'न्यूज18 इंडिया' के मैनेजिंग एडिटर किशोर अजवानी को इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित समारोह में 'बेस्ट न्यूज प्रेजेंटर' का पुरस्कार प्रदान किया गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
'न्यूज18 इंडिया' का प्राइमटाइम शो 'सौ बात की एक बात' ने 2024 के प्रतिष्ठित एशियन टेलीविजन अवॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए पहला हिंदी न्यूज चैनल बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसे 1996 में अवॉर्ड्स की शुरुआत के बाद से यह मान्यता दी गई है। प्रेस रिलीज की मुताबिक, इस शो के एंकर और 'न्यूज18 इंडिया' के मैनेजिंग एडिटर किशोर अजवानी को इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित समारोह में 'बेस्ट न्यूज प्रेजेंटर' का पुरस्कार प्रदान किया गया।
एशियन टेलीविजन अवॉर्ड्स एशिया की टेलीविजन इंडस्ट्री में उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं और इसे सेलिब्रेट करते हैं। इन अवॉर्ड्स में न्यूज, डॉक्यूमेंट्री, करंट अफेयर्स, ड्रामा, एंटरटेनमेंट और अन्य श्रेणियां शामिल हैं।
हर साल 1,400 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त होती हैं, जिन्हें 10 से अधिक देशों के प्रतिष्ठित जूरी पैनल द्वारा कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजारा जाता है। ये अवॉर्ड्स प्रोग्रामिंग और प्रोडक्शन में उत्कृष्टता के मानक माने जाते हैं। इस वर्ष अवॉर्ड्स समारोह जकार्ता, इंडोनेशिया में आयोजित हुआ, जहां महाद्वीप भर के प्रमुख टेलीविज़न व्यक्तित्व एकत्रित हुए।
किशोर अजवानी द्वारा प्रस्तुत 'सौ बात की एक बात' भारत के आम लोगों द्वारा सामना की जा रही महत्वपूर्ण समस्याओं को उजागर करता है। मानसून के दौरान बाढ़ से प्रभावित स्कूलों से लेकर तीर्थ स्थलों पर बढ़ती वीआईपी संस्कृति तक, यह प्राइम टाइम शो उन मुद्दों पर गहन विश्लेषण और सूचित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है जो पूरे देश के दर्शकों से जुड़ते हैं।
जारी की गई प्रेस रिलीज के मुताबिक, नेटवर्क18 का 'न्यूज18 इंडिया' 13.85% व्युअरशिप शेयर के साथ हिंदी न्यूज चैनलों में नंबर एक है। (स्रोत: BARC | Mkt: HSM, न्यूज़ जॉनर | TG: 15+ | सप्ताह 39’24)। एशियन टेलीविजन अवॉर्ड्स में मिली यह मान्यता चैनल की हिंदी पत्रकारिता में निर्णायक आवाज के रूप में भूमिका को और सशक्त बनाती है। यह सख्त रिपोर्टिंग और वास्तविक समस्याओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
समाचार4मीडिया से बातचीत में अनुराग द्वारी ने बताया कि फिलहाल वह कुछ समय का ब्रेक लेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद वह अपनी नई पारी शुरू करेंगे और तब इसके बारे में बताएंगे।
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Samachar4media Bureau
वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी (Anurag Dwary) ने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) से इस्तीफा दे दिया है। वह करीब दो दशक से इस संस्थान के साथ जुड़े हुए थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में अनुराग द्वारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले ही इस्तीफा दे दिया था और फिलहाल वह नोटिस पीरियड पर हैं।
अपनी अगली पारी के बारे में पूछे जाने पर अनुराग द्वारी ने बताया कि फिलहाल वह कुछ समय का ब्रेक लेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद वह अपनी नई पारी शुरू करेंगे और उस समय इसके बारे में बताएंगे।
मूल रूप से देवघर (झारखंड) के रहने वाले अनुराग द्वारी को मीडिया में काम करने का करीब ढाई दशक का अनुभव है। NDTV में वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एग्जिक्यूटिव एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पिछले करीब 10 वर्षों से वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, शासन, सामाजिक मुद्दों और जमीनी बदलावों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते रहे हैं।
पत्रकारिता में उनके काम को रामनाथ गोयनका अवॉर्ड और रेड इंक अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी पहचान गहरी फील्ड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग के लिए रही है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी संभालने से पहले अनुराग द्वारी ने करीब एक दशक महाराष्ट्र में रिपोर्टिंग की। इस दौरान उन्होंने चुनाव, आतंकी हमले, हाईकोर्ट, राजनीति और सामाजिक आंदोलनों को कवर किया। उन्होंने गुजरात, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों के चुनावों की भी रिपोर्टिंग की है।
अनुराग द्वारी ने देश की कई बड़ी खबरों के साथ अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट भी कवर किए हैं। उन्होंने श्रीलंका में क्रिकेट वर्ल्ड कप की रिपोर्टिंग की। NDTV की ‘मॉनसून एक्सप्रेस’ जैसी सीरीज के दौरान उन्होंने करीब दो महीने तक नॉर्थ ईस्ट से पंजाब तक सड़क यात्रा की और देश के अलग-अलग हिस्सों से रिपोर्टिंग की। उन्होंने अमिताभ बच्चन और मनोज बाजपेयी जैसे अभिनेताओं पर NDTV के कई विशेष कार्यक्रमों की स्क्रिप्ट भी लिखी है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के AJK Mass Communication Research Centre से Development Communication में मास्टर डिग्री हासिल की है। पूर्व में वह PTI, Star News और BBC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी काम कर चुके हैं।
प्रसार भारती डायरेक्ट-टू-मोबाइल तकनीक के कमर्शियल रोलआउट के लिए अगले महीने आरएफपी जारी कर सकता है, जिससे बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क लाइव टीवी और अन्य मल्टीमीडिया कंटेंट मोबाइल पर उपलब्ध होगा।
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जल्द ही मोबाइल फोन पर बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के लाइव टीवी देखा जा सकेगा। सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती (Prasar Bharati) डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) प्रसारण के कमर्शियल रोलआउट के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (Request for Proposal) जारी करने की तैयारी में है।
एक्सचेंज4मीडिया (Exchange4Media) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसार भारती अगले महीने आरएफपी जारी कर सकता है। इससे डी2एम तकनीक को ट्रायल से आगे ले जाकर बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा। हालांकि, इसकी सटीक टाइमलाइन फिलहाल स्पष्ट नहीं है। टेक्नोलॉजी वैलिडेशन टेस्ट में तेजस नेटवर्क्स (Tejas Networks) द्वारा विकसित उपकरणों को सरकारी समीक्षा में मंजूरी मिलने के बाद योजना ने रफ्तार पकड़ी है।
डी2एम तकनीक के जरिए मोबाइल फोन पर बिना सेल्युलर कनेक्शन के लाइव टीवी, ऑडियो, न्यूज अपडेट और इमरजेंसी अलर्ट भेजे जा सकते हैं। यह कॉल या इंटरनेट के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं करती। इसकी कार्यप्रणाली कुछ हद तक स्मार्टफोन में एफएम रेडियो जैसी है, जहां रिसीवर रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करता है।
फिलहाल इस तकनीक का इस्तेमाल मुख्य रूप से नागरिकों तक इमरजेंसी अलर्ट पहुंचाने के लिए किया जाता है। कमर्शियल रोलआउट के बाद लाइव न्यूज, स्पोर्ट्स और अन्य मल्टीमीडिया कंटेंट भी मोबाइल पर उपलब्ध कराया जा सकता है। कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले इलाकों में डी2एम उपयोगी साबित हो सकती है।
डी2एम मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं है, इसलिए इसके लिए मोबाइल डेटा खर्च करने की जरूरत भी नहीं होगी। इससे मोबाइल डेटा नेटवर्क पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक निजी टेलीकॉम कंपनियों ने डी2एम को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि इसका असर उनके कारोबार पर पड़ सकता है।
प्रसार भारती और आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) की ओर से किए गए अध्ययनों में पाया गया कि 470-582 मेगाहर्ट्ज बैंड में डी2एम प्रसारण से सेल्युलर नेटवर्क में हानिकारक हस्तक्षेप नहीं होता और न ही स्मार्टफोन में असामान्य गर्मी पैदा होती है।
प्रसार भारती, आईआईटी कानपुर और सांख्य लैब्स (Saankhya Labs), जो अब तेजस नेटवर्क्स का हिस्सा है, 19 से ज्यादा शहरों में डी2एम ट्रायल कर चुके हैं। दिल्ली और बेंगलुरु में शुरुआती प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (Proof of Concept) प्रदर्शन में भी मल्टीमीडिया कंटेंट को सीधे मोबाइल डिवाइस तक पहुंचाने की क्षमता दिखाई गई थी। ईवाई (EY) की एक रिपोर्ट ने देशभर में डी2एम लागू करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (Public-Private Partnership) मॉडल और लंबे समय के व्यावसायिक ढांचे की सिफारिश की है।
हालांकि, बड़े स्तर पर डी2एम रोलआउट के सामने हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चुनौतियां भी हैं। आईआईटी कानपुर के 2022 के रोडमैप के मुताबिक, मौजूदा ज्यादातर मोबाइल डिवाइस डी2एम को सपोर्ट नहीं करते, क्योंकि इसके लिए एटीएससी 3.0 (ATSC 3.0) मानक की जरूरत होती है। इसके लिए अलग बेसबैंड प्रोसेसिंग यूनिट के साथ एंटीना, लो-नॉइज एम्प्लीफायर, बेसबैंड फिल्टर और रिसीवर की जरूरत होगी। मौजूदा नेटवर्क ढांचा भी बड़े स्तर पर डी2एम प्रसारण के लिए तैयार नहीं है और इसके लिए ज्यादा संख्या में टेरेस्ट्रियल टावर लगाने पड़ सकते हैं।
सरकार डी2एम को देश में टीवी की पहुंच से जुड़ी कमी दूर करने के संभावित माध्यम के तौर पर भी देख रही है। आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, भारत के करीब 28 करोड़ परिवारों में से लगभग 19 करोड़ परिवारों के पास टीवी सेवाओं की पहुंच है, जबकि करीब 9 करोड़ परिवार इससे बाहर हैं। देश में मोबाइल डिवाइस की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रस्तावित आरएफपी इस अंतर को कम करने की दिशा में मदद कर सकता है।
उनकी यह नियुक्ति एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। बता दें कि CJ International Hotels Limited के पास लग्जरी होटल ली मेरिडियन नई दिल्ली का स्वामित्व है।
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सीनियर मीडिया प्रोफेशनल सहर ज़मान (Sahar Zaman) CJ International Hotels Limited के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल हो गई हैं। उनकी यह नियुक्ति एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। बता दें कि CJ International Hotels Limited के पास लग्जरी होटल ली मेरिडियन नई दिल्ली का स्वामित्व है।
दो दशक से ज्यादा समय से न्यूज मीडिया, संस्कृति और Orange Economy के क्षेत्र में सक्रिय सहर ज़मान पत्रकार, Hunar TV की फाउंडर डायरेक्टर और आर्ट्स क्यूरेटर हैं। माना जा रहा है कि अपनी इस भूमिका में मीडिया और संस्कृति के क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव के साथ वह कॉरपोरेट गवर्नेंस में पब्लिक इंटरेस्ट और स्वतंत्र सोच का एक अलग नजरिया लेकर आएंगी।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कॉरपोरेट बोर्ड्स भविष्य की ब्रैंड स्ट्रैटेजी और कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े अनुभवी लीडर्स को अपने साथ जोड़ रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में स्थित Le Méridien New Delhi दिल्ली के प्रमुख फाइव-स्टार हॉस्पिटैलिटी लैंडमार्क्स में शामिल है। सहर ज़मान की मार्केट ट्रेंड्स और भारत के तेजी से बढ़ते कल्चरल सेक्टर की व्यापक समझ से बोर्ड की ग्रोथ इनिशिएटिव्स और स्ट्रैटेजिक ओवरसाइट को मूल्य मिलने की उम्मीद है।
गुंटास रंधावा ने रेकिट में रीजनल मार्केटिंग डायरेक्टर, हेल्थ, साउथ एशिया के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह यूनिलीवर में 17 साल तक विभिन्न वरिष्ठ पदों पर रहीं।
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गुंटास रंधावा (Guntas Randhawa) ने रेकिट (Reckitt) में रीजनल मार्केटिंग डायरेक्टर, हेल्थ, साउथ एशिया (Regional Marketing Director, Health, South Asia) के पद पर जॉइन किया है। इसकी जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए साझा की।
रंधावा ने अपनी पोस्ट में कहा, “मैं यह साझा करते हुए बेहद उत्साहित हूं कि मैंने रेकिट में रीजनल मार्केटिंग डायरेक्टर, हेल्थ, साउथ एशिया के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे ब्रांड्स के साथ काम करना मेरे लिए खास मौका है, जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। इनमें डेटॉल (Dettol), ड्यूरेक्स (Durex), मूव (Moov), स्ट्रेप्सिल्स (Strepsils) और गैविस्कॉन (Gaviscon) जैसे कई ओवर-द-काउंटर (OTC) ब्रांड शामिल हैं।”
रंधावा ने हाल ही में यूनिलीवर (Unilever) में 17 साल का लंबा कार्यकाल पूरा करने के बाद कंपनी से विदाई ली थी। इससे पहले वह हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) में इंडिया हेड- विटामिन्स, मिनरल्स एंड सप्लीमेंट्स (India Head- Vitamins, Minerals and Supplements) की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
रंधावा ने 2009 में यूनिलीवर के साथ बिजनेस लीडरशिप ट्रेनी (Business Leadership Trainee) के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। करीब 17 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी में कई वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं।
वर्जीनिया शर्मा को Salesforce में Missionforce की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त किया गया है।
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वर्जीनिया शर्मा को Salesforce में Missionforce की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त किया गया है। वर्जीनिया शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर इस नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की है।
नई भूमिका को लेकर उत्साह जाहिर करते हुए वर्जीनिया शर्मा ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह Salesforce में Missionforce की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के तौर पर अपनी नई पारी शुरू कर रही हैं।
Salesforce से जुड़ने से पहले वर्जीनिया शर्मा Google में Head of Brand and Product Marketing, Public Sector के पद पर कार्यरत थीं। वह चार साल से अधिक समय तक Google के साथ रहीं।
वर्जीनिया शर्मा ने मार्च 2022 में Google के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी। उस समय उन्होंने Head of Marketing Cloud India की जिम्मेदारी संभाली थी।
Google से पहले वर्जीनिया शर्मा JioSaavn में वाइस प्रेजिडेंट (Brand Solutions) के पद पर कार्य कर चुकी हैं।
आज दानिश खान का जन्मदिन है। मीडिया प्लानिंग, मार्केटिंग, प्रोग्रामिंग और एंटरटेनमेंट बिजनेस में काम करते हुए उन्होंने भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों को करीब से देखा है।
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आज दानिश खान का जन्मदिन है। इस मौके पर समाचार4मीडिया ने उनके दो दशक से ज्यादा लंबे करियर पर नजर डाली। मीडिया प्लानिंग, मार्केटिंग, प्रोग्रामिंग और एंटरटेनमेंट बिजनेस में काम करते हुए उन्होंने भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों को करीब से देखा है।
दानिश खान का करियर ऐसे दौर में आगे बढ़ा, जब टेलीविजन पर किसी खास समय पर आने वाले कार्यक्रम यानी अपॉइंटमेंट टेलीविजन की मजबूत पकड़ थी। इसके बाद मनोरंजन की दुनिया में स्ट्रीमिंग का प्रभाव बढ़ा। खान के करियर में इन दोनों दौरों की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मीडियाकॉम इंडिया से की, जहां उन्होंने 2000 से 2002 के बीच सीनियर मैनेजर, स्ट्रैटेजिक मीडिया प्लानिंग के तौर पर काम किया।
सितंबर 2002 में वह सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन से जुड़े। यहां से उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हुआ। सोनी में अपने शुरुआती करीब एक दशक के दौरान उन्होंने सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभाली।
इस भूमिका में उनका काम प्रोग्रामिंग, चैनल की पहचान बनाने और दर्शकों से जुड़ने जैसे क्षेत्रों से जुड़ा रहा। इससे उन्हें यह समझने का अनुभव मिला कि मनोरंजन चैनल दर्शकों का ध्यान अपनी ओर कैसे खींचते हैं। दिसंबर 2012 में दानिश खान स्टार इंडिया से जुड़े और प्रोग्रामिंग हेड की जिम्मेदारी संभाली। इस भूमिका के साथ उनका काम मार्केटिंग से आगे बढ़कर कंटेंट और प्रोग्रामिंग तक पहुंचा। सितंबर 2015 में उन्होंने एक बार फिर सोनी में वापसी की। इस बार वह एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड बने। इसके बाद उनका काम टेलीविजन के साथ-साथ प्रोडक्शन और डिजिटल एंटरटेनमेंट तक फैलता गया।
सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन में उनके कार्यकाल के दौरान ‘द कपिल शर्मा शो’, ‘कौन बनेगा करोड़पति’, ‘सुपर डांसर’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे शो उनके काम से जुड़े रहे। बाद में उनकी जिम्मेदारियां सोनीलिव और स्टूडियो नेक्स्ट तक भी पहुंचीं। उन्होंने सोनीलिव के दोबारा लॉन्च और विस्तार की प्रक्रिया में भूमिका निभाई। वहीं, स्टूडियो नेक्स्ट को स्थापित करने में भी उनका योगदान रहा। स्टूडियो नेक्स्ट से ‘शार्क टैंक’ और ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ जैसे प्रोजेक्ट जुड़े रहे।
अक्टूबर 2019 से दानिश खान ने सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन, सोनीलिव और स्टूडियो नेक्स्ट के ईवीपी और बिजनेस हेड के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। मई 2023 में उनकी जिम्मेदारी बदलकर सोनीलिव और स्टूडियो नेक्स्ट तक सीमित हो गई। उन्होंने यह भूमिका मार्च 2026 तक संभाली।
दानिश खान के करियर की खास बात यह रही कि उन्होंने मीडिया इंडस्ट्री के अलग-अलग हिस्सों में काम किया। मीडिया प्लानिंग ने उन्हें दर्शकों तक पहुंचने की समझ दी, मार्केटिंग ने ब्रैंड बनाने का अनुभव दिया और प्रोग्रामिंग ने दर्शकों के लिए कंटेंट चुनने की जिम्मेदारी से जोड़ा। बाद की नेतृत्व भूमिकाओं में इन सभी अनुभवों को टेलीविजन, स्ट्रीमिंग और डिजिटल एंटरटेनमेंट जैसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल करने का मौका मिला।
ऐसे समय में जब दर्शकों की पसंद, कंटेंट देखने के तरीके, डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल और बिजनेस की जरूरतें लगातार बदल रही हैं, दानिश खान का करियर भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री में आए इन बदलावों के साथ आगे बढ़ने की एक लंबी यात्रा को दिखाता है।
सारेगामा इंडिया लिमिटेड ने अपने एक पात्र एम्प्लॉयी को 10,50,000 स्टॉक ऑप्शन देने की मंजूरी दी है।
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Vikas Saxena
सारेगामा इंडिया लिमिटेड ने अपने एक पात्र एम्प्लॉयी को 10,50,000 स्टॉक ऑप्शन देने की मंजूरी दी है। कंपनी ने यह जानकारी 30 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी। ये स्टॉक ऑप्शन कंपनी की सारेगामा एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन स्कीम 2013 के तहत दिए गए हैं।
कंपनी के मुताबिक, इन 10,50,000 ऑप्शंस के जरिए एम्प्लॉयी अधिकतम 10,50,000 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर हासिल कर सकता है। हर ऑप्शन को कंपनी के एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। इन शेयरों की फेस वैल्यू 1 रुपये प्रति शेयर है।
इन स्टॉक ऑप्शंस के लिए एक्सरसाइज प्राइस 496.70 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी के अनुसार यह कीमत ग्रांट की तारीख से पहले के 7 दिनों के औसत क्लोजिंग मार्केट प्राइस के आधार पर तय की गई है। ऑप्शंस की ग्रांट की प्रभावी तारीख 30 सितंबर 2026 है।
कंपनी ने बताया कि ऑप्शंस की वेस्टिंग अवधि कम से कम एक साल होगी। ऑप्शन वेस्ट होने की तारीख से इनका एक्सरसाइज पीरियड शुरू होगा और यह अवधि वेस्टिंग की तारीख से 10 साल से पहले खत्म नहीं होगी।
सारेगामा के अनुसार, इस स्टॉक ऑप्शन स्कीम का संचालन नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) करती है। ऑप्शन देने का फैसला स्कीम में तय पात्रता मानदंड के आधार पर किया जाता है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी इन ऑप्शंस का एक्सरसाइज नहीं हुआ है। इसलिए इनके तहत जारी होने वाले शेयरों से संबंधित डायल्यूटेड अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) फिलहाल लागू नहीं है। इसी तरह ऑप्शंस के एक्सरसाइज से अभी कोई रकम भी हासिल नहीं हुई है।
प्राइम फोकस लिमिटेड (Prime Focus Limited) की 29वीं सालाना आम बैठक (AGM) में कंपनी के सभी 17 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ मंजूर हो गए हैं।
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Vikas Saxena
प्राइम फोकस लिमिटेड (Prime Focus Limited) की 29वीं सालाना आम बैठक (AGM) में कंपनी के सभी 17 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ मंजूर हो गए हैं। बैठक 30 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से हुई।
AGM में कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे डायरेक्टर नरेश मल्होत्रा की दोबारा नियुक्ति को भी मंजूरी मिली।
₹3,000 करोड़ तक फंड जुटाएगी कंपनी
शेयरधारकों ने कंपनी को ₹3,000 करोड़ तक फंड जुटाने का अधिकार देने वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। कंपनी यह रकम एक या एक से ज्यादा माध्यमों से जुटा सकती है। इनमें इक्विटी शेयर, डेट सिक्योरिटीज, नॉन-कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज, शेयर वारंट और अन्य इक्विटी-लिंक्ड सिक्योरिटीज शामिल हैं।
दस्तावेज के मुताबिक फंड जुटाने के लिए QIP, डिपॉजिटरी रिसीट्स, प्रेफरेंशियल इश्यू, राइट्स इश्यू या कानून के तहत उपलब्ध अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह रकम एक या कई चरणों में जुटाई जा सकती है।
DNEG और Brahma AI से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर
AGM में कंपनी के Articles of Association में बदलाव को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा DNEG S.a.r.l. और Brahma AI Holdings Limited के बीच Brahma AI Services India Limited (पहले Prime Focus Technologies Limited) की पूरी हिस्सेदारी के ट्रांसफर से जुड़े मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही Brahma AI Services India Limited की ओर से Prime Focus Technologies Inc. (PFT US) की पूरी हिस्सेदारी DNEG को ट्रांसफर करने से जुड़े रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन को भी मंजूरी मिली।
नमित नरेश मल्होत्रा अब होल-टाइम डायरेक्टर
शेयरधारकों ने नमित नरेश मल्होत्रा के पदनाम को नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर से बदलकर होल-टाइम डायरेक्टर और Key Managerial Personnel करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। उनका कार्यकाल 7 अगस्त 2026 से 6 अगस्त 2029 तक तीन साल का है।
इसके अलावा नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के पारिश्रमिक तथा कंपनी और उसकी विभिन्न सहायक कंपनियों से जुड़े कई मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन को भी मंजूरी दी गई। यह सालाना आम बैठक 30 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई और 1:22 बजे समाप्त हुई।
बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड की 29 सितंबर 2026 को हुई 32वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने तीन अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी।
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Vikas Saxena
बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड की 29 सितंबर 2026 को हुई 32वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने तीन अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें प्रियंका चौधरी का निदेशक पद जारी रखना और कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर शोभा रवि कपूर तथा जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एकता रवि कपूर के पारिश्रमिक से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कंपनी ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि AGM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से हुई। बैठक दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:50 बजे खत्म हुई।
प्रियंका चौधरी का निदेशक पद जारी रहेगा
शेयरधारकों ने प्रियंका चौधरी के कंपनी में नॉन-एग्जिक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बने रहने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल 26 मई 2026 से 25 मई 2031 तक पांच साल का है। कंपनी के मुताबिक, इस दौरान वह रोटेशन के आधार पर रिटायर नहीं होंगी।
प्रियंका चौधरी Reliance Industries में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं। वह वर्तमान में Jio Studios में चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर (COO) और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर काम कर रही हैं। उनके पास इंटरनेशनल फाइनेंस और अकाउंटिंग में ग्रेजुएट डिग्रियों के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) और ACCA, UK की योग्यता है।
कंपनी ने बताया कि प्रियंका चौधरी का कंपनी के किसी अन्य निदेशक से कोई पारिवारिक संबंध नहीं है।
शोभा कपूर के पारिश्रमिक को मंजूरी
AGM में शोभा रवि कपूर को मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर उनके बाकी बचे कार्यकाल के लिए पारिश्रमिक देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। यह मंजूरी 10 नवंबर 2026 से 9 नवंबर 2028 तक दो साल की अवधि के लिए है।
कंपनी के मुताबिक, शोभा कपूर ने 1994 में कंपनी की शुरुआत के बाद से उसके कारोबार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। वह कंपनी के ऑपरेशनल मैनेजमेंट, कामकाज की दक्षता और सेट पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी से भी जुड़ी रही हैं।
शोभा कपूर, जीतेंद्र कपूर की पत्नी और एकता रवि कपूर की मां हैं। कंपनी के किसी अन्य निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारी के साथ उनका पारिवारिक संबंध नहीं है।
एकता कपूर के पारिश्रमिक को भी मंजूरी
शेयरधारकों ने कंपनी की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एकता रवि कपूर को उनके बाकी बचे कार्यकाल के लिए पारिश्रमिक देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। यह मंजूरी 10 नवंबर 2026 से 9 नवंबर 2028 तक दो साल की अवधि के लिए है।
कंपनी के अनुसार, एकता कपूर ने भारत के टेलीविजन कंटेंट के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने टेलीविजन कंटेंट की एक नई शैली को आगे बढ़ाया और भारत में सैटेलाइट टेलीविजन के विस्तार के दौर में कंपनी के कई लोकप्रिय शो तैयार किए।
एकता कपूर, जीतेंद्र कपूर और शोभा कपूर की बेटी हैं। कंपनी के किसी अन्य निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारी के साथ उनका पारिवारिक संबंध नहीं है।
श्रीनिवासन के. स्वामी, जो AAAI के पूर्व अध्यक्ष हैं, 2026-27 के लिए AAAI बोर्ड में पदेन सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
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Samachar4media Bureau
रेडिफ्यूजन ब्रैंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप गोयल को विज्ञापन एजेंसियों की संस्था एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) का अध्यक्ष चुना गया है। मुंबई में आयोजित वार्षिक आम बैठक में उन्हें इस पद पर चुना गया, वहीं जयदीप आर गांधी को एसोसिएशन का उपाध्यक्ष चुना गया है।
2026-27 के लिए AAAI बोर्ड में चुने गए अन्य सदस्यों में सैम बालसारा, चेयरमैन एवं एमडी, मैडिसन कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड; प्रियंका चटर्जी, डायरेक्टर, स्टैंडर्ड पब्लिसिटी प्राइवेट लिमिटेड; तान्या गोयल, डायरेक्टर, एवरेस्ट ब्रैंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड; संतोष कुमार, सीओओ, इनोशियन वर्ल्डवाइड कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड; कुणाल ललानी, एमडी, क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड; चंद्रमौली मुथु, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, मैत्री एडवरटाइजिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, कोच्चि; के. श्रीनिवास, मैनेजिंग डायरेक्टर, स्लोका एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद और अजीत वर्गीज, ग्रुप सीईओ, मीडिया एवं ओओएच, प्लेटिनम एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। श्रीनिवासन के. स्वामी, जो AAAI के पूर्व अध्यक्ष हैं, 2026-27 के लिए AAAI बोर्ड में पदेन सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
अध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ. संदीप गोयल ने कहा कि AAAI के सदस्यों ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने विज्ञापन में इनोवेशन को बढ़ावा देने, रचनात्मकता के उच्च मानकों को बनाए रखने और पिछले अध्यक्षों द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष संस्था का लक्ष्य पूरे विज्ञापन और मीडिया इकोसिस्टम को लगातार सहयोग देना होगा, ताकि इंडस्ट्री नई तकनीकों से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपट सके और नए कारोबारी अवसरों का लाभ उठा सके।
डॉ. गोयल ने यह भी कहा कि AAAI का नया बोर्ड अनुभवी और प्रतिभाशाली है और उन्हें विश्वास है कि यह इंडस्ट्री को आगे ले जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष युवा पीढ़ी के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कार्य किए जाएंगे, ताकि वास्तविक संचार समाज के बेहतर भविष्य में योगदान दे सके। बता दें कि डॉ. संदीप गोयल एमबीए, पीएचडी और डी.लिट. हैं। वह रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट, दोनों स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों के चेयरमैन हैं। उन्होंने पिछले 40 वर्षों में HTA (अब VML), त्रिकाया ग्रे (अब WPP का हिस्सा), DDB मुद्रा, रेडिफ्यूजन डेंट्सु और यंग एंड रूबिकैम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ काम किया है।
वह जी टेलीफिल्म्स के पूर्व ग्रुप सीईओ और Dentsu India & Middle East के पूर्व इंडिया JV पार्टनर एवं चेयरमैन भी रहे हैं। डॉ. गोयल Snapchat के इंडिया एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पंजाब सरकार में तीन वर्ष तक प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया है। वह कई किताबें लिख चुके हैं और नियमित रूप से द इकोनॉमिक टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड समेत अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में कॉलम और लेख लिखते हैं।
वहीं, जयदीप आर गांधी ने कहा कि AAAI के उपाध्यक्ष के रूप में दोबारा चुना जाना उनके लिए सम्मान की बात है और यह इंडस्ट्री के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने विज्ञापन में इनोवेशन और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा इंडस्ट्री के विकास में योगदान देने की बात कही।
जयदीप गांधी Another Idea के संस्थापक हैं और 2008 से AAAI से जुड़े हैं। वह 2014 से AAAI के बोर्ड में हैं। उन्होंने Goafest में को-चेयर के रूप में काम किया और 2019 से इसके चेयरमैन हैं। AAAI के अलावा वह IAA India Chapter के बोर्ड सदस्य और Advertising Council of India के STACA Trust के ट्रस्टी हैं। AAAI के अनुसार, मानद सचिव, मानद कोषाध्यक्ष और अन्य को-ऑप्टेड निदेशकों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे। इसके लिए 2026-27 के निर्वाचित बोर्ड सदस्यों की बैठक में एसोसिएशन के नियमों के अनुसार रिक्त पदों को भरा जाएगा।
गौरतलब है कि AAAI इंडस्ट्री द्वारा संचालित और इंडस्ट्री प्रबंधित एक गैर-लाभकारी ट्रेड एसोसिएशन है। इसकी स्थापना 1945 में विज्ञापन एजेंसियों के इंडस्ट्री के हितों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। AAAI के अनुसार, आज इसके सदस्य छोटे, मध्यम और बड़े आकार की बड़ी संख्या में एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मिलकर देश में किए जाने वाले विज्ञापन कारोबार का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।