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इंडिया 2047 यूथ कॉन्क्लेव में बोले सुमांता दत्ता : युवाओं के हाथ में भारत का भविष्य
एबीपी नेटवर्क के इंडिया 2047 यूथ कॉन्क्लेव में सीईओ सुमांता दत्ता ने युवाओं को भारत के भविष्य की धुरी बताते हुए आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक चुनौतियों पर जिम्मेदारी से नेतृत्व करने का आह्वान किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
ABP Network की ओर से आयोजित इंडिया 2047 यूथ कॉन्क्लेव में भारत के आने वाले भविष्य को लेकर एक स्पष्ट, प्रेरक और यथार्थवादी दृष्टि सामने आई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एबीपी नेटवर्क के सीईओ सुमांता दत्ता ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की जिम्मेदारी और भूमिका को परिभाषित करने का मंच है।
अपने संबोधन में उन्होंने आज़ादी के बाद के भारत को याद करते हुए कहा कि 1947 में देश की साक्षरता दर महज 12 प्रतिशत थी और अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर थी। संसाधनों की कमी के बावजूद उस दौर के युवाओं ने रेलवे नेटवर्क, सार्वजनिक उपक्रमों, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूत नींव रखी। मीडिया ने भी सवाल पूछकर और जनमत को दिशा देकर राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
सुमांता दत्ता ने कहा कि आज का भारत बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है। देश की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 100 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार कर चुका है। यह बदलाव युवाओं की महत्वाकांक्षा और अवसरों के सही मेल का परिणाम है।
उन्होंने आर्थिक नेतृत्व, तकनीक व नवाचार, संस्कृति व सॉफ्ट पावर और खेल—इन चार क्षेत्रों को भारत के भविष्य की आधारशिला बताया। नीरज चोपड़ा के ओलंपिक स्वर्ण पदक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह जीत सोच में आए बदलाव का प्रतीक थी, जिसने दिखाया कि छोटे शहरों से भी विश्वस्तरीय सफलता संभव है।
हालांकि उन्होंने चेताया कि 2047 तक का सफर आसान नहीं होगा। रोजगार सृजन, स्किल गैप, महिला भागीदारी, जलवायु परिवर्तन और युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य जैसी चुनौतियों से निपटना जरूरी है। अंत में उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अवसरों का इंतजार नहीं, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करें, क्योंकि 2047 का भारत आज के युवाओं के फैसलों से ही बनेगा।
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