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पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट: 2025 में टीवी विज्ञापन में 6% की वृद्धि का अनुमान
2021 तक टेलीविजन सबसे बड़ा विज्ञापन माध्यम बना रहा, लेकिन 2022 से इसका विज्ञापन खर्च (AdEx) शेयर गिरने लगा। 2022 में इसका हिस्सा 34% था, जो 2023 और 2024 में हर साल 1% कम होता गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago
पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट (PMAR) के अनुसार, भारतीय टेलीविजन विज्ञापन बाजार 2024 में सुस्त वृद्धि के दौर से गुजरा, जो केवल 5% की बढ़ोतरी के साथ ₹34,453 करोड़ तक पहुंचा। यह पिछले सात वर्षों में सबसे धीमी वृद्धि रही, जिसकी घोषणा बुधवार को जारी रिपोर्ट में की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की चौथी तिमाही में टेलीविजन पर विज्ञापन खर्च (TV AdEx) में 13% की गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण त्योहारी सीजन की कमजोर मांग रही।
वहीं, टीवी इंडस्ट्री को एक और बड़ा झटका तब लगा, जब 2024 में विज्ञापनदाताओं की संख्या में 23% की गिरावट आई। 2023 में टेलीविजन विज्ञापनदाताओं की संख्या 11,127 थी, जो 2024 में घटकर 8,653 रह गई। रिपोर्ट में कहा गया कि कई पारंपरिक टीवी विज्ञापनदाता डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर रहे हैं।
2021 तक टेलीविजन सबसे बड़ा विज्ञापन माध्यम बना रहा, लेकिन 2022 से इसका विज्ञापन खर्च (AdEx) शेयर गिरने लगा। 2022 में इसका हिस्सा 34% था, जो 2023 और 2024 में हर साल 1% कम होता गया।
विज्ञापनदाताओं में, फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर टेलीविजन पर हावी रहा, जिसमें 3% की वृद्धि देखी गई और इसने कुल विज्ञापन खर्च में 46% का योगदान दिया। हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (GEC) और स्पोर्ट्स कार्यक्रम टीवी विज्ञापन का मुख्य आधार बने रहे, जो कुल टेलीविजन विज्ञापन वॉल्यूम का 8% रहे। रीजनल टीवी विज्ञापन ने भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जिसमें 9-12% की वृद्धि दर देखी गई।
हालांकि, 2024 के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को 2025 में सुधार की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल विज्ञापन खर्च 2025 में ₹1.2 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना है, जो 2024 के ₹1.08 लाख करोड़ से 11% अधिक होगा। इस वृद्धि का मुख्य कारण प्रमुख खेल आयोजनों जैसे कि IPL, ICC चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप और भारत की द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज होगी, जो टीवी और डिजिटल दोनों विज्ञापन राजस्व को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
विशेष रूप से, टेलीविजन पर विज्ञापन खर्च 2025 में 6% बढ़कर ₹36,500 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
हालांकि यह वृद्धि अभी भी मध्यम स्तर की मानी जा रही है, लेकिन इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बड़े आयोजनों और स्पोर्ट्स व एंटरटेनमेंट कंटेंट के मजबूत प्रदर्शन से टेलीविजन की प्रासंगिकता बनी रहेगी, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दबदबा बढ़ता रहेगा।
बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ, विज्ञापनदाताओं के एकीकृत टीवी और डिजिटल रणनीतियों को अपनाने की उम्मीद है, ताकि हाई-इम्पैक्ट इवेंट्स का लाभ उठाकर अधिकतम दर्शकों तक पहुंचा जा सके। डिजिटल और टेलीविजन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ, 2025 भारतीय विज्ञापन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित होगा।
'पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2025' को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें:
https://e4mevents.com/pitch-madison-advertising-report-2025/download-report#downloadReport
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