Prime Focus Limited ने अपने मुंबई स्थित कुछ कार्यालयों में आयकर विभाग की चल रही तलाशी को लेकर शेयर बाजार को स्पष्टीकरण दिया है।
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Vikas Saxena
Prime Focus Limited ने अपने मुंबई स्थित कुछ कार्यालयों में आयकर विभाग की चल रही तलाशी को लेकर शेयर बाजार को स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने कहा है कि आयकर विभाग ने 7 अक्टूबर की सुबह आयकर अधिनियम, 2025 के तहत उसके कुछ कार्यालयों में तलाशी की कार्रवाई शुरू की है, जो अभी जारी है।
कंपनी ने यह स्पष्टीकरण BSE Limited के उस ईमेल के जवाब में दिया है, जिसमें 7 अक्टूबर को CNBC TV18 पर प्रकाशित खबर और कंपनी के शेयरों में हुई हलचल को लेकर जानकारी मांगी गई थी। खबर में बताया गया था कि मुंबई स्थित कार्यालयों में इनकम टैक्स की कार्रवाई के बाद Prime Focus के शेयरों में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट आई।
कंपनी को अभी नहीं मिली कोई मांग या उल्लंघन की जानकारी
Prime Focus ने कहा कि इस समय तक आयकर विभाग की ओर से उसे ऐसा कोई पत्र या सूचना नहीं मिली है, जिसमें किसी निष्कर्ष, मांग या कथित नियम उल्लंघन की जानकारी दी गई हो।
कंपनी ने कहा कि इसलिए वह खबर में बताए गए तलाशी के अन्य पहलुओं या उसके कथित विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती और न ही इस बारे में किसी तरह का अनुमान लगाना चाहती। कंपनी ने इस संबंध में जरूरी जानकारी हासिल करने के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों से संपर्क भी किया है।
जांच में सहयोग
कंपनी के मुताबिक, वह आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और उनके द्वारा मांगी जा रही जरूरी जानकारी, दस्तावेज और स्पष्टीकरण उपलब्ध करा रही है। Prime Focus ने कहा कि इस मामले में कोई भी महत्वपूर्ण नई जानकारी सामने आने पर वह लागू नियमों के मुताबिक शेयर बाजारों को इसकी जानकारी देगी।
कंपनी का कारोबार सामान्य रूप से जारी
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर विभाग की तलाशी की कार्रवाई से उसके कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी के मुताबिक, उसके कारोबारी कामकाज सामान्य रूप से जारी हैं।
शेयरों में उतार-चढ़ाव पर कंपनी ने क्या कहा?
बीएसई की ओर से यह भी पूछा गया था कि क्या खबर में बताए गए किसी लेन-देन, बातचीत या समझौते को लेकर कंपनी में कोई बातचीत चल रही थी। इसके जवाब में Prime Focus ने कहा कि खबर का संबंध कंपनी से जुड़े किसी बातचीत, लेन-देन या व्यवस्था से नहीं है। इसलिए यह सवाल कंपनी पर लागू नहीं होता।
कंपनी ने कहा कि तलाशी के अलावा उसके पास ऐसी किसी अन्य जानकारी की जानकारी नहीं है, जिसे अभी तक शेयर बाजारों को नहीं बताया गया हो और जो उसके शेयरों में कारोबार के दौरान हुई हलचल को स्पष्ट कर सके।
कंपनी ने यह भी कहा कि उसके शेयरों की कीमत बाजार की ताकतों के आधार पर तय होती है और इस पर कंपनी का कोई नियंत्रण नहीं है।
तलाशी का नतीजा अभी सामने नहीं आया
Prime Focus ने बताया कि तलाशी की कार्रवाई अभी जारी है और आयकर विभाग की ओर से कंपनी को इसका कोई नतीजा नहीं बताया गया है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि तलाशी 7 अक्टूबर की सुबह ही शुरू हुई थी। खबर प्रकाशित होने और बीएसई का ईमेल मिलने के समय कंपनी जरूरी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में थी। कंपनी ने कहा कि वह लागू कानून के मुताबिक जरूरी जानकारी साझा करेगी।
डॉ. सुभाष चंद्रा की पर्सनल गारंटी से जुड़े एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के कर्ज मामले में एक नया सेटलमेंट प्रस्ताव सामने आया है।
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Samachar4media Bureau
डॉ. सुभाष चंद्रा की पर्सनल गारंटी से जुड़े एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के कर्ज मामले में एक नया सेटलमेंट प्रस्ताव सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, कर्ज लेने वाली संबंधित कंपनियों ने 100 प्रतिशत बकाया मूलधन और 10 प्रतिशत ब्याज के साथ कर्ज चुकाने का प्रस्ताव एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इन कंपनियों ने कर्ज का पूरा मूलधन ब्याज समेत चुकाने पर सहमति जताई है। यह मामला उन कंपनियों से जुड़ा है, जिनके कर्ज के लिए डॉ. सुभाष चंद्रा ने व्यक्तिगत गारंटर की भूमिका निभाई थी।
980 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा मामला
जानकारी के मुताबिक, वसंत सागर प्रॉपर्टीज लिमिटेड और पैन इंडिया इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस से कुल 500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। वहीं, डिजिटल सब्सक्राइबर मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और स्प्रिट इंफ्रापावर प्रोजेक्ट ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस से 480 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इस तरह चारों कंपनियों से जुड़ा कुल कर्ज 980 करोड़ रुपये का है।
सूत्रों ने बताया कि अब इन चारों कंपनियों ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को 100 प्रतिशत मूलधन और 10 प्रतिशत ब्याज के साथ बकाया कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दिया है।
99.97% हेयरकट पर डॉ. सुभाष चंद्रा ने जताई थी आपत्ति
इससे पहले एनसीएलटी की कार्यवाही में कर्ज पर 99.97 प्रतिशत हेयरकट को लेकर डॉ. सुभाष चंद्रा ने आपत्ति जताई थी। उनके मुताबिक, इस मामले को उनकी व्यक्तिगत तौर पर हुई बड़ी कर्ज माफी के रूप में पेश करना सही नहीं है।
डॉ. चंद्रा ने कहा था कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उधारदाताओं से कोई पैसा नहीं लिया था। वह केवल एसेल ग्रुप से जुड़ी कर्ज लेने वाली कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज के लिए व्यक्तिगत गारंटर बने थे।
22,006 करोड़ रुपये का आंकड़ा व्यक्तिगत कर्ज नहीं
डॉ. चंद्रा ने यह भी स्पष्ट किया था कि 22,006 करोड़ रुपये का आंकड़ा कार्यवाही के दौरान दायर किए गए दावों को दर्शाता है। इसे उनका व्यक्तिगत बकाया कर्ज नहीं माना जाना चाहिए।
उनके मुताबिक, कुल 21,696 करोड़ रुपये के दावों को मंजूरी दी गई थी। वहीं, भुगतान योजना का विरोध करने वाले उधारदाताओं के कुल दावे करीब 3,992 करोड़ रुपये थे। इनमें से 620 करोड़ रुपये के दावे पहले ही निपटाए जा चुके थे। इसके बाद करीब 3,372 करोड़ रुपये की राशि बाकी रह गई थी।
डॉ. चंद्रा के अनुसार, कर्ज लेने वाली कंपनियों ने भुगतान योजना पर आपत्ति जताने वाले कुछ उधारदाताओं को करीब 1,113 करोड़ रुपये का भुगतान करने की पेशकश भी की थी और इस संबंध में बातचीत जारी थी।
UFO Moviez India Limited और TSR Films Private Limited के बीच विज्ञापन अधिकारों को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझ गया है।
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Vikas Saxena
UFO Moviez India Limited और TSR Films Private Limited के बीच विज्ञापन अधिकारों को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझ गया है। दोनों कंपनियों ने 6 अक्टूबर 2026 को एक समझौता पत्र (Settlement Deed) किया है। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने विज्ञापन अधिकारों की खरीद को लेकर एक नया समझौता भी किया है।
कंपनी ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि यह मामला 23 दिसंबर 2023 को हुए विज्ञापन समझौते से जुड़ा था। इस समझौते के तहत TSR Films के सिनेमाघरों में इन-सिनेमा विज्ञापन के अधिकारों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
दोनों पक्षों ने किया नया समझौता
UFO Moviez ने बताया कि 6 अक्टूबर को कंपनी और TSR Films ने आपसी सहमति से सभी विवादों को निपटाने के लिए Settlement Deed पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा दोनों पक्षों ने इसी तारीख को एक नया Advertisement Rights Buyout Agreement भी किया है। यह समझौता दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तय शर्तों पर हुआ है।
कंपनी के विज्ञापन कारोबार को फायदा होने की उम्मीद
कंपनी के मुताबिक, Settlement Deed और नए Advertisement Rights Buyout Agreement पर अमल होने से UFO Moviez की विज्ञापन से होने वाली कमाई की संभावनाओं पर सकारात्मक असर पड़ेगा। यानी कंपनी को उम्मीद है कि इस समझौते के बाद उसके विज्ञापन कारोबार से जुड़े राजस्व के अवसर बेहतर हो सकते हैं।
चल रही मध्यस्थता में भी रखा जाएगा समझौता
UFO Moviez और TSR Films के बीच इस मामले को लेकर मध्यस्थता की कार्यवाही (Arbitration Proceedings) भी चल रही है। कंपनी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुए Settlement Deed को चल रही मध्यस्थता कार्यवाही में Arbitral Tribunal के सामने पेश किया जाएगा।
समझौते में तय शर्तों को मध्यस्थ न्यायाधिकरण द्वारा दिए जाने वाले अंतिम फैसले (Final Award) में भी दर्ज किया जाएगा। इसके जरिए दोनों पक्षों के बीच इस मामले से जुड़े सभी विवादों का समाधान किया जाएगा।
कंपनी ने यह जानकारी भारतीय शेयर बाजारों को सेबी के नियम 30 के तहत दी है।
अधिसूचना के तहत भारतीय प्रेस परिषद में कार्यरत पत्रकारों के दो वर्गों में कुल 13 सदस्यों को नामित किया गया है। इनमें छह संपादक और सात अन्य कार्यरत पत्रकार शामिल हैं।
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Samachar4media Bureau
केंद्र सरकार ने भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) में 13 सदस्यों को नामित किया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 7 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के मुताबिक, यह नामांकन प्रेस काउंसिल अधिनियम, 1978 की धारा 5 की उपधारा (3) के खंड (क) और उपधारा (5) तथा धारा 6 की उपधारा (1) के तहत किया गया है।
इस अधिसूचना के तहत भारतीय प्रेस परिषद में कार्यरत पत्रकारों के दो वर्गों में कुल 13 सदस्यों को नामित किया गया है। इनमें छह संपादक और सात अन्य कार्यरत पत्रकार शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार, कार्यरत पत्रकारों के संपादक वर्ग में छह सदस्यों को नामित किया गया है। इनमें प्रदीप कुमार जैन, सैयद रजा हुसैन रिजवी, अंकुर दुआ, अपर्णा शुक्ला, राज परवाना/नरेन्द्र सिंह और विनोद बाजपेयी शामिल हैं।
वहीं, संपादकों के अलावा अन्य कार्यरत पत्रकारों के वर्ग में सात सदस्यों को नामित किया गया है। इनमें विनोद कोहली, गीतार्थ पाठक, प्रज्ञानंद चौधरी, किंग्शुक प्रमाणिक, सी.के. नायक, प्रसन्न कुमार मोहंती और बिजॉय काकचिंगताबम शामिल हैं।
सरकार ने इन नामांकनों के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय की 19 दिसंबर 2024 की अधिसूचना में संशोधन किया है। यह मूल अधिसूचना भारत के राजपत्र में 20 दिसंबर 2024 को प्रकाशित हुई थी। इसके बाद इसमें 2 दिसंबर 2025 को भी संशोधन किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने ‘सौराष्ट्र आजतक’ की याचिका खारिज करते हुए ‘सौराष्ट्र आज तक’ नाम के इस्तेमाल पर रोक रखी और दिल्ली कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने दिए।
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सुप्रीम कोर्ट ने गुजराती अखबार ‘सौराष्ट्र आजतक’ की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत अखबार को ‘सौराष्ट्र आज तक’ नाम का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘आज तक’ समाचार चैनल संचालित करने वाला टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) इस ट्रेडमार्क का पहले से इस्तेमाल करने वाला पक्ष है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant), जस्टिस जॉयमाल्या बागची (J Joymalya Bagchi) और जस्टिस वी. मोहना (J V. Mohana) की पीठ ने की।
सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि इंडिया टुडे (India Today) वर्ष 1995 से इस नाम का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेडमार्क का ‘सेकेंडरी एसोसिएशन’ स्थापित होने की बात कही गई है, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से इसके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए।
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि टीवी टुडे नेटवर्क ने लाइसेंस एग्रीमेंट (License Agreement) तक पेश नहीं किया है। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि इस्तेमाल से जुड़ा दस्तावेज रिकॉर्ड पर स्वीकार किया गया है। वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया और केवल पीडब्ल्यू1 (PW1) के पक्ष में एक बोर्ड प्रस्ताव दिया गया है।
जस्टिस बागची ने पूछा कि क्या इस संबंध में गवाह से जिरह की गई है और कहा कि मामला ‘पासिंग ऑफ’ (Passing Off) से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि टीवी टुडे को यह दिखाना चाहिए था कि वह वास्तव में इस नाम का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने यह भी दलील दी कि संबंधित संस्था लिविंग मीडिया (Living Media) है, लेकिन उसे मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया। वकील ने कहा कि वह 26 वर्षों से इस नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी दूसरे नाम पर विचार कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया है।
रुबिका लियाकत News18 India पर प्राइम टाइमस शो करेंगी। इसके साथ ही वह News18 Rajasthan में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभाते हुए चैनल के संपादकीय कामकाज और कंटेंट स्ट्रैटेजी को लीड करेंगी।
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जानी-मानी पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर रुबिका लियाकत ने एक बार फिर Network18 में वापसी की है। इस बार उनकी वापसी एक अहम और व्यापक भूमिका के साथ हुई है। रुबिका लियाकत Network18 के राष्ट्रीय चैनल News18 India के प्राइम टाइम में नजर आएंगी, वहीं उन्हें समूह के राजस्थान चैनल News18 Rajasthan के संपादकीय नेतृत्व की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रुबिका लियाकत News18 India पर प्राइम टाइमस शो करेंगी। इसके साथ ही वह News18 Rajasthan में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभाते हुए चैनल के संपादकीय कामकाज और कंटेंट स्ट्रैटेजी को लीड करेंगी।
Network18 में रुबिका की यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह इससे पहले News18 India की कंसल्टिंग एडिटर और प्राइम टाइम एंकर रह चुकी हैं। अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने कई बड़े राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष कार्यक्रमों और कवरेज का नेतृत्व किया था और चैनल के प्रमुख चेहरों में अपनी जगह बनाई थी।
अब Network18 ने उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। News18 India के प्राइम टाइम में वापसी के साथ वह एक बार फिर देशभर के दर्शकों से सीधे रूबरू होंगी। वहीं, समूह के News18 Rajasthan की जिम्मेदारी संभालकर वह क्षेत्रीय पत्रकारिता और संपादकीय नेतृत्व में भी अपनी भूमिका निभाएंगी।
रुबिका लियाकत के लिए राजस्थान से जुड़ी यह जिम्मेदारी खास है। मूल रूप से उदयपुर, राजस्थान की रहने वाली रुबिका ने राष्ट्रीय मीडिया में करीब दो दशक के अपने करियर में एक अलग पहचान बनाई है। अब अपने गृह राज्य से जुड़े News18 चैनल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
Network18 में वापसी से पहले रुबिका लियाकत ने टाइम्स नाउ नवभारत में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर काम किया था। उन्हें वहां वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई थी। हाल ही में उन्होंने टाइम्स नाउ नवभारत से अपनी पारी समाप्त की थी। इसके बाद से ही मीडिया इंडस्ट्री में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब Network18 में उनकी वापसी के साथ इन चर्चाओं पर विराम लग गया है।
रुबिका लियाकत ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Live India से की थी। इसके बाद उन्होंने News24, Zee News, ABP News, News18 India, Bharat24 और Times Now Navbharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में अलग-अलग महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। रिपोर्टिंग से लेकर एंकरिंग और संपादकीय नेतृत्व तक का लंबा अनुभव रखने वाली रुबिका लियाकत अब एक बार फिर Network18 के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय—दोनों प्लेटफॉर्म्स पर महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी।
एक तरफ News18 India के प्राइम टाइम में उनका राष्ट्रीय चेहरा दर्शकों के सामने होगा, तो दूसरी तरफ News18 Rajasthan की मैनेजिंग एडिटर के रूप में वह चैनल के संपादकीय नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगी। Network18 में उनकी नई पारी के लिए रुबिका लियाकत को ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड ने कारोबार के विस्तार और अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की तैयारी की है।
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Vikas Saxena
बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड ने कारोबार के विस्तार और अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की तैयारी की है। कंपनी यह रकम क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए जुटाना चाहती है।
इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) बुलाई है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से होगी।
कंपनी ने 6 अक्टूबर को शेयर बाजारों को ईजीएम का नोटिस भेजा है। इसमें क्यूआईपी के जरिए इक्विटी शेयर और/या अन्य पात्र प्रतिभूतियां जारी कर 200 करोड़ रुपये तक जुटाने का प्रस्ताव रखा गया है।
क्यूआईपी के जरिए जुटाई जाएगी रकम
कंपनी के मुताबिक, प्रस्तावित क्यूआईपी में रकम एक या एक से ज्यादा चरणों में जुटाई जा सकती है। इसमें इक्विटी शेयर, गैर-परिवर्तनीय ऋण साधन के साथ वारंट और वारंट को छोड़कर परिवर्तनीय प्रतिभूतियां या इनका कोई संयोजन शामिल हो सकता है। इन प्रतिभूतियों को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) को जारी किया जाएगा। कंपनी के मौजूदा शेयरधारक होना इनके लिए जरूरी नहीं होगा।
कंपनी ने साफ किया है कि अभी निवेशकों की पहचान नहीं की गई है और यह भी तय नहीं किया गया है कि किस निवेशक को कितनी प्रतिभूतियां जारी की जाएंगी। इनका फैसला आगे बाजार की स्थिति और कंपनी की जरूरतों को देखते हुए बोर्ड करेगा।
रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी ने 200 करोड़ रुपये तक की प्रस्तावित रकम के इस्तेमाल के कई उद्देश्य बताए हैं। इनमें शामिल हैं:
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी अधिग्रहण या निवेश के लिए कोई अंतिम समझौता नहीं किया गया है।
क्यूआईपी में सिर्फ संस्थागत निवेशक होंगे
प्रस्ताव के मुताबिक, क्यूआईपी के तहत प्रतिभूतियों का आवंटन सिर्फ पात्र क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स को किया जाएगा। कंपनी के प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप के सदस्य, निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारी इस क्यूआईपी में निवेश नहीं करेंगे।
किसी एक निवेशक को क्यूआईपी के कुल आकार का 50 प्रतिशत से ज्यादा आवंटित नहीं किया जाएगा और न्यूनतम दो निवेशक होंगे।
इसके अलावा, पात्र प्रतिभूतियों का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंडों को आवंटित किया जाएगा। अगर म्यूचुअल फंड इस हिस्से की पूरी या कुछ रकम के लिए सदस्यता नहीं लेते हैं, तो यह हिस्सा अन्य क्यूआईबी को दिया जा सकता है।
शेयर की कीमत पर भी नियम लागू होंगे
कंपनी के मुताबिक, क्यूआईपी के तहत प्रतिभूतियां जारी करने की कीमत सेबी के तय नियमों के मुताबिक तय होगी। सामान्य तौर पर कीमत संबंधित फ्लोर प्राइस से कम नहीं होगी।
हालांकि, बोर्ड बाजार की स्थिति को देखते हुए और लीड मैनेजरों से सलाह लेकर फ्लोर प्राइस पर 5 प्रतिशत तक की छूट दे सकता है, या लागू नियमों के तहत जितनी अन्य छूट की अनुमति हो।
रकम के इस्तेमाल की निगरानी होगी
क्योंकि प्रस्तावित इश्यू का आकार 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है, कंपनी सेबी में पंजीकृत क्रेडिट रेटिंग एजेंसी को मॉनिटरिंग एजेंसी के रूप में नियुक्त करेगी। यह एजेंसी जुटाई गई रकम के इस्तेमाल की निगरानी करेगी और हर तिमाही कंपनी को रिपोर्ट देगी। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक क्यूआईपी से मिली 100 प्रतिशत रकम का इस्तेमाल नहीं हो जाता।
कंपनी को हर तिमाही खत्म होने के 45 दिनों के भीतर मॉनिटरिंग एजेंसी की रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर डालनी होगी और शेयर बाजारों को भी देनी होगी।
ईजीएम में शेयरधारकों से मांगी जाएगी मंजूरी
बोधि ट्री मल्टीमीडिया के बोर्ड ने 18 सितंबर 2026 को क्यूआईपी के प्रस्ताव पर विचार कर जरूरी मंजूरी दी थी। अब इसे आगे बढ़ाने के लिए शेयरधारकों की विशेष मंजूरी जरूरी है। इसी उद्देश्य से 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे ईजीएम होगी। शेयरधारक इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा ले सकेंगे।
कंपनी के शेयरधारकों के लिए रिमोट ई-वोटिंग 24 अक्टूबर 2026 सुबह 9 बजे से 27 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। 21 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट यानी कट-ऑफ डेट रखा गया है। इस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में शेयर रखने वाले पात्र शेयरधारक प्रस्ताव पर अपना वोट दे सकेंगे।
अगर शेयरधारक प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो कंपनी का बोर्ड आगे क्यूआईपी के आकार, कीमत, निवेशकों, प्रतिभूतियों की संख्या और जारी करने के समय जैसे प्रमुख पहलुओं पर फैसला कर सकेगा। कंपनी ने कहा है कि अंतिम शर्तें बाजार की स्थिति, नियामकीय जरूरतों और कंपनी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तय की जाएंगी।
कंपनी ने 6 अक्टूबर को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।
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Vikas Saxena
डेन नेटवर्क्स लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक 13 अक्टूबर 2026 को होने जा रही है। कंपनी ने 6 अक्टूबर को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।
कंपनी ने बताया कि यह बैठक सेबी के लिस्टिंग नियमों के रेग्युलेशन 29 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत आयोजित की जाएगी।
दूसरी तिमाही और पहली छमाही के नतीजों पर फैसला
डेन नेटवर्क्स के बोर्ड की बैठक में कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा और उन्हें मंजूरी दी जा सकती है। ये नतीजे 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही और छमाही के लिए होंगे।
स्टैंडअलोन नतीजों में कंपनी के अकेले कारोबार का प्रदर्शन शामिल होता है, जबकि कंसोलिडेटेड नतीजों में कंपनी और उसकी संबंधित कंपनियों के संयुक्त कारोबार का प्रदर्शन दिखाया जाता है।
13 अक्टूबर को होगी बोर्ड बैठक
कंपनी के मुताबिक, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को होगी। बैठक में वित्तीय नतीजों को मंजूरी दिए जाने के बाद कंपनी इसकी जानकारी शेयर बाजारों को देगी।
सौहार्द्य बनर्जी ने फ्लिपकार्ट में डायरेक्टर की नई भूमिका संभाली है। इससे पहले वह कंपनी में IoT डिवाइसेज के बिजनेस हेड थे और इससे पहले व्हर्लपूल तथा आईबीएम से जुड़े रहे।
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Samachar4media Bureau
सौहार्द्य बनर्जी (Souhardya Banerjee) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) में डायरेक्टर (Director) की नई भूमिका संभाली है। इससे पहले वह फ्लिपकार्ट में बिजनेस हेड-आईओटी डिवाइसेज (Business Head - IoT Devices) के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
इस भूमिका में वह स्मार्टवॉच, स्मार्ट बैंड, स्मार्ट रिंग, स्मार्ट ग्लासेज, ट्रैकर्स और अन्य वियरेबल डिवाइसेज (Wearable Devices) वाली कैटेगरी की जिम्मेदारी देख रहे थे।
फ्लिपकार्ट से जुड़ने से पहले बनर्जी करीब छह साल तक व्हर्लपूल कॉरपोरेशन (Whirlpool Corporation) के साथ जुड़े रहे। इससे पहले उन्होंने आईबीएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (IBM India Pvt Ltd) में भी काम किया है।
जानी-मानी पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर रुबिका लियाकत एक बार फिर नेटवर्क18 (Network18) समूह के साथ जुड़ गुई हैं।
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Samachar4media Bureau
जानी-मानी पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर रुबिका लियाकत एक बार फिर नेटवर्क18 (Network18) समूह के साथ जुड़ गुई हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट 'एक्सचेंज4मीडिया' (e4m) से इसकी पुष्टि की है।
हालांकि, यहां उन्होंने किस पद पर जॉइन किया है और कौन सा शो करेंगी, फिलहाल इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं मिल सकी है।
बता दें कि रुबिका लियाकत ने इसी वर्ष जून में 'टाइम्स नाउ नवभारत' में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की थी। इसके साथ ही वह नेटवर्क में वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं। वह नोएडा स्थित नेटवर्क कार्यालय से अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही थीं, जहां से उन्होंने पिछले दिनों ही अपनी पारी को विराम दे दिया था।
गौरतलब है कि 'टाइम्स नाउ नवभारत' से पहले रुबिका लियाकत 'न्यूज18 इंडिया' में कंसल्टिंग एडिटर और प्राइम-टाइम एंकर के रूप में कार्यरत थीं। वहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और विशेष कवरेज का नेतृत्व किया था और चैनल की प्रमुख चेहरों में शामिल थीं।
रुबिका लियाकत को ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म, राजनीतिक रिपोर्टिंग, प्राइम-टाइम एंकरिंग और न्यूजरूम नेतृत्व का 19 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने एबीपी न्यूज, ज़ी न्यूज, न्यूज24, भारत24, लाइव इंडिया, नेटवर्क18 इंडिया और 'टाइम्स नाउ नवभारत' जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
सरबजीत घडियोक को सोडेक्सो में हेड ऑफ मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। वह मार्केटिंग पहलों का नेतृत्व करने के साथ संगठन की ग्रोथ और बिजनेस उद्देश्यों में योगदान देंगे।
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Samachar4media Bureau
सरबजीत घडियोक (Sarbjeet Ghadiok) को सोडेक्सो (Sodexo) में हेड ऑफ मार्केटिंग (Head of Marketing) नियुक्त किया गया है। नई भूमिका में वह मार्केटिंग से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करेंगे और संगठन की ग्रोथ व बिजनेस उद्देश्यों में योगदान देंगे।
घडियोक ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने सोडेक्सो में हेड ऑफ मार्केटिंग के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।
सोडेक्सो से पहले घडियोक टैबूला (Taboola) में सीनियर क्लाइंट पार्टनर (Sr. Client Partner) के पद पर कार्यरत थे। नई भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि वह संगठन के लिए वैल्यू बढ़ाने और सोडेक्सो की निरंतर ग्रोथ में योगदान देने पर काम करेंगे।
घडियोक ने इस नए प्रोफेशनल अध्याय को लेकर उत्साह जताया और सोडेक्सो के साथ आगे की यात्रा में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की।