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टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी नियमों में बड़ा बदलाव, मोबाइल व डिजिटल धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम
टेलीकॉम विभाग (DoT) ने 22 अक्टूबर 2025 को टेलीकम्युनिकेशन साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियमों में अहम बदलाव किए हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 months ago
टेलीकॉम विभाग (DoT) ने 22 अक्टूबर 2025 को टेलीकम्युनिकेशन साइबर सिक्योरिटी (TCS) नियमों में अहम बदलाव किए हैं। ये बदलाव इसलिए किए गए हैं क्योंकि अब मोबाइल नंबर, IMEI और दूसरी टेलीकॉम आईडी डिजिटल सर्विसेज में तेजी से इस्तेमाल हो रही हैं- चाहे बैंकिंग हो, ई-कॉमर्स हो या सरकारी सेवाएं। सरकार का मकसद है कि डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित रखा जाए और धोखाधड़ी पर रोक लगे।
सबसे बड़ा अपडेट मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन (MNV) प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। कई धोखाधड़ी वाले अकाउंट्स और फर्जी पहचान वाले मामलों में मोबाइल नंबर की गलत या बिना जांच के लिंकिंग सामने आती थी। अब नए नियमों के तहत एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया गया है, जहां सर्विस प्रोवाइडर यह चेक कर सकेंगे कि जिस मोबाइल नंबर से कोई सेवा ली जा रही है, वह सच में उसी व्यक्ति का है या नहीं। इससे डिजिटल ट्रांजेक्शन में भरोसा बढ़ेगा और फर्जीवाड़ा कम होगा।
दूसरा बड़ा बदलाव सेकेंड-हैंड मोबाइल मार्केट के लिए है। देश में पुराने या रिफर्बिश्ड मोबाइल फोन की बिक्री तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसी के साथ चोरी, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन किए गए फोनों का खतरा भी बढ़ा है। अब नियमों के अनुसार, कोई भी पुराना या रिफर्बिश्ड फोन बेचने से पहले उसके IMEI नंबर को एक सेंट्रल डेटाबेस में चेक करना जरूरी होगा। इससे खरीदार सुरक्षित रहेंगे और पुलिस को चोरी हुए मोबाइल ट्रैक करने में आसानी होगी।
नए नियमों में TIUE (Telecom Identifier User Entity) की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। कई सेक्टर्स मोबाइल नंबर, IMEI और IP जैसे टेलीकॉम आईडी का इस्तेमाल पहचान और सर्विस देने के लिए करते हैं। अब इन संस्थाओं को जरूरत पड़ने पर सरकार के साथ जरूरी टेलीकॉम-आईडी डेटा साझा करना होगा। इससे साइबर फ्रॉड पर काबू करने में मदद मिलेगी, और डेटा सुरक्षा नियमों का पालन भी सुनिश्चित होगा।
कुल मिलाकर ये संशोधन भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित, पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि ये बदलाव धोखाधड़ी को रोकने, डिवाइस ट्रेसिंग को मजबूत करने और टेलीकॉम पहचानियों के जिम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 22 अक्टूबर 2025 को अधिसूचित किए गए TCS Amendment Rules, 2025 (G.S.R. 771(E)) पूरी तरह लागू हैं और मान्य हैं। बाद में एक तकनीकी गलती की वजह से 29 अक्टूबर को यही नियम दोबारा छप गए थे, जिसे अब 25 नवंबर 2025 की नई अधिसूचना के जरिए वापस ले लिया गया है। इससे मूल नियमों की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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