उदय शंकर ने बताई वजह, क्यों करनी पड़ी पहले से आधी सैलरी पर नौकरी

‘स्टार’ और ‘डिज्नी इंडिया’ के चेयरमैन और ‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी, एशिया पैसिफिक’ के प्रेजिडेंट उदय शंकर ने ‘एएएआई-सुभाष घोषाल मेमोरियल लेक्चर’ में बताईं अपने जीवन से जुड़ी कई घटनाएं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 12 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 12 November, 2019
Uday Shankar

‘स्टार’ (Star) और ‘डिज्नी इंडिया’ (Disney India) के चेयरमैन और ‘द वॉल्ट डिज्नी कंपनी, एशिया पैसिफिक’ (The Walt Disney Company, Asia Pacific) के प्रेजिडेंट उदय शंकर ने मुंबई में 11 नवंबर को ‘एएएआई-सुभाष घोषाल मेमोरियल लेक्‍चर’ (AAAI-Subhas Ghosal Memorial Lecture) 2019 को संबोधित किया।  

कार्यक्रम का आयोजन ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI)  और सुभाष घोषाल फाउंडेशन ने मिलकर किया था। मीडिया, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग की दुनिया की जानी-मानी हस्तियों के बीच उदय शंकर ने मीडिया इंडस्ट्री में अपने करियर के साथ ही बिजनेस चलाने के दौरान सामने आईं चुनौतियों का भी जिक्र किया।

उदय शंकर का कहना था, ‘करीब तीन दशक पहले जब मैंने एक अखबार में बतौर पत्रकार अपना करियर शुरू किया था, तो उस समय मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि किसी दिन मुझे इस मंच पर इतने प्रतिष्ठित लोगों को संबोधित करने का मौका मिलेगा। तब मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि मैं आजीविका के लिए सिर्फ यह शुरुआत नहीं कर रहा हूं, बल्कि मैं ऐसे भारत की तलाश शुरू करने जा रहा हूं, जिससे मुझे इस देश को एक नए रूप में जानने का मौका मिलेगा, जो शायद किसी और प्रोफेशन में संभव नहीं होता। करियर के शुरुआती दौर में बतौर पत्रकार और बाद में एक मीडिया प्रोफेशनल के रूप में सक्रिय उदय शंकर ने बताया कि कैसे उन्हें इस देश को गहराई से जानने-समझने का मौका मिला।

इस दौरान उदय शंकर ने यहां तक के सफर में अपने जीवन में घटी कुछ घटनाओं के बारे में भी बताया। एक घटना का जिक्र करते हुए उदय शंकर ने बताया कि यह उन दिनों की बात है, जब उन्हें ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को जॉइन किए मुश्किल से कुछ हफ्ते ही हुए थे। एक दिन संपादक ने उनसे सरकार द्वारा चलाई जा रही टीकाकरण योजना का रिव्यू करने के लिए कहा। लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था।  उदय शंकर को इस बात की पड़ताल करनी थी कि सरकार की इस टीकाकरण योजना का आम लोगों की जीवन पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।     

उदय शंकर के अनुसार, ‘उस समय मैंने सोचा था कि पत्रकारिता में करियर के दौरान मुझे बड़े-बड़े लोगों से जुड़ने का मौका मिलेगा, लेकिन यहां तो मेरे संपादक के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।’ शंकर ने बताया कि टीकाकरण अभियान की वास्तविकता जानने के लिए उन्हें बिहार के पूर्णिया में भेजा गया, जहां उन्होंने अत्यधिक गरीबी में रह रहे लोगों के बीच एक हफ्ता गुजारा और वहां उन्होंने जो देखा, उससे दुनिया को देखने का उनका नजरिया हमेशा के लिए बदल गया।

उन्होंने कहा, ‘वहां मैंने देखा कि दिल्ली में मैंने एक रेस्टोरेंट में खाने के लिए जितना भुगतान किया, उससे कम कीमत में कैसे एक वैक्सीन किसी बच्चे अथवा किसी परिवार का भविष्य बचा सकती है। वहां के लोग बहुत गरीब थे और ऐसे एक-दो परिवार नहीं थे, बल्कि मैंने ऐसे कई गांव देखे। मैंने देखा कि उन ग्रामीणों तक वैक्सीन पहुंचाना कितना मुश्किल था, जिससे किसी की जिंदगी बदल सकती थी। यहां मुझे ऐसे कुछ समर्पित स्वास्थ्य कर्मी भी दिखे, जो निस्वार्थ भाव से काम कर रहे थे। जेएनयू में पढ़ने वाले मेरे जैसे फायरब्रैंड स्टूडेंट और एक्टिविस्ट के लिए यहां के हालात बिल्कुल नई बात थी।’ उदय शंकर ने बताया कि इस अनुभव ने देश को देखने का उनका नजिरया ही बदल दिया।

एक और घटना का जिक्र करते हुए उदय शंकर ने बताया कि यह बात करीब 20 साल पुरानी है, जब वह ‘आजतक’ में थे। उदय शंकर के अनुसार, ‘हमने नोएडा में एक स्कूल बस के एक्सीडेंट के बारे में न्यूज ब्रेक की थी। यह जानकारी थोड़ी सही थी। दरअसल, एक्सीडेंट की बात तो सही थी, लेकिन हमने जिस स्कूल का जिक्र किया था, उसकी कई ब्रांच थीं और हमने गलत ब्रांच का जिक्र कर दिया था। हमने अपनी गलती पकड़ भी ली और इसे 20-30 मिनट में ठीक कर दिया। इस पूरे दिन मुझे एक महिला के फोन आते रहे। मेरी सहायक ने मुझे बताया कि वह महिला मुझसे बात करने के लिए काफी इच्छुक थी। कई घंटे बाद मैंने उस महिला की कॉल का जवाब दिया। उसने मुझे धन्यवाद दिया और काफी अच्छे से बात की।

उदय शंकर के अनुसार, ‘उस महिला ने मुझे जो बात बताई, वह मुझे अभी भी परेशान करती है। वह महिला एक सैनिक की विधवा थी, जिसके दोनों बच्चे उसी स्कूल में पढ़ते थे, जिसकी बस के एक्सीडेंट के बारे में हमसे गलती हुई थी। वह एक्सीडेंट उस महिला के घर के पास ही हुआ था। महिला ने मुझे बताया कि कारगिल में पति की शहादत के बाद से उसे हमेशा कहीं न कहीं कुछ ऐसा घटित होने का डर लगा रहता था, जिससे उसकी बची हुई दुनिया छिन सकती थी। उसने बताया कि वह अपने घर पर हमेशा ‘आजतक’ चैनल को चलाकर रखती थी, क्योंकि उसका मानना था कि कहीं भी कुछ होने पर  चैनल के माध्यम से उसे हमेशा जानकारी मिलती रहेगी।’

उदय शंकर का कहना था, ‘महिला ने मुझे बताया कि एक पल के लिए उसे लगा कि आजतक ने उसकी दुनिया उजाड़ दी है। कुछ मिनट के लिए उसे लगा कि इस दुनिया में जिस चैनल पर वह सबसे ज्यादा भरोसा करती है, उसी ने उसकी दुनिया को खराब कर दिया। महिला का यह भी कहना था कि उसे लगा था कि यह चैनल हमेशा भरोसेमंद और सही जानकारी देने वाला है, लेकिन इस गलती से हमने उसका यह भरोसा तोड़ दिया और वह दोबारा हम पर कभी भरोसा नहीं कर सकेगी। थोड़ी देर के लिए तो मुझे लगा कि वह महिला ओवररिएक्ट कर रही है, आखिर हम भी तो इंसान हैं, हमसे भी तो गलती हो सकती है, लेकिन फिर मेरी समझ में आ गया कि आखिर उसके कहने का क्या मतलब था।‘

‘उस महिला ने मुझे अपने बिजनेस में विश्वास और क्रेडिबिलिटी के बारे में एक बहुमूल्य सबक दे दिया था। हालांकि, वह न्यूज के बारे में बात कर रही थी, लेकिन एंटरटेनमेंट और एडवर्टाइजिंग के साथ-साथ हमारे बिजनेस का कोई अन्य पार्ट भी इससे अलग नहीं है। पिछले बीस सालों से उसके शब्द आज भी मेरे कानों में गूंज रहे हैं और आज भी उसकी आवाज मुझे सतर्क करती रहती है। मुझे लगता है कि क्या मैं अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने अथवा अपने निजी हित के लिए किसी के भरोसे को तोड़ रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं उसे दोबारा निराश नहीं करूंगा।‘   

यही नहीं, इस कार्यक्रम के दौरान उदय शंकर ने उस घटना के बारे में भी बताया, जिसने उनकी जिंदगी ही बदलकर रख दी। उदय शंकर ने बताया, ‘अखबार में रिपोर्टर होने के बाद भी मैं टीवी में काम करने के लिए इच्छुक था। वर्ष 1991 में CNN पर खाड़ी युद्ध का प्रसारण किया जा रहा था। मैं भी टीवी न्यूज के लिए काम करना चाहता था। एक दिन मेरी पत्नी ने कहा कि इस बारे में अवसर मिलने के बारे में सोचने के बजाय मैं इसके लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाता हूं। मैं उस समय अच्छी तरह से सैटल्ड हो चुका था और ‘Down To Earth’  नामक एक पब्लिकेशन में सीनियर एडिटर था, लेकिन मेरी पत्नी के शब्दों ने मुझ पर ऐसा प्रभाव डाला कि अगले दिन मैंने नौकरी छोड़ दी।’

उदय शंकर का यह भी कहना था कि छह महीने तक उन्हें कहीं से रेगुलर इनकम नहीं हुई और पत्नी की कमाई से किसी तरह घर का खर्च चला। काफी भटकने के बाद उन्हें ‘जी’ (Zee)  द्वारा लॉन्च किए जा रहे एक न्यूज बुलेटिन में नौकरी मिली, लेकिन वहां एक अलग तरह की समस्या हो गई। पहले के मुकाबले उनकी सैलरी में आधी से ज्यादा कमी हो गई थी। उदय शंकर के अनुसार, ‘एक पत्रकार की सैलरी वैसे भी ज्यादा नहीं थी, लेकिन पचास प्रतिशत की कटौती तो बेहद कम थी। लेकिन मैंने वहां पर काम किया। इसके बाद करीब पांच साल तक तमाम आर्थिक चुनौतियों से जूझना पड़ा। इसके बाद ‘आजतक’ आया और स्थिति में भी काफी सुधार हुआ।

उदय शंकर का कहना था, ‘संघर्ष के इस दौर में मुझे पर्सनल और प्रोफेशनल तौर पर काफी कुछ सीखने को मिला। हालांकि, मैंने जो सबसे अच्छा सबक सीखा, वह है कि हमेशा अपने अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए, अपने दिल की माननी चाहिए और परिणामों के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए, जब आपको पता हो कि आप सही कर रहे हैं। मैंने तब से हमेशा इन सबक का पालन किया है और यह मेरे लिए काफी अच्छा भी रहा है।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

चैनलों और OTT प्लेटफॉर्म को पुराने कंटेंट नीलाम करेगा प्रसार भारती

प्रसार भारती ने डिजिटलाइजेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में प्रसार भारती ने टीवी चैनलों और ओटीटी प्लेटफॉर्म को अपना वो आर्काइवल कंटेंट नीलाम करने का फैसला लिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 October, 2021
PRASAR BHARATI

प्रसार भारती ने डिजिटलाइजेशन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में प्रसार भारती ने टीवी चैनलों और ओटीटी प्लेटफॉर्म को अपना वो आर्काइवल कंटेंट नीलाम करने का फैसला लिया है जो स्वतंत्रता से पहले का है। इसी के मद्देनजर प्रसार भारती ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके मुताबिक उसका प्रीमियम कंटेंट दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो और प्रसार भारती की नई यूनिटों से खरीदने के लिए उपलब्ध होगा।

‘आजतक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जारी किए गए इस नोटिफिकेशन की मानें तो प्रसार भारती ने अपने आर्काइवल में अपने केंद्रीकृत भंडार के साथ-साथ राष्ट्र के सभी कोनों में स्थित स्टेशनों, केंद्रों की संख्या में बहुत शानदार और एतिहासिक कंटेंट जमा किया हुआ है। आकाशवाणी और डीडी के समाचार प्रभाग में भी भारत के विकास के कई महत्वपूर्ण मील के पत्थरों की शानदार रिकॉर्डिंग है।'

इसमें आगे कहा गया है कि हम प्रसार भारती को लीनियर ब्रॉडकास्टिंग (टीवी, रेडियो) के साथ-साथ इंटरनेट-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑन डिमांड देखने/सुनने के लिए थर्ड पार्टी को ई-नीलामी के माध्यम से अपना कंटेंट प्रदान करने की उम्मीद कर रहे हैं।

भारत और विदेशों में प्रसार भारती के कार्यक्रम कंटेट के लिए प्रसारण के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग की मांग पैदा हुई है, ऐसे में इस कंटेंट के मोनिटाइजेशन की बेहतर संभावना है, जिसके लिए एक उचित और अच्छी तरह से परिभाषित कंटेंट सिंडिकेशन पॉलिसी की जरूरत है।

अधिसूचना के अनुसार ये ई-नीलामी चार कैटेगरी में होगी- ग्लोबल लीनियर ब्रॉडकास्ट राइट्स, ग्लोबल ऑन-डिमांड राइट्स, इंडिया लीनियर ब्रॉडकास्ट राइट्स और इंडिया ऑन-डिमांड राइट्स।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसार भारती ने पंजीकरण से लेकर अधिकार, भुगतान और सामग्री साझा करने तक सिडिकेशन के पूरे लाइफ साइकिल के प्रबंधन के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाने की योजना बनाई है.

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उपलब्ध सामग्री को कैटलॉग स्तर पर सिंडिकेशन के उद्देश्य के लिए कंपेलिंग कैटलॉग में क्यूरेट किया जाएगा। बाजार, विशिष्टता की शर्तों, लाइसेंसिंग अधिकारों की अवधि के आधार पर बेस प्राइस अलग से तय किया जा सकता है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दैनिक जागरण को बाय बोलकर Times Network पहुंचे युवा पत्रकार अम्बर बाजपेयी

युवा पत्रकार अम्बर बाजपेयी ने ‘दैनिक जागरण’, कानपुर को बाय बोल दिया है। वह करीब चार साल से यहां कार्यरत थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 October, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 October, 2021
Amber Bajpai

युवा पत्रकार अम्बर बाजपेयी ने ‘दैनिक जागरण’, कानपुर को बाय बोल दिया है। वह करीब चार साल से यहां कार्यरत थे। अम्बर बाजपेयी ने अब टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने यहां पर बतौर सीनियर कॉपी एडिटर जॉइन किया है।

मूल रूप से इटावा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले अम्बर बाजपेयी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब आठ साल का अनुभव है। इससे पहले वह आगरा में ‘अमर उजाला’ और ‘हिंदुस्तान’ अखबार में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। समाचार4मीडिया की ओर से अम्बर बाजपेयी को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

ZEE ने इनवेस्को के खिलाफ खोला नया ‘मोर्चा’, लगाया ये आरोप

स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए स्टेटमेंट में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ का कहना है, ‘जी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 October, 2021
Zee Entertainment

'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) और ‘इनवेस्को डेवलपिंग मार्केट फंड्स’ (Invesco Developing Market Funds) वाले मामले में नया मोड़ आया है। दरअसल, स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ ने कहा है कि ‘इनवेस्को डेवलपिंग मार्केट फंड्स’ ने पहले उन्हें एक बड़े भारतीय समूह के साथ कंपनी का विलय करने की पेशकश की थी।

स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए इस स्टेटमेंट में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ का कहना है, ‘जी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इनवेस्को के प्रतिनिधि के तौर पर अरुण बलानी और भवतोष वाजपेयी की ओर से पुनीत गोयनका के सामने फरवरी 2021 में एक डील पेश की गई थी, जिसमें कंपनी और एक बड़े भारतीय समूह के स्वामित्व वाली कुछ संस्थाओं का विलय शामिल था।’  

इस स्टेटमेंट के अनुसार, 'इस डील में पेशकश की गई थी कि उपरोक्त विलय के पूरा होने पर रणनीतिक समूह के पास विलय की गई इकाई में बहुमत हिस्सेदारी होगी और पुनीत गोयनका को एमडी और सीईओ के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें चार प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश भी की गई थी।'

'जी' के अनुसार, 'इनवेस्को ने गोयनका के रणनीतिक समूह के साथ कथित विलय प्रस्ताव के विरोध के बारे में कहा था कि यह डील उनके साथ या उनके बिना पूरा की जाएगी। इनवेस्को ने बार-बार गोयनका को कहा कि अगर उन्होंने डील को आगे बढ़ाने से इनकार किया तो उन्हें और उनके परिवार को नुकसान होगा।'

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

KOO से जुड़े गौरव खेतान, मिली यह बड़ी जिम्मेदारी

‘कू’ से पहले गौरव खेतान ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) में वाइस प्रेजिडेंट (Rights Acquisitions & Strategy) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 October, 2021
Gaurav Khetan

इंडियन माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘कू’ (Koo) ने गौरव खेतान को वाइस प्रेजिडेंट (बिजनेस) के पद पर नियुक्त किया है। खेतान के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने सितंबर में यहां जॉइन कर लिया है। ‘कू’ से पहले गौरव खेतान ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) में वाइस प्रेजिडेंट (Rights Acquisitions & Strategy) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

बता दें कि ‘कू’ ने हाल ही में टाइगर ग्लोबल के नेतृत्व में सीरीज बी फंडिंग के जरिये तीन करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 218 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस फंडिंग में मौजूदा निवेशकों एक्सेल पार्टनर्स, कलारी कैपिटल, ब्लूम वेंचर्स और ड्रीम इनक्यूबेटर ने भी हिस्सा लिया है। इसके अलावा नए निवेशकों के तौर पर आईआईएफएल और मिराए एसेट्स भी इसमें शामिल हुए हैं।

‘स्टार स्पोर्ट्स’ में नौ साल से ज्यादा के अपने कार्यकाल में गौरव खेतान ने तमाम विभागों में अपनी जिम्मेदारी निभाई। वाइस प्रेजिडेंट (Rights Acquisitions & Strategy) से पहले वह यहां प्रॉडक्ट हेड (Emerging Sports, driving programming for Football, Badminton, Hockey & Others) के तौर पर कार्यरत थे।

इसके अलावा वह मार्केटिंग हेड (Pro Kabaddi league and Kabaddi World Cup) के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इससे पहले वह ‘स्टार स्पोर्ट्स’ के सभी चैनल्स की प्रोग्रामिंग स्ट्रैटेजी को लीड कर रहे थे। ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से पहले वह करीब चार साल तक बतौर बिजनेस कंसल्टेंट ‘PwC’ में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

युवा पत्रकार आशुतोष दीक्षित ने थामा अब इस मीडिया समूह का दामन

युवा पत्रकार आशुतोष दीक्षित ने दैनिक जागरण, कानपुर में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब चार साल से इस अखबार में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 12 October, 2021
Last Modified:
Tuesday, 12 October, 2021
Ashutosh Dixit

युवा पत्रकार आशुतोष दीक्षित ने दैनिक जागरण, कानपुर में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब चार साल से इस अखबार में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। आशुतोष दीक्षित ने अब इंडिया टुडे समूह के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है।

मूल रूप से प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) के रहने वाले आशुतोष को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब दस साल का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत ‘समाचार प्लस‘ चैनल से की थी। पूर्व में वह फ्रीलॉन्सिंग के साथ-साथ ‘दैनिक भास्कर‘ में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो आशुतोष ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उन्होंने एलएलबी करने के साथ ही जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री ली है। समाचार4मीडिया की ओर से आशुतोष दीक्षित को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

प्रसार भारती ने कहा, कुछ मीडिया संस्थान ने फैलायी इस तरह की भ्रामक खबरें

सार्वजनिक प्रसारक संस्थान प्रसार भारती ने आधुनिक तकनीक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं और वह पुरानी पड़ चुकी एनलॉग टेक्नालॉजी की जगह डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग बढ़ा रही है।

Last Modified:
Monday, 11 October, 2021
Prasar Bharati

सार्वजनिक प्रसारक संस्थान प्रसार भारती ने आधुनिक तकनीक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं और वह पुरानी पड़ चुकी एनलॉग टेक्नालॉजी की जगह डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग बढ़ा रही है। इस कड़ी में अभी तक सभी एनालॉग ट्रांसमीटरों में से लगभग 70% को चरणबद्ध तरीके से बाहर कर दिया गया है। बाकी को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों की पुन: तैनाती के लिए उचित उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

सार्वजनिक प्रसारक ने कहा कि सामरिक महत्त्व के स्थानों में लगभग 50 एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटरों को छोड़कर प्रसार भारती 31 मार्च 2022 तक शेष अप्रचलित एनालॉग ट्रांसमीटरों को बाहर कर देगा। इसी क्रम में 2017-18 में 306, 2018-19 में 468, 2019-20 में 6 और 2020-21 में 46 टेरिस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटर हटाये गए हैं।

प्रसार भारती ने साफ किया है कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कुछ क्षेत्रों को छोड़कर बाकी जगहों से अब एनालॉग तकनीकी पर आधारित टेरिस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटर को हटाया जा रहा है।

प्रसार भारती ने उल्लेख किया कि एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी (एटीटी) एक अप्रचलित तकनीक है और इसे चरणबद्ध रूप से हटाना सार्वजनिक और राष्ट्रीय हित दोनों में है, क्योंकि यह बिजली पर होने वाले व्यर्थ खर्च को कम करने के अलावा 5जी जैसी नई व उभरती टेक्नोलॉजी के लिए मूल्यवान स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराता है। एटीटी के चरणबद्ध तरीके से हटाने के चलते कई मेगाहर्ट्स के सेपेक्ट्रम मुक्त होंगे, साथ ही  परिचालन खर्च में 100 करोड़ रुपए सालाना तक की बचत होने की उम्मीद है। साथ ही इससे आधुनिक प्रौद्योगिकियों और नए अवसरों की दिशा खुलेगी।

पिछले कुछ वर्षों में दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो में प्रसारण सुधारों को लागू करते हुए, प्रसार भारती एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटर जैसी अप्रचलित प्रसारण तकनीकों को तेजी से समाप्त कर रहा है, जिससे उभरती प्रौद्योगिकियों और नए कंटेंट के अवसरों में बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

प्रसार भारती ने साफ किया कि कुछ स्थानों पर इस संबंध में गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है कि दूरदर्शन से जुड़ा कोई केन्द्र बंद होने जा रहा है। प्रसार भारती ने स्पष्ट किया कि अप्रचलित एनालॉग टेरेस्ट्रियल टीवी ट्रांसमीटरों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए प्रसारण सुधार कदमों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। हाल ही में ‘डीडी सिलचर’, ‘डीडी कलबुर्गी’ आदि के बारे में ऐसी झूठी खबरें सामने आई हैं।

प्रसार भारती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ये डीडी केंद्र यूट्यूब और सोशल मीडिया सहित डिजिटल मीडिया पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने के अलावा अपने-अपने राज्यों को समर्पित दूरदर्शन के सभी सैटेलाइट चैनल प्रसारण के लिए कार्यक्रम कंटेंट तैयार करना जारी रखेंगे। उदाहरण के लिए ‘डीडी सिलचर’ और ‘डीडी कलबुर्गी’ द्वारा बनाये गए कार्यक्रम अब क्रमशः ‘डीडी असम’ और ‘डीडी चंदना’ पर प्रसारित किए जायेंगे।

प्रसार भारती ने साफ किया कि वह अन्य फ्री टू एयर निजी चैनल सहित दूरदर्शन के सभी चैनल डीडी फ्री डिश और डीटीएच के माध्यम से उपलब्ध करा रहा है। डीडी फ्री डिश डीटीएच चैनलों को ‘फ्री टू एयर मोड’ में प्राप्त करने के लिए सेट-टॉप बॉक्स बाजार से एकमुश्त निवेश के रूप में खरीदे जा सकते हैं और इसके माध्यम से कई शैक्षिक चैनलों के साथ-साथ आकाशवाणी के 40 से अधिक सैटेलाइट रेडियो चैनलों सहित 120 से अधिक फ्री-टू-एयर टीवी चैनल देखे जा सकते हैं।

प्रसार भारती ने यह भी जानकारी दी कि 5जी ब्रॉडकास्ट जैसे उभरते मानकों के अनुरूप डिजिटल टेरेस्ट्रियल ब्रॉडकास्टिंग के लिए नेक्स्ट जेन ब्रॉडकास्ट सॉल्यूशन/रोडमैप विकसित करने के लिए प्रसार भारती ने आईआईटी कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकास्टिंग जैसे नए एप्लिकेशन को सक्षम बनाया जा सके और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम के इस्तेमाल के जरिए नए कंटेंट के अवसर पैदा किए जा सकें।

 

  

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

SonyLIV में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर रहे मनीष वी. धनवानी ने जॉइन किया MX प्लेयर

सोनीलिव (SonyLIV) में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर रहे मनीष वी. धनवानी ने अब MX प्लेयर जॉइन किया है।

Last Modified:
Friday, 08 October, 2021
sonyliv6565

सोनीलिव (SonyLIV) में सीनियर मार्केटिंग मैनेजर रहे मनीष वी. धनवानी ने अब MX प्लेयर जॉइन किया है। उन्हें यहां एसवीओडी (SVOD) का एसोसिएट डायरेक्टर बनाया गया है।

अपनी नई भूमिका में, वह अपने अनुभव का उपयोग एमएक्स प्लेयर में एसवीओडी (SVOD) वर्टिकल को और आगे ले जाने के लिए करेंगे।

अपने 13 साल से भी अधिक लंबे करियर में धनवानी ने टाइम्स ऑफ मनी (Times of Money), बुकमाईशो (BookMyShow), मैककैन (McCann) और पब्लिसिस (Publicis) जैसे ब्रैंड्स के साथ काम किया है।  

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सरकार ने 'प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया' का किया पुनर्गठन, शामिल किए ये 22 नाम

‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘भारतीय प्रेस परिषद’ (Press Council of India) के 14वें कार्यकाल के पुनर्गठन के लिए छह अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर दी है।

Last Modified:
Friday, 08 October, 2021
Press Council of India

‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘भारतीय प्रेस परिषद’ (Press Council of India)  के 14वें कार्यकाल के पुनर्गठन के लिए छह अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने भारतीय प्रेस परिषद में 22 नए सदस्यों को नामित किया है। इनमें श्रमजीवी पत्रकारों व संपादकों को शामिल किया गया है। बताया जाता है कि ये नियुक्तियां तीन वर्ष के लिए मान्य होंगी।

भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य के रूप में जिन्हें नामित किया गया है, उनमें ‘दैनिक भास्कर’ के समूह संपादक प्रकाश दुबे, ‘पीटीआई‘ के जी सुधाकर नायर, ‘मुजफ्फरपुर बुलेटिन‘ के अंकुर दुआ, ‘एक्सप्रेस न्यूज‘ के समूह संपादक डॉ बलदेव राज गुप्ता,  ह्यूयेन लानपाओ के निवासी संपादक डॉ खेदेम अथौबा मीतेई, ‘जनमोर्चा‘ की संपादक डॉ सुमन गुप्ता, ‘द कारवां‘ के कार्यकारी संपादक विनोद के जोस, ‘आज कल‘ के पत्रकार अंशु चक्रवर्ती, ‘देशबंधु‘ के संवाददाता जय शंकर गुप्ता और ‘संगबाद प्रतिदिन‘ के किंगशुक प्रमाणिक के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा ‘आनंद बाजार पत्रिका‘ के प्रजनानंद चौधरी, ‘उत्कल मेल‘ के विनोद कोहली, ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस‘ के गुरबीर सिंह, ‘इंडस वैली टाइम्स‘ के प्रसन्ना मोहंती, ‘भारतीय पर्यवेक्षक‘ के गुरिंदर सिंह, ‘आकाशदीप‘ के एल सी भारतीय, ‘जय प्रदेश‘ की आरती त्रिपाठी, ‘जन सामना‘ के श्याम सिंह पंवार, ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग‘ की ओर से प्रो. जे.एस राजपूत, ‘भारतीय विधिज्ञ परिषद‘ की ओर से शैलेन्द्र दुबे, ‘साहित्य अकादमी‘ की ओर से माधव कौशिक और राज्यसभा सदस्य डॉ. के केशव राव को भी बतौर सदस्य इसमें नामित किया गया है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

GroupM में हिमांशु शेखर को मिली ये अतिरिक्त जिम्मेदारी

वह कंपनी में इंडोनेशिया मार्केट के सीईओ के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 07 October, 2021
Last Modified:
Thursday, 07 October, 2021
Himanshu Shekhar

जानी-मानी मीडिया एडवर्टाइजिंग कंपनी ‘ग्रुपएम’ (GroupM)  ने हिमांशु शेखर को वियतनाम के मार्केट की अतिरिक्त कमान सौंपी है। वह कंपनी में इंडोनेशिया मार्केट के सीईओ के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। उन्हें वियतनाम मार्केट में नील हार्डविक (Neil Hardwick) की जगह यह जिम्मेदारी दी गई है।  

बता दें कि हिमांशु शेखर लंबे समय से ग्रुपएम के साथ जुड़े हुए हैं और उन्हें वर्ष 2018 में प्रमोट कर ग्रुपएम इंडोनेशिया में सीईओ बनाया गया था।

शेखर मार्च 2010 से इंडोनेशिया में हैं, जब वे ‘माइंडशेयर’ (Mindshare) के बिजनेस में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए थे। दिसंबर 2011 में उन्हें माइंडशेयर, इंडोनेशिया के सीईओ के पद पर प्रमोट कर दिया गया था।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

ZEE के खिलाफ विदेशी मीडिया और इनवेस्को में हो रही बड़ी साजिश, बोले डॉ. सुभाष चंद्रा

बुधवार को अपने लोकप्रिय शो ‘डीएनए’ (DNA) में ‘जी मीडिया’ के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ सुधीर चौधरी ने इस मुद्दे पर ‘एस्सेल ग्रुप’ के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा से विस्तार से बातचीत की।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 06 October, 2021
Last Modified:
Wednesday, 06 October, 2021
DNA

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लि.’ (ZEEL) ने ‘सोनी पिक्चर नेटवर्क्स इंडिया’ (Sony Picture Networks India) के साथ हाल ही में विलय की घोषणा की है। इसके बाद से ही ‘जी’ के सबसे बड़े निवेशक ‘इनवेस्को’ (Invesco) ने जी एंटरटेनमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ पुनीत गोयनका समेत दो अन्य निदेशकों को हटाने और छह नए निदेशकों की नियुक्ति के साथ बोर्ड के पुनर्गठन की मांग शुरू कर दी है। इसी मद्देनजर इनवेस्को की मंशा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि उसके पीछे किसका हाथ है? इस सवाल से इनवेस्को भाग क्यों रहा है? क्या चीन से उसे मदद मिल रही है? चीन ZEEL के खिलाफ साजिश क्यों कर रहा है? क्या किसी कॉरपोरेट घराने के इशारे पर सब हो रहा है? 

इस मुद्दे पर पिछले दिनों Zee ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अनुरोध किया है कि वह ईजीएम बुलाने के इनवेस्को के अनुरोध को गैरकानूनी व अमान्य करार देने पर विचार करे। वहीं, ZEE के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने इनवेस्को की नीयत पर सवाल उठाए हैं।

बुधवार को अपने लोकप्रिय शो ‘डीएनए’ (DNA) में ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ सुधीर चौधरी ने इस मुद्दे पर ‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group) के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘जब 1992 में ‘जी’ नेटवर्क आया, तब सिर्फ दूरदर्शन था और वह मनोरंजन के क्षेत्र में सक्रिय नहीं था। हमने उस रिक्त स्थान को भरने का काम किया है। आज कोई 10 लाख करोड़ रुपए भी खर्च करे तो ‘जी’ जैसा ब्रैंड नहीं खड़ा कर सकता। हमारे गोदामों में आज भी 1992 से लेकर 1996 के बीच आई 10 करोड़ चिट्ठी पड़ी हैं।’

डॉ. चंद्रा का कहना था, ‘ये चैनल इनवेस्को और मेरा या किसी और का नहीं है। हमारे ढाई लाख शेयर होल्डर्स का चैनल है। विदेशी खतरा तो 1994 में भी आया, जब मुझे 500 मिलियन डॉलर ऑफर किए गए थे, वो भी विदेशी मीडिया ही था। मैंने उस समय भी उनको कहा था कि इंडिया सेल के लिए नहीं है इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि इनवेस्को सिर्फ निवेशक है, मालिक नहीं है।’ डॉ. सुभाष चंद्रा के अनुसार, ‘इनवेस्को का मैं अभी तक समझ नहीं पा रहा कि इनके पीछे किसका हाथ है। लेकिन कोई तो है, जो पुनीत गोयनका को बदलने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, वो लालची हैं और इसको टेकओवर करना चाहते हैं। सीधे रास्ते से वो आ नहीं सकते इसलिए वो इस प्रकार के हथकंडे अपना रहे हैं। एक कंपनी कानून के प्रावधान का इस्तेमाल करके वो इस मीडिया कंपनी को हथियाना चाहते हैं।’

उनका कहना था, ‘आज ZEE के छह बोर्ड मेंबर हैं और उस पर किसी का कंट्रोल नहीं है। सातवां पुनीत है, लेकिन वह भाग नहीं ले सकता है। सभी बोर्ड मेंबर ने कानूनी राय ली है और जितना मुझे मालूम है कि इनवेस्को की मांग कानूनी रूप से बिल्कुल गलत है। इनवेस्को आज का नहीं, बल्कि पुराना निवेशक है। पुनीत की क्षमता पर तो उन्हें पहले भी भरोसा था, लेकिन आज अचानक से कैसे उनकी राय बदल गई, ये बड़ा सवाल है।’

डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है और मेरी ये निजी राय है कि इनवेस्को में कोई बेईमानी कर रहा है और अपने बड़े अधिकारियों को गुमराह कर रहा है। अगर इनवेस्को ने पहले से कोई डील करके रखी है तो वो कानूनी रूप से गलत है और इनसाइडर ट्रेडिंग के दायरे में आती है। इनवेस्को चाहे तो हम AGM  मीटिंग करने को भी तैयार हैं, लेकिन इससे पहले आप ये बताइये कि आपकी सोनी से क्या डील है? उसके बाद हम अपने शेयर धारकों को बताएंगे कि हमारी क्या योजना है।’

इस शो के दौरान डॉ. सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा, ‘मैं ये क्लियर करना चाहता हूं कि इनवेस्को सबसे बड़ी निवेशक भले ही हो सकती है लेकिन 18 फीसदी हिस्से का मतलब यह नहीं है कि आप मालिक हो गए हैं। आज मनोरंजन की दुनिया में अगर कोई ऐसा चैनल है, जिसको पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है, तो वो जी के चैनल्स हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इस देश का कानून इनवेस्को को इस तरह टेकओवर करने की इजाजत नहीं देता। इनवेस्को पैसे के बल पर कुछ भी कर सकता है। मैं इनवेस्को को साफ कह देना चाहता हूं कि अगर आप गैरकानूनी तौर से हथियाने की सोच रहे हैं तो न तो ये हो सकता है और न ही हम ऐसा होने देने वाले हैं। इनवेस्को आज ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह बर्ताव कर रही है, लेकिन वो भूल गए कि उसी कंपनी को मैं 1995 में खरीद चुका हूं। आज भी वो डील कागज पर है और मेरे ढाई लाख पाउंड वहीं हैं। उस देश के पीएम तक से मेरी बात हुई थी लेकिन टेकओवर के नियम ऐसे थे कि वो कंपनी मेरे हाथ नहीं आई।’

उनका यह भी कहना था, ‘मुझे इस देश के लोगों पर पूरा भरोसा है कि वो इनवेस्को की मंशा को सफल नहीं होने देंगे। कई लोग यह भी कह रहे होंगे कि सोनी भी विदेशी कंपनी है लेकिन मैं साफ कह दूं कि उन्होंने पूरे पांच साल पुनीत को डायरेक्टर बनाने की हामी भरी है। वो भारत के हिसाब से ही चीजों को बनाना चाहते हैं। मीडिया संस्थान चलाना किसी बैंक को चलाने से कम नहीं है। ये सीधे लोगों के दिल और दिमाग पर असर करता है, इसलिए सरकार ने कानून बनाया हुआ है कि आपको अगर एक डायरेक्टर भी बदलना है तो भी आपको सरकार से इजाजत लेनी होगी। मुझे उम्मीद है कि सरकार भी इस मामले को पूरी तरह से देखेगी।’

इस पूरे शो का वीडियो आप यहां देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए