होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / राजा भैया, मुख्तार अंसारी, अजय राय की 'दबंग' छवि है मीडिया परसेप्शन
राजा भैया, मुख्तार अंसारी, अजय राय की 'दबंग' छवि है मीडिया परसेप्शन
मुझे तो वे बेहद विनम्र और सहज व्यक्ति लगे, जैसे कि कोई भी भद्र व्यक्ति होता है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
वाराणसी में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ रहे कांग्रेस के प्रत्याशी श्री अजय राय को मैं भी मीडिया द्वारा बने गई उनकी छवि के चलते बाहुबली, गुंडा और असभ्य ही समझता था। पर आज अभी एनडीटीवी पर संवाददाता श्री उमाशंकर से उनकी एक चलताऊ बातचीत से ही लगा, कि यह वह व्यक्ति तो नहीं, जिसे पुलिस और उनके चलते कुछ पत्रकारों ने गुंडा ख्यात कर रखा है. यह हरक़त योगी आदित्य नाथ की पुलिस की नहीं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी की पुलिस की थी।मुझे तो वे बेहद विनम्र और सहज व्यक्ति लगे, जैसे कि कोई भी भद्र व्यक्ति होता है।
एक बार मुख्तार अंसारी से मुलाक़ात के वक़्त मैं भयभीत था, किंतु जब उन्होंने कहा- शुक्ला जी, मैं भी एक सामान्य आदमी हूँ, तो उनकी सहजता मुझे बहुत पसंद आई। इसी तरह जिन राजा भैया को कल्याण सिंह ने “कुंडा का गुंडा” कहा था, और मायावती सुश्री मायावती ने जिनका घर तक खुदवा डाला था, उन्हीं राजा भैया से जब हमारे पत्रकार साथी हेमंत शर्मा, ने परिचय कराया, तो मेरा चेहरा देखकर बोले- “पंडित जी हम कोई हौवा थोड़े हैं!” यह होता है, मीडिया परसेप्शन, जिसको चाहे खल पात्र बना दे और जिसको चाहे नायक. इसीलिए मैं कहता हूँ, कि इतिहास चाहे इरफ़ान हबीब लिखें या बत्रा जी, होगा वह उस समय के शासकों के आईने से ही देखा हुआ।
अब देखिये, वाराणसी से अजय राय हारें या जीतें, किंतु उस शख्स के अन्दर न तो भय है, न एक सर्व-शक्तिसंपन्न राजा से टकराने का दर्प। अब जो कुछ होगा, वह तो 19 को होगा और चार दिन बाद पता चल जाएगा।
(वरिष्ठ पत्रकार शंभुनाथ शुक्ल की फेसबुक वॉल से)
टैग्स अजय राय