भारत के न्यूज चैनलों के दफ्तरों में एक अजीब-सी बेचैनी है। हफ्ते-दर-हफ्ते TRP रिपोर्ट नहीं आ रही। एंकर ऑन-एयर चिल्ला रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनकी आवाज कितने लोगों तक पहुंच रही है।
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Vikas Saxena
देश के न्यूज चैनलों के दफ्तरों में एक अजीब-सी बेचैनी है। हफ्ते-दर-हफ्ते TRP रिपोर्ट नहीं आ रही। एंकर ऑन-एयर तो हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनकी आवाज कितने लोगों तक पहुंच रही है। ऐडवर्टाइजर असमंजस में हैं। और दूसरी तरफ, JioHotstar पर IPL 2026 के मैचों में 50 करोड़ से ज्यादा दर्शक टूट पड़ रहे हैं- बिना किसी TRP के, बिना BARC के, सीधे डेटा के साथ।
यह सिर्फ एक रेटिंग सिस्टम का संकट नहीं है। यह भारतीय मीडिया के पूरे ढांचे का एक ऐतिहासिक मोड़ है।
क्यों रुकी TRP
मार्च 2026 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को आदेश दिया कि वह न्यूज चैनलों की TRP रिपोर्टिंग तुरंत बंद करे। कारण बताया गया- इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर टीवी न्यूज चैनलों द्वारा "अनावश्यक सनसनीखेज और अनर्गल अटकलबाजी वाली कवरेज।" सरकार का मानना था कि TRP की दौड़ में चैनल ऐसी खबरें दिखा रहे हैं जो जनता में घबराहट पैदा कर सकती हैं, खासकर उन लोगों में जिनके परिजन युद्ध प्रभावित इलाकों में हैं।
7 अप्रैल 2026 को एक और आदेश आया- TRP निलंबन को चार और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया। आदेश में स्पष्ट लिखा था कि "वेस्ट एशिया संघर्ष के दौरान कुछ न्यूज चैनलों द्वारा दिखाई जा रही असंयमित सनसनीखेज और सट्टेबाजी वाली सामग्री को रोकने के लिए" यह कदम उठाया गया है। 'डीडी न्यूज' (DD News) ने भी यही जानकारी जारी की।
यह पहली बार नहीं हुआ है। BARC इससे पहले भी TRP रिपोर्टिंग को रोक चुका है- 2020 में TRP घोटाले के बाद तीन महीने के लिए रेटिंग बंद की गई थी,लेकिन सिस्टम में सुधार और जांच के कारण इसे काफी समय के लिए रोक दिया गया था। पर इस बार फर्क यह है कि एक सक्रिय भू-राजनीतिक संघर्ष को सीधे तौर पर TRP निलंबन की वजह बताया गया- जो भारतीय ब्रॉडकास्ट रेगुलेशन के इतिहास में अभूतपूर्व है।
मीडिया एक्सपर्ट इसमें एक गहरा संदेश पढ़ रहे हैं: सरकार ने सीधे किसी चैनल को यह नहीं बताया कि क्या दिखाओ और क्या नहीं। उसने बस व्यावसायिक प्रोत्साहन हटा दिया। जब TRP नहीं रहेगी, तो सनसनीखेज खबर से मिलने वाला ऐड रेवेन्यू भी नहीं आएगा।
TV Ratings Policy 2026-
TRP निलंबन से भी बड़ा झटका आया 27 मार्च 2026 को, जब केंद्र सरकार ने TV Ratings Policy 2026 अधिसूचित की। यह 2014 की पुरानी गाइडलाइन्स की जगह लेती है और BARC India को 30 दिनों के भीतर नई नीति के तहत फिर से लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश देती है।
नई नीति की पांच प्रमुख शर्तें हैं जो इंडस्ट्री को हिलाकर रख गई हैं:
1. 50% स्वतंत्र निदेशक- BARC के बोर्ड में कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए जिनका ब्रॉडकास्टर, ऐडवर्टाइजर या एजेंसियों से कोई संबंध न हो और उनके नामों को सरकार की मंजूरी चाहिए।
2. लैंडिंग पेज का असर खत्म- रेटिंग में लैंडिंग पेज व्युअरशिप शामिल नहीं होगी, जिसके लिए पूरी तरह नया तकनीकी तंत्र चाहिए।
3. वार्षिक एस्टेब्लिशमेंट सर्वे- यानी हर साल पैनल होम्स का नया सर्वे, जबकि BARC अभी 2024 में शुरू किया गया सर्वे भी रोक चुका है।
4. सुरक्षा मंजूरी- कंपनी, उसके डायरेक्टर और प्रमुख अधिकारियों को सरकारी सुरक्षा मंजूरी चाहिए।
5. दो बैंक गारंटियां- ₹25 लाख और ₹75 लाख की अलग-अलग दो गारंटियां, दोनों 10 साल के लिए। नियम उल्लंघन पर इन्हें जब्त किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, नई नीति यह भी अनिवार्य करती है कि मौजूदा रेटिंग एजेंसी- यानी BARC- 6 महीने के भीतर अपने मीटर होम्स की संख्या 80,000 तक बढ़ाए और अंततः 1.2 लाख तक ले जाए। यह एक बड़ी लॉजिस्टिकल और वित्तीय चुनौती है।
इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और ज्यादा समय मांगा। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार, BARC अभी तक नए लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर पाया है।
ऐडवर्टाइजर असमंजस में हैं। बड़े ब्रैंड्स अपने टीवी ऐड बजट को रोक रहे हैं या सावधानी से खर्च कर रहे हैं, क्योंकि बिना विश्वसनीय रेटिंग डेटा के, वे यह तय नहीं कर पा रहे कि किस चैनल पर पैसे लगाएं।
डिजिटल का उदय- FICCI-EY रिपोर्ट 2026 के चौंकाने वाले आंकड़े
जबकि TRP सिस्टम पर संकट मंडरा रहा है, डिजिटल मीडिया चुपचाप इतिहास बना रहा है। दरअसल, ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 24 मार्च 2026 को आई FICCI-EY Report 2026 ("Stories, Scale and Impact") ने खुलासा किया कि भारत का मीडिया व एंटरटेनमेंट (M&E) सेक्टर 2025 में 9% बढ़कर ₹2.78 लाख करोड़ पर पहुंच गया। यह देश की GDP वृद्धि दर 7.7% से भी ज्यादा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान डिजिटल मीडिया का रहा।
डिजिटल मीडिया पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में डिजिटल विज्ञापन 26% बढ़कर ₹94,700 करोड़ हो गया और कुल ऐड रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी 63% हो गई। डिजिटल मीडिया अब M&E सेक्टर का सबसे बड़ा सेगमेंट बन चुका है।
टेलीविजन की तस्वीर: रिपोर्ट बताती है कि टेलीविजन अभी भी 74.5 करोड़ साप्ताहिक दर्शकों तक पहुंचता है- यह संख्या कम नहीं है। लेकिन Linear TV का ऐड रेवेन्यू 10.3% गिर गया (ad volumes में 11.5% की गिरावट) और सब्सक्रिप्शन राजस्व भी 8% कम हुआ। Pay-TV की 11 मिलियन सब्सक्रिप्शन घटी हैं, जबकि Free-TV और Connected TV घर बढ़े हैं। Connected TV (बड़े स्क्रीन पर इंटरनेट के जरिए OTT देखना) की साप्ताहिक सक्रिय संख्या 30 मिलियन से बढ़कर 40 मिलियन हो गई, और दर्शक अब महीने में औसतन 85 घंटे OTT कंटेंट बड़े स्क्रीन पर देख रहे हैं- जो एक साल पहले की तुलना में लगभग दोगुना है।
यह आंकड़ा बताता है कि लोग टीवी छोड़ नहीं रहे, वे सिर्फ टेलीविजन सेट को OTT का माध्यम बना रहे हैं।
IPL 2026- टीवी vs डिजिटल की असली जंग का मैदान
IPL इस बहस को सबसे अच्छे तरीके से समझाता है। IPL 2025 में पहली बार डिजिटल व्युअरशिप ने टीवी को पीछे छोड़ा। JioHotstar ने रिपोर्ट किया कि डिजिटल दर्शक 65.2 करोड़ रहे, जबकि टीवी दर्शक 53.7 करोड़- यानी डिजिटल ने पहली बार IPL इतिहास में TV को पछाड़ा।
IPL 2026 (28 मार्च से 31 मई 2026) ने और बड़े रिकॉर्ड बनाए। JioHotstar- जो फरवरी 2025 में JioCinema और Disney+ Hotstar के विलय से बना है और जिसमें Reliance की 63.16% और Disney की 36.84% हिस्सेदारी है- इस सीजन का एकमात्र डिजिटल प्रसारक है।
IPL 2026 के ओपनिंग वीकेंड में ही टीवी और डिजिटल मिलाकर 51.5 करोड़ दर्शक पहुंचे। Combined watch-time 32.6 32.6 बिलियन मिनट रहा- पिछले सीजन के ओपनिंग वीकेंड से 26% ज्यादा। Connected TV (CTV) की रीच 30% बढ़ी, जबकि Linear TV की टेलीविजन व्युअरशिप रेटिंग में 24% की वृद्धि हुई।
JioHotstar का तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बताता है कि डिजिटल स्केल कितना बड़ा हो चुका है। T20 World Cup 2026 के India vs England सेमीफाइनल (5 मार्च) में 6.52 करोड़ एक साथ concurrent व्यूअर्स का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना और फिर 8 मार्च के फाइनल (भारत vs न्यूजीलैंड) में यह 7.25 करोड़ तक पहुंच गया, जो अब तक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी लाइव इवेंट का सबसे बड़ा ग्लोबल रिकॉर्ड है। तुलना के लिए: Netflix के सबसे लोकप्रिय कंटेंट पर peak concurrent viewers 4-5 करोड़ के आसपास है।
IPL की ब्रॉडकास्टिंग राइट्स (2023-2027) कुल ₹48,390 करोड़ में बिकी थीं- प्रति मैच लगभग ₹118 करोड़। यह नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) के बाद दुनिया का दूसरी सबसे महंगी स्पोर्ट्स मीडिया प्रॉपर्टी है।
कहां जा रहा है ऐडवर्टाइजर्स का बजट ?
Dentsu की Digital Advertising Report 2026 (फरवरी 2026) इंडियन ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री की दिशा साफ बताती है:
- 2025 में भारत का कुल ऐडवर्टाइजिंग मार्केट 8.3% बढ़कर ₹1,21,339 करोड़ हो गया।
- डिजिटल विज्ञापन 19% बढ़कर ₹71,621 करोड़- यानी कुल Ad Spend का 59% हिस्सा डिजिटल को मिल रहा है।
- 2027 तक डिजिटल की हिस्सेदारी 70% तक पहुंचने का अनुमान।
- डिजिटल में सबसे बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया का (29%, ₹21,057 करोड़), फिर ऑनलाइन वीडियो (28%, ₹20,004 करोड़)।
- E-retail प्लेटफॉर्म्स पर Ad Spend 55.86% उछलकर ₹17,601 करोड़ हो गया।
- भारत का ऐडवर्टाइजिंग मार्केट 2026 में 8.6% बढ़ने की उम्मीद- Dentsu Global Forecast के अनुसार यह Asia-Pacific में सबसे तेज गति है।
दूसरी तरफ, पारंपरिक मीडिया यानी टेलीविजन का ऐडवर्टाइजिंग मार्केट में हिस्सा सिकुड़ रहा है। 2025 में टीवी का ऐड शेयर घटकर करीब 28% पर आ गया है, जो कुछ साल पहले 40% से ऊपर था।
FICCI-EY 2026 रिपोर्ट के अनुसार, टेलीविजन का ऐड रेवेन्यू 2023 के ₹31,200 करोड़ से गिरकर 2025 में ₹26,300 करोड़ पर आ गया है, यानी दो साल में करीब ₹5,000 करोड़ की सीधी गिरावट। 2023 की तुलना में 3% कम ऐडवर्टाइजर टीवी का उपयोग कर रहे हैं और कई सेक्टर अपना बजट डिजिटल पर शिफ्ट कर चुके हैं।
BARC का एकाधिकार
BARC की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि यह एकमात्र रेटिंग एजेंसी है। जहां अमेरिका में Video Advertising Bureau और Television Bureau of Advertising कई वैकल्पिक मीजरमेंट सिस्टम को प्रोत्साहित करते हैं और सिंगापुर जैसे छोटे बाजारों में भी कई एजेंसियां काम करती हैं, वहीं भारत में BARC का एकाधिकार है।
BARC के पैनल होम्स की संख्या और स्थान पुराना हो चुका है। फिलहाल BARC के पास करीब 55,000 पैनल होम्स हैं, जिन्हें नई TV Ratings Policy 2026 के तहत 6 महीने में 80,000 और अंततः 1.2 लाख तक बढ़ाना है। लेकिन अभी 55,000 घरों के आधार पर 21 करोड़ से अधिक TV घरों का प्रतिनिधित्व करने की कोशिश होती है। 2020 के TRP विवाद में मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया कि कुछ घरों में खास चैनल देखने को लेकर गड़बड़ियां हो रही थीं, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता और मजबूती पर सवाल उठे।
नई TV Ratings Policy 2026 का एक सकारात्मक पक्ष यह है कि यह मार्केट में कई रेटिंग एजेंसियों को प्रवेश देने का रास्ता खोलती है, मोबाइल और डिजिटल व्युअरशिप को मापने पर जोर देती है और पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश करती है।
ग्लोबल कॉन्फ्लिक्ट और TRP- कितना सही, कितना खतरनाक?
सरकार का तर्क है कि TRP की दौड़ चैनलों को जिम्मेदार पत्रकारिता छोड़ने पर मजबूर करती है। युद्ध के समय सनसनीखेज कवरेज जनता में दहशत फैला सकती है। इसलिए TRP हटाओ, चैनलों की जिम्मेदारी बढ़ेगी।
लेकिन मीडिया स्वतंत्रता के हिमायती इसमें एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखते हैं। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) और कई मीडिया एक्सपर्ट का सवाल है कि क्या सरकार TRP को एक अप्रत्यक्ष सेंसरशिप के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है?
BusinessUpturn की रिपोर्ट के अनुसार, TRP हटाने का तरीका अप्रत्यक्ष है लेकिन असर सीधा है। चैनल को यह नहीं बताया जाता कि क्या दिखाओ। बस उसके व्यावसायिक प्रोत्साहन- यानी रेटिंग के आधार पर मिलने वाला ऐड रेवेन्यू- को हटा दिया जाता है। इससे संपादकीय निर्णयों पर दबाव पड़ता है बिना कोई औपचारिक आदेश जारी किए।
असर क्या होगा?
पहला असर तो तात्कालिक है: बिना TRP के ऐडवर्टाइजर भ्रम में हैं। बड़े ब्रैंड TV पर विज्ञापन देने से हिचकिचा रहे हैं। Logical Indian की रिपोर्ट के अनुसार, अनेक मीडिया बायर्स ने अपने TV विज्ञापन खर्च को या तो टाल दिया है या सावधानी से कर रहे हैं।
दीर्घकालिक असर और गहरा होगा: अगर TRP बार-बार रुकती रही और नई रेटिंग पॉलिसी पर अनिश्चितता बनी रही, तो ऐडवर्टाइजर स्थायी रूप से डिजिटल की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं, क्योंकि वहां डेटा रियल-टाइम है, मीजरमेंट पारदर्शी है और सरकारी हस्तक्षेप का खतरा कम है।
OTT का दर्शक- युवा, मोबाइल, और डेटा से लैस
FICCI-EY 2026 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 57.2 करोड़ वीडियो दर्शक हैं जो ऑनलाइन कंटेंट देखते हैं और यह संख्या और बढ़ेगी। OTT प्लेटफॉर्म्स पर दर्शक अब केवल पैसिव नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं- वे कंटेंट के ट्रेंड तय करते हैं, फीडबैक देते हैं।
JioHotstar के पास Q4 FY26 (मार्च 2026) में 50 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स (MAUs) थे। यह JioStar की आधिकारिक तिमाही रिपोर्ट का आंकड़ा है। तुलना के लिए, Netflix की कुल वैश्विक सदस्यता जनवरी 2026 में 32.5 करोड़ बताई गई है और JioHotstar उससे भी आगे है।
IPL 2025 में डिजिटल दर्शकों में 62% 18-34 आयु वर्ग के थे, यानी वह पीढ़ी जो आज की खरीदारी के फैसले लेती है और जो TRP मीजरमेंट के दायरे में शायद सबसे कम आती है।
तो क्या TRP का दौर सच में खत्म हो रहा है?
जवाब है- पूरी तरह नहीं, लेकिन TRP जिस रूप में हम जानते हैं, वह बदल रही है।
टेलीविजन अभी भी 74.5 करोड़ साप्ताहिक दर्शकों तक पहुंचता है। ग्रामीण भारत, बुजुर्ग दर्शक और बिना हाई-स्पीड इंटरनेट वाले क्षेत्रों में TV की पहुंच बनी रहेगी। DD Free Dish ने पिछले साल भी नए दर्शक और चैनल जोड़े।
लेकिन अब विज्ञापन बाजार में बड़े ब्रैंड्स की सोच बदल रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाला डेटा रियल-टाइम, ज्यादा सटीक और पारदर्शी होता है, इसलिए वह ज्यादा भरोसेमंद लग रहा है। इसके मुकाबले BARC का पैनल-होम पर आधारित TRP सिस्टम थोड़ा पुराना लगता है। BARC की शुरुआत 2010 में हुई थी और 2015 से रेटिंग्स देना शुरू हुआ, लेकिन इसकी मापने की तकनीक अभी डिजिटल दौर के हिसाब से पूरी तरह अपडेट नहीं मानी जाती।
सरकार की नई टीवी रेटिंग्स पॉलिसी 2026 एक बड़ा मौका है- अगर BARC समय पर नियमों का पालन करे, नए और स्वतंत्र रेटिंग एजेंसियां बाजार में आएं और डिजिटल व्यूअरशिप को भी आधिकारिक तौर पर मापा जाए।
अगर ऐसा नहीं हुआ, तो TRP से जुड़ी मौजूदा चुनौतियां टीवी इंडस्ट्री और ऐडवर्टाइजिंग मार्केट के बीच दूरी और बढ़ा सकती हैं। ऐसे में डिजिटल मीडिया अपनी पकड़ और मजबूत करता जाएगा।
शो में चुनावों से पहले देश की बड़ी राजनीतिक खबरों और मुद्दों पर होगी चर्चा, लॉन्च एपिसोड में IIT Bombay, DUSU, ‘छात्रों की गूंज’ और उत्तर प्रदेश में बुलडोजर स्वागत जैसे विषय शामिल होंगे।
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Samachar4media Bureau
जानी-मानी टीवी पत्रकार और NDTV की मैनेजिंग एडिटर पद्मजा जोशी जल्द ही दर्शकों के लिए नया साप्ताहिक राजनीतिक शो ‘Politics Zindabad’ लेकर आ रही हैं। इसकी जानकारी उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के जरिए साझा की है।
पद्मजा जोशी ने अपने पोस्ट में बताया कि यह नया शो चुनावों की ओर बढ़ते देश के राजनीतिक माहौल के बीच बड़ी राजनीतिक खबरों और घटनाक्रमों पर केंद्रित होगा। इसका प्रसारण हर शुक्रवार रात 8 बजे किया जाएगा।
पद्मजा जोशी ने बताया कि शो का विशेष लॉन्च एपिसोड इसी सप्ताह प्रसारित होगा। इस एपिसोड में IIT Bombay, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU), ‘छात्रों की गूंज’ और उत्तर प्रदेश में बुलडोजर स्वागत जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
#PoliticsZindabad debuts this week.
— Padmaja Joshi (@PadmajaJoshi) September 21, 2026
Pure politics.
Every Friday
8 pm
A special launch episode today, where we talk of IIT Bombay, DUSU, Chhatron ki Goonj and a bulldozer welcome in Uttar Pradesh. pic.twitter.com/HYPkFHy2FR
बता दें कि पद्मजा जोशी ने पिछले वर्ष NDTV में बतौर मैनेजिंग एडिटर अपनी नई पारी शुरू की थी। इसके साथ ही वह NDTV 24x7 पर प्राइम टाइम एंकरिंग की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। इससे पहले वह TV9 Network में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के रूप में कार्यरत थीं। अपने लंबे पत्रकारिता करियर में वह स्टार न्यूज (अब एबीपी न्यूज), हेडलाइंस टुडे, टाइम्स नाउ और TV9 Network जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुकी हैं।
भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में मनीष सिंघल का सफर उद्यमिता, दर्शकों की पसंद को समझने और स्थापित खिलाड़ियों को चुनौती देने के साहस की कहानी है।
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Samachar4media Bureau
भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में मनीष सिंघल का सफर उद्यमिता, दर्शकों की पसंद को समझने और स्थापित खिलाड़ियों को चुनौती देने के साहस की कहानी है। हाल ही में Enterr10 Television के संस्थापक मनीष सिंघल का जन्मदिन था। इस मौके पर 'दंगल टीवी' की सफलता के पीछे की सोच और विजन को याद किया गया।
मनीष सिंघल ने 2004 में इंदौर से Enterr10 Television की शुरुआत की। उन्होंने इसके लिए मुंबई और दिल्ली जैसे देश के पारंपरिक मीडिया केंद्रों से अलग इंदौर को चुना। शुरुआत में यह कारोबार उनके शॉपिंग और टेली-कॉमर्स बिजनेस के विस्तार के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक बड़े टेलीविजन कारोबार में बदल गया।
2009 में लॉन्च हुआ 'दंगल टीवी'
इस सफर में सबसे बड़ा मोड़ 2009 में 'दंगल टीवी' के लॉन्च के साथ आया। शुरुआत में 'दंगल' एक भोजपुरी फिल्म चैनल था। इसके बाद 2015 में इसे हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (GEC) के रूप में पेश किया गया। यह बदलाव दिखाता है कि मनीष सिंघल दर्शकों की बदलती पसंद को समझने और हिंदी भाषी दर्शकों के लिए अलग तरह का कंटेंट तैयार करने में सक्षम रहे।
'दंगल' ने पारिवारिक ड्रामा, पौराणिक कथाओं और क्राइम आधारित कार्यक्रमों के जरिए धीरे-धीरे अपनी मजबूत ऑडियंस बनाई। चैनल की पहुंच शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण बाजारों तक बनी। इसकी सफलता ने उस पुरानी धारणा को भी चुनौती दी कि हिंदी एंटरटेनमेंट की दुनिया में सिर्फ पुराने बड़े ब्रॉडकास्टर्स, बड़े बजट और महानगरों से चलने वाले नेटवर्क ही आगे रह सकते हैं।
‘मास इंडिया’ को समझना बनी रणनीति
मनीष सिंघल की रणनीति के केंद्र में बड़े पैमाने पर भारतीय दर्शकों को समझना रहा है। इंडस्ट्री में चल रहे ट्रेंड को फॉलो करने के बजाय उन्होंने ऐसी कहानियों पर ध्यान दिया, जिनमें लोगों को अपने रिश्ते, भावनाएं और सांस्कृतिक मूल्य नजर आएं। दर्शकों को प्राथमिकता देने वाली इस सोच ने 'दंगल' को अलग-अलग इलाकों के दर्शकों से जोड़ने में मदद की और फ्री-टू-एयर टीवी सेगमेंट में एक मजबूत खिलाड़ी के तौर पर उसकी पहचान बनाई।
उनकी प्रतिस्पर्धा को लेकर सोच भी अलग रही है। उनका फॉर्मूला “'दंगल' versus 'दंगल'” रहा है। इसका मतलब है कि नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा पैमाना उसके प्रतिस्पर्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उसका अपना पिछला प्रदर्शन होना चाहिए।
ओरिजिनल कंटेंट पर बढ़ाया फोकस
मनीष सिंघल ने ओरिजिनल और इन-हाउस प्रोग्रामिंग में निवेश कर 'दंगल' की क्रिएटिव स्वतंत्रता को भी मजबूत किया। इससे नेटवर्क को कंटेंट, प्रोडक्शन और शेड्यूलिंग पर ज्यादा नियंत्रण मिला। साथ ही, दर्शकों की बदलती पसंद के हिसाब से तेजी से बदलाव करने में भी मदद मिली।
टीवी से आगे बढ़ा 'दंगल' का सफर
डिजिटल खपत बढ़ने के साथ मनीष सिंघल ने 'दंगल' ब्रैंड को पारंपरिक टीवी से आगे ले जाने की कोशिश की। 2022 में 'दंगल प्ले' की शुरुआत के साथ Enterr10 ने स्ट्रीमिंग की दुनिया में कदम रखा।
'दंगल प्ले' की कमान उनके बेटे अक्षत सिंघल संभाल रहे हैं। इस तरह कारोबार में एक तरफ मनीष सिंघल का मास-मार्केट ब्रॉडकास्टिंग अनुभव है, तो दूसरी तरफ अगली पीढ़ी का डिजिटल-फर्स्ट नजरिया भी जुड़ रहा है।
विदेशों तक पहुंचा 'दंगल'
मनीष सिंघल के नेतृत्व में नेटवर्क ने भारत से बाहर भी विस्तार की दिशा में काम किया है। 'दंगल' की इंटरनेशनल मार्केट्स में डिस्ट्रीब्यूशन और उसके कंटेंट की सिंडिकेशन के जरिए भारतीय मनोरंजन को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
कंपनी की क्षेत्रीय और हाई-डेफिनिशन पेशकशों की योजनाएं भी उसके मल्टीलिंगुअल और मल्टीप्लेटफॉर्म विस्तार की दिशा को दिखाती हैं।
छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों तक पहुंच
विज्ञापनदाताओं के लिए भी 'दंगल' छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण बाजारों तक पहुंचने का एक जरिया बनकर उभरा है। इसकी व्यापक पहुंच और आम भारतीय उपभोक्ताओं के व्यवहार को समझने की क्षमता ने इसे उन ब्रैंड्स के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण बनाया है, जो महानगरों से आगे अपना कारोबार बढ़ाना चाहते हैं।
मनीष सिंघल का सफर यह दिखाता है कि पारंपरिक मीडिया केंद्रों से बाहर रहकर भी बड़ा मीडिया कारोबार खड़ा किया जा सकता है। इंदौर से टेलीविजन कारोबार शुरू करने से लेकर 'दंगल' को राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले एंटरटेनमेंट ब्रैंड में बदलने तक, उनका सफर बताता है कि दर्शकों की सही समझ, लगातार बेहतर अमल और बड़े फैसले लेने का साहस प्रतिस्पर्धी बाजार में भी बदलाव ला सकता है।
Tips Music ने अपने शेयर बायबैक कार्यक्रम के 10वें दिन यानी 21 सितंबर 2026 को 12,416 इक्विटी शेयर वापस खरीदे। कंपनी ने ये शेयर औसतन 658.39 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे।
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Vikas Saxena
Tips Music ने अपने शेयर बायबैक कार्यक्रम के 10वें दिन यानी 21 सितंबर 2026 को 12,416 इक्विटी शेयर वापस खरीदे। कंपनी ने ये शेयर औसतन 658.39 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे। इसके साथ ही बायबैक के तहत अब तक वापस खरीदे गए शेयरों की कुल संख्या 3,37,116 हो गई है।
कंपनी ने BSE और NSE को दी गई रोजाना रिपोर्ट में बताया कि इन सभी शेयरों की खरीदारी ITI Securities Broking Limited के जरिए की गई। 21 सितंबर को BSE पर कोई शेयर नहीं खरीदा गया, जबकि NSE पर 12,416 शेयर खरीदे गए। इस दिन कोई शेयर क्लोज-आउट या MSEI पर ट्रेड नहीं हुआ।
10वें दिन खरीदारी में बड़ी गिरावट
10वें दिन शेयर बायबैक की मात्रा पिछले दिन के मुकाबले काफी कम रही। 18 सितंबर को कंपनी ने 63,000 शेयर वापस खरीदे थे, जबकि 21 सितंबर को यह संख्या घटकर 12,416 शेयर रह गई।
21 सितंबर की खरीदारी का पूरा विवरण:

पहले के दिनों में कितने शेयर खरीदे गए?
18 सितंबर को कंपनी ने 63,000 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE पर 2,000 और NSE पर 61,000 शेयर शामिल थे। औसत खरीद कीमत ₹657.45 रही। इसके साथ कुल बायबैक 3,24,700 शेयर हो गया था।
17 सितंबर को कंपनी ने 64,000 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE पर 2,000 और NSE पर 62,000 शेयर शामिल थे। औसत कीमत ₹657.25 रही और कुल बायबैक 2,61,700 शेयर पहुंच गया था।
16 सितंबर को कंपनी ने 62,000 शेयर खरीदे थे। BSE पर 2,000 और NSE पर 60,000 शेयर खरीदे गए। औसत कीमत ₹658.40 रही और कुल बायबैक 1,97,700 शेयर हो गया था।
11 सितंबर को कंपनी ने 39,143 शेयर वापस खरीदे थे। इनमें BSE के 2,000 और NSE के 37,143 शेयर शामिल थे। औसत कीमत ₹660.20 रही और कुल बायबैक 77,700 शेयर तक पहुंच गया था।
10 सितंबर को कंपनी ने 38,069 शेयर खरीदे थे। BSE पर 1,000 और NSE पर 37,069 शेयर खरीदे गए। औसत कीमत ₹651.79 रही।
बायबैक की शुरुआत 9 सितंबर 2026 को हुई थी। पहले दिन कंपनी ने 488 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE पर 100 और NSE पर 388 शेयर शामिल थे। औसत कीमत ₹649 प्रति शेयर रही।
₹44.50 करोड़ तक का है बायबैक
Tips Music ने 9 सितंबर को अपने सार्वजनिक ऐलान में बायबैक से जुड़ी समयसीमा को स्पष्ट करने के लिए एक करेक्शन जारी किया था। कंपनी के मुताबिक, बायबैक का अधिकतम आकार ₹44.50 करोड़ है। बायबैक पूरा करने की अंतिम तारीख इनमें से जो पहले आएगी, वह होगी:
कंपनी को इस अंतिम तारीख से पहले सभी भुगतान संबंधी दायित्व पूरे करने होंगे।
बायबैक की मुख्य शर्तें
कंपनी का बायबैक अधिकतम 66 कारोबारी दिनों तक खुला रहेगा और तय शर्तों के तहत इससे पहले भी बंद किया जा सकता है।
शेयरधारकों ने दी थी मंजूरी
शेयरधारकों ने AGM में विशेष प्रस्ताव के जरिए शेयर बायबैक को मंजूरी दी थी। 2 सितंबर 2026 को जारी वोटिंग नतीजों के मुताबिक, बायबैक प्रस्ताव के पक्ष में 9,92,51,965 वोट पड़े, जबकि 4,01,238 वोट इसके खिलाफ रहे। प्रस्ताव को 99.5974% वोट मिले। प्रमोटर्स ने बायबैक प्रस्ताव के पक्ष में पूरी तरह मतदान किया। वहीं, संस्थागत निवेशकों में करीब 3.08% वोट प्रस्ताव के खिलाफ पड़े।
₹750 प्रति शेयर का अधिकतम भाव
कंपनी ने बायबैक के लिए अधिकतम कीमत ₹750 प्रति शेयर तय की है। यह हाल की बाजार कीमतों के मुकाबले प्रीमियम पर है।
कंपनी के मुताबिक, ₹750 की कीमत 29 जुलाई 2026 को BSE के क्लोजिंग प्राइस से 9.50% अधिक और बोर्ड बैठक की सूचना से पहले के दो हफ्तों के BSE वॉल्यूम-वेटेड औसत भाव से 8.01% अधिक है। कंपनी ने यह भी बताया है कि उस पर कोई बकाया उधारी या कर्ज नहीं है। बायबैक के बाद भी कंपनी का सुरक्षित और असुरक्षित कर्ज, पेड-अप शेयर कैपिटल और फ्री रिजर्व के मुकाबले नियामकीय सीमा के भीतर रहेगा।
पारुल बुधिराजा ने ओगिल्वी में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह सितंबर 2026 तक इंडिपेंडेंट फ्रैक्शनल सीएमओ और स्ट्रैटेजिक कंसल्टेंट रहीं।
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Samachar4media Bureau
पारुल बुधिराजा (Parul Budhiraja) ने ओगिल्वी (Ogilvy) में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (Executive Vice President) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इसकी जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए दी।
अपनी पोस्ट में पारुल ने लिखा कि वह ओगिल्वी में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई पोजिशन शुरू करने को लेकर खुश हैं। ओगिल्वी से जुड़ने से पहले पारुल अप्रैल 2024 से सितंबर 2026 तक इंडिपेंडेंट फ्रैक्शनल सीएमओ (Independent Fractional CMO) और स्ट्रैटेजिक कंसल्टेंट (Strategic Consultant) के तौर पर काम कर रही थीं।
इससे पहले वह चीइल इंडिया (Cheil India) और कॉन्ट्रैक्ट इंडिया (Contract India) के साथ भी काम कर चुकी हैं।
'पिच बीएफसीआई समिट' (Pitch BFSI Summit) का चौथा संस्करण मुंबई में 23 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे।
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Samachar4media Bureau
'पिच बीएफसीआई समिट' (Pitch BFSI Summit) का चौथा संस्करण मुंबई में 23 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे। सम्मेलन में भारत के बदलते वित्तीय परिदृश्य, इससे जुड़े अवसरों और चुनौतियों के साथ-साथ आने वाले समय में विकास की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
इस सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण ‘India’s Next Decade: From Financialisation to Wealth Creation’ विषय पर होने वाली फायरसाइड चैट होगी। इसमें HSBC Mutual Fund के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर कैलाश कुलकर्णी और BW बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉ. अन्नुराग बत्रा शामिल होंगे।
इस बातचीत में चर्चा होगी कि औपचारिक वित्तीय उत्पादों में भारतीयों की बढ़ती भागीदारी को किस तरह लोगों और परिवारों के लिए लंबे समय में संपत्ति बनाने के अवसर में बदला जा सकता है।
फायरसाइड चैट में भारतीय निवेशकों के बदलते व्यवहार, म्यूचुअल फंड और दूसरे वित्तीय उत्पादों की बढ़ती भूमिका और अगले दशक में देश की बचत एवं निवेश व्यवस्था में होने वाले बदलावों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा, जैसे-जैसे अधिक भारतीय पारंपरिक बचत की आदतों से आगे बढ़कर व्यवस्थित तरीके से संपत्ति बनाने की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में वित्तीय क्षेत्र में भरोसा, भागीदारी और वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के तरीकों पर भी बातचीत होगी।
दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में कई अहम बातचीत, मुख्य वक्ताओं के सत्र और पैनल चर्चाएं होंगी। इनमें बीएफएसआई क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल, एसआईपी और बीमा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़ी संभावनाएं, और जब लोगों का ध्यान अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बंटा हुआ है, तब ब्रांड अपनी प्रासंगिकता कैसे बनाए रखें, जैसे विषय शामिल होंगे।
SAB Events & Governance Now Media Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 18 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कंपनी की पूंजी और शेयरहोल्डिंग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
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Vikas Saxena
SAB Events & Governance Now Media Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 18 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कंपनी की पूंजी और शेयरहोल्डिंग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। ये फैसले कंपनी के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच-I द्वारा मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान के तहत लिए गए हैं।
NCLT ने 10 जुलाई 2026 को इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 की धारा 54L और धारा 31 के तहत रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। कंपनी को इस आदेश की प्रमाणित कॉपी 21 जुलाई 2026 को मिली थी।
बोर्ड बैठक में मुख्य रूप से Preferential Basis पर इक्विटी शेयर्स और कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने तथा Sri Adhikari Brothers Digital Network Private Limited के साथ विलय के तहत इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी गई।
12 लाख इक्विटी शेयर्स प्रमोटर को जारी होंगे
बोर्ड ने Sri Adhikari Brothers Assets Holdings Private Limited, जो प्रमोटर कैटेगरी की कंपनी है, को Preferential Basis पर अधिकतम 12,00,000 इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी है। इन शेयरों का इश्यू प्राइस 22.50 रुपये प्रति शेयर होगा। इस तरह इन शेयरों की कुल कीमत 2.70 करोड़ रुपये होगी।
यह शेयर NCLT द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान और SEBI ICDR Regulations, SEBI LODR Regulations, IBC तथा लागू नियमों के तहत जारी किए जाएंगे। इसके लिए जरूरी वैधानिक और नियामकीय मंजूरियां भी लागू होंगी।
पब्लिक कैटेगरी के निवेशकों को 73 लाख शेयर
इसके अलावा बोर्ड ने पब्लिक कैटेगरी में आने वाले स्ट्रैटजिक इन्वेंस्टर्स को Preferential Basis पर अधिकतम 73,00,000 इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी है। इन शेयरों का इश्यू प्राइस 22.50 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इसके हिसाब से इन शेयरों की कुल कीमत 16.425 करोड़ रुपये होगी। यह इश्यू भी NCLT द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान और SEBI ICDR Regulations, SEBI LODR Regulations, IBC तथा अन्य लागू कानूनों और नियमों के अनुसार होगा।
60 लाख कन्वर्टिबल वारंट्स जारी होंगे
बोर्ड ने स्ट्रैटजिक इन्वेंस्टर्स को Preferential Basis पर अधिकतम 60,00,000 कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की भी मंजूरी दी है। हर वारंट की कीमत 22.50 रुपये होगी और इस तरह इन वारंट की कुल राशि 13.50 करोड़ रुपये होगी। प्रत्येक वारंट का फेस वैल्यू 10 रुपये है।
इन वारंट के इश्यू प्राइस का 25% हिस्सा सब्सक्रिप्शन और अलॉटमेंट के समय देना होगा, जबकि बाकी 75% राशि वारंट के अलॉटमेंट की तारीख से अधिकतम 18 महीने के भीतर एक या एक से ज्यादा किस्तों में देनी होगी। हर कन्वर्टिबल वारन्ट को 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। इसमें प्रति शेयर 12.50 रुपये का प्रीमियम शामिल होगा।
वारंट धारक अलॉटमेंट की तारीख से 18 महीने के भीतर अपने वारंट को इक्विटी शेयर्स में बदल सकते हैं। अगर इस अवधि में वारंट का इस्तेमाल नहीं किया गया तो वह समाप्त हो जाएगा और अलॉटमेंट के समय दी गई राशि कंपनी द्वारा जब्त कर ली जाएगी।
Sri Adhikari Brothers Digital Network के शेयरधारकों को भी शेयर
बोर्ड ने श्रीअधिकारी ब्रदर्स डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारकों को भी इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी है। यह शेयर दोनों कंपनियों के बीच प्रस्तावित Scheme of Amalgamation यानी विलय योजना के तहत जारी किए जाएंगे। यह योजना NCLT द्वारा मंजूर Pre-Packaged Insolvency रिजोल्यूशन प्लान का हिस्सा है। इसके तहत श्रीअधिकारी ब्रदर्स डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारकों को शेयर एक्सचेंज रेशियो के अनुसार 1,10,34,070 इक्विटी शेयर्स जारी किए जाएंगे।
शेयर एक्सचेंज रेशियो के तहत ट्रांसफर कंपनी के हर 100 इक्विटी शेयर्स के बदले SAB Events & Governance Now Media Limited के 436 इक्विटी शेयर्स दिए जाएंगे।
किन निवेशकों को कितने शेयर मिलेंगे?
पब्लिक कैटेगरी में Preferential Basis पर इक्विटी शेयर्स पाने वाले निवेशकों की सूची इस प्रकार है:

शेयर जारी होने के बाद प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी
शेयर जारी होने के बाद कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी 61.43% बताई गई है।
इसमें:
इस तरह प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप को कुल 1,22,34,070 शेयर मिलेंगे।
पब्लिक शेयरहोल्डिंग 36.65% होगी
शेयरों के अलॉटमेंट के बाद पब्लिक कैटेगरी के निवेशकों के पास कुल 73,00,000 इक्विटी शेयर्स होंगे और उनकी कुल हिस्सेदारी 36.65% बताई गई है। इनमें SERA Investments & Finance India Ltd की हिस्सेदारी 11.05%, जबकि SERA Capital AIF की 4.02% होगी।
जिग्नेशभाई मगनभाई भुवा, हितेशभाई मगनभाई भुवा और तरंगकुमार मनुभाई सवालिया प्रत्येक के पास 5.02% हिस्सेदारी होगी। निमेश चिटालिया की हिस्सेदारी 2.01%, उर्वी चिटालिया की 1.51%, दानिश देसाई की 1.26%, धीरेन सेठिया (HUF) की 0.50% और Rajiv Mehta की 1.26% होगी।
प्रमोटर और पब्लिक कैटेगरी को मिलाकर कुल 1,95,34,070 इक्विटी शेयर्स होंगे और बताई गई कुल हिस्सेदारी 98.08% होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिशत Fully Diluted Basis पर नहीं निकाला गया है।
कन्वर्टिबल वारंट्स का अलॉटमेंट
60 लाख कन्वर्टिबल वारंट्स में:
तीनों को मिलाकर कुल 60,00,000 वारंट्स होंगे। अगर इन सभी वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदला जाता है, तो प्रत्येक निवेशक के पास 20,00,000 शेयर होंगे और प्रत्येक की हिस्सेदारी 7.72% बताई गई है। तीनों की कुल हिस्सेदारी 23.15% होगी।
इश्यू प्राइस और प्रीमियम
Preferential Issue के तहत इक्विटी शेयर्स का इश्यू प्राइस 22.50 रुपये प्रति शेयर है। इसमें 12.50 रुपये प्रति शेयर का प्रीमियम शामिल है। कन्वर्टिबल वारंट्स का इश्यू प्राइस भी 22.50 रुपये प्रति वारंट है, जिसमें 12.50 रुपये का प्रीमियम शामिल है। वारंट्स के मामले में 25% राशि अलॉटमेंट के समय और बाकी 75% राशि वारंट के Exercise और Conversion के समय देनी होगी।
विलय योजना के तहत जारी किए जाने वाले 1,10,34,070 इक्विटी शेयर्स के लिए कोई इश्यू प्राइस नहीं है, क्योंकि ये NCLT द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान के तहत Scheme of Amalgamation के अनुसार जारी किए जा रहे हैं।
निवेशकों की संख्या
कंपनी के अनुसार:
बोर्ड बैठक का समय
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 18 सितंबर 2026 को शाम 5:30 बजे शुरू हुई और शाम 7:30 बजे समाप्त हुई। कंपनी ने कहा है कि Preferential Issue of इक्विटी शेयर्स और कन्वर्टिबल वारंट्स से जुड़ी जानकारी SEBI LODR Regulations के Regulation 30 और 30 जनवरी 2026 के SEBI Master Circular के तहत दी गई है।
वह कंपनी में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे और Times Television Network के सीईओ आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।
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टाइम्स नेटवर्क (Times Network) ने जाने-माने टीवी पत्रकार शमशेर सिंह को अपने हिंदी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत (Times Now Navbharat) के मैनेजिंग एडिटर का अंतरिम प्रभार सौंपा है। वह यह जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से संभालेंगे। इसके साथ ही वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे।
शमशेर सिंह फिलहाल मैनेजिंग एडिटर – डिजिटल (हिंदी और स्थानीय भाषाएं) के पद पर हैं। इस भूमिका के तहत वह टाइम्स ग्रुप की हिंदी और स्थानीय भाषाओं की डिजिटल न्यूज प्रॉपर्टीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
नई अंतरिम जिम्मेदारी के तहत शमशेर सिंह Times Television Network के CEO और Media & Entertainment के Chief Growth Officer आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पूर्व मैनेजिंग एडिटर रंजीत कुमार के टाइम्स नेटवर्क से अलग होने के बाद उनके अधीन रिपोर्ट करने वाले सभी सहयोगी अब इस अंतरिम अवधि के दौरान शमशेर सिंह को रिपोर्ट करेंगे।
समाचार4मीडिया की ओर से शमशेर सिंह को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं।
वर्तमान में साक्षी कोहली ‘हार्पर्स बाजार इंडिया’ , ‘कॉस्मोपॉलिटन इंडिया’ , ‘हैलो! इंडिया’ और ‘ब्राइड्स टुडे’ की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
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'इंडिया टुडे ग्रुप' (India Today Group) ने अपने लग्जरी और लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो में नेतृत्व स्तर पर कई बदलावों की घोषणा की है। यह बदलाव ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ (India Today Spice) के इस पोर्टफोलियो में शामिल होने के बाद किए गए हैं।
समूह ने साक्षी कोहली को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें सीईओ (Luxury and Lifestyle Business) के रूप में नई भूमिका दी है। साक्षी कोहली अब अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ के बिजनेस का भी नेतृत्व करेंगी।
वर्तमान में साक्षी कोहली ‘हार्पर्स बाजार इंडिया’ (Harper’s Bazaar India), ‘कॉस्मोपॉलिटन इंडिया’ (Cosmopolitan India), ‘हैलो! इंडिया’ (Hello! India) और ‘ब्राइड्स टुडे’ (Brides Today) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उनके कार्यक्षेत्र में ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ भी शामिल हो गया है।
कोहली ‘इंडिया टुडे’ समूह के साथ लंबे समय से जुड़ी हुई हैं। उन्हें कम्युनिकेशन, ब्रैंड बिल्डिंग, मीडिया इवेंट्स, एंटरटेनमेंट और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले वह ‘ताज ग्रुप ऑफ होटल्स’ और ‘द ओबेरॉय ग्रुप’ में लंबी पारी खेल चुकी हैं और कम्युनिकेशंस, प्रॉडक्ट लॉन्चिंग व मार्केटिंग आदि में तमाम प्रमुख जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
इसके अलावा समूह ने अन्य नेतृत्व बदलावों की भी घोषणा की है। इसके तहत रुचिका मेहता अब अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अतिरिक्त ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ की एडिटर का दायित्व भी संभालेंगी। वहीं, कमलिनी चटर्जी को ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ की सेल्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंडिया टुडे ग्रुप का कहना है कि ये बदलाव उसके लग्जरी और लाइफस्टाइल बिजनेस को और मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
News Leader से जुड़ने से पहले वह इंडिया टीवी (India TV) में करीब चार साल तक वाइस प्रेजिडेंट (Ad–Sales) के पद पर कार्यरत थे।
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Samachar4media Bureau
‘न्यूज लीडर’ (News Leader) ने मनन शील भसीन को अपना चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में मनन शील भसीन चैनल के रेवेन्यू फंक्शन का नेतृत्व करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च की तैयारी के बीच वह चैनल के विज्ञापन और मोनेटाइजेशन से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाएंगे।
मनन शील भसीन को मीडिया सेल्स और रेवेन्यू लीडरशिप में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है। News Leader से जुड़ने से पहले वह इंडिया टीवी (India TV) में करीब चार साल तक वाइस प्रेजिडेंट (Ad–Sales) के पद पर कार्यरत थे।
इससे पहले मनन शील भसीन नेटवर्क18 (Network18), एबीपी न्यूज (ABP News) और टीवी टुडे (TV Today) में वरिष्ठ सेल्स भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।
News Leader के मुताबिक, मनन शील भसीन के अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड के साथ जुड़ने से चैनल के रेवेन्यू फंक्शन को मजबूत और बड़े स्तर पर तैयार करने की दिशा में मदद मिलेगी। चैनल आने वाले हफ्तों में अपने डिस्ट्रीब्यूशन और व्यूअरशिप को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नई दिल्ली में उर्दू सहाफ़त कॉन्क्लेव में उर्दू भाषा, पत्रकारिता, साझा सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय निर्माण में भूमिका पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू समेत विशेषज्ञों ने चर्चा की।
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Samachar4media Bureau
नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के बज़्म-ए-सहाफ़त के तहत ‘उर्दू सहाफ़त कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में उर्दू भाषा, पत्रकारिता, साझा सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय निर्माण में उर्दू की भूमिका पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि उर्दू भाषा की मिठास का उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा एहसास है। उनके मुताबिक, उर्दू से परिचित व्यक्ति समृद्ध होता है। यह भाषा व्यक्तित्व को संवारने के साथ जीवन जीने के तौर-तरीके भी सिखाती है। उन्होंने कहा कि उर्दू पूरी तरह भारत की भाषा है और इसकी जन्मभूमि तथा मूल भारत है। इसे किसी धर्म या संप्रदाय से जोड़ना उचित नहीं है।
कॉन्क्लेव में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज़ हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain), पूर्व राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी (Shahid Siddiqui) और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रोफेसर शाहिद अख्तर (Professor Shahid Akhtar) समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के निदेशक एवं ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधे श्याम राय (Radhe Shyam Rai) ने उर्दू-हिंदी के मजबूत रिश्ते और साझा सांस्कृतिक परंपरा पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के निदेशक डॉ. मोहम्मद शम्स इकबाल (Dr. Mohammad Shams Iqbal) ने उर्दू पत्रकारिता की देश के निर्माण और विकास में भूमिका बताई।
शाहनवाज़ हुसैन ने उर्दू को साझा सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक बताया। वहीं शाहिद सिद्दीकी ने इसे तहज़ीब, शालीनता और प्रेम की भाषा बताते हुए उर्दू के प्रचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के इस्तेमाल की जरूरत बताई। प्रोफेसर शाहिद अख्तर ने कहा कि विकसित भारत 2047 में भारतीय भाषाओं, विशेषकर उर्दू की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के इतिहास और कार्यों पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसके बाद विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। दूसरे सत्र में ‘राष्ट्रीय निर्माण में उर्दू पत्रकारिता की भूमिका’ पर फिरोज़ बख्त अहमद (Firoz Bakht Ahmed), तहसीन मुनव्वर (Tahseen Munawwar), खुर्शीद रब्बानी (Khurshid Rabbani), अतहर सईद (Athar Saeed) और डॉ. वसीम राशिद (Dr. Wasim Rashid) ने विचार रखे।
तीसरे सत्र में ‘राजनीतिक संवाद में उर्दू की भूमिका’ पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Imran Masood), बीजेपी नेता आलोक वत्स (Alok Vats) और भारत एक्सप्रेस के एंकर रोहित पोखरियाल (Rohit Pokhariyal) ने चर्चा की।
अंतिम सत्र में ऑल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें इकबाल अशहर (Iqbal Ashhar), शालिनी सिंह (Shalini Singh), अनामिका जैन अंबर (Anamika Jain Amber), अलीना इत्रत (Alina Itrat) और मोइन शादाब (Moin Shadab) समेत कई शायरों और कवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सहयोगियों को मोमेंटो और भारत एक्सप्रेस की ओर से सम्मानित किया गया।