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NCLT ने 'वायकॉम18' और 'स्टार इंडिया' की विलय योजना को दी मंजूरी
NCLT की मुंबई पीठ से मिली यह मंजूरी डील के पूरा होने की दिशा में पहला कदम है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने रिलायंस इंडस्ट्री (RIL) के स्वामित्व वाली 'वायकॉम18' और 'स्टार इंडिया' के विलय योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। NCLT की मुंबई पीठ से मिली यह मंजूरी डील के पूरा होने की दिशा में पहला कदम है।
पिछले हफ्ते यह खबर आई थी कि वॉल्ट डिज्नी कंपनी (The Walt Disney Company) को उम्मीद है कि वह 2025 की पहली छमाही में 'स्टार इंडिया' (Star India) का 'रिलायंस इंडस्ट्रीज' (Reliance Industries) के साथ विलय पूरा कर लेगी।
एक रेगुटलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने कहा था, “स्टार इंडिया के लेनदेन की प्रक्रिया कैलेंडर वर्ष 2025 की पहली छमाही में क्लोज होने की उम्मीद है, जो नियामक अनुमोदन और सरकारी सहमति सहित प्रथागत समापन शर्तों के अधीन है। यदि 28 फरवरी, 2026 तक समापन नहीं हुआ, तो स्टार इंडिया या रिलायंस इंडस्ट्रीज लेनदेन समाप्त कर सकता है।
इस साल फरवरी में ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ (RIL), वायकॉम18 और ‘वॉल्ट डिज्नी’ ने विलय यानी जॉइंट वेंचर के लिए एक बाध्यकारी समझौते (binding agreement) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत ‘वायकॉम18’ और ‘स्टार इंडिया’ के बिजनेस को आपस में मिला दिया जाएगा।
पोस्ट-मनी बेसिस पर इस जॉइंट वेंचर की ट्रांजैक्शन वैल्यू 70,352 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद जॉइंट वेंचर में 16.34 फीसदी हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास रहेगी, जबकि वायकॉम18 के पास 46.82 फीसदी और डिज्नी के पास 36.84 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी।डिज्नी इस जॉइंट वेंचर में कुछ अतिरिक्त मीडिया संपत्तियों का योगदान भी कर सकता है। डिज्नी इस जॉइंट वेंचर को कंटेंट लाइसेंस भी प्रदान करेगी।
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