भारत के न्यूज चैनलों के दफ्तरों में एक अजीब-सी बेचैनी है। हफ्ते-दर-हफ्ते TRP रिपोर्ट नहीं आ रही। एंकर ऑन-एयर चिल्ला रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनकी आवाज कितने लोगों तक पहुंच रही है।
by
Vikas Saxena