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IIT के पूर्व छात्र त्रपित बंसल की चमकी किस्मत, Meta में मिला 854 करोड़ का पैकेज!
आईआईटी-कानपुर के पूर्व छात्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी रिसर्चर्स में शुमार त्रपित बंसल ने Meta के हाल ही में स्थापित सुपरइंटेलिजेंस यूनिट को जॉइन कर लिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
आईआईटी-कानपुर के पूर्व छात्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी रिसर्चर्स में शुमार त्रपित बंसल ने Meta के हाल ही में स्थापित सुपरइंटेलिजेंस यूनिट को जॉइन कर लिया है। बंसल अब मार्क जुकरबर्ग की महत्वाकांक्षी AGI (Artificial General Intelligence) प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन की टिप्पणियों का हवाला देते हुए आई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि त्रपित बंसल उन शीर्ष नियुक्तियों में से हैं, जिन्हें मेटा द्वारा 100 मिलियन डॉलर (लगभग 854.3 करोड़ रुपये) का जॉइनिंग बोनस दिया गया है।।
त्रपित बंसल डीप लर्निंग, लॉजिकल रीजनिंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। बंसल का करियर तकनीक और अकादमिक शोध के दुर्लभ मेल का उदाहरण है। उन्होंने आईआईटी कानपुर से मैथमेटिक्स और स्टैटिस्टिक्स में ग्रेजुएशन किया और बाद में University of Massachusetts Amherst से कंप्यूटर साइंस में PhD की। उनके शोध का फोकस मेटा-लर्निंग और NLP पर रहा।
साल 2012 में उन्होंने गुरुग्राम स्थित Accenture Management Consulting में एनालिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने IISc बेंगलुरु में Bayesian मॉडलिंग और इनफरेंस पर शोध किया। इस दौरान वे Facebook, Google, Microsoft और OpenAI जैसी कंपनियों में इंटर्नशिप कर चुके हैं, जहां उन्होंने डीप लर्निंग, नॉलेज ग्राफ और रिइंफोर्समेंट लर्निंग जैसे क्षेत्रों में काम किया।
2022 में त्रपित बंसल ने OpenAI को फुलटाइम रिसर्चर के तौर पर जॉइन किया, जहां उन्होंने कंपनी के को-फाउंडर इल्या सुत्सकेवर के साथ मिलकर रीजनिंग के लिए रिइंफोर्समेंट लर्निंग पर काम किया। इस दौरान उन्होंने OpenAI के पहले रीजनिंग एआई मॉडल 'o1' को विकसित करने में अहम योगदान दिया, जो बाद में ChatGPT की लॉजिकल कैपेसिटी की नींव बना।
अब बंसल Meta Superintelligence Labs में शामिल हो गए हैं, जिसे जुकरबर्ग ने AGI पर काम के लिए स्थापित किया है। इस लैब का नेतृत्व पूर्व Scale AI CEO अलेक्ज़ेंडर वांग और पूर्व GitHub CEO नैट फ्रीडमैन कर रहे हैं। MSL इन दिनों OpenAI, Anthropic और DeepMind जैसी कंपनियों से टॉप AI रिसर्चर्स को आकर्षक पैकेज पर हायर कर रहा है। Bloomberg और The Wall Street Journal की रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta चार साल के भीतर स्टॉक ऑप्शन और विशाल कंप्यूट एक्सेस समेत $300 मिलियन तक के ऑफर दे रही है। हालांकि बंसल की सैलरी डील सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि उन्हें भी इसी स्तर के प्रोत्साहन मिले होंगे।
इस तरह की हायरिंग ने इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है। हाल ही में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने Meta पर "$100 मिलियन साइनिंग बोनस" देने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने दावा किया कि उनके सर्वश्रेष्ठ रिसर्चरों ने इन ऑफर्स को ठुकरा दिया। फिर भी त्रपित बंसल के साथ-साथ लुकास बेयर, एलेक्ज़ेंडर कोलेसनिकोव, ज़ियाओहुआ झाई, जैक रे और जोहान शाल्कविक जैसे प्रमुख रिसर्चरों के प्रस्थान से लगता है कि Meta का ऑफर काफी आकर्षक साबित हो रहा है।
चूंकि Meta अब तक कोई रीजनिंग-सक्षम AI मॉडल पेश नहीं कर सका है, ऐसे में बंसल की एंट्री को उस खाई को भरने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। ऐसी उम्मीद है कि वे Meta के अगले जनरेशन के LLMs (Large Language Models) को डिज़ाइन और विकसित करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे, ताकि कंपनी OpenAI के o3 और DeepSeek के R1 जैसे मॉडल्स की टक्कर में आ सके।
हालांकि Meta के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने हाई सैलरी पैकेज की खबरों को खारिज किया है, लेकिन इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि ये नियुक्तियां इस बात का संकेत हैं कि Meta किस तेजी और गंभीरता के साथ AGI की दौड़ में आगे निकलने की कोशिश कर रहा है।
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