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पत्रकार प्रिया रमानी मामले में एमजे अकबर ने कोर्ट में इस बात से किया इनकार
दिल्ली की अदालत में पेश हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। सवाल-जवाब के दौरान एमजे अकबर ने इस बात से इनकार किया कि वे वर्ष 1993 में एक नौकरी के इंटरव्यू के सिलसिले में मुंबई के ओबेराय होटल में प्रिया रमानी से मिले थे। इसके अलावा एमजे अकबर ने इस बात से भी इनकार किया कि उन्होंने होटल के कमरे में प्रिया रमानी को शराब ऑफर की थी और उन दोनों के बीच बातचीत प्रोफेशनल से ज्यादा पर्सनल थी। एमजे अकबर का कहना था, ‘जब प्रिया रमानी से उनकी मुलाकात ही नहीं हुई तो यह कहना गलत है कि उन्होंने रमानी से उनके लेखन कौशल, उनके करंट अफेयर्स ज्ञान आदि के बारे में सवाल पूछे थे।’
बचाव पक्ष ने करीब तीन घंटे तक एमजे अकबर से सवाल किए। इस बीच एमजे अकबर की वकील गीता लूथरा व प्रिया रमानी की वकील रेवेका जॉन के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान कोर्ट रूम में महिला अधिवक्ता समेत बड़ी संख्या में महिला पत्रकार मौजूद थीं। इस मामले में अभी जिरह पूरी नहीं हुई है। कोर्ट ने मामले में अगली तारीख छह जुलाई की दी है।
गौरतलब है कि #MeToo कैंपेन के तहत प्रिया रमानी ने अकबर पर 20 साल पहले उनके साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि अकबर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। अकबर ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद पिछले वर्ष 17 अक्टूबर को विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
पिछले दिनों इस मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि के आरोप तय कर दिए थे। वहीं, प्रिया रमानी ने इस मामले में अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि वह सुनवाई का सामना करेंगी। इस मामले में सोमवार को एमजे अकबर से जिरह हुई।
बता दें कि प्रिया रमानी बतौर पत्रकार एमजे अकबर के साथ काम कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर प्रिया रमानी के इस आरोप के बाद तो एमजे अकबर पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली महिला पत्रकारों की जैसे बाढ़ सी आ गई थी। यह मामला सामने आने के बाद संपादकों की संस्था ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर और तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की सदस्यता निलंबित कर दी थी।
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