कार्तिकेय शर्मा ने हरियाणा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एक कांटेदार मुकाबले में सीधे राज्यसभा के लिए निर्वाचित होकर राजनीति में पदार्पण किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
मीडिया दिग्गज कार्तिकेय शर्मा ने मंगलवार को राज्यसभा के नए सदस्य के रूप में शपथ ली है। इस बारे में अपने एक ट्वीट में कार्तिकेय शर्मा ने कहा है, ‘हरियाणा ने जिस उद्देश्य से मुझे संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित किया, उस उद्देश्य को सफल बनाने के लिए और हरियाणा की आवाज को मजबूती से सदन के पटल पर रखने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहूंगा।’
हरियाणा ने जिस उद्देश्य से मुझे संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित किया, उस उद्देश्य को सफल बनाने के लिए और हरियाणा की आवाज को मजबूती से सदन के पटल पर रखने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहूंगा। pic.twitter.com/ssSWhtuKgZ
— Kartik Sharma (@Kartiksharmamp) August 2, 2022
बता दें कि ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर कार्तिकेय शर्मा ने हरियाणा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एक कांटेदार मुकाबले में सीधे राज्यसभा के लिए निर्वाचित होकर राजनीति में पदार्पण किया है।
इस नेटवर्क के तहत हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ (India News) और अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘न्यूजएक्स’ (NewsX) के संचालन के अलावा हिंदी और अंग्रेजी में क्रमश: दो अखबारों ‘आज समाज‘ (Aaj Samaj) और ‘द संडे गार्डियन‘ (The Sunday Guardian) का प्रकाशन किया जाता है।
कार्तिकेय शर्मा सामाजिक सेवाओं में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। वह दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने अपने जीवन में कई कीर्तिमान हासिल किए हैं। 2007 में कार्तिकेय शर्मा ने 'आईटीवी मीडिया' की शुरुआत की। इसके साथ ही 'इंडिया न्यूज' के माध्यम से क्षेत्रीय टीवी चैनलों का एक नेटवर्क भी लॉन्च किया। 2015 आने तक 'इंडिया न्यूज' ने हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड तक अपनी पकड़ बना ली। उसके बाद कार्तिकेय शर्मा ने 'न्यूज एक्स' चैनल लॉन्च किया।
भट्टाचार्य के मुताबिक, इस पद पर करीब पांच साल बिताने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने अखबार के पाठकों से मिले समर्थन और भरोसे के लिए उनका आभार भी जताया है।
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Samachar4media Bureau
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस (The New Indian Express) की एडिटर सांत्वना भट्टाचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। भट्टाचार्य के मुताबिक, इस पद पर करीब पांच साल बिताने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अखबार के पाठकों से मिले समर्थन और भरोसे के लिए उनका आभार भी जताया है।
अपनी पोस्ट में सांत्वना भट्टाचार्य ने अखबार की पत्रकारिता और राष्ट्रीय स्तर पर उसके प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए अखबार के प्रभाव को मापने का एक अहम पैमाना यह रहा कि किस तरह दूसरे न्यूजरूम, चाहे वे नए हों या स्थापित, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबरों और विचारों को आगे बढ़ाते रहे। उनके मुताबिक, यह उस संपादकीय रणनीति का नतीजा था, जिसमें यह सवाल उठाया गया कि राष्ट्रीय कवरेज में किन खबरों को प्रमुखता दी जाती है और किन्हें हाशिये पर छोड़ दिया जाता है।
उन्होंने विश्वसनीय पत्रकारिता के महत्व पर जोर देते हुए लिखा कि पारंपरिक पत्रकारिता आज भी प्रभावी है, बशर्ते खबरें साफ-सुथरे और भरोसेमंद तरीके से पेश की जाएं। उनका मानना है कि ऐसी पत्रकारिता पर सभी पक्ष भरोसा कर सकते हैं।
भट्टाचार्य ने एक महिला के रूप में एक बड़े और स्थापित अखबार की सैकड़ों लोगों की संपादकीय टीम का नेतृत्व करने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बीट रिपोर्टिंग से होते हुए किसी स्थापित अखबार के एडिटर पद तक पहुंचना और इस भूमिका को निभाना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही है। उन्होंने आगे कुछ समय का ब्रेक लेने की योजना भी जताई है।
सांत्वना भट्टाचार्य को वर्ष 2022 में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस का एडिटर नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह इसी समूह में कर्नाटक की रेजिडेंट एडिटर और अखबार की पॉलिटिकल एडिटर के रूप में काम कर चुकी हैं। उनकी पत्रकारिता का अनुभव संसद, चुनाव और सार्वजनिक नीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों की रिपोर्टिंग से जुड़ा रहा है।
Bringing you a significant personal update: I have resigned as Editor of The New Indian Express. Nearly five years on the job. Quite a journey, it was! Taking a ‘south’ paper right into battle with the big boys in the mainstream. Lots to celebrate, analyse and reflect over. But first of all, thank you to everyone who followed my work during this passage. Performance is often lonely work, and one thinks of the collective out there—a reading, thinking public. Then it always makes sense. It’s gratifying that good, old-fashioned journalism still works excellently if you produce clean, credible work. It turns out that all sides can trust it. That may sound like a general axiomatic truth, but I have had the tough privilege of testing it in highly fraught and polarised times. Not an easy job, I can assure you. How do I measure that trust? Well, I look at the sheer number of story leads and ideas that the TNIE put out and everyone else followed — from startups to big players. There’s even a Netflix docu out there! Becoming a kind of primary source for every part of the media was silent endorsement. Buy me good coffee, and I may tell you some stories :)) I have reason to think this was an outcome of a specific strategy, of playing with the notion of ‘centre’ and ‘periphery’ in our news universe. It was a gigantic operation, with an editorial team that ran into the hundreds. Managing that as a woman editor, perhaps the first in India to rise from beat journalism to the editorship of a legacy organisation, was a rare privilege. And full of lessons. Closing that chapter is a full-time job right now. The next one, right now, is some R&R! #Media #Journalism #NewsMedia #IndianMedia
— santwanabhattacharya (@santwana99) November 6, 2026
प्रिंस मिश्रा को फिल्मों, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी क्षेत्र में 14 साल से ज्यादा का अनुभव है। ZEE5 से जुड़ने से पहले वह प्राइम वीडियो के साथ काम कर रहे थे।
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Samachar4media Bureau
ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 ने प्रिंस मिश्रा को सीनियर वाइस प्रेजिडेंट-क्रिएटिव के पद पर नियुक्त किया है। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब ZEE5 अपने ब्रैंड और कंटेंट को दर्शकों के बीच और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
प्रिंस मिश्रा को फिल्मों, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी के क्षेत्र में 14 साल से ज्यादा का अनुभव है। ZEE5 से जुड़ने से पहले वह प्राइम वीडियो (Prime Video) के साथ काम कर रहे थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्रिएटिव स्ट्रैटेजी, ब्रैंड बिल्डिंग और कंटेंट मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया है। उन्हें कंटेंट लॉन्च और इंटीग्रेटेड कैंपेन से जुड़ा भी अनुभव है।
ZEE5 में अपनी नई भूमिका के तहत प्रिंस मिश्रा का मुख्य फोकस प्लेटफॉर्म की ब्रैंड पहचान और उसकी पेशकश को और मजबूत करना होगा। इसके साथ ही वह दर्शकों के बीच प्लेटफॉर्म के प्रति जुड़ाव बढ़ाने और ZEE5 के विविध कंटेंट पोर्टफोलियो को दर्शकों से बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में काम करेंगे।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ZEE5 अपनी ग्रोथ के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में प्रिंस मिश्रा की भूमिका प्लेटफॉर्म की ब्रैंड स्ट्रैटेजी को मजबूती देने, दर्शकों के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने और उसके कंटेंट को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने पर केंद्रित रहेगी।
2013 के गोवा दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को सुनाई थी 10 साल के सश्रम कारावास की सजा, सुप्रीम कोर्ट में दी थी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती
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तहलका (Tehelka) मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल (Tarun Tejpal) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने 2013 के गोवा दुष्कर्म मामले में उनकी 10 साल की सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद तेजपाल को फिलहाल अपनी सजा से राहत नहीं मिल सकी है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ कर रही थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने रिकॉर्ड पर मौजूद ईमेल, संदेशों और अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद इसे सजा निलंबित करने के लिए उपयुक्त मामला नहीं माना। तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पैरवी कर रहे थे, जबकि गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा।
दरअसल, तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2013 के दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी दोषसिद्धि और सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। तेजपाल ने सजा निलंबित करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। वहीं, गोवा सरकार ने भी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए तेजपाल की सजा बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की है।
ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी, हाई कोर्ट ने पलटा फैसला: इस मामले में तरुण तेजपाल को पहले ट्रायल कोर्ट से राहत मिल गई थी। गोवा के मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने मई 2021 में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था। अदालत का कहना था कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों पर भरोसा जताया था। अदालत ने आरोपों को जबरन वसूली या चरित्र हनन के मकसद से लगाए जाने की दलील को भी स्वीकार नहीं किया था।
नवंबर 2013 में हुई थी गिरफ्तारी: यह मामला नवंबर 2013 का है। आरोप था कि गोवा में तहलका मैगजीन के एक कार्यक्रम के दौरान तरुण तेजपाल ने अपनी एक जूनियर महिला सहकर्मी का होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न किया था। इस मामले में उन्हें नवंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने से पहले उन्हें कई सप्ताह तक हिरासत में रहना पड़ा था।
बॉम्बे हाई कोर्ट से सजा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए समय दिया था। इसके बाद 14 सितंबर 2026 को तेजपाल ने गोवा के मापुसा स्थित अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले स्थित केंद्रीय कारागार भेज दिया गया था।
दीवाली पर घर जाने के लिए भी मांगी थी अनुमति: इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दीवाली के मौके पर उन्हें जेल से बाहर जाने की अनुमति देने की मांग की थी। उन्होंने अदालत से कहा था कि गोवा सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया जा सकता है, लेकिन तेजपाल को दीवाली पर घर जाने की अनुमति मिलनी चाहिए।
हालांकि, गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मांग का विरोध किया था। इसके बाद अदालत ने उन्हें दीवाली के दौरान अंतरिम रिहाई देने से इनकार कर दिया था। अब 6 नवंबर को सजा निलंबित करने की याचिका भी खारिज होने से तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है।
अंग्रेजी अखबार The Hindu और The Indian Express के बीच अभिनेता रिशिकांत (Rishikanth) के इंटरव्यू और उनकी तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया है।
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अंग्रेजी अखबार The Hindu और The Indian Express के बीच अभिनेता रिशिकांत (Rishikanth) के इंटरव्यू और उनकी तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले में The Indian Express Digital के सीईओ नंदगोपाल राजन (Nandagopal Rajan) ने तस्वीर के इस्तेमाल में हुई गलती स्वीकार करते हुए खेद जताया है।
एक्सचेंज4मीडिया से बातचीत में राजन ने कहा कि The Indian Express पत्रकारिता के उच्चतम मानकों के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, इंटरव्यू में दिए गए बयानों का श्रेय The Hindu को दिया गया था, लेकिन अभिनेता रिशिकांत की वह तस्वीर इस्तेमाल करना गलत था, जिसे The Hindu के फोटोग्राफर थमोधरन (Thamodharan) ने खींचा था। उन्होंने इसे एक चूक बताते हुए कहा कि इस गलती को अब सुधार लिया गया है।
दरअसल, The Hindu ने 3 नवंबर को तमिल अभिनेता रिशिकांत का इंटरव्यू प्रकाशित किया था। यह इंटरव्यू पत्रकार श्रीनिवास रामानुजम (Srinivasa Ramanujam) ने अखबार के चेन्नई ऑफिस में लिया था, जबकि अभिनेता की तस्वीर स्टाफ फोटोग्राफर थमोधरन बी ने खींची थी। इसके अगले दिन The Indian Express के एंटरटेनमेंट वर्टिकल 'स्क्रीन' (Screen) पर भी इस इंटरव्यू से जुड़ा एक आर्टिकल प्रकाशित हुआ।
5 नवंबर को The Hindu ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि 'स्क्रीन' ने उसके इंटरव्यू के बड़े हिस्से को दोबारा लिखकर प्रकाशित किया और साथ में खींची गई तस्वीर का इस्तेमाल बिना अनुमति और क्रेडिट दिए किया।
विवाद सामने आने के बाद 'स्क्रीन' ने अपने आर्टिकल की मुख्य तस्वीर बदल दी है। अब वहां रिशिकांत के इंस्टाग्राम अकाउंट से ली गई तस्वीर इस्तेमाल की गई है। साथ ही, अपडेट किए गए आर्टिकल में The Indian Express की ओर से एक नोट भी जोड़ा गया है, जिसमें फोटोग्राफर थमोधरन की तस्वीर इस्तेमाल करने पर खेद जताया गया है।
मृदुल शर्मा को वर्ष 2020 में एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स (enba) की ओर से 'यंग प्रोफेशनल ऑफ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
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सीनियर न्यूज एंकर मृदुल शर्मा ने हिंदी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ (Republic Bharat) से इस्तीफा दे दिया है। वह इस चैनल के लोकप्रिय प्राइम टाइम शो ‘ये भारत की बात है’ (Yeh Bharat Ki Baat Hai) को होस्ट करते थे।
अपने राष्ट्रवादी रुख और पैनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मृदुल शर्मा पहले भी इस शो को होस्ट कर चुके थे। इसके अलावा, पूर्व में वह ‘रिपब्लिक भारत’ पर ‘न्यूज का एक्स-रे’ (News Ka X Ray) शो भी कर चुके हैं।
समाचार4मीडिया से बातचीत में मृदुल शर्मा ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। नई पारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह जल्द ही जॉइन कर इसके बारे में बताएंगे। वहीं, विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो वह ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) के साथ अपनी पारी शुरू कर सकते हैं और यहां रात नौ बजे का शो कर सकते हैं। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि मृदुल शर्मा नवंबर 2021 से ‘रिपब्लिक भारत’ से जुड़े हुए थे। इससे पहले वह जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड में एंकर कम असिस्टेंट प्रोड्यूसर और एंकर प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्होंने बंसल न्यूज और आईएनडी 24 न्यूज चैनल में भी न्यूज एंकर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
मृदुल शर्मा को वर्ष 2020 में एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स (enba) की ओर से 'यंग प्रोफेशनल ऑफ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। समाचार4मीडिया की ओर से मृदुल शर्मा को उनकी आगामी पारी के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।
मीडिया कंपनी HT Media ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड आधार पर 35.94 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है।
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Vikas Saxena
मीडिया कंपनी HT Media ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड आधार पर 35.94 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 4.34 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। कंपनी ने 5 नवंबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में अपने दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए।
कंपनी के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 441.59 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 430.86 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें करीब 2.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय 501.71 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 477.76 करोड़ रुपये थी।
इस दौरान कंपनी के जारी कारोबार (Continuing Operations) का EBITDA बढ़कर 87.58 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 69.58 करोड़ रुपये था। जारी कारोबार से कंपनी का शुद्ध मुनाफा 39.41 करोड़ रुपये रहा। वहीं, बंद कारोबार (Discontinued Operations) से 3.47 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया। इसके बाद कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 35.94 करोड़ रुपये रहा।
पहली छमाही में भी मुनाफे में रही कंपनी
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान HT Media का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 878.89 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 824.62 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें करीब 6.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
पहली छमाही में कंपनी का EBITDA 177.54 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 97.37 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। इस दौरान कंपनी ने 79.45 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में उसे 15.71 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
प्रिंट कारोबार से मिला सबसे ज्यादा रेवेन्यू
सेगमेंट के आधार पर देखें तो दूसरी तिमाही में प्रिंट कारोबार से कंपनी को 385.75 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला। इस सेगमेंट का परिणाम 21.84 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेडियो कारोबार से 24.88 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया, जबकि इस सेगमेंट को 2.10 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
डिजिटल कारोबार का रेवेन्यू 28.23 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 40.25 करोड़ रुपये से कम है। हालांकि, इस बार डिजिटल सेगमेंट ने 61 लाख रुपये का सेगमेंट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे 1.33 करोड़ रुपये का सेगमेंट लॉस हुआ था।
स्टैंडअलोन नतीजों में घाटा जारी
कंसोलिडेटेड नतीजों के उलट कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजे दूसरी तिमाही में घाटे में रहे। इस दौरान स्टैंडअलोन आधार पर ऑपरेशंस से रेवेन्यू 243.54 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 244.42 करोड़ रुपये था। कंपनी को दूसरी तिमाही में 15.93 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह घाटा 51.11 करोड़ रुपये था।
गौरतलब है कि HT Media ने OTTplay का कारोबार 31 मार्च 2026 से बंद कर दिया था। कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों में बंद कारोबार से जुड़ा घाटा भी शामिल है।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एक नया ढांचा तैयार करने की सिफारिश की है।
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Samachar4media Bureau
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एक नया ढांचा तैयार करने की सिफारिश की है। इसके तहत सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क प्रोवाइडर के लिए अलग से ऑथराइजेशन शुरू करने और स्पेक्ट्रम आवंटन के नियम तय करने का प्रस्ताव दिया गया है। खास बात यह है कि TRAI ने सैटेलाइट के जरिए सीधे मोबाइल फोन पर कनेक्टिविटी (Direct-to-Device यानी D2D) सेवाओं को भी मंजूरी देने की सिफारिश की है।
TRAI ने 5 नवंबर 2026 को 'Framework for Satellite Communication Network Provider Authorisation and Assignment of Spectrum to Satellite Communication Network Providers' पर अपनी सिफारिशें जारी की हैं। ये सिफारिशें दूरसंचार विभाग (DoT) के अनुरोध पर तैयार की गई हैं।
सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर के लिए अलग ऑथराइजेशन
TRAI ने टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट, 2023 के तहत 'सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क प्रोवाइडर ऑथराइजेशन' नाम से एक नई कैटेगरी शुरू करने की सिफारिश की है। इसके तहत अधिकृत कंपनियां टेलीकॉम सर्विस देने वाली कंपनियों को सैटेलाइट नेटवर्क की सुविधा सर्विस के तौर पर उपलब्ध करा सकेंगी। इसे Satellite Communication Network as a Service (SCNaaS) कहा गया है।
हालांकि, इस ऑथराइजेशन के तहत कंपनियां सीधे ग्राहकों को टेलीकॉम सेवाएं नहीं दे सकेंगी। उन्हें अधिकृत सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर काम करना होगा।
इस ऑथराइजेशन की अवधि अधिकतम 20 साल रखने और इसे 20 साल तक के लिए रिन्यू करने की सुविधा देने का प्रस्ताव है। इसके तहत फिक्स्ड सैटेलाइट सर्विस (FSS), मोबाइल सैटेलाइट सर्विस (MSS) और सैटेलाइट के जरिए डायरेक्ट-टू-डिवाइस (D2D) सेवाएं देने की अनुमति देने की सिफारिश की गई है।
सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए क्या है प्रस्ताव?
TRAI ने सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर्स को फीडर लिंक और यूजर लिंक, दोनों के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन लेने की अनुमति देने की सिफारिश की है। फीडर लिंक के लिए FSS स्पेक्ट्रम का आवंटन प्रशासनिक आधार पर करने का प्रस्ताव है। वहीं, यूजर लिंक के लिए FSS और/या MSS स्पेक्ट्रम दिया जा सकेगा।
स्पेक्ट्रम आवंटन की अवधि अधिकतम पांच साल रखने की सिफारिश की गई है। बाजार की स्थिति को देखते हुए सरकार इसे दो साल तक और बढ़ा सकती है। यानी कुल मिलाकर सात साल तक की अवधि हो सकती है।
TRAI ने अलग-अलग सैटेलाइट सेवाओं के लिए C, Ku, Ka, Q/V, L और S बैंड में स्पेक्ट्रम आवंटन का प्रस्ताव दिया है। यह आवंटन नेशनल फ्रीक्वेंसी एलोकेशन प्लान (NFAP) 2025 के प्रावधानों के अनुरूप होगा।
मोबाइल पर सीधे सैटेलाइट कनेक्टिविटी का रास्ता खुलेगा
TRAI ने मोबाइल फोन पर सीधे सैटेलाइट के जरिए कनेक्टिविटी देने वाली D2D सेवाओं को भी बढ़ावा देने की सिफारिश की है। इसके तहत MSS स्पेक्ट्रम के L और S बैंड का इस्तेमाल करके ऐसी सेवाएं भारत में शुरू की जा सकेंगी।
इसके अलावा, TRAI ने IMT स्पेक्ट्रम के जरिए भी सैटेलाइट आधारित D2D सेवाओं की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए वर्ल्ड रेडियो कम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस (WRC-2027) के फैसले का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, ये सेवाएं बिना किसी दूसरे नेटवर्क में हस्तक्षेप किए और बिना किसी विशेष सुरक्षा के आधार पर संचालित होंगी।
TRAI ने इस सेवा के लिए 600 MHz, 700 MHz, 800 MHz, 900 MHz, 1800 MHz और 2100 MHz बैंड के इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश की है।
IMT आधारित D2D सेवाएं देने के लिए संबंधित एक्सेस सर्विस प्रोवाइडर्स की सहमति जरूरी होगी। देश के सभी 22 लाइसेंस प्राप्त सर्विस एरिया में संबंधित IMT फ्रीक्वेंसी चैनल का आवंटन रखने वाली एक या अधिक कंपनियों को इसके इस्तेमाल की अनुमति देनी होगी।
TRAI ने यह भी सिफारिश की है कि भविष्य में भारत में बिकने वाले स्मार्टफोन में ऐसे जरूरी मॉड्यूल शामिल करने के लिए हैंडसेट निर्माताओं को प्रोत्साहित किया जाए, जो MSS के संबंधित बैंड को सपोर्ट कर सकें।
ऑथराइजेशन फीस और स्पेक्ट्रम चार्ज कितना होगा?
TRAI ने सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियों के लिए ऑथराइजेशन फीस एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का 8% रखने की सिफारिश की है। इसके लिए कोई न्यूनतम ऑथराइजेशन फीस नहीं होगी।
वहीं, सरकार की ओर से आवंटित FSS और MSS स्पेक्ट्रम पर सालाना न्यूनतम 3,500 रुपये प्रति MHz का स्पेक्ट्रम चार्ज लगाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर ऑथराइजेशन के लिए एंट्री फीस 37.50 लाख रुपये, शुरुआती बैंक गारंटी 45 लाख रुपये, न्यूनतम इक्विटी 60 लाख रुपये और न्यूनतम नेटवर्थ 60 लाख रुपये रखने की सिफारिश की गई है। एप्लीकेशन प्रोसेसिंग फीस 10,000 रुपये प्रस्तावित है।
क्यों अहम हैं ये सिफारिशें?
TRAI का मानना है कि इस नए ढांचे से देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन का मजबूत और प्रतिस्पर्धी इकोसिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी। SCNaaS मॉडल के जरिए टेलीकॉम कंपनियों को सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल करने में ज्यादा लचीलापन मिलेगा। साथ ही, MSS और IMT स्पेक्ट्रम के जरिए D2D कनेक्टिविटी जैसी नई सेवाओं को बढ़ावा मिल सकेगा।
TRAI ने ये सिफारिशें अपनी वेबसाइट पर जारी की हैं। हालांकि, ये अभी नियामक की सिफारिशें हैं। इन पर आगे केंद्र सरकार को फैसला लेना होगा।
मीडिया कंपनी SAB Events & Governance Now Media Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं।
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Samachar4media Bureau
मीडिया कंपनी SAB Events & Governance Now Media Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में 8.30 लाख रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 14.01 लाख रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने 5 नवंबर को हुई बोर्ड मीटिंग में इन नतीजों को मंजूरी दी।
कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में उसका ऑपरेशंस से रेवेन्यू 53.26 लाख रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 55.25 लाख रुपये से कम है। वहीं, कंपनी की कुल आय 53.26 लाख रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 55.25 लाख रुपये थी।
छह महीने में 27.15 लाख रुपये का घाटा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 98.62 लाख रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 95.93 लाख रुपये था। इस तरह रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि, कंपनी का कुल खर्च इस दौरान 1.25 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। इसके चलते अप्रैल-सितंबर 2026 की अवधि में कंपनी को 27.15 लाख रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह घाटा 38.31 लाख रुपये था।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर ऑडिटर ने जताई चिंता
कंपनी के नतीजों के साथ जारी ऑडिटर की रिपोर्ट में उसकी वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की मौजूदा देनदारियां 329.68 लाख रुपये थीं, जबकि उसकी मौजूदा संपत्तियां सिर्फ 60.91 लाख रुपये थीं। यानी कंपनी की मौजूदा देनदारियां उसकी मौजूदा संपत्तियों से करीब 5.41 गुना ज्यादा हैं।
इसके अलावा, कंपनी की नेटवर्थ भी निगेटिव 268.47 लाख रुपये रही। ऑडिटर ने कहा है कि ये परिस्थितियां कंपनी के आगे कारोबार जारी रखने की क्षमता को लेकर महत्वपूर्ण अनिश्चितता दिखाती हैं। कंपनी को अपना कारोबार जारी रखने के लिए पर्याप्त कैश फ्लो और लंबी अवधि के फंड जुटाने की जरूरत होगी।
NCLT ने जुलाई में रिजॉल्यूशन प्लान को दी थी मंजूरी
कंपनी ने बताया है कि उसने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत प्री-पैकेज्ड इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (PPIRP) शुरू किया था। इसके बाद NCLT की मुंबई बेंच ने 10 जुलाई 2026 को कंपनी के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी थी।
कंपनी के मुताबिक, मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान को लागू करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। इसमें कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग और कैपिटल में कमी से जुड़े कदम भी शामिल हैं। इस प्लान के वित्तीय असर को कंपनी ने फिलहाल उतना ही अपने नतीजों में शामिल किया है, जितना 30 सितंबर 2026 तक तय किया जा सकता था।
इस नई भूमिका में वह चैनल के विज्ञापन बिक्री और रेवेन्यू की स्ट्रैटेजी संभालेंगे। वह राष्ट्रीय और क्षेत्रीय, दोनों बाजारों में चैनल के विज्ञापन कारोबार का नेतृत्व करेंगे।
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Samachar4media Bureau
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क (Republic Media Network) ने अपने कन्नड़ न्यूज चैनल आर. कन्नड़ (R. Kannada) के लिए अनिल सुरेंद्र को नेशनल हेड नियुक्त किया है। इस नई भूमिका में वह चैनल के विज्ञापन बिक्री और रेवेन्यू की स्ट्रैटेजी संभालेंगे। वह राष्ट्रीय और क्षेत्रीय, दोनों बाजारों में चैनल के विज्ञापन कारोबार का नेतृत्व करेंगे। अनिल सुरेंद्र ग्रुप के सीईओ मोहित धामने को रिपोर्ट करेंगे।
अनिल सुरेंद्र को मीडिया सेल्स के क्षेत्र में 25 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह एशियानेट न्यूज नेटवर्क (Asianet News Network) से आर. कन्नड़ में आए हैं। वहां उन्होंने एक दशक से ज्यादा समय तक एशियानेट सुवर्णा न्यूज और कन्नड़ प्रभा के विज्ञापन बिक्री कारोबार का नेतृत्व किया। अपनी पिछली भूमिका में वह सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (रेवेन्यू जनरेशन) के पद पर कार्यरत थे।
अपने करियर के दौरान अनिल सुरेंद्र ने ऐडेम वेंचर्स (Aidem Ventures), रिलायंस ब्रॉडकास्ट (Reliance Broadcast), जी नेटवर्क्स (Zee Networks), महुआ मीडिया (Mahuaa Media), सहारा इंडिया (Sahara India) और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप (Indian Express Group) में भी सेल्स लीडरशिप की भूमिकाएं निभाई हैं। कर्नाटक के मीडिया बाजार में विज्ञापन एजेंसियों और विज्ञापनदाताओं के साथ उनके लंबे समय से संबंध रहे हैं।
इस नियुक्ति पर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के ग्रुप सीईओ मोहित धामने ने कहा कि आर. कन्नड़ ने उम्मीद से कहीं तेजी से कर्नाटक के दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई है। बाजार हिस्सेदारी में हुई बढ़ोतरी यह दिखाती है कि दर्शक लगातार चैनल को पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब चैनल का अगला लक्ष्य अपनी मजबूत दर्शक संख्या को मजबूत रेवेन्यू में बदलना है।
मोहित धामने के मुताबिक, अनिल सुरेंद्र को कन्नड़ बाजार और यहां के विज्ञापनदाताओं की गहरी समझ है। उन्होंने इस क्षेत्र में एक मजबूत सेल्स नेटवर्क तैयार करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने का अनुभव हासिल किया है। नेटवर्क को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में आर. कन्नड़ अपने कारोबार और विकास को नई ऊंचाई देगा।
आशीष चक्रवर्ती गैराज वर्ल्डवाइड से अलग हो रहे हैं। दिसंबर 2025 में पार्टनर और चीफ क्रिएटिव ऑफिसर के रूप में जुड़े चक्रवर्ती को विज्ञापन उद्योग में दो दशक से अधिक का अनुभव है।
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Samachar4media Bureau
आशीष चक्रवर्ती (Ashish Chakravarty) गैराज वर्ल्डवाइड (Garage Worldwide) से अलग हो रहे हैं। इम्पैक्ट (IMPACT) को मिली जानकारी के मुताबिक, डिजिटल, डिजाइन और कंटेंट एजेंसी में पार्टनर और चीफ क्रिएटिव ऑफिसर के रूप में काम कर रहे चक्रवर्ती जल्द अपनी भूमिका छोड़ेंगे।
गैराज वर्ल्डवाइड की शुरुआत स्वतंत्र क्रिएटिव नेटवर्क फेमस इनोवेशंस (Famous Innovations) ने की थी। इस नेटवर्क की स्थापना राज कांबले (Raj Kamble) ने की है। चक्रवर्ती दिसंबर 2025 में एजेंसी से जुड़े थे। उनके पास विज्ञापन उद्योग में दो दशक से अधिक का अनुभव है।
गैराज वर्ल्डवाइड से पहले वह मैककैन वर्ल्डग्रुप (McCann Worldgroup) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और इंडिया हेड ऑफ क्रिएटिव के पद पर कार्यरत थे। अगस्त 2025 तक वह नेटवर्क की क्रिएटिव लीडरशिप टीम का हिस्सा रहे।
अपने करियर के दौरान चक्रवर्ती ने मैककैन और कॉन्ट्रैक्ट एडवरटाइजिंग (Contract Advertising) में कई वरिष्ठ क्रिएटिव पदों पर काम किया है। मैककैन में अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रसून जोशी (Prasoon Joshi) के साथ करीब से काम किया और एजेंसी के क्रिएटिव ऑपरेशंस में अहम भूमिका निभाई।
उनके पोर्टफोलियो में नेस्ले (Nestlé), रेकिट (Reckitt), कोका-कोला (Coca-Cola), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), एशियन पेंट्स (Asian Paints), एयर इंडिया (Air India), रिलायंस (Reliance), इमामी (Emami), ब्रिटानिया (Britannia), डाबर (Dabur) और हीरो (Hero) जैसे ब्रांड शामिल हैं।
उनके काम को कान्स लायंस (Cannes Lions), वन शो (One Show), क्लियो (Clio), डीएंडएडी (D&AD) और स्पाइक्स एशिया (Spikes Asia) जैसे अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड प्लेटफॉर्म पर पहचान मिली है। वह भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई विज्ञापन पुरस्कार समारोहों की जूरी में भी शामिल रह चुके हैं।
इम्पैक्ट ने इस खबर पर आशीष चक्रवर्ती और फेमस इनोवेशंस, दोनों से प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला था।