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पुलिस ने रीजनल चैनल के पत्रकार को हिरासत में लिया, बताई ये वजह
तलाशी के लिए चैनल के दफ्तर भी पहुंची पुलिस। चैनल ने पुलिस पर व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
इस मामले में चैनल का कहना है कि ओडिशा की बीजेडी सरकार को बेनकाब करने के लिए पत्रकार के काम की वजह से उन्हें निशाना बनाने के लिए साजिश रची गई है। वहीं, पुलिस द्वारा 16 अक्टूबर को चैनल परिसर की तलाशी लेने के लिए पहुंचने की खबर भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस एक महिला सांसद के अश्लील वीडियो क्लिप के मामले में चैनल के कार्यालय की तलाशी लेना चाहती थी, जो 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रसारित किया गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ओटीवी के न्यूज एडिटर आर मिश्रा का कहना है कि ओटीवी को पहले भी टार्गेट किया जाता रहा है। आर मिश्रा के अनुसार, ‘रमेश रथ ने सीएम पटनाक के एरियल सर्वे के ऊपर आरटीआई रिस्पॉन्स की न्यूज ब्रेक की थी। इसी के बाद जब अगले दिन वह कार्यालय आने लगे तो पुलिस ने उन्हें वैन में बैठा लिया और उनका मोबाइल सीज करके उन्हें थाने ले गए। किसी को इस बारे में नहीं बताया गया कि उन्हें क्यों पकड़ा गया। उन्होंने पत्रकार के खिलाफ एफआईआर की है। हमें हमारे एंकर से इस संबंध में पता चला, फिर हमने पुलिस आयुक्त से इसकी पुष्टि की।’ इसके साथ ही मिश्रा ने कहा कि ओटीवी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
साल 2019 के मामले पर बात करते हुए आर मिश्रा ने कहा यह मामला एक महिला बीजेडी नेता की अश्लील वीडियो से संबंधित है। इसमें दो ओटीवी पत्रकार और कुछ भाजपा नेता शामिल थे, और मीडिया हाउस ने केवल पड़ताल में साथ दिया था। गौरतलब है कि ओटीवी के सीनियर रिपोर्टर रमेश रथ को पुलिस ने गुरुवार को तलब किया था। बाद में पुलिस ने उनके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया था और जांच के लिए चैनल के कार्यालय भी गई थी। हालांकि, बाद में रमेश रथ को छोड़ दिया गया और उनसे 21 अक्टूबर को पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। पुलिस के इस कदम की विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की है।
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