल करने में मदद करता है। इसके जरिए दुनिया के कई बड़े पब्लिशर्स पर परफॉर्मेंस कैंपेन (Performance Campaigns) चलाए जा सकते हैं।
तबूला के सीईओ (CEO) एडम सिंगोल्डा (Adam Singolda) ने कहा कि डायनोमी ने दुनिया के बड़े वित्तीय ब्रांड्स को उनके टारगेट ऑडियंस से जोड़कर परफॉर्मेंस आधारित विज्ञापन (Performance-driven Advertising) को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दिखाई है।
उन्होंने कहा कि बिजनेस और फाइनेंस क्षेत्र में संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाने पर डायनोमी का फोकस, इन क्षेत्रों में तबूला की परफॉर्मेंस क्षमता का अच्छा पूरक है। दोनों कंपनियों के साथ आने से विज्ञापनदाताओं को रियलाइज प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े और क्यूरेटेड (Curated) पब्लिशर्स नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी।
भावना वर्मा ने हिंदुस्तान यूनिलीवर में पांच साल पूरे करने के बाद कंपनी से विदाई ली है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट में अपने अनुभव, चुनौतियों और सीख को साझा करते हुए आभार जताया।
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Samachar4media Bureau
भावना वर्मा (Bhavna Verma) ने हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) में पांच साल पूरे करने के बाद कंपनी से विदाई ले ली है। वह कंपनी में पॉन्ड्स (POND’S) की ग्लोबल ब्रांड डायरेक्टर (Global Brand Director) के तौर पर काम कर रही थीं। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपने सफर के खत्म होने की जानकारी साझा की।
अपने पांच साल के सफर को याद करते हुए वर्मा ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि पॉन्ड्स की ब्रांड डायरेक्टर के तौर पर उन्हें इतने बड़े ग्लोबल प्लेटफॉर्म (Global Platform) पर काम करने का मौका मिलेगा। इस दौरान मिले अनुभवों, चुनौतियों और सीख ने उनके प्रोफेशनल सफर (Professional Journey) को आकार दिया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज हिंदुस्तान यूनिलीवर में मेरे पांच साल पूरे हो रहे हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि पॉन्ड्स की ब्रांड डायरेक्टर के तौर पर मुझे जेनजी (GenZ) के लिए आइकॉनिक गूगली वूगली वूक्स (Googly Woogly Wooksh) को फिर से बनाने का मौका मिलेगा।”
कंपनी से विदाई लेते हुए वर्मा ने उन लोगों और टीमों का धन्यवाद किया, जिनके साथ उन्होंने काम किया और जिन्होंने उनके सफर में सहयोग दिया। उन्होंने पिछले पांच सालों में मिले मौकों और बनी यादों के लिए भी आभार जताया। अब वह अपने प्रोफेशनल सफर के अगले अध्याय की ओर बढ़ रही हैं।
भावना वर्मा ग्लोबल ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट (Global Brand Strategist) और पीएंडएल ऑपरेटर (P&L Operator) हैं। उन्हें उपभोक्ताओं और कारोबार के लिए प्रभावशाली वैल्यू तैयार करने वाले सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक ब्रांड बनाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है।
केरल पुलिस की ओर से रिपोर्टर टीवी (Reporter TV) के ठिकानों पर छापेमारी के एक दिन बाद चैनल के मैनेजिंग एडिटर और डायरेक्टर एंटो ऑगस्टीन (Anto Augustine) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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Samachar4media Bureau
केरल पुलिस की ओर से 'रिपोर्टर टीवी' (Reporter TV) के ठिकानों पर छापेमारी के एक दिन बाद चैनल के मैनेजिंग एडिटर और डायरेक्टर एंटो ऑगस्टीन (Anto Augustine) को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी अवैध रूप से शराब रखने के आरोप में केरल के आबकारी विभाग (Excise Department) ने की है।
पुलिस ने 'रिपोर्टर टीवी' के खिलाफ एक कथित धोखाधड़ी के मामले में छापेमारी की थी। यह मामला फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी (Lionel Messi) को केरल लाने की असफल कोशिश से जुड़ा बताया जा रहा है।
ऑगस्टीन के वायनाड स्थित घर की तलाशी के दौरान विशेष जांच दल (SIT) को कथित तौर पर 67 लीटर अवैध इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) और फॉरेन मेड फॉरेन लिकर का स्टॉक मिला। इसके बाद आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए केरल आबकारी कानून (Kerala Abkari Act) के तहत मामला दर्ज किया।
केरल में एक व्यक्ति को अधिकतम तीन लीटर IMFL रखने की अनुमति है। आबकारी विभाग के सूत्रों के मुताबिक, ऑगस्टीन पर लगाए गए अपराध गैर-जमानती हैं और दोष साबित होने पर उन्हें इन धाराओं के तहत 10 साल तक की जेल हो सकती है।
ऑगस्टीन को गुरुवार सुबह कोच्चि स्थित 'रिपोर्टर टीवी' के मुख्यालय से हिरासत में लिया गया। हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
ऑगस्टीन ने कहा, “मैंने मेसी से जुड़े सभी दस्तावेज सौंप दिए थे। अब आबकारी विभाग यह मामला लेकर आया है कि उन्हें मेरे घर में शराब का स्टॉक मिला है। मैंने अपनी जिंदगी में कभी शराब नहीं पी। मैं जांच में सहयोग करूंगा।” उन्हें वायनाड की एक अदालत में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी से पहले 'रिपोर्टर टीवी' के ठिकानों पर छापेमारी
'रिपोर्टर टीवी' और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर के ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी के बाद केरल में राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया था। विपक्षी CPI(M) ने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई “आपातकाल के दिनों की याद दिलाती है।”
वहीं, मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार के दौरान भी मीडिया के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की गई थी।
पिछली LDF सरकार के दौरान राज्य के खेल विभाग ने मेसी की अगुवाई वाली अर्जेंटीना फुटबॉल टीम को अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए केरल लाने की दिशा में कदम उठाए थे। इस आयोजन का प्रायोजक 'रिपोर्टर टीवी' था, जबकि सरकार इसमें सुविधा उपलब्ध कराने वाली भूमिका में थी। यह कार्यक्रम 2025 के अंत में आयोजित किया जाना था। राज्य सरकार ने आयोजन के लिए कोच्चि का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम भी 'रिपोर्टर टीवी' और Reporter Broadcasting Company (RBC) को सौंपा था। हालांकि, यह कार्यक्रम नहीं हो सका।
126 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की भी जांच
मई में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद खेल विभाग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में कथित तौर पर 126 करोड़ रुपये के अवैध वित्तीय लेन-देन और जीएसटी भुगतान में चूक का पता चलने की बात सामने आई। यह भी आरोप लगाया गया कि RBC ने इस मामले से जुड़े कई दस्तावेजों में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया था। विशेष जांच दल की जानकारी के आधार पर दर्ज FIR में पहचान बदलकर धोखाधड़ी, धोखे से संपत्ति हासिल करना और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने चैनल के न्यूजरूम और उसी इमारत में स्थित RBC के कार्यालय के अलावा एंटो ऑगस्टीन और उनके भाइयों रोजी और जोसेकुट्टी के कोच्चि और वायनाड स्थित घरों पर भी छापेमारी की। FIR में आरोप लगाया गया है कि ऑगस्टीन और अन्य लोगों ने दिसंबर 2024 से पहले आपराधिक साजिश रची और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन के साथ हुए कथित समझौतों को तैयार किया।
FIR के मुताबिक, इन दस्तावेजों के आधार पर राज्य सरकार के साथ धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि संदिग्धों ने इस सौदे से अवैध लाभ हासिल किया और राज्य सरकार को कोच्चि का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम चैनल को आयोजन के लिए सौंपने के लिए तैयार किया, जबकि बाद में यह आयोजन हुआ ही नहीं।
फिलहाल, एंटो ऑगस्टीन ने शराब रखने से जुड़े आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह जांच में सहयोग करेंगे। वहीं, मेसी को केरल लाने से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच भी जारी है