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मां-बाप ने अखबार के नाम पर रखा बेटे का नाम, बताया ये कारण
बिहार के गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में नौ अक्टूबर को हुआ था बच्चे का जन्म
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
बिहार के गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (ANMMCH) से चोरी हुआ बच्चा आखिरकार मिल गया है। खास बात यह है कि बच्चा खरीदने वाली महिला ने जब आरोपित महिला का फोटो दैनिक भास्कर में छपा देखा तब उसे पता चला कि यह बच्चा चोरी का है। इसके बाद वह बच्चे को लेकर दैनिक भास्कर के कार्यालय पहुंची और अखबार की टीम को बच्चा सौंप दिया। यहां से उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बच्चा मिलने के बाद परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चे के पिता सुरेन्द्र चौधरी का कहना था कि वह दैनिक भास्कर का अहसान कभी नहीं भूलेंगे। यही नहीं, उन्होंने दैनिक भास्कर के नाम पर बच्चे का नाम भास्कर चौधरी भी रख दिया है, ताकि जीवन भर बच्चे के साथ दैनिक भास्कर का नाम जुड़ा रहे। सुरेन्द्र चौधरी के मुताबिक, ‘बच्चे के जन्म के बाद हमने इसका नाम वीरधवन रखा था, लेकिन चोरी होने के बाद यह दैनिक भास्कर की मदद से मिला है, इसलिए इसका नाम भास्कर रख रहा हूं।’
बता दें कि गया जिले के सुरेन्द्र चौधरी की पत्नी सोनी ने 9 अक्टूबर को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बेटे को जन्म दिया था। 10 अक्टूबर को एक महिला अस्पताल से वैक्सीन लगाने के बहाने बच्चे को चुराकर भाग गई थी। पुलिस को मामले की जांच के दौरान पता चला कि बेबी नामक महिला बच्चे को चुराकर ले गई है। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया। दैनिक भास्कर ने इस मामले की कवरेज करते हुए बेबी की फोटो भी पब्लिश की थी। यह खबर पढ़ने और बेबी का फोटो देखने के बाद बच्चा खरीदने वाली महिला को पता चला कि यह बच्चा चोरी का है। इसके बाद उसने बच्चे को उसके माता-पिता को सौंपने का फैसला किया और 17 अक्टूबर को दैनिक भास्कर के कार्यालय पहुंच गई।
महिला ने दैनिक भास्कर की टीम को बच्चा सौंपते हुए बताया कि वह 20 साल से संतान सुख के लिए तरस रही थी। बेबी ने उसे बताया था कि वह कहीं से उसे लावारिस बच्चा लाकर देगी। इसके लिए 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था और उसने बेबी को 25 हजार रुपए दे भी रखे थे। लेकिन दैनिक भास्कर में बेबी की फोटो देखकर उसे पता चला कि बच्चा चोरी का है तो उसका मन बदल गया, क्योंकि वह किसी का चुराया हुआ बच्चा नहीं चाहती थी। इस महिला की पहचान उजागर नहीं की गई है। वहीं, एसएसपी ने इस महिला को सरकारी गवाह बनाते हुए बरी कर दिया है।
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