जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) के सीईओ पुनीत गोयनका ने 10 अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों पर हुई अर्निंग कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी की मौजूदा स्थिति, आगे की रणनीति और ग्रोथ प्लान पर विस्तार से बात की। उन्होंने अपनी शुरुआती टिप्पणी के साथ-साथ निवेशकों के सवालों के जवाब में स्पोर्ट्स बिजनेस, FIFA, Bundesliga और Serie A, ZEE5, विज्ञापन कारोबार, सब्सक्रिप्शन, फंडरेजिंग, Zee Music और आने वाले समय की रणनीति पर कंपनी का रुख साफ किया।
पुनीत गोयनका ने कहा कि नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी पिछली वित्तीय वर्ष से चली आ रही कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति का असर देखने को मिला। पश्चिम एशिया में लगातार बनी अस्थिरता ने महंगाई का दबाव बढ़ाया, जिसका असर विज्ञापनदाताओं के खर्च करने के तरीके पर पड़ा। ऐसे माहौल के बावजूद Zee ने इन चुनौतियों के बीच मजबूती से काम किया और भविष्य के लिए अपनी बुनियाद मजबूत करने पर ध्यान बनाए रखा।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने ग्रोथ के नए रास्ते खोलने के लिए कुछ रणनीतिक कदम उठाए हैं। कंपनी का मकसद नए अवसरों का फायदा उठाना और आगे अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत करना है। इसी सोच के तहत Zee ने स्पोर्ट्स बिजनेस में कदम बढ़ाया है। Unite8 स्पोर्ट्स चैनलों की लॉन्चिंग इसी दिशा में एक अहम कदम है। इन चैनलों के जरिए कंपनी उभरते और ज्यादा संभावनाओं वाले स्पोर्ट्स कंटेंट का पोर्टफोलियो तैयार करना चाहती है।
पुनीत गोयनका ने साफ कहा कि स्पोर्ट्स बिजनेस में कंपनी का फोकस लंबे समय में वैल्यू बनाने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने पर है। उनके मुताबिक Zee सिर्फ महंगे स्पोर्ट्स राइट्स हासिल करने की दौड़ में शामिल नहीं होगी। कंपनी के लिए वैल्यू डिलीवर करना ज्यादा महत्वपूर्ण है, ताकि एक अलग और टिकाऊ बिजनेस तैयार किया जा सके।
इसी रणनीति के तहत Zee ने FIFA, Bundesliga और Serie A जैसे बड़े इंटरनेशनल फुटबॉल राइट्स हासिल किए हैं। गोयनका ने कहा कि हाल ही में खत्म हुआ FIFA World Cup 2026 Zee के लीनियर और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म पर बहुत अच्छा रहा। भारत में इसकी पहुंच 40 करोड़ से ज्यादा दर्शकों तक हुई और इस टूर्नामेंट ने दोनों बिजनेस सेगमेंट को मजबूत बढ़ावा दिया।
ZEE5 की लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफा
डिजिटल बिजनेस पर पुनीत गोयनका ने कहा कि ZEE5 ने लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया है। पहली तिमाही में इसका रेवेन्यू साल-दर-साल 58% बढ़ा। इस बढ़त को आगे भी जारी रखने के लिए कंपनी ने हाल ही में कई भाषाओं में नया कंटेंट स्लेट पेश किया है। इसमें फिल्में, ओरिजिनल सीरीज, लाइव स्पोर्ट्स, AI की मदद से तैयार की गई स्टोरीटेलिंग, एनीमेशन और एंटरटेनमेंट किड्स से जुड़ा कंटेंट शामिल है।
उनके मुताबिक इस तरह के कंटेंट का मिश्रण ZEE5 को आने वाले समय में ज्यादा ग्रोथ हासिल करने के लिए मजबूत स्थिति में रखता है। कंपनी की कंटेंट स्ट्रैटेजी अलग-अलग बिजनेस में सकारात्मक नतीजे दे रही है।
Zee TV और नेटवर्क शेयर पर भी जोर
पुनीत गोयनका ने बताया कि लीनियर टीवी बिजनेस में कंपनी ने तिमाही के दौरान 20% का ऑल टाइम हाई नेटवर्क शेयर हासिल किया। उन्होंने कहा कि कंपनी का फ्लैगशिप हिंदी चैनल Zee TV भी लगातार मजबूत हो रहा है। यह 32 से ज्यादा लगातार हफ्तों से प्राइम टाइम में लीडर बना हुआ है। उनके मुताबिक नए शो दर्शकों के साथ अच्छा कनेक्ट बना रहे हैं। भाषा आधारित चैनल भी अपने-अपने बाजारों में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।
विज्ञापन रेवेन्यू के बारे में उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान यह कमजोर रहा और इसके पीछे मुख्य रूप से बाहरी परिस्थितियां रहीं। हालांकि, विज्ञापन कंपनी के लिए अब भी एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है और टीम इसे मजबूत बनाने के लिए जरूरी प्रयास कर रही है। वहीं, सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में साल-दर-साल 16% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़ा योगदान रहा।
उन्होंने कहा कि फिल्मों और म्यूजिक का बिजनेस भी तिमाही-दर-तिमाही स्थिर गति से बढ़ रहा है और दूसरे बिजनेस सेगमेंट के साथ तालमेल बना रहा है। कंपनी माइक्रो-ड्रामा, किड्स एंटरटेनमेंट, लाइव इवेंट्स, VFX और एनीमेशन जैसे दूसरे रणनीतिक क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
पुनीत गोयनका ने कहा कि मैक्रोइकोनॉमिक माहौल में मामूली सुधार दिखाई दे रहा है और उन्हें आने वाले फेस्टिव सीजन से बेहतर संकेतों की उम्मीद है। उन्होंने शेयरहोल्डर्स का भी धन्यवाद किया और कहा कि हाल ही में हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में कंपनी की ओर से रखे गए प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए वे उनका आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कंपनी के एम्प्लॉयीज को भी कंपनी की मजबूत ताकत बताया। गोयनका ने कहा कि शेयरहोल्डर्स द्वारा मंजूर ‘Truly Yours’ Employee Stock Option Plan एम्प्लॉयीज को कंपनी के सह-मालिक की तरह काम करने और इस संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।
स्पोर्ट्स बिजनेस कब मुनाफे में आएगा?
अर्निंग कॉल में जब गोयनका से पूछा गया कि Zee का स्पोर्ट्स बिजनेस लगातार और टिकाऊ तरीके से कब प्रॉफिटेबल हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि कंपनी इस बिजनेस में बहुत सावधानी से आगे बढ़ेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आखिरकार यह बिजनेस लंबे समय में टिकाऊ तरीके से प्रॉफिटेबल बने।
उन्होंने बताया कि Zee के पास FIFA के राइट्स 2034 तक हैं। जिन 39 प्रॉपर्टीज के लिए कंपनी ने करार किया है, उनमें से 38 अभी बाकी हैं। गोयनका ने कहा कि इसके बाद क्या होता है, यह आगे देखा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि अब दूसरे राइट्स owners भी Zee के साथ पार्टनरशिप के लिए कंपनी से संपर्क कर रहे हैं। इंटरनेशनल फुटबॉल में कंपनी Bundesliga और Serie A के साथ जुड़ चुकी है। साथ ही Zee घरेलू स्तर पर भी एक मजबूत sports calendar तैयार करने पर काम कर रही है।
हालांकि, उन्होंने स्पोर्ट्स बिजनेस के प्रॉफिटेबल होने की कोई निश्चित तारीख बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अभी बहुत शुरुआती दौर है और Zee इस बिजनेस को उसी तरह सावधानी और planning के साथ आगे बढ़ाएगी, जिस तरह कंपनी आम तौर पर काम करती है।
FIFA के बाद बड़े विज्ञापनदाता Zee के साथ रहेंगे?
जब उनसे पूछा गया कि FIFA से पहले Zee पर मौजूद नहीं रहने वाले कुछ बड़े और प्रीमियम विज्ञापनदाता क्या FIFA के बाद भी नेटवर्क के साथ बने रहेंगे, तो पुनीत गोयनका ने कहा कि कुछ बड़े विज्ञापनदाता सिर्फ स्पोर्ट्स के लिए आए हो सकते हैं और वे बाद में Zee से बाहर भी जा सकते हैं।
लेकिन उन्होंने कहा कि अगर कंपनी ने इन विज्ञापनदाताओं के साथ अच्छे रिश्ते बनाए हैं और FIFA या स्पोर्ट्स बिजनेस के जरिए उन्हें अच्छी वैल्यू दी है, तो इनमें से कुछ विज्ञापनदाता निश्चित तौर पर Zee के साथ जुड़े रहेंगे। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि Zee आगे भी उन्हें कितनी अच्छी वैल्यू दे पाती है।
अब स्पोर्ट्स बिजनेस पहले से ज्यादा viable क्यों?
जब उनसे पूछा गया कि Zee के पुराने स्पोर्ट्स बिजनेस और अभी के मॉडल में क्या बदलाव आया है, तो पुनीत गोयनका ने कहा कि मौजूदा समय में स्पोर्ट्स बिजनेस का पूरा परिदृश्य बदल गया है।
उन्होंने माना कि स्पोर्ट्स राइट्स की कीमत सामान्य कंटेंट के मुकाबले ज्यादा है। लेकिन अगर कंपनी दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए सही कंटेंट चुनती है और राइट्स चुनने में सावधानी बरतती है, तो स्थिति बेहतर हो सकती है।
पुनीत गोयनका ने यह भी कहा कि Zee के पुराने दौर में फुटबॉल शायद 4-5 करोड़ लोगों तक ही पहुंच पाता था, जबकि अब FIFA के मामले में कंपनी 40 करोड़ लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यह जरूर FIFA की वजह से है, लेकिन अगर non-FIFA प्रॉपर्टीज में भी इसका आधा ऑडियंस हासिल हो जाए तो भी यह मॉनेटाइजेशन के लिए काफी बड़ा नंबर होगा।
Fundraising पर क्या बोले गोयनका?
फंडरेजिंग प्लान के बारे में पूछे जाने पर पुनीत गोयनका ने कहा कि कंपनी ने इस मामले में नियामक से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। कंपनी ने सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) का भी रुख किया है और वहां अपील दाखिल की है।
उन्होंने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द समाधान होगा। इसके बाद ही इन प्रयासों के नतीजे के आधार पर आगे की रणनीति तय की जा सकेगी।
ZEE5 की ग्रोथ कितनी टिकाऊ है?
ZEE5 की subscription growth के बारे में गोयनका ने कहा कि अगर कंपनी लगातार उपभोक्ताओं की पसंद और उनकी जरूरत के मुताबिक कंटेंट देती रहेगी, तो वे अपनी subscriptions को renew करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ FIFA से जुड़ी ग्रोथ नहीं है।
उनके मुताबिक FIFA के दौरान और उसके बाद भी सब्सक्रिप्शन के नवीनीकरण का अच्छा आधार देखने को मिला है। इसी वजह से कंपनी को भरोसा है कि यह ग्रोथ टिकाऊ है और आगे भी बढ़ सकती है।
विज्ञापन कारोबार को लेकर उन्होंने कहा कि मौजूदा बाजार की स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण है। पश्चिम एशिया और युद्ध की स्थिति जैसी चीजों से अनिश्चितता पैदा हो रही है। लेकिन कंपनी की बाजार हिस्सेदारी काफी बेहतर हुई है और त्योहारों का मौसम भी आ रहा है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि Zee अपनी बेहतर स्थिति का फायदा उठा पाएगी।
पुनीत गोयनका ने एक और ग्रोथ के रास्ते की बात की। उन्होंने कहा कि कंपनी सब्सक्रिप्शन और डिजिटल ग्रोथ के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी देख रही है, क्योंकि अब तक इन बाजारों की क्षमता का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया है।
ZEE5 के भाषा पैक से मिली मदद
ZEE5 के भाषा पैक के बारे में गोयनका ने कहा कि इनसे निश्चित तौर पर मदद मिली है। हालांकि, उन्होंने भुगतान करने वाले सब्सक्राइबर्स के भाषा के हिसाब से आंकड़े साझा करने से इनकार किया, क्योंकि यह गोपनीय और कारोबारी रूप से महत्वपूर्ण जानकारी है।
Linear TV में कीमत बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कंपनी NTO के तहत नियमन में है। अगला NTO चक्र फरवरी 2027 के आसपास होने पर कंपनी वहां भी कीमत बढ़ाने पर विचार करेगी।
Zee Music को लेकर क्या स्थिति है?
Zee Music के बारे में पूछे गए सवाल पर गोयनका ने कहा कि कंपनी रणनीतिक कदमों के कई विकल्पों का लगातार मूल्यांकन करती रहती है। जब कोई दूसरा पक्ष कंपनी से संपर्क करता है या Zee खुद किसी दूसरे पक्ष से संपर्क करती है, तब भी इन विकल्पों पर विचार किया जाता है। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं है जिसके बारे में वह खुलासा कर सकें।
उन्होंने कहा कि कंपनी अतिरिक्त जानकारी के खुलासे पर भी काम कर रही है, ताकि जब इसे सार्वजनिक किया जाए तो पूरी जानकारी सभी के सामने साफ और पारदर्शी तरीके से रखी जा सके।
ZEE5 और टीवी चैनलों द्वारा Zee Music के कैटलॉग के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसा मुफ्त में नहीं होता। जब ZEE5 या टीवी चैनल Zee Music के कैटलॉग का इस्तेमाल करते हैं, तो उसके लिए भुगतान किया जाता है। यह भुगतान बाजार में चल रही व्यवस्था के हिसाब से होता है।
FIFA के बाद ZEE5 के सब्सक्राइबर दोगुने से ज्यादा
जब ZEE5 में B2C सब्सक्राइबर बढ़ने के बारे में पूछा गया, तो गोयनका ने बताया कि पिछली तिमाही में सब्सक्राइबर बेस दोगुने से ज्यादा हो गया। उन्होंने कहा कि इसका बड़ा हिस्सा FIFA की वजह से हो सकता है, लेकिन ऐसे ग्राहक भी हैं जो गैर-स्पोर्ट्स कंटेंट के लिए ZEE5 पर आते हैं।
B2B सौदों को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी B2B साझेदारों के साथ बातचीत कर रही है, लेकिन गोपनीयता की वजह से फिलहाल इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं कर सकते।
उन्होंने ZEE5 पर दर्शकों को जोड़े रखने की रणनीति पर कहा कि कंपनी की टीम लगातार नया कंटेंट स्लेट तैयार कर रही है और दर्शकों की जुड़ाव बनाए रखने पर काम कर रही है।
FIFA के मुकाबले Bundesliga और Serie A को बेहतर कमाई में बदलने का भरोसा
FIFA के मार्जिन और कमाई को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में गोयनका ने कहा कि FIFA शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले कंपनी के पास इसे कमाई में बदलने का मौका आया था। इसलिए विज्ञापन के मोर्चे पर इससे कमाई करने के लिए बहुत कम समय मिला।
हालांकि, सब्सक्रिप्शन के मोर्चे पर कंपनी FIFA से अच्छी कमाई करने में सफल रही। गोयनका ने कहा कि Bundesliga और Serie A के मामले में कंपनी के पास पर्याप्त समय है। इसलिए उन्हें भरोसा है कि इन खेल अधिकारों से FIFA के मुकाबले ज्यादा बेहतर तरीके से कमाई की जा सकेगी।
Preferential Allotment की मंजूरी पर क्या बोले?
शेयरधारकों से मिली Preferential Allotment की मंजूरी की वैधता के बारे में पूछे जाने पर गोयनका ने कहा कि सामान्य तौर पर ऐसी मंजूरी एक साल के लिए वैध होती है।
हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि कंपनी ने नियामक और ट्रिब्यूनल का रुख किया है और मामला अदालत के विचाराधीन है। इसलिए इस समय वह इस विषय पर आगे कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं करना चाहेंगे।
विज्ञापन रेवेन्यू में सुधार की उम्मीद
विज्ञापन रेवेन्यू की आगे की स्थिति पर गोयनका ने कहा कि कंपनी आने वाले समय में इसके स्थिर होने को लेकर सावधानी के साथ सकारात्मक है।
उन्होंने इसके पीछे तीन बातें गिनाईं- कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बेहतर हुई है, त्योहारों का मौसम आने वाला है और पश्चिम एशिया में चल रही युद्ध की स्थिति अब धीरे-धीरे सुलझती दिख रही है। उनके मुताबिक इन तीनों चीजों का आगे विज्ञापन कारोबार पर असर पड़ना चाहिए।
हालांकि, पूरे साल के EBITDA मार्जिन पर उन्होंने कोई अनुमान देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बाजार में इस तरह की अनिश्चितता के बीच वह इस समय पूरे साल के EBITDA मार्जिन पर कोई अनुमान देने की स्थिति में नहीं हैं।
FIFA डील की कीमत बताने से इनकार
FIFA डील की कुल लागत और भुगतान की समयसीमा पर गोयनका ने कहा कि Zee के पास इसके राइट्स आठ साल के लिए हैं और भुगतान भी आठ साल में किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने राइट्स की कुल कीमत बताने से इनकार किया और इसे बेहद गोपनीय जानकारी बताया।
Zee Music के Demerger पर भी साफ किया रुख
Zee Music के Demerger के बारे में पूछे जाने पर गोयनका ने कहा कि कंपनी ने इस विकल्प पर विचार किया है। लेकिन अभी ऐसा कोई रणनीतिक कारण नहीं है, जिसकी वजह से कंपनी Music Business को अलग करे।
उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल Zee Music के Demerger को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। अगर भविष्य में कोई कारोबारी कदम ऐसी स्थिति पैदा करता है, तो उस समय इस पर विचार किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, पुनीत गोयनका की पूरी बातचीत में एक तरफ Zee के TV और Digital Business को मजबूत करने पर जोर दिखा, तो दूसरी तरफ Sports Business को लेकर उनका रुख साफ रहा कि कंपनी इस क्षेत्र में आगे बढ़ेगी, लेकिन जल्दबाजी में महंगे राइट्स लेने के बजाय मुनाफे और वैल्यू बनाने को प्राथमिकता देगी। ZEE5 की Growth, बेहतर Network Share, आने वाला Festive Season और International Digital Opportunities कंपनी की आगे की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह पूरा निष्कर्ष भी उनके Opening Remarks और सवाल-जवाब में कही गई बातों पर ही आधारित है।