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NDTV की निधि राजदान ने कैसे भारतीय न्यूज़ चैनलों को दिखाया आइना ?

न्यूज़ चैनलों पर होने वाली बहस आमतौर पर आपसी द्वंद में परिवर्तित होती...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

न्यूज़ चैनलों पर होने वाली बहस आमतौर पर आपसी द्वंद में परिवर्तित होती ज्यादा नज़र आती हैं। पार्टियों के प्रवक्ता एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं और फिर खुद को अन्यों से श्रेष्ठ साबित करने की होड़ में मर्यादा की सीमाओं को लांघते चलते जाते हैं। ‘आजतक’ के डिबेट शो में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा किए गए ‘नाटक’ को भला कौन भूल सकता है। विपक्ष के सवाल सुन-सुनकर पात्रा इस कदर बौखला गए थे कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी में जूते मारने तक की बात कह डाली थी।

वैसे ये एकलौता मामला नहीं है, राष्ट्रीय चैनलों पर इस तरह के नज़ारे अब आम हो चुके हैं। अफ़सोस की बात तो ये है कि बहस को इतने निम्न स्तर पर ले जाने वाले अतिथियों को न तो खुद शर्म आती है और न ही चैनलों द्वारा उन्हें प्रतिबंधित किया जाता है। चैनल तो अपने गेस्ट के ऐसे बर्ताव पर खेद जताना भी ज़रूरी नहीं समझते, जबकि नैतिक आधार पर उन्हें भी दर्शकों से माफ़ी मांगनी चाहिए।

पत्रकार और एनडीटीवी की एग्जिक्यूटिव एडिटर निधि राजदान ने भी यही सवाल उठाया है। उन्होंने ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की न्यूज़ के लिंक के साथ एक ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने पूछा है कि कितने भारतीय न्यूज़ चैनल अपने गेस्ट द्वारा की गईं विवादस्पद टिप्पणियों के लिए माफ़ी मांगेंगे? निधि राजदान द्वारा शेयर किए गए लिंक में अमेरिकी मीडिया नेटवर्क ‘फॉक्स न्यूज़’ द्वारा पूर्व विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन से मांगी गई माफ़ी का जिक्र है। दरअसल, ‘फॉक्स न्यूज़’ पर हिलेरी क्लिंटन को लेकर एक शो चल रहा था, जिसमें कंजेरवेटिव कमेंटेटर एना पौलीना भी बतौर गेस्ट उपस्थित थीं। जैसा कि अधिकांश डिबेट शो में होता है, यहां भी बहस असल मुद्दे से भटककर कहीं और चली गई। एना पौलीना 100 साल पुराने कानून की जड़ों में पहुंचकर उससे क्लिंटन के रिश्ते जोड़ने लगीं, तभी होस्ट रिक लेवेंथल ने उन्हें मूल मुद्दे पर वापस लाने का प्रयास किया।

अपने इस प्रयास में रिक लेवेंथल ने कहा कि यह देखकर आश्चर्य होता है कि क्लिंटन अभी भी ध्यान आकर्षित करने का माद्दा रखती हैं। रिक की इसके पीछे मंशा जो भी हो, लेकिन पौलीना ने इसे क्लिंटन को निशाना बनाने के मौके के रूप में लिखा और उनकी तुलना हर्पीस बीमारी से कर डाली। पौलीना ने कहा कि हिलेरी क्लिंटन हर्पीस बीमारी की तरह हैं, जो कभी दूर नहीं होंगी। पौलीना ने इस बयान ने स्टूडियो में मौजूद सभी को सकते में डाल दिया। रिक लेवेंथल ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा ‘हम इसी न्यूज़ को ब्रेक करने के लिए यहां हैं, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता’।

इसके बाद रिक लेवेंथल ने अपने सभी दर्शकों से गेस्ट एना पौलीना के व्यवहार के लिए माफ़ी मांगी। इतना ही नहीं, न्यूज़ नेटवर्क ने भी सार्वजानिक तौर पर खेद प्रकट किया। कहा जा रहा है कि चैनल ने एना पौलीना को दोबारा किसी शो में न बुलाने का भी फैसला लिया है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

निधि राजदान ने बेहद वाजिब सवाल किया है कि क्या भारतीय चैनलों को अपने अतिथियों के गलत बर्ताब के लिए माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए, कितने चैनल इस पर खेद प्रकट करेंगे? निश्चित तौर पर यदि इतना सब किसी भारतीय चैनल पर हुआ होता, तो न एंकर और न ही मीडिया हाउस इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए माफ़ी मांगता। यहां हम आपको बताना चाहेंगे कि कई नामी मीडिया संस्थानों द्वारा एमडीएम मसाला के प्रमुख के निधन की झूठी खबर दिखाने के लिए समाचार4मीडिया ने उनकी तरफ से देशवासियों से मांफी मांगी थी। एक मीडिया संस्थान होने के नाते हमने अपना फ़र्ज़ निभाया था और हम चाहते हैं कि सभी मीडिया हाउस को संवेदनशील मुद्दों पर अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।


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