ZEE समूह के शेयर गिरने के बाद डॉ. सुभाष चंद्रा ने इस ओपन लेटर से संभाला 'मोर्चा'

डॉ. सुभाष चंद्रा के स्वामित्व वाले ‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group) का मार्केट शेयर...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 26 January, 2019
Last Modified:
Saturday, 26 January, 2019
Subhash Chandra

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

डॉ. सुभाष चंद्रा के स्वामित्व वाले ‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group)  का मार्केट शेयर शुक्रवार को एक चौथाई घट गया। दरअसल, खबर आई कि एस्सेल ग्रुप नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद काला धन सफेद करने में शामिल थी। इसके बाद ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी ‘जी एंटरटेनमेंट’ के शेयर 33 प्रतिशत तक लुढ़क गए। शुक्रवार शाम को ये 26.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 319.35 रुपए पर बंद हुए।

इससे पहले ‘द वायर’ ने एक आर्टिकल में बताया था कि सुभाष चंद्रा के एस्सेल ग्रुप का एक ऐसी कंपनी के साथ कनेक्शन है, जिसने नोटबंदी के दौरान करीब 3 हजार करोड़ रुपये डिपॉजिट किए थे। इस मामले में डॉ. सुभाष चंद्रा ने इस पर सफाई देते हुए ओपन लेटर लिखा है।

‘जी ग्रुप’ ने बताया कि ‘द वायर’ द्वारा दी गई रिपोर्ट से इसका कुछ लेना-देना नहीं हैं और इस मामले में ‘द वायर मीडिया ग्रुप’ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

डॉ. सुभाष चंद्रा द्वारा लिखे गए ओपन लेटर को आप यहां पढ़ सकते हैं-

Dear Friends,

At a very early stage of my life, I have learnt the most important lesson from my grandfather, Shri Jagannath Goenka, which taught me that a direct dialogue with the creditors should be maintained, should you find it difficult to repay any sort of loans, and this message is my earnest effort in doing so.

First and foremost, vide this message I would like to express my deepest apologies to our esteemed financial supporters. I have always been the first to accept my faults and we have been consistently accountable for the decisions taken, and I will maintain the same today as well. For the first time in my career of 52 years, I am compelled to apologize to our bankers, NBFCs & Mutual Funds, since I believe that I have not lived up to their expectations, despite the best of my intentions.

I am extremely certain that there is no promoter in India Inc., who has dared to sell the jewel of his crown, to pay off the liabilities. While the process is still ongoing, there are some forces which are not willing to see us succeed.

That said, I am not indicating that there are no mistakes done from my end, and as always, I am willing to face the consequences of the same. I assure you, that I am not running away from the core issue and will do my best to repay each and every person. The best time for the same, however, is difficult to be mentioned at this stage. 

I would also like to state through this message, the key points which have gone wrong:

Essel Infra: As most of the infra companies, even we have made some incorrect bids. In usual cases, Infra Companies have raised their hands and have left their lenders with non-performing assets, but in our case, My Obsession of not walking away from the situation has made me to bleed Rs 4000 crore to Rs 5000 crore. Despite the loss-making projects, we continued to pay the interest and the principle, by borrowing funds against our shareholdings in Listed Companies.

Acquisition of D2H: My recommendation made to my brother Jawahar Goel to buy D2H from Videocon was one more key error, which costed me and Jawahar both, a fortune.

When our family business separation was implemented, as the eldest member of the family, I had taken the entire burden of the debts. I believe, it was my mistake to have told myself that “Subhash you can earn and repay the creditors”. Post which, most of my bets on the new businesses have not worked, which led to the increased debt, due to the added interest levels.

The situation at hand, became further unmanageable after the IL&FS issue, came to public light. Till then, we were managing our borrowings efficiently. The IL&FS meltdown stopped the roll overs, diminishing our ability to service our borrowings.

From May / June 2018 onwards a negative force which was acting against our grip as promoters became strongly active. This was followed by some anonymous letters being sent to all Bankers, NBFCs, Mutual Funds, Shareholders, etc.

Whenever we have reported some really good results from the operating Companies, the share prices were intentionally hammered by these negative forces, driving away the investors.

While the above, are the reasons of the current situation, I must also mention what steps were taken from our end:

We wrote a number of complaints to the Department of Police, Home Minister of Maharashtra, SEBI and other concerned authorities, right since November 2018, but all the efforts did not result in any action.

Till December, we continued to pay the due interest and principle, to all lenders.

I have also given my best to expedite the stake sale of ZEE Entertainment. Infact, I have just returned back from London, last night itself, after a series of positive meetings with potential suitors.

The mentioned negative forces, possibly after getting a hint of these positive meetings, have attacked the share price today, with a clear intention of sabotaging ZEE Entertainment’s strategic sale process.

I must also mention that there is no systematic protection against the insidious attack on us by the mentioned negative forces, but we will continue to seek the support of the system in order to thoroughly investigate the matter.

About the Operating Companies:

All Operating Companies, especially our most precious one which is ZEE Entertainment, are performing exceptionally well and are under NO stress whatsoever. The debt burden is purely at the promoter level, which is reflecting negatively on the Companies.

I would like to reiterate that ALL the Companies are performing exceptionally well and there is no problem whatsoever.

Having said the above, I still believe, strongly feel and would like to urge the lenders, not to react in an anarchical manner and to maintain patience, till the process of ZEE Entertainment’s stake sale is completed. Post the sale process, we will be positively able to repay the entire dues, but if the lenders react in a panic situation, it will only hurt them and us.

I would again like to reiterate that I have no intention whatsoever, to keep a single rupee, till all the dues to the lenders are paid.

Yours truly,

Subhash Chandra 

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एडिटर्स गिल्ड ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर किया ये आग्रह

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार से पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का आग्रह किया है।

Last Modified:
Friday, 16 April, 2021
Editors Guild

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार से पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का आग्रह किया है। यही नहीं गिल्ड ने सरकार से पत्रकारों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने की मांग भी की है।

एडिटर्स गिल्ड की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि पाठकों तक खबरें और सूचनाएं पहुंचाने के लिए समाचार संगठन लगातार महामारी, चुनाव और अन्य समसामयिक मामलों को कवर कर रहे हैं। इसलिए पत्रकारों को संरक्षण के दायरे में लाया जाए।'

बयान के मुताबिक अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स की तर्ज पर पत्रकारों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाए। टीकाकरण का संरक्षण मिले बगैर मीडिया कर्मियों के लिए अपनी पेशेवर जवाबदेही का निर्वाह करना अत्यंत कठिन है।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स मानते हुए कोरोना वैक्सीन लगाने की वकालत की थी। दिल्ली सरकार ने इस बाबत एक पत्र भी केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को लिखा है और पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनके टीकाकरण के लिये विचार करने की अपील की है।

दिल्ली सरकार द्वारा भेजे गये पत्र में कहा गया है कि पत्रकारिता सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करती है। सबसे मुश्किल हालात में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मीडियाकर्मी भी सबसे आगे रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान मीडिया ने सक्रिय रूप से लोगों को बीमारी के बारे में जानकारी देने और इसकी रोकथाम के लिए जागरूक करने का काम किया है।

गौरतलब है कि पत्रकारों को कोरोना वैक्सीन लगाने की अनुमति देने के लिए कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी केंद्र सरकार से मांग की है। पिछले 10 दिनों में भारत में कोरोना के मामले दोगुने हो गए हैं। इसके साथ ही पूरे विश्व में कोरोना के मामलों में भारत में ब्राजील को पीछे छोड़ दिया। अब भारत विश्व में सबसे ज्यादा कोरोना केस वाला देश बन गया है।

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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच 'आजतक' ने उठाया यह ऐहतियाती कदम

कोरोना वायरस ने एक बार फिर तेजी से अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है।

Last Modified:
Friday, 16 April, 2021
Aajtak

कोरोना वायरस ने एक बार फिर तेजी से अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। हर दिन देशभर में वायरस के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस बीच कई पत्रकार भी कोरोना की चपेट में आए हैं, जिनमें से तो कई पत्रकारों की जान तक चली गई है। तेजी से बढ़ती कोरोना महामारी को देखते हुए हिंदी न्यूज चैनल आजतक ने अपने खास पॉलिटिकल प्रोग्राम, जोकि ग्राउण्ड जीरो से प्रसारित किया जाता है, फिलहाल के लिए उसे बंद कर दिया है। इस प्रोग्राम का नाम है- बुलेट रिपोर्टर।

बता दें कि चुनावों पर केंद्रित इस शो को ‘आजतक’ तक की डिप्टी एडिटर व सीनियर एंकर चित्रा त्रिपाठी होस्ट करती थीं।  उन्होंने इस बात की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी। दरअसल तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण को देखते हुए ही इस शो को फिलहाल के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है। फिलहाल इस शो को कब तक के लिए बंद किया जा रहा है और दोबारा कब इसे शुरू किया जाएगा, इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी है।

‘बुलेट रिपोर्टर’ की खास बात थी इसका अंदाज, जो लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा था। चित्रा त्रिपाठी चैनल की ओबी वैनं में नहीं बल्कि बुलेट पर सवार होकर जगह-जगह घूम-घूमकर मतदाताओं का मन टटोलती थीं। उनसे बात करती थीं, प्रत्याशियों का हाल जानती थीं और उन समस्याओं पर भी प्रकाश डालती थीं, जो अब तक अनसुलझी थीं।

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मीडिया-मनोरंजन उद्योग ने महाराष्ट्र के CM से किया ये अनुरोध

मीडिया-मनोरंजन उद्योग की समन्वय समिति ने मिलकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अनुरोध किया है

Last Modified:
Friday, 16 April, 2021
uddhav thackeray45

कोरोना वायरस ने एक बार फिर तेजी से अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। महामारी की दूसरी लहर ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। हर दिन देशभर में वायरस के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस बीच बीते कई दिनों से कोरोना का गढ़ बन चुके महाराष्ट्र में 15 दिनों का  लॉकडाउन लगाया गया है। इस लॉकडाउन के कारण कई फिल्मों की शूटिंग रुक गई है, जिसके चलते इन फिल्मों में दिहाड़ी पर काम करने वाले लोगों की रोजी रोटी पर संकट आ गया है। लिहाजा इसे देखते हुए मीडिया और मनोरंजन उद्योग की समन्वय समिति, जिसमें IMPPA, IFTDA, FWICE और CINTAA जैसे फिल्म निकाय शामिल हैं, सभी ने मिलकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि 15 दिनों के कर्फ्यू के दौरान उन्हें सीमित स्तर पर काम करने की अनुमति दी जाए।

समिति ने 15 दिनों के लिए बंद होने को लेकर पत्र में आग्रह किया गया है कि बंद वातावरण में पोस्ट-प्रॉडक्शन के काम को करने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि प्रसारण के लिए कंटेंट को एडिट किया जा सके।

इसके अलावा, उन्होंने अनुरोध किया है कि प्रड्यूसर्स को होने वाले नुकसान से बचने के लिए इस निर्माण कार्य की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माण श्रमिकों की तरह, सेट बिल्डिंग से जुड़े लोग भी सभी सावधानियों के साथ सेट पर रहकर काम कर सकते हैं। दैनिक वेतन भोगियों के लिए घोषित वित्तीय पैकेज को मीडिया और मनोरंजन उद्योग के श्रमिकों, तकनीकी विभाग के लोगों और अभिनेताओं के लिए भी छूट बढ़ाई जाने सहित पत्र में कई तरह के अनुरोध किए गए हैं।

अंत में, निकाय ने आग्रह किया कि यदि संभव हो तो फिल्म सिटी और मीरा-भायंदर क्षेत्र में टीकाकरण केंद्र और फिल्म व टीवी कर्मचारियों के लिए खानपान की स्थापना की जाए।

 

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9X Media में कनन दवे का हुआ प्रमोशन, अब मिली ये जिम्मेदारी

दवे इस म्यूजिक नेटवर्क में करीब दो साल से मार्केटिंग हेड के तौर पर अपनी भूमिका निभा रही हैं।

Last Modified:
Friday, 16 April, 2021
Kanan Dave

म्यूजिक नेटवर्क ‘9एक्स मीडिया’(9X Media) ने कनन दवे (Kanan Dave) को बिजनेस हेड के पद पर प्रमोट किया है। उन्होंने 15 अप्रैल से बतौर बिजनेस हेड (SpotlampE) अपना कार्यभार संभाल लिया है। बिजनेस हेड के रूप में कनन के कंधों पर SpotlampE के ग्रोथ, स्ट्रैटेजी और रचनात्मक विकास को अगले चरण में ले जाने की जिम्मेदारी होगी।

बता दें कि कनन पिछले दो साल से ‘9एक्स मीडिया’ में मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्हें मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में काम करने का 15 साल से ज्यादा का अनुभव है। ‘9एक्स मीडिया’ से पहले कनन ‘यूटीवी’ (UTV) और ‘डिज्नी’ (Disney) के म्यूजिक और फिल्म मार्केटिंग बिजनेस में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।   

अपनी नई जिम्मेदारी के बारे में कनन का कहना है, ‘कंपनी के विजन का हिस्सा बनने को लेकर मैं काफी खुश हूं। SpotlampE ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में काफी हलचल मचा रखी है और इसे आगे बढ़ाने के लिए ब्रैंड्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अलावा कलाकारों व रचनाकारों के साथ काम करने को लेकर मैं काफी उत्सुक हूं।’

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अरविंद केजरीवाल ने पत्रकारों के लिए उठाई ये मांग, PM को लिखी चिट्ठी

देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। तमाम लोग इस महामारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं तमाम लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

Last Modified:
Thursday, 15 April, 2021
Arvind Kejriwal

देश में कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। तमाम लोग इस महामारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं तमाम लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कोरोना को खत्म करने के लिए वैक्सीन लेना सबसे ज्यादा जरूरी बताया जा रहा है। कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या के बीच सरकार वैक्सीनेशन में जुटी हुई है और लोगों से वैक्सीनेशन करवाने की अपील कर रही है।

दूसरी ओर, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के खतरों के बीच तमाम पत्रकार मुस्तैदी से अपने काम में जुटे हुए हैं। कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी भूमिका निभाते हुए राष्ट्रीय राजधानी में पिछले एक साल में कई पत्रकार कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर मानकर उन्हें भी जल्द से जल्द वैक्सीन लगानी चाहिए।

बुधवार को किए गए एक ट्वीट में केजरीवाल का कहना है, ‘पत्रकार बेहद विपरीत परिस्थितियों में रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर्स मानकर प्राथमिकता के आधार पर उनकी वैक्सीनेशन होनी चाहिए।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अरविंद केजरीवाल ने इस बारे में प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी भी लिखी है।

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परवान नहीं चढ़ पाई म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड और RBNL के बीच की ये डील

दोनों पक्षों को सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से अभी तक इस डील के लिए मंजूरी न मिलने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 14 April, 2021
Last Modified:
Wednesday, 14 April, 2021
deal break

‘जागरण प्रकाशन’ (jagran Prakashan) के स्वामित्व वाली कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड, जो ‘रेडियो सिटी’ (Radio City) की मालिक है और इसका संचालन करती है, ने ‘बिग एफएम’ (Big FM) के अधिग्रहण के लिए ‘रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क लिमिटेड’ (RBNL) के साथ अपने 1050 करोड़ रुपये के अधिग्रहण सौदे को समाप्त कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों को सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से अभी तक मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह अधिग्रहण सौदा रद्द किया गया है और समझौते की शर्तों के साथ यह समय सीमा समाप्त हो गई है।

‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ (BSE) को दी गई जानकारी में म्यूजिक ब्रॉडकास्ट का कहना है, ‘8 अप्रैल 2021 को आयोजित बैठक में कंपनी के निदेशकों ने बिग एफएम में प्रस्तावित निवेश को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है और निश्चित लेनदेन दस्तावेजों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया जाएगा।’

इसके साथ ही यह भी कहा गया है, ‘बिग एफएम के प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए दोनों पक्षों को अभी तक सूचना प्रसारण मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड के बोर्ड ने इस प्रस्तावित सौदे को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया है। इस कदम से कंपनी के व्यावसायिक परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।’

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‘स्टार’ और ‘डिज्नी इंडिया’ में के. माधवन को मिली बड़ी जिम्मेदारी

फिलहाल ‘स्टार’ (Star) और ‘डिज्नी इंडिया’ (Disney India) के कंट्री मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं के. माधवन

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 14 April, 2021
Last Modified:
Wednesday, 14 April, 2021
K Madhavan

‘स्टार’ (Star) और ‘डिज्नी इंडिया’ (Disney India) के कंट्री मैनेजर के. माधवन (K Madhavan) को तुरंत प्रभाव से ‘द वाल्ट डिज्नी कंपनी इंडिया’ (The Walt Disney Company India) और ‘स्टार इंडिया’ (Star India) का प्रेजिडेंट नियुक्त किया गया है। ‘डिज्नी’ की चेयरमैन (International Operations and Direct-to-Consumer) रेबेका कैंपबेल (Rebecca Campbell) ने बुधवार को यह घोषणा की।

अपनी इस भूमिका में के. माधवन भारत में कंपनी की स्ट्रैटेजी और ग्रोथ को आगे बढ़ाएंगे। उनके ऊपर डिज्नी, स्टार और हॉटस्टार बिजनेस और ऑपरेशंस (एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स, रीजनल चैनल्स और डायरेक्ट टू कस्टमर) की जिम्मेदारी भी होगी।

इस बारे में कैंपबेल का कहना है, ‘पिछले कुछ महीनों से मैंने सीधे के. माधवन के साथ काम किया है और देखा है कि कैसे उन्होंने भारत में हमारे बिजनेस को अच्छे से संचालित किया है। महामारी के कारण आईं तमाम चुनौतियों के बावजूद के. माधवन हमारे विशाल स्टार नेटवर्क और लोकल कंटेंट प्रॉडक्शन बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं।’

वहीं, माधवन का कहना है, ‘भारत में कंपनी की बेहतरीन टीम के नेतृत्व करने का अवसर मिलने पर मुझे गर्व है। मैं अपने बिजनेस को लगातार आगे बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हूं और टीम के सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा हूं।’

बता दें कि वर्ष 2019 से माधवन ‘स्टार’ (Star) और ‘डिज्नी इंडिया’ (Disney India) के कंट्री मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अपनी इस भूमिका में माधवन ‘स्टार’ और ‘डिज्नी इंडिया’ के टेलिविजन बिजनेस (एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और रीजनल चैनल्स) के साथ ही भारत में इसके स्टूडियो बिजनेस का काम संभालते हैं।

माधवन ने वर्ष 2009 में स्टार इंडिया में बतौर हेड (साउथ) जॉइन किया था। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अच्छा रीजनल एंटरटेनमेंट पोर्टफोलियो बनाया। माधवन ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (Indian Broadcasting Foundation) के प्रेजिडेंट के साथ-साथ ‘कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री’(Confederation of Indian Industry) की मीडिया और एंटरटेनमेंट की नेशनल कमेटी के चेयरमैन हैं। 

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NBF ने BARC को लिखा लेटर, मांगे इन दस सवालों के जवाब

रेटिंग एजेंसी की ओर से सचिन वझे को रिश्वत दिए जाने के आरोपों को लेकर लिखा गया है ये लेटर

Last Modified:
Tuesday, 13 April, 2021
NBF

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर जिलेटिन से भरी गाड़ी खड़ी करने के मामले में निलंबित असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे को रिश्वत दिए जाने के आरोपों को लेकर ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया को एक लेटर लिखा है। एनबीएफ के सेक्रेट्री जनरल आर. जय कृष्णा की ओर से यह लेटर बार्क इंडिया के चेयरमैन पुनीत गोयनका को लिखा गया है। इस लेटर में बार्क द्वारा सचिन वझे को 30 लाख रुपये की रिश्वत दिए जाने के आरोपों पर रेटिंग एजेंसी से दस सवालों के जवाब मांगे गए हैं।

लेटर में कहा गया है, ‘हमें मिली जानकारी के अनुसार बार्क ने प्रवर्तन निदेशालय के सामने 30 लाख रुपये रिश्वत का भुगतान किए जाने की बात कबूली है।’ लेटर में इस बात को भी उठाया गया है कि बार्क ने जांच शुरू होने और दिल्ली की जिस कंपनी के द्वारा धन का लेन-देन हुआ, उसके ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद रिश्वत देने की बात कबूली है।

एनबीएफ की ओर से बार्क को भेजी गई दस सवालों की सूची आप यहां देख सकते हैं।

1- Did BARC or any officials thereof pay Rs. 30 lakhs as a bribe to Sachin Vaze and/or his associates?
2- If the answer to the above is yes, when was the said bribe paid?
3- What was the understanding between Sachin Vaze & BARC and/or any of its officials?
4- Who are the officials at BARC that are aware of this transaction?
5- Did the CEO of BARC and/or any of the board members of BARC know about this bribe?
6- The Ministry of Information and Broadcasting (I&B) is the nodal Ministry for BARC. Did BARC inform the said Ministry about the bribe sought and bribe given?
7- Were you aware when you paid the bribe that Sachin Vaze was actively playing a critical role in levelling false charges in the TRP case?
8- Is it true that the bribe was paid in the duration when the News Broadcasters Federation was repeatedly writing to BARC regarding false charges against our member channels?
9- Did BARC disclose to any authorities that a bribe was sought before making the said payment?
10- Are you aware that under sections 8 and 9 of The Prevention of Corruption Act, 1988 (PC Act) payment of a bribe which has not been reported within 7 days by the bribe payer is punishable with imprisonment for a term which may extend to seven years?

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कोरोना की चपेट में आया महानिदेशक समेत IIMC का तमाम स्टाफ

देश में कोरोना के मामले फिर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सालभर बाद कोरोना ज्यादा दैत्याकार और विकराल आकार लेता जा रहा है।

Last Modified:
Monday, 12 April, 2021
IIMC

देश में कोरोना के मामले फिर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सालभर बाद कोरोना ज्यादा दैत्याकार और विकराल आकार लेता जा रहा है।  पिछले एक महीने में तो इस संक्रामक बीमारी का जिस तरह विस्तार हुआ है, उसने सारी मानव बिरादरी को हिला दिया है।

पूरी दुनिया में कहर मचा रहे इस वायरस के संक्रमण की चपेट में आकर तमाम लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं कई लोग विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। देश के प्रमुख मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) में भी तमाम स्टाफ इस महामारी की चपेट में आ चुका है।

खबर के मुताबिक, आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी और उनकी पत्नी भूमिका द्विवेदी कोरोनावायरस की चपेट में आ गई हैं। दोनों फिलहाल होम आइशोलेशन में हैं। वहीं, आईआईएमसी में अंग्रेजी पत्रकारिता विभाग की निदेशक प्रो.सुरभि दहिया का मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है। विकास पत्रकारिता विभाग के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भी इस महामारी की चपेट में आ गए हैं। कोविड अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। 

इसके साथ ही सतीश नंबूदरीपाद-अपर महानिदेशक(प्रशासन), ममता वर्मा- अपर महानिदेशक (प्रशिक्षण) और प्रो. अनिल सौमित्र-निदेशक (अमरावती परिसर) इस महामारी को मात देकर कार्य पर वापस लौट आए हैं।

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ये पत्रकार चुने गए प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पदाधिकारी, देखें पूरी लिस्ट

देश में पत्रकारों की सबसे बड़ी संस्था ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ के पदाधिकारियों के चयन के लिए 10 अप्रैल को हुए चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं।

Last Modified:
Monday, 12 April, 2021
Press Club Of India

देश में पत्रकारों की सबसे बड़ी संस्था ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ के पदाधिकारियों के चयन के लिए 10 अप्रैल को हुए चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। इन परिणामों के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत लखेड़ा (Umakant Lakhera) प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के प्रेजिडेंट पद पर चुने गए हैं। उन्हें 729 वोट मिले, जबकि इस पद पर उनके प्रतिद्वंद्वी संजय बसक (Sanjay Basak) को 632 वोट मिले।

इसके अलावा वाइस प्रेजिडेंट पद पर शाहिद के. अब्बास चुने गए हैं। उन्हें 668 वोट मिले, जबकि इस पद के लिए उनकी प्रतिद्वंद्वी पल्लवी घोष को 655 वोट मिले। सेक्रेटरी जनरल के पद पर विनय कुमार ने 635 वोटों के साथ जीत दर्ज की है, जबकि राहिल चोपड़ा (Rahil Chopra) को 132 और संतोष कुमार ठाकुर को 576 वोट मिले।

वहीं, जॉइंट सेक्रेट्री की बात करें तो इस पद पर चंद्र शेखर लूथरा ने जीत हासिल की है। उन्हें 578 वोट मिले, जबकि इस पद के लिए उनके प्रतिद्वंद्वी अंजलि भाटिया को 226 और मानस प्रतिम गोहेन को 470 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद पर 649 वोटों के साथ सुधि रंजन सेन (Sudhi Ranjan Sen) को चुना गया है, जबकि इस पद के लिए उनकी प्रतिद्वंद्वी ज्योतिका ग्रोवर को 629 वोट मिले।

इस चुनाव में जो पत्रकार विजेता या असफल रहे हैं, उनकी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं:  

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