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देखें विडियो: कैसे बड़े चैनलों के पत्रकार तैयार कराते हैं 'मनमाफिक खबर'
चुनावी मौसम में नेताओं के साथ पसीना बहाते-बहाते पत्रकार भी उनकी शैली अपनाने लगे हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
चुनावी मौसम में नेताओं के साथ पसीना बहाते-बहाते पत्रकार भी उनकी शैली अपनाने लगे हैं। जिस तरह रैली या सभा के लिए नेताओं द्वारा लोगों को जुटाने का प्रबंध किया जाता है, ठीक वैसे ही पत्रकार भी अपनी खबर को ज्यादा असरदार बनाने के लिए गैर-ज़रूरी इंतजाम कर रहे हैं। ‘गैर-ज़रूरी’ शब्द का इस्तेमाल यहां इसलिए भी उचित है, क्योंकि खबर जैसी है, उसी रूप में जनता तक पहुंचाई जानी चाहिए। पत्रकारिता का सिद्धांत भी यही कहता है। लेकिन कुछ पत्रकार लोगों के मुंह में अपने शब्द रखकर उसे नया रूप देने में लगे हैं। उत्तर प्रदेश के अमेठी का एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दिखाया गया है कि पत्रकार लोगों को सिखा रहे हैं कि उन्हें क्या और कैसे बोलना है।
भाजपा अमेठी ने भी इस विडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया है।
पूरा विडियो आप यहां देख सकते हैं-
स्व० पर्रिकर जी ने अमेठी के गरीबों को जूते बंटवाये थे इस पर कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने कहा था कि अमेठी की जनता ने कभी किसी से भीख नहीं मांगी।
— BJP Amethi (@BJP4Amethi) April 24, 2019
वाड्राजी के उपरोक्त कथन को सच साबित करवाने के लिए जीतोड़ मेहनत करते MLC दीपक सिंह व मीडिया
सनलाइट..कैमरा..एक्शन..Done pic.twitter.com/BLEPmrhxK7
हालांकि, ये बात अलग है कि विडियो में नज़र आ रहे लोग स्मृति ईरानी द्वारा अमेठी में जूते बंटवाये जाने का विरोध कर रहे हैं।
विडियो में दिखाई दे रहा है कि कांग्रेसी नेता और उनके कुछ समर्थक हाथों में जूते लिए खड़े हैं, जबकि वहां मौजूद पत्रकार गांववालों से जल्दी आने को कह रहे हैं, ताकि चंद समर्थकों को भीड़ की शक्ल दी जा सके। इसके अलावा पत्रकार लोगों को यह भी बता रहे हैं कि किसे-कहां खड़ा होना है और जूते कैसे पकड़ने हैं। इन सब के साथ ही पत्रकार नेताजी की रिहर्सल भी करा रहे हैं, ताकि कैमरा चालू होने पर कोई गड़बड़ न हो जाए।
रिहर्सल में नेताजी कहते हैं, ‘स्मृति ईरानी जी, आपने हम लोगों का अपमान किया है, हम स्वाभिमानी लोग हैं, हम जूते-चप्पल साथ लाये हैं, आप अपना पता बताइए हम आपको भिजवा देंगे।’ लेकिन पत्रकारों को इस बयान में कुछ कमी लगती है, लिहाजा एक पत्रकार नेताजी को ‘हम स्वाभिमानी लोग हैं, किसी का दिया नहीं खाते’ जोड़ने को कहता है और इसके बाद नेताजी फाइनल रिहर्सल सफलतापूर्वक पूरी कर लेते हैं।
दो-तीन टेक रिहर्सल के बाद एक पत्रकार माइक जल्दी लगाने को कहता है और सभी सामान्य पत्रकारों की तरह नेताजी की बातों को रिकॉर्ड करने में जुट जाते हैं। कई प्रतिष्ठित चैनलों के माइक दिखाई दे रहे हैं, जैसा कि अक्सर किसी का बयान लेने से पहले पूछा जाता है, एक पत्रकार नेताजी से पूछता है ‘आपका नाम क्या है’ ताकि सबकुछ ऑरिजनल लगे। इसके बाद नेताजी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई स्क्रिप्ट को पढ़ते हैं और न्यूज़ तैयार हो जाती है।
टैग्स पत्रकार प्रियंका गांधी चुनाव 2019 अमेठी