ये घटना मीडिया संस्थानों के लिए फिर से एक सबक है कि सोशल मीडिया के दौर में जल्दबाजी के साथ-साथ आंख-कान खुले रखना भी जरूरी है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो