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सवाल पर असहज दिखे यूपी के डिप्टी CM केशव मौर्य, बीच में रोका इंटरव्यू
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बीच बीबीसी ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का एक इंटरव्यू जारी किया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बीच बीबीसी ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का एक इंटरव्यू जारी किया है, जिसमें पूछे गए प्रश्नों से वे काफी असहज नजर आए और इंटरव्यू को बीच में छोड़कर जाते हुए दिखाई दिए।
बीबीसी के मुताबिक, बीजेपी नेता केशव प्रसाद मौर्य हरिद्वार की धर्म संसद में हेट स्पीच को लेकर पूछे गए प्रश्नों से इतने नाराज हो गए कि उन्होंने इंटरव्यू बीच में ही रोक दिया, रिपोर्टर का मास्क छीन लिया और क्रू को फुटेज हटाने के लिए मजबूर किया।' उत्तर प्रदेश चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद बीबीसी के रिपोर्टर अनंत झणाणे ने उप-मुख्यमंत्री से कई मुद्दों पर बात की।
बीबीसी का कहना है कि मौर्य ने अपने सुरक्षाकर्मी को बुलाकर इंटरव्यू की फुटेज डिलीट करा दी थी, जिसे बाद में किसी तरह रिकवर किया गया। बीबीसी के मुताबिक यूपी के उप मुख्यमंत्री मौर्य ने बाद में इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना' करार दिया।
बीबीसी के वीडियो में इंटरव्यू करने वाले में मौर्य से धर्म संसद और इसमें दिए गए हेट स्पीच को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ सहित बीजेपी के शीर्ष नेताओं की चुप्पी को लेकर सवाल किया गया था। यह पूछने पर कि क्या नेताओं को इस तरह के ऐलान के खिलाफ बोलकर जनता को आश्वस्त नहीं करना चाहिए, मौर्य ने कहा, 'हमें कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है, हम 'सबका साथ, सबका विकास' में विश्वास करते हैं। धार्मिक नेताओं को अपनी बात को अभिव्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने यह सवाल किया कि केवल बीजेपी धार्मिक नेताओं को ही सुर्खियों में क्यों रखा जाता है।
उन्होंने कहा, 'आप केवल हिंदू नेताओं के बारे में ही क्यों कह रहे हैं? अन्य धार्मिक नेताओं के कमेंट्स के बारे में क्या? आर्टिकल 370 को खत्म किए जाने के पहले कितने लोगों को जम्मू-कश्मीर छोड़ना पड़ा, आप इस बारे में बात क्यों नहीं करते? जब आप सवाल करते हैं तो यह केवल एक समूह (ग्रुप) के लिए नहीं होने चाहिए। धर्म संसद बीजेपी का कार्यक्रम नहीं है, यह धार्मिक नेताओं का है।'
मौर्य ने कहा, 'संत वह बात कहते हैं जिस पर वे विश्वास करते हैं। यह राजनीति से संबंधित नहीं है और मुस्लिम व ईसाई नेता भी है, उनसे भी बात करिए।' इस पर इंटरव्यू करने वाले रिपोर्टर ने कहा कि इसका राजनीति से संबंध नहीं है क्योंकि ऐसे भाषणों से चुनाव के पहले माहौल खराब होता है। उसने भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर नारे लगाने वालों पर राष्ट्रद्रोह के चार्ज के बारे में भी सवाल किया।
इस पर मौर्य ने कहा, 'राष्ट्रद्रोह अलग मुद्दा है लेकिन यह धर्म संसद है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को सूर्य नमस्कार का विरोध करने को अधिकार नहीं है।' जब विवादित धर्म संसद में किए गए नरसंहार के आह्वान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं नहीं जानता कि आप किस वीडियो की बात कर रहे हैं। आप क्या चुनाव के बारे में पूछ रहे हैं? आप किसी पत्रकार की तरह बात नहीं कर रहे, आप किसी समूह विशेष के एजेंट की तरह बात कर रहे हैं। मैं आपसे बात नहीं करूंगा।' इसके बाद उप मुख्यमंत्री मौर्य ने अपना माइक निकाल दिया और वीडियो एकदम से खत्म हो गया।
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