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दिनदहाड़े हुए पत्रकार हत्याकांड पर हरकत में आई प्रेस काउंसिल, लिया ये स्टेप
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 19 जून को हुई थी पत्रकार शुभममणि त्रिपाठी की हत्या, मानवाधिकार आयोग ने भी लिया मामले का संज्ञान
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग’ (The National Human Rights Commission) ने भी इस मामले में शुक्रवार को राज्य सरकार व उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, राज्य सरकार को स्वतंत्र एजेंसी से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और पीड़ित के परिवार व मामले में गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। आयोग की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है, ‘यह राज्य सरकार की ड्यूटी है कि वह मीडियाकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराए। शुभमत्रिपाठी की हत्या काफी चिंता का विषय है और यह मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा मुद्दा भी है।’
गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र राजधानी मार्ग के पास सहजनी चौराहे पर कुछ बदमाशों ने दिनदहाड़े शुभममणि त्रिपाठी पर ताबड़तोड़ 3 गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी थी। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पोनी रोड झंडा चौराहा निवासी 28 वर्षीय शुभममणि त्रिपाठी की घर के नीचे मोबाइल शॉप थी। वह कानपुर से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के प्रतिनिधि भी थे। शुक्रवार दोपहर बाद वह अपने साथी मुख्तार अहमद के साथ बाइक से उन्नाव से शुक्लागंज लौट रहे थे। उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग स्थित सहजनी के पास उन्हें ताबड़तोड़ कई गोलियां मारी गईं, जिससे उनकी मौत हो गई, वहीं मुख्तार ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दिव्या अवस्थी समेत दस लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया था।
पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि शुभममणि की हत्या दिव्या अवस्थी नामक महिला भूमाफिया ने कराई थी। पुलिस के अनुसार, दिव्या अवस्थी ने जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था। इसकी खबर शुभममणि ने चलाई थी,जिसके बाद प्रशासन ने जमीन से अवैध कब्जा हटा दिया था। इससे नाराज होकर दिव्या अवस्थी ने शुभममणि की हत्या करवा दी थी।
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