भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में मनीष सिंघल का सफर उद्यमिता, दर्शकों की पसंद को समझने और स्थापित खिलाड़ियों को चुनौती देने के साहस की कहानी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में मनीष सिंघल का सफर उद्यमिता, दर्शकों की पसंद को समझने और स्थापित खिलाड़ियों को चुनौती देने के साहस की कहानी है। हाल ही में Enterr10 Television के संस्थापक मनीष सिंघल का जन्मदिन था। इस मौके पर 'दंगल टीवी' की सफलता के पीछे की सोच और विजन को याद किया गया।
मनीष सिंघल ने 2004 में इंदौर से Enterr10 Television की शुरुआत की। उन्होंने इसके लिए मुंबई और दिल्ली जैसे देश के पारंपरिक मीडिया केंद्रों से अलग इंदौर को चुना। शुरुआत में यह कारोबार उनके शॉपिंग और टेली-कॉमर्स बिजनेस के विस्तार के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक बड़े टेलीविजन कारोबार में बदल गया।
2009 में लॉन्च हुआ 'दंगल टीवी'
इस सफर में सबसे बड़ा मोड़ 2009 में 'दंगल टीवी' के लॉन्च के साथ आया। शुरुआत में 'दंगल' एक भोजपुरी फिल्म चैनल था। इसके बाद 2015 में इसे हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (GEC) के रूप में पेश किया गया। यह बदलाव दिखाता है कि मनीष सिंघल दर्शकों की बदलती पसंद को समझने और हिंदी भाषी दर्शकों के लिए अलग तरह का कंटेंट तैयार करने में सक्षम रहे।
'दंगल' ने पारिवारिक ड्रामा, पौराणिक कथाओं और क्राइम आधारित कार्यक्रमों के जरिए धीरे-धीरे अपनी मजबूत ऑडियंस बनाई। चैनल की पहुंच शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण बाजारों तक बनी। इसकी सफलता ने उस पुरानी धारणा को भी चुनौती दी कि हिंदी एंटरटेनमेंट की दुनिया में सिर्फ पुराने बड़े ब्रॉडकास्टर्स, बड़े बजट और महानगरों से चलने वाले नेटवर्क ही आगे रह सकते हैं।
‘मास इंडिया’ को समझना बनी रणनीति
मनीष सिंघल की रणनीति के केंद्र में बड़े पैमाने पर भारतीय दर्शकों को समझना रहा है। इंडस्ट्री में चल रहे ट्रेंड को फॉलो करने के बजाय उन्होंने ऐसी कहानियों पर ध्यान दिया, जिनमें लोगों को अपने रिश्ते, भावनाएं और सांस्कृतिक मूल्य नजर आएं। दर्शकों को प्राथमिकता देने वाली इस सोच ने 'दंगल' को अलग-अलग इलाकों के दर्शकों से जोड़ने में मदद की और फ्री-टू-एयर टीवी सेगमेंट में एक मजबूत खिलाड़ी के तौर पर उसकी पहचान बनाई।
उनकी प्रतिस्पर्धा को लेकर सोच भी अलग रही है। उनका फॉर्मूला “'दंगल' versus 'दंगल'” रहा है। इसका मतलब है कि नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा पैमाना उसके प्रतिस्पर्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उसका अपना पिछला प्रदर्शन होना चाहिए।
ओरिजिनल कंटेंट पर बढ़ाया फोकस
मनीष सिंघल ने ओरिजिनल और इन-हाउस प्रोग्रामिंग में निवेश कर 'दंगल' की क्रिएटिव स्वतंत्रता को भी मजबूत किया। इससे नेटवर्क को कंटेंट, प्रोडक्शन और शेड्यूलिंग पर ज्यादा नियंत्रण मिला। साथ ही, दर्शकों की बदलती पसंद के हिसाब से तेजी से बदलाव करने में भी मदद मिली।
टीवी से आगे बढ़ा 'दंगल' का सफर
डिजिटल खपत बढ़ने के साथ मनीष सिंघल ने 'दंगल' ब्रैंड को पारंपरिक टीवी से आगे ले जाने की कोशिश की। 2022 में 'दंगल प्ले' की शुरुआत के साथ Enterr10 ने स्ट्रीमिंग की दुनिया में कदम रखा।
'दंगल प्ले' की कमान उनके बेटे अक्षत सिंघल संभाल रहे हैं। इस तरह कारोबार में एक तरफ मनीष सिंघल का मास-मार्केट ब्रॉडकास्टिंग अनुभव है, तो दूसरी तरफ अगली पीढ़ी का डिजिटल-फर्स्ट नजरिया भी जुड़ रहा है।
विदेशों तक पहुंचा 'दंगल'
मनीष सिंघल के नेतृत्व में नेटवर्क ने भारत से बाहर भी विस्तार की दिशा में काम किया है। 'दंगल' की इंटरनेशनल मार्केट्स में डिस्ट्रीब्यूशन और उसके कंटेंट की सिंडिकेशन के जरिए भारतीय मनोरंजन को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
कंपनी की क्षेत्रीय और हाई-डेफिनिशन पेशकशों की योजनाएं भी उसके मल्टीलिंगुअल और मल्टीप्लेटफॉर्म विस्तार की दिशा को दिखाती हैं।
छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों तक पहुंच
विज्ञापनदाताओं के लिए भी 'दंगल' छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण बाजारों तक पहुंचने का एक जरिया बनकर उभरा है। इसकी व्यापक पहुंच और आम भारतीय उपभोक्ताओं के व्यवहार को समझने की क्षमता ने इसे उन ब्रैंड्स के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण बनाया है, जो महानगरों से आगे अपना कारोबार बढ़ाना चाहते हैं।
मनीष सिंघल का सफर यह दिखाता है कि पारंपरिक मीडिया केंद्रों से बाहर रहकर भी बड़ा मीडिया कारोबार खड़ा किया जा सकता है। इंदौर से टेलीविजन कारोबार शुरू करने से लेकर 'दंगल' को राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले एंटरटेनमेंट ब्रैंड में बदलने तक, उनका सफर बताता है कि दर्शकों की सही समझ, लगातार बेहतर अमल और बड़े फैसले लेने का साहस प्रतिस्पर्धी बाजार में भी बदलाव ला सकता है।
Tips Music ने अपने शेयर बायबैक कार्यक्रम के 10वें दिन यानी 21 सितंबर 2026 को 12,416 इक्विटी शेयर वापस खरीदे। कंपनी ने ये शेयर औसतन 658.39 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Tips Music ने अपने शेयर बायबैक कार्यक्रम के 10वें दिन यानी 21 सितंबर 2026 को 12,416 इक्विटी शेयर वापस खरीदे। कंपनी ने ये शेयर औसतन 658.39 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे। इसके साथ ही बायबैक के तहत अब तक वापस खरीदे गए शेयरों की कुल संख्या 3,37,116 हो गई है।
कंपनी ने BSE और NSE को दी गई रोजाना रिपोर्ट में बताया कि इन सभी शेयरों की खरीदारी ITI Securities Broking Limited के जरिए की गई। 21 सितंबर को BSE पर कोई शेयर नहीं खरीदा गया, जबकि NSE पर 12,416 शेयर खरीदे गए। इस दिन कोई शेयर क्लोज-आउट या MSEI पर ट्रेड नहीं हुआ।
10वें दिन खरीदारी में बड़ी गिरावट
10वें दिन शेयर बायबैक की मात्रा पिछले दिन के मुकाबले काफी कम रही। 18 सितंबर को कंपनी ने 63,000 शेयर वापस खरीदे थे, जबकि 21 सितंबर को यह संख्या घटकर 12,416 शेयर रह गई।
21 सितंबर की खरीदारी का पूरा विवरण:

पहले के दिनों में कितने शेयर खरीदे गए?
18 सितंबर को कंपनी ने 63,000 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE पर 2,000 और NSE पर 61,000 शेयर शामिल थे। औसत खरीद कीमत ₹657.45 रही। इसके साथ कुल बायबैक 3,24,700 शेयर हो गया था।
17 सितंबर को कंपनी ने 64,000 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE पर 2,000 और NSE पर 62,000 शेयर शामिल थे। औसत कीमत ₹657.25 रही और कुल बायबैक 2,61,700 शेयर पहुंच गया था।
16 सितंबर को कंपनी ने 62,000 शेयर खरीदे थे। BSE पर 2,000 और NSE पर 60,000 शेयर खरीदे गए। औसत कीमत ₹658.40 रही और कुल बायबैक 1,97,700 शेयर हो गया था।
11 सितंबर को कंपनी ने 39,143 शेयर वापस खरीदे थे। इनमें BSE के 2,000 और NSE के 37,143 शेयर शामिल थे। औसत कीमत ₹660.20 रही और कुल बायबैक 77,700 शेयर तक पहुंच गया था।
10 सितंबर को कंपनी ने 38,069 शेयर खरीदे थे। BSE पर 1,000 और NSE पर 37,069 शेयर खरीदे गए। औसत कीमत ₹651.79 रही।
बायबैक की शुरुआत 9 सितंबर 2026 को हुई थी। पहले दिन कंपनी ने 488 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE पर 100 और NSE पर 388 शेयर शामिल थे। औसत कीमत ₹649 प्रति शेयर रही।
₹44.50 करोड़ तक का है बायबैक
Tips Music ने 9 सितंबर को अपने सार्वजनिक ऐलान में बायबैक से जुड़ी समयसीमा को स्पष्ट करने के लिए एक करेक्शन जारी किया था। कंपनी के मुताबिक, बायबैक का अधिकतम आकार ₹44.50 करोड़ है। बायबैक पूरा करने की अंतिम तारीख इनमें से जो पहले आएगी, वह होगी:
कंपनी को इस अंतिम तारीख से पहले सभी भुगतान संबंधी दायित्व पूरे करने होंगे।
बायबैक की मुख्य शर्तें
कंपनी का बायबैक अधिकतम 66 कारोबारी दिनों तक खुला रहेगा और तय शर्तों के तहत इससे पहले भी बंद किया जा सकता है।
शेयरधारकों ने दी थी मंजूरी
शेयरधारकों ने AGM में विशेष प्रस्ताव के जरिए शेयर बायबैक को मंजूरी दी थी। 2 सितंबर 2026 को जारी वोटिंग नतीजों के मुताबिक, बायबैक प्रस्ताव के पक्ष में 9,92,51,965 वोट पड़े, जबकि 4,01,238 वोट इसके खिलाफ रहे। प्रस्ताव को 99.5974% वोट मिले। प्रमोटर्स ने बायबैक प्रस्ताव के पक्ष में पूरी तरह मतदान किया। वहीं, संस्थागत निवेशकों में करीब 3.08% वोट प्रस्ताव के खिलाफ पड़े।
₹750 प्रति शेयर का अधिकतम भाव
कंपनी ने बायबैक के लिए अधिकतम कीमत ₹750 प्रति शेयर तय की है। यह हाल की बाजार कीमतों के मुकाबले प्रीमियम पर है।
कंपनी के मुताबिक, ₹750 की कीमत 29 जुलाई 2026 को BSE के क्लोजिंग प्राइस से 9.50% अधिक और बोर्ड बैठक की सूचना से पहले के दो हफ्तों के BSE वॉल्यूम-वेटेड औसत भाव से 8.01% अधिक है। कंपनी ने यह भी बताया है कि उस पर कोई बकाया उधारी या कर्ज नहीं है। बायबैक के बाद भी कंपनी का सुरक्षित और असुरक्षित कर्ज, पेड-अप शेयर कैपिटल और फ्री रिजर्व के मुकाबले नियामकीय सीमा के भीतर रहेगा।
पारुल बुधिराजा ने ओगिल्वी में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह सितंबर 2026 तक इंडिपेंडेंट फ्रैक्शनल सीएमओ और स्ट्रैटेजिक कंसल्टेंट रहीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पारुल बुधिराजा (Parul Budhiraja) ने ओगिल्वी (Ogilvy) में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (Executive Vice President) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इसकी जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए दी।
अपनी पोस्ट में पारुल ने लिखा कि वह ओगिल्वी में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई पोजिशन शुरू करने को लेकर खुश हैं। ओगिल्वी से जुड़ने से पहले पारुल अप्रैल 2024 से सितंबर 2026 तक इंडिपेंडेंट फ्रैक्शनल सीएमओ (Independent Fractional CMO) और स्ट्रैटेजिक कंसल्टेंट (Strategic Consultant) के तौर पर काम कर रही थीं।
इससे पहले वह चीइल इंडिया (Cheil India) और कॉन्ट्रैक्ट इंडिया (Contract India) के साथ भी काम कर चुकी हैं।
'पिच बीएफसीआई समिट' (Pitch BFSI Summit) का चौथा संस्करण मुंबई में 23 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'पिच बीएफसीआई समिट' (Pitch BFSI Summit) का चौथा संस्करण मुंबई में 23 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र से जुड़े दिग्गज शामिल होंगे। सम्मेलन में भारत के बदलते वित्तीय परिदृश्य, इससे जुड़े अवसरों और चुनौतियों के साथ-साथ आने वाले समय में विकास की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
इस सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण ‘India’s Next Decade: From Financialisation to Wealth Creation’ विषय पर होने वाली फायरसाइड चैट होगी। इसमें HSBC Mutual Fund के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर कैलाश कुलकर्णी और BW बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉ. अन्नुराग बत्रा शामिल होंगे।
इस बातचीत में चर्चा होगी कि औपचारिक वित्तीय उत्पादों में भारतीयों की बढ़ती भागीदारी को किस तरह लोगों और परिवारों के लिए लंबे समय में संपत्ति बनाने के अवसर में बदला जा सकता है।
फायरसाइड चैट में भारतीय निवेशकों के बदलते व्यवहार, म्यूचुअल फंड और दूसरे वित्तीय उत्पादों की बढ़ती भूमिका और अगले दशक में देश की बचत एवं निवेश व्यवस्था में होने वाले बदलावों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा, जैसे-जैसे अधिक भारतीय पारंपरिक बचत की आदतों से आगे बढ़कर व्यवस्थित तरीके से संपत्ति बनाने की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में वित्तीय क्षेत्र में भरोसा, भागीदारी और वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के तरीकों पर भी बातचीत होगी।
दिनभर चलने वाले इस सम्मेलन में कई अहम बातचीत, मुख्य वक्ताओं के सत्र और पैनल चर्चाएं होंगी। इनमें बीएफएसआई क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल, एसआईपी और बीमा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था से जुड़ी संभावनाएं, और जब लोगों का ध्यान अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बंटा हुआ है, तब ब्रांड अपनी प्रासंगिकता कैसे बनाए रखें, जैसे विषय शामिल होंगे।
SAB Events & Governance Now Media Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 18 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कंपनी की पूंजी और शेयरहोल्डिंग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
SAB Events & Governance Now Media Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 18 सितंबर 2026 को हुई बैठक में कंपनी की पूंजी और शेयरहोल्डिंग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है। ये फैसले कंपनी के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच-I द्वारा मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान के तहत लिए गए हैं।
NCLT ने 10 जुलाई 2026 को इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 की धारा 54L और धारा 31 के तहत रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। कंपनी को इस आदेश की प्रमाणित कॉपी 21 जुलाई 2026 को मिली थी।
बोर्ड बैठक में मुख्य रूप से Preferential Basis पर इक्विटी शेयर्स और कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने तथा Sri Adhikari Brothers Digital Network Private Limited के साथ विलय के तहत इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी गई।
12 लाख इक्विटी शेयर्स प्रमोटर को जारी होंगे
बोर्ड ने Sri Adhikari Brothers Assets Holdings Private Limited, जो प्रमोटर कैटेगरी की कंपनी है, को Preferential Basis पर अधिकतम 12,00,000 इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी है। इन शेयरों का इश्यू प्राइस 22.50 रुपये प्रति शेयर होगा। इस तरह इन शेयरों की कुल कीमत 2.70 करोड़ रुपये होगी।
यह शेयर NCLT द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान और SEBI ICDR Regulations, SEBI LODR Regulations, IBC तथा लागू नियमों के तहत जारी किए जाएंगे। इसके लिए जरूरी वैधानिक और नियामकीय मंजूरियां भी लागू होंगी।
पब्लिक कैटेगरी के निवेशकों को 73 लाख शेयर
इसके अलावा बोर्ड ने पब्लिक कैटेगरी में आने वाले स्ट्रैटजिक इन्वेंस्टर्स को Preferential Basis पर अधिकतम 73,00,000 इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी है। इन शेयरों का इश्यू प्राइस 22.50 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इसके हिसाब से इन शेयरों की कुल कीमत 16.425 करोड़ रुपये होगी। यह इश्यू भी NCLT द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान और SEBI ICDR Regulations, SEBI LODR Regulations, IBC तथा अन्य लागू कानूनों और नियमों के अनुसार होगा।
60 लाख कन्वर्टिबल वारंट्स जारी होंगे
बोर्ड ने स्ट्रैटजिक इन्वेंस्टर्स को Preferential Basis पर अधिकतम 60,00,000 कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की भी मंजूरी दी है। हर वारंट की कीमत 22.50 रुपये होगी और इस तरह इन वारंट की कुल राशि 13.50 करोड़ रुपये होगी। प्रत्येक वारंट का फेस वैल्यू 10 रुपये है।
इन वारंट के इश्यू प्राइस का 25% हिस्सा सब्सक्रिप्शन और अलॉटमेंट के समय देना होगा, जबकि बाकी 75% राशि वारंट के अलॉटमेंट की तारीख से अधिकतम 18 महीने के भीतर एक या एक से ज्यादा किस्तों में देनी होगी। हर कन्वर्टिबल वारन्ट को 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। इसमें प्रति शेयर 12.50 रुपये का प्रीमियम शामिल होगा।
वारंट धारक अलॉटमेंट की तारीख से 18 महीने के भीतर अपने वारंट को इक्विटी शेयर्स में बदल सकते हैं। अगर इस अवधि में वारंट का इस्तेमाल नहीं किया गया तो वह समाप्त हो जाएगा और अलॉटमेंट के समय दी गई राशि कंपनी द्वारा जब्त कर ली जाएगी।
Sri Adhikari Brothers Digital Network के शेयरधारकों को भी शेयर
बोर्ड ने श्रीअधिकारी ब्रदर्स डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारकों को भी इक्विटी शेयर्स जारी करने को मंजूरी दी है। यह शेयर दोनों कंपनियों के बीच प्रस्तावित Scheme of Amalgamation यानी विलय योजना के तहत जारी किए जाएंगे। यह योजना NCLT द्वारा मंजूर Pre-Packaged Insolvency रिजोल्यूशन प्लान का हिस्सा है। इसके तहत श्रीअधिकारी ब्रदर्स डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारकों को शेयर एक्सचेंज रेशियो के अनुसार 1,10,34,070 इक्विटी शेयर्स जारी किए जाएंगे।
शेयर एक्सचेंज रेशियो के तहत ट्रांसफर कंपनी के हर 100 इक्विटी शेयर्स के बदले SAB Events & Governance Now Media Limited के 436 इक्विटी शेयर्स दिए जाएंगे।
किन निवेशकों को कितने शेयर मिलेंगे?
पब्लिक कैटेगरी में Preferential Basis पर इक्विटी शेयर्स पाने वाले निवेशकों की सूची इस प्रकार है:

शेयर जारी होने के बाद प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी
शेयर जारी होने के बाद कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी 61.43% बताई गई है।
इसमें:
इस तरह प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप को कुल 1,22,34,070 शेयर मिलेंगे।
पब्लिक शेयरहोल्डिंग 36.65% होगी
शेयरों के अलॉटमेंट के बाद पब्लिक कैटेगरी के निवेशकों के पास कुल 73,00,000 इक्विटी शेयर्स होंगे और उनकी कुल हिस्सेदारी 36.65% बताई गई है। इनमें SERA Investments & Finance India Ltd की हिस्सेदारी 11.05%, जबकि SERA Capital AIF की 4.02% होगी।
जिग्नेशभाई मगनभाई भुवा, हितेशभाई मगनभाई भुवा और तरंगकुमार मनुभाई सवालिया प्रत्येक के पास 5.02% हिस्सेदारी होगी। निमेश चिटालिया की हिस्सेदारी 2.01%, उर्वी चिटालिया की 1.51%, दानिश देसाई की 1.26%, धीरेन सेठिया (HUF) की 0.50% और Rajiv Mehta की 1.26% होगी।
प्रमोटर और पब्लिक कैटेगरी को मिलाकर कुल 1,95,34,070 इक्विटी शेयर्स होंगे और बताई गई कुल हिस्सेदारी 98.08% होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिशत Fully Diluted Basis पर नहीं निकाला गया है।
कन्वर्टिबल वारंट्स का अलॉटमेंट
60 लाख कन्वर्टिबल वारंट्स में:
तीनों को मिलाकर कुल 60,00,000 वारंट्स होंगे। अगर इन सभी वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदला जाता है, तो प्रत्येक निवेशक के पास 20,00,000 शेयर होंगे और प्रत्येक की हिस्सेदारी 7.72% बताई गई है। तीनों की कुल हिस्सेदारी 23.15% होगी।
इश्यू प्राइस और प्रीमियम
Preferential Issue के तहत इक्विटी शेयर्स का इश्यू प्राइस 22.50 रुपये प्रति शेयर है। इसमें 12.50 रुपये प्रति शेयर का प्रीमियम शामिल है। कन्वर्टिबल वारंट्स का इश्यू प्राइस भी 22.50 रुपये प्रति वारंट है, जिसमें 12.50 रुपये का प्रीमियम शामिल है। वारंट्स के मामले में 25% राशि अलॉटमेंट के समय और बाकी 75% राशि वारंट के Exercise और Conversion के समय देनी होगी।
विलय योजना के तहत जारी किए जाने वाले 1,10,34,070 इक्विटी शेयर्स के लिए कोई इश्यू प्राइस नहीं है, क्योंकि ये NCLT द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान के तहत Scheme of Amalgamation के अनुसार जारी किए जा रहे हैं।
निवेशकों की संख्या
कंपनी के अनुसार:
बोर्ड बैठक का समय
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 18 सितंबर 2026 को शाम 5:30 बजे शुरू हुई और शाम 7:30 बजे समाप्त हुई। कंपनी ने कहा है कि Preferential Issue of इक्विटी शेयर्स और कन्वर्टिबल वारंट्स से जुड़ी जानकारी SEBI LODR Regulations के Regulation 30 और 30 जनवरी 2026 के SEBI Master Circular के तहत दी गई है।
वह कंपनी में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे और Times Television Network के सीईओ आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टाइम्स नेटवर्क (Times Network) ने जाने-माने टीवी पत्रकार शमशेर सिंह को अपने हिंदी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत (Times Now Navbharat) के मैनेजिंग एडिटर का अंतरिम प्रभार सौंपा है। वह यह जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से संभालेंगे। इसके साथ ही वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे।
शमशेर सिंह फिलहाल मैनेजिंग एडिटर – डिजिटल (हिंदी और स्थानीय भाषाएं) के पद पर हैं। इस भूमिका के तहत वह टाइम्स ग्रुप की हिंदी और स्थानीय भाषाओं की डिजिटल न्यूज प्रॉपर्टीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
नई अंतरिम जिम्मेदारी के तहत शमशेर सिंह Times Television Network के CEO और Media & Entertainment के Chief Growth Officer आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पूर्व मैनेजिंग एडिटर रंजीत कुमार के टाइम्स नेटवर्क से अलग होने के बाद उनके अधीन रिपोर्ट करने वाले सभी सहयोगी अब इस अंतरिम अवधि के दौरान शमशेर सिंह को रिपोर्ट करेंगे।
समाचार4मीडिया की ओर से शमशेर सिंह को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं।
वर्तमान में साक्षी कोहली ‘हार्पर्स बाजार इंडिया’ , ‘कॉस्मोपॉलिटन इंडिया’ , ‘हैलो! इंडिया’ और ‘ब्राइड्स टुडे’ की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'इंडिया टुडे ग्रुप' (India Today Group) ने अपने लग्जरी और लाइफस्टाइल पोर्टफोलियो में नेतृत्व स्तर पर कई बदलावों की घोषणा की है। यह बदलाव ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ (India Today Spice) के इस पोर्टफोलियो में शामिल होने के बाद किए गए हैं।
समूह ने साक्षी कोहली को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें सीईओ (Luxury and Lifestyle Business) के रूप में नई भूमिका दी है। साक्षी कोहली अब अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ के बिजनेस का भी नेतृत्व करेंगी।
वर्तमान में साक्षी कोहली ‘हार्पर्स बाजार इंडिया’ (Harper’s Bazaar India), ‘कॉस्मोपॉलिटन इंडिया’ (Cosmopolitan India), ‘हैलो! इंडिया’ (Hello! India) और ‘ब्राइड्स टुडे’ (Brides Today) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उनके कार्यक्षेत्र में ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ भी शामिल हो गया है।
कोहली ‘इंडिया टुडे’ समूह के साथ लंबे समय से जुड़ी हुई हैं। उन्हें कम्युनिकेशन, ब्रैंड बिल्डिंग, मीडिया इवेंट्स, एंटरटेनमेंट और हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले वह ‘ताज ग्रुप ऑफ होटल्स’ और ‘द ओबेरॉय ग्रुप’ में लंबी पारी खेल चुकी हैं और कम्युनिकेशंस, प्रॉडक्ट लॉन्चिंग व मार्केटिंग आदि में तमाम प्रमुख जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
इसके अलावा समूह ने अन्य नेतृत्व बदलावों की भी घोषणा की है। इसके तहत रुचिका मेहता अब अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अतिरिक्त ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ की एडिटर का दायित्व भी संभालेंगी। वहीं, कमलिनी चटर्जी को ‘इंडिया टुडे स्पाइस’ की सेल्स की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंडिया टुडे ग्रुप का कहना है कि ये बदलाव उसके लग्जरी और लाइफस्टाइल बिजनेस को और मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
News Leader से जुड़ने से पहले वह इंडिया टीवी (India TV) में करीब चार साल तक वाइस प्रेजिडेंट (Ad–Sales) के पद पर कार्यरत थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘न्यूज लीडर’ (News Leader) ने मनन शील भसीन को अपना चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में मनन शील भसीन चैनल के रेवेन्यू फंक्शन का नेतृत्व करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च की तैयारी के बीच वह चैनल के विज्ञापन और मोनेटाइजेशन से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाएंगे।
मनन शील भसीन को मीडिया सेल्स और रेवेन्यू लीडरशिप में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है। News Leader से जुड़ने से पहले वह इंडिया टीवी (India TV) में करीब चार साल तक वाइस प्रेजिडेंट (Ad–Sales) के पद पर कार्यरत थे।
इससे पहले मनन शील भसीन नेटवर्क18 (Network18), एबीपी न्यूज (ABP News) और टीवी टुडे (TV Today) में वरिष्ठ सेल्स भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।
News Leader के मुताबिक, मनन शील भसीन के अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड के साथ जुड़ने से चैनल के रेवेन्यू फंक्शन को मजबूत और बड़े स्तर पर तैयार करने की दिशा में मदद मिलेगी। चैनल आने वाले हफ्तों में अपने डिस्ट्रीब्यूशन और व्यूअरशिप को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नई दिल्ली में उर्दू सहाफ़त कॉन्क्लेव में उर्दू भाषा, पत्रकारिता, साझा सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय निर्माण में भूमिका पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू समेत विशेषज्ञों ने चर्चा की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के बज़्म-ए-सहाफ़त के तहत ‘उर्दू सहाफ़त कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में उर्दू भाषा, पत्रकारिता, साझा सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय निर्माण में उर्दू की भूमिका पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि उर्दू भाषा की मिठास का उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा एहसास है। उनके मुताबिक, उर्दू से परिचित व्यक्ति समृद्ध होता है। यह भाषा व्यक्तित्व को संवारने के साथ जीवन जीने के तौर-तरीके भी सिखाती है। उन्होंने कहा कि उर्दू पूरी तरह भारत की भाषा है और इसकी जन्मभूमि तथा मूल भारत है। इसे किसी धर्म या संप्रदाय से जोड़ना उचित नहीं है।
कॉन्क्लेव में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज़ हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain), पूर्व राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी (Shahid Siddiqui) और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रोफेसर शाहिद अख्तर (Professor Shahid Akhtar) समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के निदेशक एवं ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधे श्याम राय (Radhe Shyam Rai) ने उर्दू-हिंदी के मजबूत रिश्ते और साझा सांस्कृतिक परंपरा पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के निदेशक डॉ. मोहम्मद शम्स इकबाल (Dr. Mohammad Shams Iqbal) ने उर्दू पत्रकारिता की देश के निर्माण और विकास में भूमिका बताई।
शाहनवाज़ हुसैन ने उर्दू को साझा सांस्कृतिक विरासत का संरक्षक बताया। वहीं शाहिद सिद्दीकी ने इसे तहज़ीब, शालीनता और प्रेम की भाषा बताते हुए उर्दू के प्रचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के इस्तेमाल की जरूरत बताई। प्रोफेसर शाहिद अख्तर ने कहा कि विकसित भारत 2047 में भारतीय भाषाओं, विशेषकर उर्दू की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के इतिहास और कार्यों पर डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसके बाद विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। दूसरे सत्र में ‘राष्ट्रीय निर्माण में उर्दू पत्रकारिता की भूमिका’ पर फिरोज़ बख्त अहमद (Firoz Bakht Ahmed), तहसीन मुनव्वर (Tahseen Munawwar), खुर्शीद रब्बानी (Khurshid Rabbani), अतहर सईद (Athar Saeed) और डॉ. वसीम राशिद (Dr. Wasim Rashid) ने विचार रखे।
तीसरे सत्र में ‘राजनीतिक संवाद में उर्दू की भूमिका’ पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Imran Masood), बीजेपी नेता आलोक वत्स (Alok Vats) और भारत एक्सप्रेस के एंकर रोहित पोखरियाल (Rohit Pokhariyal) ने चर्चा की।
अंतिम सत्र में ऑल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें इकबाल अशहर (Iqbal Ashhar), शालिनी सिंह (Shalini Singh), अनामिका जैन अंबर (Anamika Jain Amber), अलीना इत्रत (Alina Itrat) और मोइन शादाब (Moin Shadab) समेत कई शायरों और कवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सहयोगियों को मोमेंटो और भारत एक्सप्रेस की ओर से सम्मानित किया गया।
UFO Moviez India Limited ने TSR Films Private Limited के साथ चल रहे मध्यस्थता मामले (Arbitration Proceedings) को लेकर अपडेट दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
UFO Moviez India Limited ने TSR Films Private Limited के साथ चल रहे मध्यस्थता मामले (Arbitration Proceedings) को लेकर अपडेट दिया है। कंपनी के मुताबिक, इस मामले में 17 सितंबर 2026 को मध्यस्थ (Sole Arbitrator) ने एक आदेश दिया, जिसके बाद पहले जारी किया गया अंतरिम यथास्थिति (Status Quo) आदेश वापस ले लिया गया। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के बीच हुआ विज्ञापन समझौता भी समाप्त हो गया है।
कंपनी ने 18 सितंबर 2026 को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह मामला 23 दिसंबर 2023 को हुए ऐडवर्टाइजमेंट एग्रीमेंट से जुड़ा है। इस समझौते के तहत TSR के सिनेमाघरों की स्क्रीन पर इन-सिनेमा विज्ञापन के अधिकार UFO Moviez के पास थे। इस मामले में जून 2025 में एक मध्यस्थ (Sole Arbitrator) की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, मध्यस्थता की कार्यवाही चल रही थी, उसी दौरान TSR ने 23 सितंबर 2025 को नोटिस देकर यह समझौता खत्म कर दिया था।
नोटिस मिलने के बाद UFO Moviez ने Arbitration and Conciliation Act, 1996 की धारा 17 के तहत एक अंतरिम आवेदन दाखिल किया था। इसमें कंपनी ने मध्यस्थता मामले के अंतिम निपटारे तक पहले से चल रही अनुबंध व्यवस्था को जारी रखने की मांग की थी।
इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को Sole Arbitrator ने अंतरिम यथास्थिति (Status Quo) का आदेश दिया था, जो तब से लागू था। हालांकि, करीब 10 महीने बाद TSR ने 29 जुलाई 2026 को इस यथास्थिति (Status Quo) आदेश को जारी रखने को Sole Arbitrator के सामने चुनौती दी।
अब 17 सितंबर 2026 के आदेश में Sole Arbitrator ने UFO Moviez की अंतरिम याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया। इसके साथ ही पहले दिया गया Status Quo का अंतरिम आदेश वापस ले लिया गया। इसके परिणामस्वरूप, दोनों कंपनियों के बीच हुआ विज्ञापन समझौता अब समाप्त माना जाएगा।
कंपनी ने साफ किया है कि इस आदेश के तहत उस पर कोई लागत, हर्जाना या किसी तरह की मौद्रिक देनदारी नहीं लगाई गई है।
मुख्य मामले पर इस आदेश का असर नहीं
UFO Moviez ने बताया कि यह आदेश केवल अंतरिम आवेदन तक सीमित है। इसमें मामले के मुख्य पक्षों यानी दोनों कंपनियों की ओर से किए गए दावों, बचाव और Counter Claim के गुण-दोष पर कोई फैसला नहीं दिया गया है।
कंपनी के मुताबिक, इस आदेश का मुख्य मामले पर कोई असर नहीं है। दोनों पक्षों के दावे अभी भी Sole Arbitrator के सामने लंबित हैं और UFO Moviez की ओर से पेश किया गया बचाव और Counter Claim भी प्रभावित नहीं हुआ है।
कंपनी पर बड़े वित्तीय असर की उम्मीद नहीं
UFO Moviez ने अपने मौजूदा आकलन के आधार पर कहा है कि इस आदेश से कंपनी के कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा प्रतिकूल असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
कंपनी ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि TSR के स्तर पर समझौते को लागू करने में आ रही दिक्कतों के कारण TSR की स्क्रीन पर विज्ञापन अधिकारों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। इसके चलते कंपनी के लिए यह व्यवस्था कुल मिलाकर नकारात्मक रिटर्न दे रही थी। कंपनी ने यह भी कहा कि इन कामकाजी दिक्कतों के कारण उसने जो कटौती की थी, वह भी मध्यस्थता मामले में उठाए गए मुद्दों में शामिल है।
UFO Moviez ने बताया कि वह अपने कानूनी सलाहकारों के साथ इस आदेश की समीक्षा कर रही है और अपने हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएगी। कंपनी को इस आदेश की जानकारी उसके वकीलों के जरिए 17 सितंबर 2026 को दोपहर 1:49 बजे मिली थी।
शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) की 21वीं सालाना आम बैठक (AGM) 14 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) की 21वीं सालाना आम बैठक (AGM) 14 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक में रखे गए सभी चारों प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए।
कंपनी की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी मतदान नतीजों के मुताबिक, AGM में रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान हुई ई-वोटिंग को मिलाकर मतदान के नतीजे जारी किए गए हैं। इन नतीजों के साथ स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट भी जमा की गई है।
पहला प्रस्ताव: फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी
पहले प्रस्ताव में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, जिसमें ऑडिट किए गए कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट भी शामिल हैं, को मंजूरी देने की बात थी। इसके साथ डायरेक्टरों और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को भी स्वीकार करने का प्रस्ताव रखा गया था।
इस प्रस्ताव पर कुल 1,96,93,131 वोट पड़े। इनमें 1,96,92,397 वोट पक्ष में और 734 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में पड़े वोट कुल वोटों का 99.9963% रहे। यह प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।
जय मारू की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी
दूसरे प्रस्ताव में जय मारू को डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई। जय मारू कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं और रोटेशन के आधार पर डायरेक्टर पद से रिटायर हो रहे थे। पात्र होने के कारण उन्होंने दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश किया था।
इस प्रस्ताव पर भी कुल 1,96,93,131 वोट पड़े। इनमें 1,96,92,336 वोट पक्ष में और 795 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में पड़े वोट 99.996% रहे। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हो गया।
Statutory Auditors की दोबारा नियुक्ति
तीसरे प्रस्ताव में M/s Mukund M. Chitale & Co., Chartered Accountants को कंपनी के Statutory Auditors के रूप में दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। फर्म का Registration Number 106655W है।
इस प्रस्ताव पर 1,96,92,336 वोट पक्ष में और 795 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में वोटों का प्रतिशत 99.996% रहा और प्रस्ताव पास हो गया।
Cost Auditors के पारिश्रमिक की पुष्टि
चौथे प्रस्ताव में 31 मार्च 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए Cost Auditors को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की पुष्टि करने का प्रस्ताव था। इस प्रस्ताव पर 1,96,92,397 वोट पक्ष में और 734 वोट विरोध में पड़े। पक्ष में वोटों का प्रतिशत 99.9963% रहा। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।
मतदान से जुड़ी जानकारी
कंपनी के मुताबिक, 7 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट थी और उस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में कुल 13,945 शेयरधारक थे। AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 8 प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप और 40 सार्वजनिक शेयरधारक शामिल हुए। AGM में कुल 4 प्रस्ताव रखे गए थे और सभी प्रस्ताव पास हो गए।
रिमोट ई-वोटिंग की प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और 13 अगस्त 2026 शाम 5 बजे समाप्त हुई। वहीं, जो सदस्य रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोट नहीं कर सके, उनके लिए AGM के दौरान भी ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। इस सुविधा के जरिए 3 सदस्यों ने मतदान किया।
स्क्रूटिनाइजर के तौर पर Dipesh Gosar & Co. के प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी दिपेश यू. गोसार को नियुक्त किया गया था। उन्होंने ई-वोटिंग प्रक्रिया की जांच कर अपनी रिपोर्ट कंपनी को सौंपी।