श्रीनिवासन के. स्वामी, जो AAAI के पूर्व अध्यक्ष हैं, 2026-27 के लिए AAAI बोर्ड में पदेन सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रेडिफ्यूजन ब्रैंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप गोयल को विज्ञापन एजेंसियों की संस्था एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) का अध्यक्ष चुना गया है। मुंबई में आयोजित वार्षिक आम बैठक में उन्हें इस पद पर चुना गया, वहीं जयदीप आर गांधी को एसोसिएशन का उपाध्यक्ष चुना गया है।
2026-27 के लिए AAAI बोर्ड में चुने गए अन्य सदस्यों में सैम बालसारा, चेयरमैन एवं एमडी, मैडिसन कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड; प्रियंका चटर्जी, डायरेक्टर, स्टैंडर्ड पब्लिसिटी प्राइवेट लिमिटेड; तान्या गोयल, डायरेक्टर, एवरेस्ट ब्रैंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड; संतोष कुमार, सीओओ, इनोशियन वर्ल्डवाइड कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड; कुणाल ललानी, एमडी, क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड; चंद्रमौली मुथु, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, मैत्री एडवरटाइजिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, कोच्चि; के. श्रीनिवास, मैनेजिंग डायरेक्टर, स्लोका एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद और अजीत वर्गीज, ग्रुप सीईओ, मीडिया एवं ओओएच, प्लेटिनम एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। श्रीनिवासन के. स्वामी, जो AAAI के पूर्व अध्यक्ष हैं, 2026-27 के लिए AAAI बोर्ड में पदेन सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
अध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ. संदीप गोयल ने कहा कि AAAI के सदस्यों ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने विज्ञापन में इनोवेशन को बढ़ावा देने, रचनात्मकता के उच्च मानकों को बनाए रखने और पिछले अध्यक्षों द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष संस्था का लक्ष्य पूरे विज्ञापन और मीडिया इकोसिस्टम को लगातार सहयोग देना होगा, ताकि इंडस्ट्री नई तकनीकों से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपट सके और नए कारोबारी अवसरों का लाभ उठा सके।
डॉ. गोयल ने यह भी कहा कि AAAI का नया बोर्ड अनुभवी और प्रतिभाशाली है और उन्हें विश्वास है कि यह इंडस्ट्री को आगे ले जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष युवा पीढ़ी के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कार्य किए जाएंगे, ताकि वास्तविक संचार समाज के बेहतर भविष्य में योगदान दे सके। बता दें कि डॉ. संदीप गोयल एमबीए, पीएचडी और डी.लिट. हैं। वह रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट, दोनों स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के चेयरमैन हैं। उन्होंने पिछले 40 वर्षों में HTA (अब VML), त्रिकाया ग्रे (अब WPP का हिस्सा), DDB मुद्रा, रेडिफ्यूजन डेंट्सु और यंग एंड रूबिकैम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ काम किया है।
वह जी टेलीफिल्म्स के पूर्व ग्रुप सीईओ और Dentsu India & Middle East के पूर्व इंडिया JV पार्टनर एवं चेयरमैन भी रहे हैं। डॉ. गोयल Snapchat के इंडिया एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पंजाब सरकार में तीन वर्ष तक प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया है। वह कई किताबें लिख चुके हैं और नियमित रूप से द इकोनॉमिक टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड समेत अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में कॉलम और लेख लिखते हैं।
वहीं, जयदीप आर गांधी ने कहा कि AAAI के उपाध्यक्ष के रूप में दोबारा चुना जाना उनके लिए सम्मान की बात है और यह इंडस्ट्री के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने विज्ञापन में इनोवेशन और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा इंडस्ट्री के विकास में योगदान देने की बात कही।
जयदीप गांधी Another Idea के संस्थापक हैं और 2008 से AAAI से जुड़े हैं। वह 2014 से AAAI के बोर्ड में हैं। उन्होंने Goafest में को-चेयर के रूप में काम किया और 2019 से इसके चेयरमैन हैं। AAAI के अलावा वह IAA India Chapter के बोर्ड सदस्य और Advertising Council of India के STACA Trust के ट्रस्टी हैं। AAAI के अनुसार, मानद सचिव, मानद कोषाध्यक्ष और अन्य को-ऑप्टेड निदेशकों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे। इसके लिए 2026-27 के निर्वाचित बोर्ड सदस्यों की बैठक में एसोसिएशन के नियमों के अनुसार रिक्त पदों को भरा जाएगा।
गौरतलब है कि AAAI इंडस्ट्री द्वारा संचालित और इंडस्ट्री प्रबंधित एक गैर-लाभकारी ट्रेड एसोसिएशन है। इसकी स्थापना 1945 में विज्ञापन एजेंसियों के इंडस्ट्री के हितों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। AAAI के अनुसार, आज इसके सदस्य छोटे, मध्यम और बड़े आकार की बड़ी संख्या में एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मिलकर देश में किए जाने वाले विज्ञापन कारोबार का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।
याप डिजिटल को नारायणा हेल्थ के देशभर के अस्पतालों के सोशल मीडिया मैंडेट की जिम्मेदारी मिली है। इसमें रणनीति, कंटेंट, क्रिएटिव, स्थानीय स्टोरीटेलिंग, प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट शामिल हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
याप डिजिटल लिमिटेड (YAAP Digital Limited) को नारायणा हेल्थ (Narayana Health) के उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मध्य भारत स्थित अस्पतालों के सोशल मीडिया मैंडेट की जिम्मेदारी मिली है।
इस मैंडेट में सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी (Social Media Strategy), कंटेंट डेवलपमेंट (Content Development), क्रिएटिव एग्जीक्यूशन (Creative Execution), स्थानीय स्टोरीटेलिंग (Local Storytelling), प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट (Platform Management) और लगातार ऑडियंस एंगेजमेंट (Audience Engagement) शामिल हैं। इसके तहत नारायणा हेल्थ की कई अस्पताल इकाइयों और क्षेत्रीय सोशल मीडिया हैंडल्स का मैनेजमेंट किया जाएगा।
यह नई जिम्मेदारी हेल्थकेयर क्षेत्र में याप डिजिटल की मौजूदगी को और मजबूत करती है। कंपनी के अनुसार, उसे अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में फैले सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालने का अनुभव है। देशभर में मरीजों के समुदाय और सांस्कृतिक संदर्भ अलग-अलग होने को देखते हुए, हर अस्पताल इकाई की पहचान और स्थानीय संदर्भ से जुड़ी स्टोरीटेलिंग पर फोकस किया जाएगा।
इस साझेदारी पर नारायणा हेल्थ के कंट्री हेड- ब्रांड एंड मार्केटिंग अभिषेक मिश्रा (Abhishek Mishra) ने कहा कि उनके अस्पताल जिन समुदायों की सेवा करते हैं, वहां उनकी गहरी मौजूदगी है और सोशल मीडिया पर भी स्थानीय संदर्भ और प्रासंगिकता दिखाई देनी चाहिए। नेटवर्क में एक समान ब्रांड अनुभव बनाए रखते हुए भी हर अस्पताल इकाई अपने दर्शकों से अलग तरीके से जुड़ती है। उन्होंने कहा कि याप की स्थानीय स्टोरीटेलिंग क्षमता और बड़े स्तर पर अलग-अलग यूनिट पेज संभालने की क्षमता इस साझेदारी में अहम होगी।
याप डिजिटल के सीनियर पार्टनर मनन कपूर (Manan Kapoor) ने कहा कि नारायणा हेल्थ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की मजबूत विरासत रखने वाला संस्थान है। उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ साझेदारी के जरिए क्रिएटिविटी, तकनीक और क्षेत्रीय समझ को जोड़कर समुदाय के स्तर पर सार्थक जुड़ाव बनाने की कोशिश की जाएगी।
मैंडेट के तहत याप डिजिटल नारायणा हेल्थ की विभिन्न अस्पताल इकाइयों के साथ मिलकर हर क्षेत्र के लिए उपयुक्त सोशल मीडिया रणनीति तैयार करेगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में अस्पतालों को स्थानीय समुदायों से अधिक प्रभावी और सार्थक तरीके से जोड़ना है।
संजय कुमार इससे पहले करीब दो साल से Zee Media के हाइपरलोकल न्यूज प्लेटफॉर्म PINEWZ में एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार ने देश के प्रमुख न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के साथ नई पारी का आगाज किया है। उन्होंने टाइम्स नाउ डिजिटल में बतौर सीनियर एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) जॉइन किया है।
संजय कुमार इससे पहले करीब दो साल से Zee Media के हाइपरलोकल न्यूज प्लेटफॉर्म PINEWZ में एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे
मूल रूप से बिहार के रहने वाले संजय कुमार को मीडिया में काम करने का करीब 30 साल का अनुभव है। पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो से की। वह न्यूज एजेंसी एएनआई में बिहार-नेपाल के हेड भी रह चुके हैं। वह लंबे समय तक सहारा में भी कार्यरत रहे हैं, जहां उन्होंने ब्यूरो चीफ से लेकर आउटपुट हेड जैसी प्रमुख भूमिकाओं में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
कुछ प्रॉडक्शन हाउसेज में काम करने के अलावा संजय कुमार ने आर्यन नामक टीवी चैनल की लॉन्चिंग में भी अहम जिम्मेदारी निभाई। इसके साथ ही वह महुआ टीवी, पी7, न्यूज नेशन और इंडिया डेली लाइव जैसे प्रतिष्ठित न्यूज संस्थानों में भी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिकाएं निभा चुके हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी रहे संजय कुमार ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। समाचार4मीडिया की ओर से संजय कुमार को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
रुबिका ने जून में नेटवर्क18 को बाय बोलकर 'टाइम्स नाउ नवभारत' में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की थी। वह यहां वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) की जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जानी-मानी पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर रुबिका लियाकत को लेकर मीडिया जगत में नई चर्चा जोर पकड़ रही है। इन चर्चाओं के अनुसार हाल ही में 'टाइम्स नाउ नवभारत' से अलग होने के बाद रुबिका लियाकत एक बार फिर 'न्यूज18 इंडिया' का रुख कर सकती हैं। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो वह यहां शाम सात बजे का शो कर सकती हैं और स्पेशल प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी भी संभाल सकती हैं। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
इस संबंध में पुष्टि के लिए समाचार4मीडिया की टीम ने नेटवर्क18 प्रबंधन और रुबिका लियाकत से संपर्क किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी।
बता दें कि रुबिका लियाकत ने इसी वर्ष जून में 'टाइम्स नाउ नवभारत' में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की थी। इसके साथ ही वह नेटवर्क में वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं। वह नोएडा स्थित नेटवर्क कार्यालय से अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही थीं, जहां से उन्होंने पिछले दिनों ही अपनी पारी को विराम दे दिया है।
'टाइम्स नाउ नवभारत' से अलग होने के साथ ही रुबिका लियाकत के अगले कदम को लेकर मीडिया इंडस्ट्री में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच यह चर्चा भी है कि वह अपने पुराने संस्थान 'न्यूज18 इंडिया' में वापसी कर सकती हैं।
गौरतलब है कि 'टाइम्स नाउ नवभारत' से पहले रुबिका लियाकत 'न्यूज18 इंडिया' में कंसल्टिंग एडिटर और प्राइम-टाइम एंकर के रूप में कार्यरत थीं। वहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और विशेष कवरेज का नेतृत्व किया था और चैनल की प्रमुख चेहरों में शामिल थीं।
रुबिका लियाकत को ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म, राजनीतिक रिपोर्टिंग, प्राइम-टाइम एंकरिंग और न्यूजरूम नेतृत्व का 19 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने एबीपी न्यूज, ज़ी न्यूज, न्यूज24, भारत24, लाइव इंडिया, नेटवर्क18 इंडिया और 'टाइम्स नाउ नवभारत' जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
फिलहाल उनकी अगली पारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मीडिया गलियारों में उनकी संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।
याप डिजिटल लिमिटेड की 11वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (ओएवीएम) के जरिए आयोजित हुई।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
English Headline: Yaap Digital Holds 11th AGM, Takes Up Five Resolutions
याप डिजिटल लिमिटेड की 11वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (ओएवीएम) के जरिए आयोजित हुई। कंपनी ने यह बैठक कंपनी कानून, 2013 और संबंधित नियमों के साथ-साथ कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और सेबी की लागू गाइडलाइंस के अनुसार आयोजित की।
बैठक की शुरुआत दोपहर 2 बजे हुई। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस ही बैठक का स्थान माना गया। कंपनी की कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर शिवानी तिवारी ने सदस्यों का स्वागत किया और बताया कि बैठक वीसी/ओएवीएम के जरिए हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में शामिल सदस्यों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए होस्ट की ओर से म्यूट रखा गया था और बैठक की रिकॉर्डिंग अनुपालन के लिए की जा रही थी।
इसके बाद कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर लक्ष्मीराज सीताराम नायक ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सदस्यों का स्वागत किया और बताया कि बैठक शुरू करने के लिए जरूरी संख्या में सदस्य मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने बैठक शुरू करने की घोषणा की।
बैठक में कंपनी की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर व नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी की चेयरपर्सन वंदना मैथानी सिंह ने बताया कि वह दिल्ली से बैठक में शामिल हुईं। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और ऑडिट व स्टेकहोल्डर रिलेशनशिप कमेटी के चेयरमैन जगदेश बाबू बोट्टा और नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर विजयकुमार मालपानी ने मलाड, मुंबई से बैठक में हिस्सा लिया।
कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जिगेश शाह, एजीएम के स्क्रूटिनाइजर मन्निश घिया, वैधानिक ऑडिटर्स के प्रतिनिधि प्रियंका जाजू और दिनेश जैन, सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स की प्रतिनिधि दीप्ति शर्मा और कंपनी से जुड़े अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में कुल 8 शेयरधारक/सदस्य वीसी/ओएवीएम के जरिए शामिल हुए।
वार्षिक रिपोर्ट और नोटिस
कंपनी सेक्रेटरी ने बताया कि 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट और 11वीं एजीएम का नोटिस सदस्यों के रजिस्टर्ड ईमेल पते पर पहले ही भेजा जा चुका था। इसमें ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे, बोर्ड की रिपोर्ट, ऑडिटर्स की रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल थे।
सदस्यों की सहमति से एजीएम का नोटिस पढ़ा हुआ मान लिया गया। कंपनी ने यह भी बताया कि वैधानिक ऑडिटर्स की रिपोर्ट में कोई क्वालिफिकेशन, रिजर्वेशन, प्रतिकूल टिप्पणी या डिस्क्लेमर नहीं था, इसलिए उसे बैठक में पढ़ने की जरूरत नहीं थी।
कंपनी सेक्रेटरी ने यह भी बताया कि सदस्यों को डायरेक्टर्स और प्रमुख मैनेजेरियल कर्मचारियों का रजिस्टर तथा कॉन्ट्रैक्ट या अरेंजमेंट से जुड़े रजिस्टर बैठक के दौरान देखने के लिए उपलब्ध थे। सदस्यों की ओर से पहले से कोई सवाल या पूछताछ नहीं मिली थी, इसलिए अलग से सवाल-जवाब सत्र की जरूरत नहीं पड़ी।
चेयरमैन ने कंपनी के प्रदर्शन की जानकारी दी
चेयरमैन लक्ष्मीराज सीताराम नायक ने सदस्यों को कंपनी के 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के प्रदर्शन और गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने कंपनी के कारोबार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर भी अपने विचार साझा किए।
उन्होंने सदस्यों को उनके लगातार समर्थन और एजीएम में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।
ई-वोटिंग की सुविधा
कंपनी ने एजीएम में रखे गए प्रस्तावों पर मतदान के लिए नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के जरिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा दी थी।
कंपनी ने बताया कि जिन सदस्यों ने पहले ही रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोट कर दिया था, वे एजीएम में शामिल तो हो सकते थे, लेकिन बैठक के दौरान दोबारा वोट नहीं कर सकते थे। जिन सदस्यों ने रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोट नहीं किया था, उन्हें एजीएम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वोट करने का मौका दिया गया।
क्योंकि प्रस्तावों पर रिमोट ई-वोटिंग के जरिए पहले ही मतदान कराया जा चुका था, इसलिए बैठक में प्रस्तावों को रखने और उनका समर्थन करने की अलग प्रक्रिया की जरूरत नहीं थी।
एजीएम में 5 प्रस्ताव रखे गए
बैठक में कंपनी सेक्रेटरी ने नोटिस में दिए गए कारोबार के पांच प्रस्तावों को सामने रखा:
कंपनी ने बताया कि इन प्रस्तावों की पूरी जानकारी और उनसे जुड़ा एक्सप्लेनेटरी स्टेटमेंट एजीएम के नोटिस में पहले ही सदस्यों को उपलब्ध कराया गया था।
एजीएम के दौरान 15 मिनट चली ई-वोटिंग
कंपनी सेक्रेटरी ने बताया कि जिन सदस्यों ने रिमोट ई-वोटिंग के जरिए अपना वोट नहीं डाला था, उनके लिए एजीएम के दौरान 15 मिनट तक ई-वोटिंग की सुविधा खुली रही।
सदस्यों से एनएसडीएल के ई-वोटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए वोट डालने को कहा गया। एजीएम के स्क्रूटिनाइजर मन्निश घिया रिमोट ई-वोटिंग और एजीएम के दौरान हुए ई-वोटिंग, दोनों के वोटों की जांच करेंगे और उनकी संयुक्त रिपोर्ट तैयार करेंगे।
2:33 बजे खत्म हुई एजीएम
कोई अन्य कारोबार नहीं होने के कारण चेयरमैन ने सदस्यों को उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सदस्यों, डायरेक्टर्स, कर्मचारियों, ऑडिटर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के सहयोग की भी सराहना की।
याप डिजिटल की 11वीं एजीएम दोपहर 2:33 बजे ई-वोटिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समाप्त हुई। रिमोट ई-वोटिंग और एजीएम के दौरान हुई ई-वोटिंग के संयुक्त नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट तय समय के भीतर स्टॉक एक्सचेंज को भेजी जाएगी। इन्हें कंपनी और एनएसडीएल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
वर्टोज लिमिटेड की 15वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) 29 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (ओएवीएम) के जरिए हुई।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वर्टोज लिमिटेड (Vertoz Limited) की 15वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) 29 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (ओएवीएम) के जरिए हुई। बैठक का आयोजन केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की सुविधा के जरिए किया गया।
कंपनी ने बताया कि बैठक शुरू करने के लिए जरूरी संख्या में सदस्य मौजूद थे। 22 सितंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट के मुताबिक कंपनी के कुल सदस्यों की संख्या 64,578 थी। एजीएम में कुल 47 सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इनमें 12 प्रमोटर ग्रुप और 35 पब्लिक शेयरधारक थे।
बैठक की शुरुआत कंपनी के चेयरमैन और नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हर्षद उत्तमचंद शाह ने की। इसके बाद सभी डायरेक्टर्स की सहमति से हिरेंकुमार शाह को बैठक का चेयरमैन बनाया गया।
कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस ऑफिसर नूपुर जोशी ने शेयरधारकों को एजीएम और वोटिंग प्रक्रिया से जुड़ी सामान्य जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उमाशंकर हेगड़े, जो यू. हेगड़े एंड एसोसिएट्स के सोल प्रोपराइटर हैं, को ई-वोटिंग प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच के लिए स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया था।
कंपनी ने बताया कि ई-वोटिंग के नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट बैठक खत्म होने के दो कार्यदिवस के भीतर एनएसई को भेजी जाएगी। इन्हें कंपनी और केफिन टेक्नोलॉजीज की वेबसाइट पर भी रखा जाएगा।
एजीएम में रखे गए 5 प्रस्ताव
एजीएम में कुल 5 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से पहले दो सामान्य कारोबार से जुड़े थे, जबकि तीन विशेष कारोबार से जुड़े थे।
एजीएम के दौरान जिन सदस्यों ने पहले रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोट नहीं किया था, उनके लिए 15 मिनट के लिए इंस्टा-पोल/ई-वोटिंग की सुविधा खुली रखी गई।
एजीएम शाम 4:35 बजे समाप्त हुई। कंपनी ने साफ किया है कि ई-वोटिंग के नतीजे अलग से स्टॉक एक्सचेंज को बताए जाएंगे।
वह फिलहाल NBT में स्टेट ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी यह नियुक्ति सुधीर मिश्रा के रेजिडेंट एडिटर पद से इस्तीफा देने के बाद हुई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जाने-माने पत्रकार मनीष श्रीवास्तव को हिंदी दैनिक नवभारत टाइम्स (NBT) के लखनऊ संस्करण का रेजिडेंट एडिटर नियुक्त किया गया है। वह फिलहाल NBT में स्टेट ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी यह नियुक्ति सुधीर मिश्रा के रेजिडेंट एडिटर पद से इस्तीफा देने के बाद हुई है। सुधीर मिश्रा ने मंगलवार को करीब 14 वर्षों तक टाइम्स ग्रुप के साथ रहने के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया।
मनीष श्रीवास्तव वर्ष 2013 से NBT के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पहले उन्होंने अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिंदुस्तान जैसे प्रमुख हिंदी अखबारों में काम किया है। उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक मामलों पर उनकी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें जाना जाता है।
मनीष श्रीवास्तव के करियर में 2012 में उत्तर प्रदेश के नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (NRHM) घोटाले की रिपोर्टिंग एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही। उस समय वह अमर उजाला के साथ काम कर रहे थे। उनकी खोजी पत्रकारिता के जरिए उत्तर प्रदेश में सामने आए इस बड़े भ्रष्टाचार मामले की जानकारी सामने आई थी।
NRHM घोटाले में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए केंद्र सरकार की योजना से जुड़े करीब 10,000 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। इस मामले में कई मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की हत्या, जांच, कई नौकरशाहों और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा बाद में एक मंत्री के इस्तीफे जैसी घटनाएं सामने आईं। यह मामला उत्तर प्रदेश से सामने आए बड़े घोटालों में शामिल रहा।
NBT के साथ 13 वर्षों से अधिक समय के दौरान मनीष श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश के बाजार में रिपोर्टिंग और संपादकीय जिम्मेदारियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अब उन्हें लखनऊ संस्करण के रेजिडेंट एडिटर की जिम्मेदारी दी गई है।
समाचार4मीडिया की ओर से मनीष श्रीवास्तव को ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
सुधीर मिश्रा के अनुसार, उन्होंने करीब एक महीने पहले इस्तीफा दिया था। वह फिलहाल नवंबर के पहले हफ्ते तक नोटिस पीरियड पर काम करते रहेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्र ने ‘नवभारत टाइम्स’ (NBT) के लखनऊ संस्करण के स्थानीय संपादक पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की है। सुधीर मिश्रा के अनुसार, उन्होंने करीब एक महीने पहले इस्तीफा दिया था। वह फिलहाल नवंबर के पहले हफ्ते तक नोटिस पीरियड पर काम करते रहेंगे।
सुधीर मिश्र का ‘नवभारत टाइम्स’ के साथ करीब 14 साल का सफर रहा है। 1 अप्रैल 2013 को लखनऊ-कानपुर संस्करण के दोबारा शुरू होने के दौरान स्थानीय संपादक के तौर पर उन्होंने NBT जॉइन किया था। जून 2017 तक उन्होंने लखनऊ संस्करण की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2017 से 2022 तक लखनऊ और एनसीआर संस्करण तथा 2022 से मार्च 2024 तक दिल्ली संस्करण के संपादक रहे। मार्च 2024 में उनकी लखनऊ वापसी हुई और तब से वह दोबारा लखनऊ संस्करण के स्थानीय संपादक के तौर पर काम कर रहे थे।
लखनऊ से ही अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत करने वाले सुधीर मिश्र करीब 15 साल तक वहां रिपोर्टर भी रहे हैं। उन्होंने ‘दैनिक जागरण’ में करीब पांच साल और ‘हिन्दुस्तान’ में करीब दस साल बतौर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा वह ‘दैनिक भास्कर’ राजस्थान में करीब तीन साल तक संपादक रहे हैं। वह दो किताबें ‘मुसाफिर हूं यारो’ और ‘हाइब्रिड नेता’ लिख चुके हैं। उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म ‘गूलर का फूल’ भी बनाई है, जिसे बार्सिलोना में बेस्ट शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड मिल चुका है।
अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए सुधीर मिश्र ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह रिटायरमेंट मोड में नहीं जाना चाहते और आगे भी काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, NBT लखनऊ में उनके रिटायरमेंट तक के करीब दो साल बाकी थे और उन्हें लगा कि इन वर्षों को किसी नए प्रोजेक्ट में लगाकर अधिक प्रोडक्टिव बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फैसला कठिन था, लेकिन आगे की मंजिल साफ दिख रही हो तो फिर मुश्किल नहीं होती।
सुधीर मिश्र ने NBT में अपने 14 साल के सफर को याद करते हुए टीम और संस्थान से मिले अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान नई तकनीक, कोविड, डिजिटल का बढ़ता दबाव, पाठकों की बदलती आदतों और काम की बढ़ती चुनौतियों के बीच टीम ने मिलकर काम किया। उन्होंने अपनी लखनऊ टीम के गठन और उसके साथ लंबे जुड़ाव को भी विस्तार से याद किया।
उन्होंने संकेत दिया कि आगे वह किसी नए प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं और कहा कि वह पत्रकारिता से जुड़े रहेंगे। उनके शब्दों में, ‘पत्रकारिता मेरा पैशन है और उसी को आगे भी जीना है।’
सचिन भटनागर को लक्सर ग्रुप में प्रेसिडेंट- इंटरनेशनल बिजनेस नियुक्त किया गया है। नोएडा स्थित हेड ऑफिस से वह बिजनेस ग्रोथ, मार्केट विस्तार और नए इंटरनेशनल अवसरों पर काम करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सचिन भटनागर (Sachin Bhatnagar) को लक्सर ग्रुप (Luxor Group) में प्रेसिडेंट- इंटरनेशनल बिजनेस (President - International Business) नियुक्त किया गया है। कंपनी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए उनकी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की है। वह नोएडा स्थित कंपनी के हेड ऑफिस (Head Office) से काम करेंगे।
नई भूमिका में सचिन भटनागर बिजनेस ग्रोथ (Business Growth) बढ़ाने, मार्केट प्रेजेंस (Market Presence) मजबूत करने और नए इंटरनेशनल अवसर (International Opportunities) तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। लक्सर ग्रुप अपने इंटरनेशनल विस्तार को आगे बढ़ा रहा है।
कंपनी ने अपनी लिंक्डइन पोस्ट में कहा, “हमें सचिन भटनागर का लक्सर ग्रुप के प्रेसिडेंट के तौर पर स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। हम उनके नेतृत्व, विशेषज्ञता और लक्सर की निरंतर ग्रोथ और सफलता में योगदान की उम्मीद करते हैं।”
सचिन भटनागर के पास 30 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। उन्हें मल्टीनेशनल कॉरपोरेशंस (Multinational Corporations), यूरोपियन मार्केट लीडर्स (European Market Leaders) और भारतीय लिस्टेड कंपनियों में इंटरनेशनल बिजनेस (International Business) तैयार करने और उसे बड़े स्तर पर विस्तार देने का अनुभव है।
उनका अनुभव कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Consumer Products), एफएमसीजी (FMCG), स्टेशनरी (Stationery), पैकेजिंग और प्रिंटिंग (Packaging & Printing), स्पेशलिटी केमिकल्स (Specialty Chemicals), प्रिसीजन इंजीनियरिंग (Precision Engineering) और फार्मा (Pharma) जैसे क्षेत्रों में रहा है।
ग्लोबल इवेंट मार्केटिंग एजेंसी ओपस एजेंसी (Opus Agency) ने एशिया पैसिफिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए ASEAN और ANZ के लिए अलग-अलग वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ग्लोबल इवेंट मार्केटिंग एजेंसी ओपस एजेंसी (Opus Agency) ने एशिया पैसिफिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए ASEAN और ANZ के लिए अलग-अलग वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है।
एरिका सियो (Erica Seo) को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, ASEAN और चार्ल्स टर्नर (Charles Turner) को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, ANZ नियुक्त किया गया है। दोनों सीधे ओपस एजेंसी की प्रेसिडेंट डेना लोवरी (Dena Lowery) को रिपोर्ट करेंगे।
एरिका सियो इससे पहले स्पाल्बा (Spalba) में एपीएसी की बिजनेस हेड थीं। इससे पहले उन्होंने जॉर्ज पी. जॉनसन एक्सपीरियंस मार्केटिंग (George P Johnson Experience Marketing) में कई वरिष्ठ पदों पर काम किया है। वह जीपीजे कोरिया (GPJ Korea) की मैनेजिंग डायरेक्टर भी रह चुकी हैं।
वहीं, चार्ल्स टर्नर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ओपस एजेंसी के कारोबार की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके काम में कारोबारी प्रदर्शन, क्लाइंट ग्रोथ, रोजमर्रा के कामकाज और क्षेत्रीय क्षमताओं को बढ़ाना शामिल होगा।
टर्नर के पास जॉर्ज पी. जॉनसन ऑस्ट्रेलिया एंड न्यूजीलैंड में 12 साल काम करने का अनुभव है। इसके बाद उन्होंने द कंपनी वी कीप (The Company We Keep) में दो साल काम किया। ओपस एजेंसी ने 2025 में इस कंपनी का अधिग्रहण किया था।
इन नियुक्तियों के साथ ओपस एजेंसी APAC क्षेत्र में अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। एजेंसी सेल्सफोर्स, एमेज़ॉन वेब सर्विसेज (AWS), यूबीएस और रेड हैट जैसे क्लाइंट्स के साथ काम करती है। हाल की परियोजनाओं में एडब्ल्यूएस समिट एएनसीईएएन (AWS Summit ASEAN) भी शामिल है, जिसका आयोजन सिंगापुर, बैंकॉक और जकार्ता में किया गया था। इस कार्यक्रम में 16,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था।
GTPL Hathway के शेयरधारकों ने कंपनी की 20वीं सालाना आम बैठक (AGM) में रखे गए सभी पांच प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
GTPL Hathway के शेयरधारकों ने कंपनी की 20वीं सालाना आम बैठक (AGM) में रखे गए सभी पांच प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। कंपनी की AGM 28 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। कंपनी ने इसके बाद AGM के वोटिंग नतीजे जारी किए हैं।
कंपनी के मुताबिक, 21 सितंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कुल 28,968 शेयरधारक थे। AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के 6 तथा पब्लिक कैटेगरी के 66 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया।
AGM में पहला प्रस्ताव वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने से जुड़ा था। इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 9,20,09,637 वोट पड़े, जबकि 787 वोट इसके खिलाफ रहे। प्रस्ताव के पक्ष में 99.9991% वोट पड़े और इसे मंजूरी मिल गई।
दूसरा प्रस्ताव वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इक्विटी शेयरों पर डिविडेंड घोषित करने से जुड़ा था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 9,20,09,821 वोट और खिलाफ 603 वोट पड़े। यानी 99.9993% वोट प्रस्ताव के पक्ष में रहे और इसे भी मंजूरी मिल गई।
तीसरा प्रस्ताव अजय सिंह को रोटेशन के आधार पर दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने का था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 9,20,08,784 वोट पड़े, जबकि 1,640 वोट खिलाफ रहे। प्रस्ताव को 99.9982% वोट के साथ मंजूरी मिली।
चौथा प्रस्ताव वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर्स के पारिश्रमिक को मंजूरी देने से संबंधित था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 9,20,08,832 वोट और खिलाफ 1,592 वोट पड़े। प्रस्ताव को 99.9983% वोट मिले और इसे मंजूर कर लिया गया।
पांचवां और आखिरी प्रस्ताव राजेंद्र द्वारकादास हिंगवाला को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करने से जुड़ा था। यह स्पेशल रिजॉल्यूशन था। इसके पक्ष में 9,20,08,832 वोट और खिलाफ 1,592 वोट पड़े। प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई।
स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले प्रस्ताव पर 250 शेयरों के वोट अब्सटेन किए गए। दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवें प्रस्ताव पर भी एक-एक शेयरधारक ने 250 शेयरों के वोट नहीं डाले।
कंपनी ने बताया कि सभी पांचों प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हुए हैं। वोटिंग के लिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा 24 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2026 तक खुली थी। 28 सितंबर को वोटों की गिनती की गई।
AGM में पास हुए इन प्रस्तावों के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी, डिविडेंड की घोषणा, अजय सिंह की डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति, कॉस्ट ऑडिटर्स के पारिश्रमिक की मंजूरी और राजेंद्र द्वारकादास हिंगवाला की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में दोबारा नियुक्ति को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है।