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निशांत चतुर्वेदी कर बैठे ऐसा ट्वीट, ‘फजीहत’ के बाद मांगनी पड़ी माफी
अति सक्रियता में किए गए ट्वीट को लेकर ‘आजतक’ के एडिटर निशांत चतुर्वेदी घिर गए हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
सक्रियता और अतिसक्रियता के बीच एक महीन रेखा होती है, जिसे अक्सर लोग समझ नहीं पाते। वह खुद को सक्रिय साबित करने के फेर में इतना आगे निकल जाते हैं, जहां सिर्फ अतिसक्रियता से उपजी आलोचना ही होती है। कुछ ऐसी ही स्थिति से इस वक़्त ‘आजतक’ के एडिटर निशांत चतुर्वेदी गुजर रहे हैं। निशांत सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की जल्दबाजी में एक ऐसा ट्वीट कर गए, जिसके लिए उन्हें चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, बात जब हद से ज्यादा आगे चली गई तो उन्हें माफ़ी भी मांगनी पड़ी। दरअसल, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने एक मई को ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था ‘मोदी कल लीची के शहर मुज़फ़्फ़रपुर आए थे। लोगों ने उनके आम खाने के तरीक़े के बाद पूछा कि लीची कैसे खाते हैं? काटकर, चूसकर या वाश-बेसिन पर खड़ा होकर? पीएम ने जवाब ही नहीं दिया, क्योंकि पूछने वाला कोई हीरो-हिरोइन नहीं था? जवाब नहीं सूझा क्योंकि सवाल पूर्व निर्धारित और नियोजित नहीं था।’
इस ट्वीट पर सब ने अपनी-अपनी तरह से प्रतिक्रिया दी। किसी ने पूर्व सीएम की आलोचना की तो किसी ने तारीफ। निशांत चतुर्वेदी भी खुद को प्रतिक्रिया व्यक्त करने से नहीं रोक सके, लेकिन उन्होंने राबड़ी देवी के विचारों पर कुछ कहने के बजाय उनकी शिक्षा पर ही सवाल खड़ा कर दिया। निशांत इस बात से हैरान थे कि राबड़ी भी ट्वीट कर सकती हैं। उन्होंने बिहार की पूर्व सीएम पर तंज कसते हुए लिखा, ‘अच्छा जी राबड़ी देवी जी भी ट्वीट करती है। कोई इनसे बोले कि ये बस तीन बार ट्विटर बोलकर बता दें।’
अच्छा जी राबड़ी देवी जी भी ट्वीट करती है ?
— Nishant Chaturvedi (@nishantchat) May 2, 2019
कोई इनसे बोले कि ये बस तीन बार ट्विटर बोलकर बता दें ?#LoksabhaElections2019 #Bihar #lalu https://t.co/jQs0VwQptr
निशांत चतुर्वेदी की यह टिप्पणी वैचारिक न होकर निजी हो गई, इसलिए इसका सबसे पहले विरोध राबड़ी देवी के बेटे और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने किया। उन्होंने निशांत को जवाबी ट्वीट करते हुए कहा, ‘कोई नहीं निशांत जी, आपकी माता जी यानी हमारी भी आदरणीय एवं सम्माननीय माता श्री तीन बार नहीं, एक बार भी ट्विटर बोलती होंगी या नहीं बोलती होंगी लेकिन फिर भी हमारे लिए उतनी ही सम्माननीय रहेंगी। थोड़ा ऊँचा सोचिए ताकि @aroonpurie जी Funny Videos दिखाने की बजाय आपको कुछ डिबेट शो दे सके’। बात यहीं ख़त्म नहीं हुई, तेजस्वी ने इसके बाद इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी और न्यूज़ डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद को टैग करते हुए ट्वीट किये। उन्होंने लिखा, ‘प्रिय @aroonpurie जी, क्या आप वास्तव में अपने संपादक की नस्लवादी और जातिवादी टिप्पणी का समर्थन करते हैं? क्या आपको नहीं लगता कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए? @supriyapd क्या वास्तव में आपके संगठन में ऐसे पूर्वाग्रही लोग काम करते हैं?
तेजस्वी के अलावा भी बड़ी संख्या में लोगों ने निशांत की टिप्पणी की आलोचना की और अरुण पुरी से जवाब माँगा। मामला बिगड़ता देख निशांत ने खेद प्रकट करते हुए कहा ‘प्रिय @yadavtejashwi जी, मेरा आपकी या किसी की भी माँ का अनादर करने का कोई इरादा नहीं था, मुझे आश्चर्य है कि लोग मेरे ट्वीट का गलत मतलब निकालने पर इतना समय व्यतीत कर रहे हैं, इसे किसी के अनादर या जाति से जोड़कर न देखा जाए, मैं ईमानदारी से माफी माँगता हूँ, लेकिन कृपया इसे गलत न समझें।’ हालांकि, ये बात अलग है कि निशांत की माफ़ी भी तेजस्वी का गुस्सा शांत नहीं कर सकी। उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा ‘तो आपकी किस चीज़ ने प्रेरित किया कि आप एक पूर्व सीएम से शब्द का उच्चारण करने के लिए कहने पर अपना कीमती समय बर्बाद करें? क्या आपने कभी मेरी मां से कम पढ़े-लिखे अन्य एलीट राजनेताओं से किसी शब्द का उच्चारण करने को कहा है? इससे आपकी जातिवादी, नस्लवादी मानसिकता का पता चलता है।’
कई पत्रकारों ने भी निशांत की टिप्पणी के लिए उन्हें निशाने पर लिया। वरिष्ठ पत्रकार रोहिणी सिंह ने कहा, ‘वैसे मोदी जी का पर्सनल और PMO अकाउंट हीरेन जोशी चलाते हैं पर न्यूज़ ऐंकर्ज़ कभी उस पर टिप्पणी नहीं करते। अनिल बलूनि का फ़ोन जो आ जाएगा। अपनी पत्रकारिता सिर्फ़ विपक्ष की ग्रामीण महिला पर personal comments करके जताते हैं। कोई इनसे बोले सिर्फ़ एक बार हीरेन जोशी पर report करके दिखाएँ’। एबीपी न्यूज़ के उत्कर्ष कुमार सिंह ने लिखा ‘अब क्या ही बोला जाए आपको @nishantchat हद दर्जे की छिछली मानसिकता है, मतलब ग्रामीण परिवेश की कोई महिला जो अंग्रेजी नहीं बोल सकती वो ट्विटर नहीं इस्तेमाल कर सकती? मेरी मां भी कम पढ़ी-लिखी हैं, ट्विटर नहीं बोल सकतीं तो उन्हें ट्विटर इस्तेमाल करने के लिए आपका सर्टिफिकेट लेना होगा’? इसी तरह इंडिया टुडे के पूर्व मैनेजिंग एडिटर दिलीप मंडल ने भी निशांत को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया, ‘निशांत मेरे जूनियर रहे हैं. जी न्यूज में स्क्रीन के नीचे चलने वाला टिकर चलाया करते थे। मुझे नहीं पता था कि वे इस कदर महिला विरोधी और पिछड़ा विरोधी हैं। ग्रामीण महिलाओं के प्रति उनके मन में इतना बुरा भाव क्यों पल रहा है, इस पर उन्हें विचार करना चाहिए। उनमें अज्ञान का अहंकार है।’
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