होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / युद्ध, इमरजेंसी के अलावा भी 75 सालों में ऐसा कुछ हुआ, जिसका असर पड़ा: प्रो. ऐश्वर्या पंडित
युद्ध, इमरजेंसी के अलावा भी 75 सालों में ऐसा कुछ हुआ, जिसका असर पड़ा: प्रो. ऐश्वर्या पंडित
जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. ऐश्वर्या पंडित ने BW बिजनेस वर्ल्ड के सीनियर एडिटर रुहैल अमीन को बताया कि मेरी किताब पूरी तरह से राजनीतिक है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ‘BW बिजनेस वर्ल्ड’ ने गुरुवार को ‘इंडिया बिजनेस लिटरेचर फेस्टिवल’ (IBLF) का आयोजन किया। यह इस कार्यक्रम का दूसरा एडिशन था। गुरुग्राम स्थित ‘द लीला’ होटल में आयोजित कार्यक्रम में देश-विदेश के शीर्ष लेखक, शिक्षाविद, विद्वान और प्रकाशकों ने शिरकत की। इस मौके पर Claiming Citizenship and Nation नामक सेशन में बोलती हुईं जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. ऐश्वर्या पंडित ने BW बिजनेस वर्ल्ड के सीनियर एडिटर रुहैल अमीन को बताया कि मेरी किताब पूरी तरह से राजनीति पर आधारित है, जिसमें 75 सालों से देश की दिशा और दशा तय करने वाले ऐतिहासिक तथ्यों को शामिल किया गया है।
इस किताब में अल्पसंख्यको के बारे में हैं, जिसे लेकर हर चुनाव में चर्चा होती रहती है। अल्पसंख्यक आईडेंटिटी पॉलिटिक्स की दिक्कतों को भी झेलते हैं। इस किताब को मैंने तब लिखा था, जब मैं पीएचडी कर रही थी। जिस विषय पर मैं शोध कर रही थी, उस दौरान मुझे लगा कि इसको किताब के तौर पर लाना चाहिए, क्योंकि बीते 75 सालों में बहुत कुछ घटित हुआ है। विभाजन से लेकर के इमरजेंसी और युद्ध जैसी बातों के अलावा भी बहुत कुछ ऐसा रहा है, जिसे जानना जरूरी है, जिसका असर पड़ा है।
प्रोफेसर ऐश्वर्या ने कहा कि जब भी केंद्र या राज्यों में चुनाव होते हैं, मुस्लिम इलाकों पर बड़ा फोकस किया जाता है। उनकी आइडेंटिटी पर राजनीति की जाती है, जोकि चर्चा के केंद्र में रहता है। इस किताब को लिखने की प्रेरणा मुझे कई लोगों से मिली, जो उनके निजी पेपर्स से काफी कुछ समझने को मिला। उस दौरान जब लोगों से बातचीत की, तो कई बातें सामने निकलकर आयीं।
यह किताब न केवल ग्लोबलाइजेशन, आईडेंटिटी और इतिहास पर नजर रखती है, बल्कि आज के दौर में जो चल रहा है उन तथ्यों से भी रूबरू कराती है। यह किताब इस साल पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को भी समेटे है, तो अगले साल होने वाले केंद्र सरकार के चुनाव पर भी नजर में रखकर लिखी गई है। इस किताब के जरिए ज्यादा मैं अपनी बात को उन लोगों तक पहुंचा सकती हूं, जो छात्र हैं, पुराने लोग है और इतिहास की समझ रखते हैं।
टैग्स रुहैल अमीन इंडिया बिजनेस लिट्रेचर फेस्टिवल प्रोफेसर ऐश्वर्या पंडित