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मीडिया की स्वतंत्रता मामले में क्या बोले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, पढ़ें यहां
कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से रखा गया अपना पक्ष
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
जम्मू कश्मीर में मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर सुप्रीम सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सरकार से राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस बारे में फैसला लेने को कहा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में जनजीवन सामान्य करने, कल्याणकारी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने, स्कूल और कॉलेज खोले जाने को भी कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कश्मीर में अगर तथाकथित बंद है तो उससे जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट निपट सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से इन हलफनामों का विवरण मांगा है। इसके साथ ही कहा है कि सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं।
इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि कश्मीर के 88 प्रतिशत से अधिक थाना क्षेत्रों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। एक गोली भी नहीं चलाई गई और कुछ स्थानीय प्रतिबंध लगाए गए हैं। वहां, दूरदर्शन जैसे टीवी चैनल और अन्य निजी चैनल, एफएम नेटवर्क काम कर रहे हैं। प्रतिबंधित इलाकों में आने-जाने के लिए मीडिया को ‘पास’ दिए गए हैं। इसके अलावा पत्रकारों को फोन और इंटरनेट की सुविधा भी उपलबध कराई गई है।
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इसके अलावा केंद्र सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि कश्मीर में सभी अखबार सुचारु रूप से चल रहे हैं और सरकार हरसंभव मदद मुहैया करा रही है। बता दें कि ‘कश्मीर टाइम्स’ की संपादक अनुराधा भसीन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि घाटी में अभी न इंटरनेट है और न ही संचार की अन्य कोई सुविधा है। इसी मामले में कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई थी।
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