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राष्ट्रीय सहारा में वरिष्ठ पत्रकार रमाकांत चंदन अब निभाएंगे ये बड़ी जिम्मेदारी
‘राष्ट्रीय सहारा’ के पटना संस्करण में बतौर स्थानीय संपादक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे रमाकांत चंदन का यहां कार्यकाल पूरा हो गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
‘राष्ट्रीय सहारा’ के पटना संस्करण में बतौर स्थानीय संपादक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे रमाकांत चंदन का यहां कार्यकाल पूरा हो गया है। संस्थान ने उनके बेहतर कार्य व सेवाओं को देखते हुए उन्हें अब सलाहकार संपादक के पद पर नई जिम्मेदारी दी है।
बिहार में लखीसराय जनपद के मूल निवासी रमाकांत चंदन ढाई दशक से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं। रमाकांत ने अपने पत्रकारीय करियर की शुरुआत ‘सहारा मीडिया’ के साथ की थी। इसके पहले एमएससी करने के दौरान ही वे एनबीटी, दैनिक हिन्दुस्तान, सारिका और हंस पत्रिका समेत तमाम अखबारों के लिए लिखते थे। इसी दौरान 1986 में ‘सारिका’ में छपी कहानी ‘पापा गंदे हैं’ को लेकर तमाम सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद स्वतंत्र पत्रकार के रूप में इनकी नियमित कविता, कहानी व रिपोतार्ज छपते थे।
वर्ष 1996 में ‘सहारा मीडिया’ के अखबार ‘हस्तक्षेप’ में बतौर रिपोर्टर नोएडा में जॉइन करने वाले रमाकांत करीब 25 वर्षों से ‘सहारा मीडिया’ का हिस्सा हैं। रमाकांत चंदन वर्ष 1998 में ‘राष्ट्रीय सहारा’ में प्रोविंशियल इंचार्ज बने। इसके बाद वर्ष 2005 में यूपी के गोरखपुर में ‘सहारा समय’ रीजनल चैनल में बतौर करेसपॉन्डेंट उन्होंने टीवी पत्रकारिता में पदार्पण किया। एक साल बाद यानी वर्ष 2006 में ‘राष्ट्रीय सहारा’ की पटना यूनिट में रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा बने। 2012 में वह स्पेशल करेसपॉन्डेंट बने और फिर पटना में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में कार्यभार संभाला।
एक लेखक के रूप में रमांकांत चंदन की दो पुस्तकें हिंदी अकादमी दिल्ली से ‘नवान्न’ व राजभाषा बिहार से ‘दूसरा पक्ष’ प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके लिए बिहार में इन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। नई जिम्मेदारी के लिए रमाकांत चंदन को समाचार4मीडिया.कॉम की ओर से बधाई और शुभकामनाएं।
टैग्स सलाहकार संपादक सलाहकार रमाकांत चंदन सहारा इंडिया मास कम्युनिकेशन एडवाइजर