होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / 2024–25 में डिजिटल न्यूज के खिलाफ बढ़ीं शिकायतें, MIB रिपोर्ट में खुलासा
2024–25 में डिजिटल न्यूज के खिलाफ बढ़ीं शिकायतें, MIB रिपोर्ट में खुलासा
डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के खिलाफ शिकायतों में साल 2024–25 के दौरान तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 months ago
डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के खिलाफ शिकायतों में साल 2024–25 के दौरान तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि लोग अब ऑनलाइन न्यूज कंटेंट को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं और शिकायत दर्ज कराने के तरीकों के बारे में भी पहले से ज्यादा जागरूक हैं।
मंत्रालय की 2024–25 की रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स से जुड़ी कुल 859 शिकायतें मिलीं। ये शिकायतें सीधे मंत्रालय को या फिर सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेसल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) के जरिए दर्ज की गईं। इसके मुकाबले 2023–24 में सिर्फ 196 शिकायतें सामने आई थीं।
यदि साल-दर-साल तुलना की जाए, तो डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के खिलाफ शिकायतों में करीब 338 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 लागू होने के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय को मिलने वाली सभी शिकायतें संबंधित डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स को समाधान के लिए भेज दी जाती हैं। इन शिकायतों का निपटारा तीन-स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत होता है। इसमें इंडियन इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन के तहत काम करने वाली डिजिटल पब्लिशर्स कंटेंट ग्रिवांस काउंसिल (DPCGC) और डिजिटल मीडिया कंटेंट रेगुलेटरी काउंसिल (DMCRC) जैसी सेल्फ-रेगुलेटरी संस्थाएं अहम भूमिका निभाती हैं।
शिकायतों में यह तेज उछाल ऐसे समय में आया है, जब अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स और भाषाओं में डिजिटल न्यूज का दायरा तेजी से बढ़ा है। इससे ज्यादा तरह का कंटेंट लोगों और नियामकों की नजर में आया है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर यूजर्स की बढ़ती जानकारी भी इस बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह है।
इसी दौरान OTT प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी शिकायतों में तो और भी ज्यादा उछाल देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024–25 में OTT प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ 1,086 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि पिछले साल यह संख्या सिर्फ 104 थी। यानी सालाना आधार पर करीब 944 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
मंत्रालय ने एक बार फिर साफ किया है कि वह कंटेंट से जुड़े विवादों पर खुद कोई फैसला नहीं करता। उसका काम सिर्फ शिकायतों को संबंधित पब्लिशर्स या सही सेल्फ-रेगुलेटरी बॉडी तक पहुंचाना है, जैसा कि आईटी नियमों में तय किया गया है। इन नए आंकड़ों के बाद डिजिटल मीडिया में सेल्फ-रेगुलेशन, कंटेंट की जवाबदेही और निगरानी के मौजूदा ढांचे को लेकर चर्चा और तेज होने की उम्मीद है।
टैग्स