होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / NBT के फोटो जर्नलिस्ट पर भीड़ ने किया हमला, हुई ये हालत
NBT के फोटो जर्नलिस्ट पर भीड़ ने किया हमला, हुई ये हालत
स्कूटर खड़ा करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद बिगड़ी स्थिति
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
स्कूटर पार्किंग के विवाद में पुरानी दिल्ली के हौजकाजी इलाके में रविवार की रात हुए विवाद के बाद सोमवार को भी क्षेत्र में दो संप्रदायों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। उपद्रव की कवरेज करने गए ‘एनबीटी’ के फोटो जर्नलिस्ट सुरेंद्र कुमार भी भीड़ के गुस्से का शिकार हो गए। उनके सिर पर चोट आई हैं। इसके अलावा कुछ अन्य मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी की खबरें हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हंगामे के बीच कुछ उपद्रवियों ने ‘मेल टुडे’ अखबार के फोटो जर्नलिस्ट कमर सक्तैन से भी उनका कैमरा छीनने की कोशिश की। इसी बीच इलाके के कुछ लोगों ने किसी तरह उन उपद्रवियों को वहां से भगाया।
सुरेंद्र कुमार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा,’उपद्रव की खबर सुनकर मैं दोपहर करीब एक बजे अपने रिपोर्टर साथी के साथ हौज काजी पहुंचा। हौज काजी थाने के पास सीकरीवालान मोहल्ले में अचानक बेकाबू भीड़ धार्मिक नारे लगाती हुई थाने की ओर बढ़ती दिखी। मैंने भीड़ के कुछ फोटो लिए और फिर आगे बढ़ गया। इसके बाद मैंने एक परिवार से इजाजत लेकर उनके घर की छत पर चढ़कर फोटो खींचना शुरू कर दिया। इस बीच भीड़ में से कुछ लोगों ने मुझे छत से फोटो खींचते हुए देखा और फिर उसमें शामिल 15-20 लड़कों ने छत पर चढ़कर मेरे साथ जमकर मारपीट शुरू कर दी। इन लड़कों ने उस घर का दरवाजा भी तोड़ डाला। हालांकि मैंने उन्हें अपना परिचय भी दिया, लेकिन भीड़ कुछ सुनने के लिए तैयार ही नहीं थी।‘
सुरेंद्र कुमार के अनुसार, ‘भीड़ मुझे पीटती हुई सीढ़ियों से खींचकर ले आई। इस बीच मैं मौका पाकर सामने खड़ी पुलिस जिप्सी की ओर भागा। जिप्सी के बाहर पुलिसवाले खड़े हुए थे और अंदर ड्राइवर बैठा हुआ था, मैंने उनसे कहा कि मुझे बचाओ और गाड़ी मैं बैठा लो, लेकिन ड्राइवर ने खिड़की का शीशा ऊपर करते हुए मुझे भगा दिया और बोला कि यहां मत आओ, पीछे जाओ। पुलिसवालों में से भी किसी ने मुझे भीड़ से बचाने की कोशिश नहीं की। मुझे मारने वाले सिर्फ 15-20 लड़के ही थे, बाकी भीड़ खड़ी थी। मेरे सामने ही कम से कम 20 हथियारबंद पुलिसवाले खड़े थे लेकिन इन लड़कों के सामने ये पुलिसवाले मूकदर्शक बनकर खड़े रहे और मुझे बचाने की कोई कोशिश नहीं की।’
सुरेंद्र कुमार के अनुसार, ‘हमलावरों ने मेरा कैमरा तोड़ने की कोशिश की। इन्ही में से एक लड़के ने कैमरे से मेमोरी कार्ड निकाल लिया। तब तक मुझे लगने लगा था कि अब मैं नहीं बचूंगा, क्योंकि लड़के लगातार मेरे साथ मारपीट कर रहे थे और पुलिस वाले मदद के लिए नहीं आगे आ रहे थे। तभी भीड़ में से एक शख्स निकला और उसने उन लड़कों को समझाया कि इसे छोड़ दो, यह जर्नलिस्ट है और अपना काम कर रहा है, इसे कोई हाथ नहीं लगाएगा। इसके बाद ही वो लड़के मुझे छोड़कर भीड़ में गायब हो गए। मेरे सिर पर चार टांके आए हैं।’
गौरतलब है कि रविवार की रात स्कूटर खड़ा करने को लेकर दिल्ली के हौज काजी इलाके में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। जिसने बाद में सांप्रदायिक दंगे का रूप ले लिया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस के अनुसार दंगा उस समय हुआ, जब कुछ लोगों ने अफवाह उड़ा दी कि हिंदू परिवार के हमले में दूसरे समुदाय के 20 साल के युवक की मौत हो गई है। इसके बाद दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। इसके बाद धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ के बाद स्थिति और बिगड़ गई।
सोमवार को दिन भर चावड़ी बाजार, अजमेरी गेट, हौजकाजी, लालकुआं, नई सड़क, बल्लीमारान और आसपास की दुकानें बंद रहीं। ज्यादातर लोग भी अपने घरों में मौजूद रहे। पांच पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां, अलग-अलग जिलों का भारी भरकम पुलिस बल, वज्र वाहन, आंसू गैस के गोले मंगाने पड़े।
आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)
टैग्स फोटो पत्रकार चावड़ी बाजार स्कूटर पार्किंग विवाद सांप्रदायिक तनाव पत्रकार घायल आस मोहम्मद संजीव गुप्ता सुरेंद्र कुमार