अखबारों के डिजिटल सबस्क्रिप्शन की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर अब उठने लगा है ये सवाल

हालांकि कुछ अखबार पहले से ऑनलाइन एडिशन के लिए सबस्क्रिप्शन मॉडल (paywall) अपना रहे हैं, जबकि कुछ अन्य अखबार इस नक्शे कदम पर चलने की तैयारी में हैं

Last Modified:
Friday, 22 May, 2020
Digital Media

देश-दुनिया में आतंक मचा रहे कोरोनावायरस (कोविड-19) ने मार्केट ट्रेंड और उपभोग के पैटर्न्स (consumption patterns) को काफी बदल दिया है। कोरोनासंक्रमण के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन का असर प्रिंट मीडिया पर भी पड़ रहा है। इस दौरान कई अखबारों की प्रिंटिंग प्रभावित हुई है। कोरोनावायरस के अखबारों पर पड़ रहे प्रभावों के बीच पाठकों की एक नई कैटेगरी उभरकर सामने आई है। हालांकि, ये ऐसे नए पाठक नहीं हैं, जिन्हें रोजाना सुबह-सुबह अखबार पढ़ने की आदत है, लेकिन वे उस माध्यम के लिए नए हैं जो उन्होंने हाल ही में अपने समाचार पत्रों को पढ़ने के लिए इस्तेमाल किया है।

हालांकि, न्यू मीडिया के तमाम समर्थकों का लंबे समय से कहना है कि देश में प्रिंट मीडिया जल्द ही खत्म हो जाएगा, लेकिन प्रिंट मीडिया की स्थिति को देखें और इंडस्ट्री से जुड़े तमाम शीर्ष अधिकारियों की मानें तो फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं होने जा रहा है। पिछले तीन सालों में सर्कुलेशन के हिसाब से सबसे ज्यादा बिकने वाला अखबार (इंडियन रीडरशिप सर्वे के अनुसार) अपनी रीडरशिप यानी पाठक संख्या को 6.8 करोड़ से सात करोड़ के बीच में बनाए रखने में कामयाब रहा है। इस बात से साफ पता चलता है कि देश में अभी भी प्रिंट माध्यम लोगों की पसंद बना हुआ है।

अब सवाल उठता है कि क्या जो लोग ऑनलाइन अखबार पढ़ते हैं, वे भी इसके लिए भुगतान करने के लिए तैयार हैं? इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक धीमी प्रक्रिया है लेकिन जो अखबार को महत्व देते हैं वे देर-सवेर इसके लिए भुगतान करने के लिए तैयार हो जाएंगे। विश्लेषकों के अनुसार, यह आने वाले समय में रेवेन्यू के हिसाब से न्यूज ऑपरेशंस के लिए भी काफी फायदेमंद होगा। हालांकि, बहुत सारे समाचार पत्र जैसे बिजनेस स्टैंडर्ड (Business Standard) लंबे समय से ऑनलाइन अखबार पढ़ने के लिए भुगतान का मॉडल अपना रहे हैं, कई अन्य ब्रैंड्स भी हाल ही में इस दौड़ में शामिल हुए हैं।

देश के प्रमुख अंग्रेजी अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ (The Times of India) ने पिछले हफ्ते ही अपने ई-पेपर को पढ़ने के लिए इस पर सबस्क्रिप्शन मॉडल लागू किया है। यानी अब इस अखबार का ई-पेपर पढ़ने के लिए पाठकों को इसे सबस्क्राइब करना होगा, जिसके लिए हर महीने 199 रुपए शुल्क भी चुकाना होगा।

ऐसे में सवाल उठता है कि धीमी अर्थव्यवस्था के बावजूद इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की चौथी तिमाही (IRS 2019 Q4)  में जिन अखबारों की रीडरशिप में बढ़ोतरी देखी गई है, वे आखिर क्यों सबस्क्रिप्शन मॉडल अपना रहे हैं? ‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ (BCCL) की एग्जिक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन शिवकुमार सुंदरम का कहना है, ‘लॉकडाउन के कारण हमारे अखबार की डिलीवरी हमारे सभी पाठकों तक सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, ऐसे में हमारी ड्यूटी है कि लोगों तक हम प्रमाणिक खबरें पहुंचाएं। ऐसे में मुफ्त में ई-पेपर उपलब्ध होने पर शरारत करने वाले तत्व समाचारों को डाउनलोड कर उनसे साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं अथवा फेक न्यूज को प्रसारित कर सकते हैं। ई-पेपर के लिए सबस्क्रिप्शन मॉडल अपनाकर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जो पाठक न्यूज का ऑरिजिनल वर्जन पढ़ना चाहते हैं वे इसकी प्रमाणिकता पर पूरा भरोसा कर सकते हैं।’

शिवकुमार सुंदरम का यह भी कहना है, ‘इस तरह हम अखबार के डाउनलोड किए गए और फॉरवर्ड किए गए वर्जन की खपत (consumption) को हतोत्साहित करते हैं, क्योंकि इस नाजुक समय में यह हमारे समाज के लिए भ्रामक और खतरनाक हो सकता है।’ सुंदरम के अनुसार, ‘वॉट्सऐप ग्रुप्स पर जो भी मुफ्त में और फॉरवर्ड होकर मिलता है, उसका कोई महत्व नहीं है। अखबार द्वारा सबस्क्रिप्शन का यह मॉडल रेवेन्यू जुटाने के लिए नहीं अपनाया गया है, हालांकि इसकी घोषणा के बाद से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।’

हालांकि, सिर्फ ‘बीसीसीएल’ ही नहीं है, जिसके पाठक कंटेंट हासिल करने के लिए अखबार द्वारा लगाए गए शुल्क का समर्थन कर रहे हैं, ‘द हिंदू’ भी अपने ई-पेपर को लंबे समय से सबस्क्रिप्शन मॉडल पर उपलब्ध करा रहा है और वह भी इसके परिणाम से खुश है। ‘द हिंदू’ ग्रुप के वाइस प्रेजिडेंट और बिजनेस हेड (डिजिटल मीडिया) प्रदीप गैरोला (Pradeep Gairola) का कहना है, ‘हमारे सबस्क्रिप्शन के आंकड़े काफी उत्साहित करने वाले हैं। द हिंदू की सफलता ने हमें अपने अन्य ब्रैंड्स को सबस्क्रिप्शन मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया है। अब इस ब्रैंड के सभी प्रॉडक्ट जैसे- BusinessLine, Frontline, Sportstar और Young World Club आदि भुगतान वाले सबस्क्रिप्शन मॉडल पर हैं। लॉकडाउन ने ब्रैंड के लिए इन नंबरों को बढ़ाने में वास्तव में मदद की है। यह दर्शाता है कि इस ट्रेंड को न सिर्फ मीडियम द्वारा बल्कि पाठकों द्वार भी स्वीकार किया जा रहा है।’

गैरोला का कहना है, ‘लॉकडाउन के दौरान हमें अपने सबस्क्राइबर बेस में काफी उछाल देखने को मिला है। हालांकि हमने द हिंदू की वेबसाइट पर फ्री आर्टिकल्स की संख्या दोगुनी कर दी है, ई-पेपर के फ्री ट्रायल के दिनों की संख्या को बढ़ा दिया है और कई अन्य कवायद भी की है, अधिकांश लोग हमारी पत्रकारिता को पसंद कर रहे हैं और कंटेंट के लिए भुगतान कर रहे हैं। कोविड-19 के दौरान न्यूज का उपभोग (consumption) पूरी दुनिया में बढ़ा है। इसने लोगों को समाचार के भरोसेमंद स्रोतों को चुनने के लिए भी मजबूर किया है। इसलिए हमारा मानना है कि लॉकडाउन के बाद भी यह ट्रेंड जारी रहेगा।’

यह सिर्फ अंग्रेजी अखबारों की बात नहीं है, हिंदी और अन्य प्रादेशिक अखबार भी इस कदम का समर्थन कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश भी इस मॉडल को अपनाने के रास्ते पर हैं। इस बारे में ‘जागरण प्रकाशन’ के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (स्ट्रैटेजी, ब्रैंड और बिजनेस डेवलपमेंट) बसंत राठौड़ का कहना है, ‘तमाम अखबारों ने अपने डिजिटल कंटेंट को एक्सेस करने के लिए सबस्क्रिप्शन मॉडल अपनाया है और यह सही है। कंटेंट को तैयार करने में काफी खर्च आता है, यदि कंटेंट निर्माता उसके लिए शुल्क लेने का निर्णय लेते हैं तो यह पूरी तरह सही है। देश के लोग भी डिजिटल सबस्क्रिप्शन के भुगतान के लिए तैयार है, लेकिन अभी बड़े पैमाने पर ऐसा नहीं है। आने वाले समय में यह और बढ़ेगा और लोग अखबार के डिजिटल सबस्क्रिप्शन के लिए भुगतान करेंगे।’

वहीं, ‘मातृभूमि’ ग्रुप के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एमवी श्रेयम्स कुमार का कहना है कि हालांकि कुछ समय से उनका अखबार डिजिटल सबस्क्रिप्शन मॉडल पर है लेकिन उन्होंने इसे ज्यादा प्रमोट नहीं किया है। उनका कहना है, ‘लोग फ्री कंटेंट के आदी हैं, ऐसे में हमें यह नहीं भूलना चाहे कि 80 प्रतिशत डिजिटल एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू दुनिया में दो बड़ी कंपनियों को जाता है। अखबार यहां टिके हुए हैं और यदि इन्हें ऑनलाइन पढ़ने के लिए सबस्क्रिप्शन मॉडल पर लाया जाता है तो देर-सवेर पाठक इसके लिए भुगतान करेंगे।’

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दैनिक जागरण को बाय बोलकर विकाश गौड़ ने अब इस संस्थान संग शुरू की नई पारी

युवा पत्रकार विकाश गौड़ ने ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट ‘जागरण डॉट कॉम’ (jagran.com) में अपनी करीब दो साल 10 महीने लंबी पारी को विराम दे दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 19 January, 2022
Vikash Gaur

युवा पत्रकार विकाश गौड़ ने ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट ‘जागरण डॉट कॉम’ (jagran.com) में अपनी करीब दो साल 10 महीने लंबी पारी को विराम दे दिया है। विकाश गौड़ अप्रैल 2019 से यहां स्पोर्ट्स टीम का हिस्सा थे और सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे थे।

खेल की दुनिया में बचपन से ही रुचि रखने वाले विकाश गौड़ ने अब अपने नए सफर की शुरुआत ‘हिन्दुस्तान’ की न्यूज वेबसाइट ‘लाइव हिंदुस्तान’ (livehindustan.com) के साथ की है। यहां उन्होंने बतौर सीनियर कंटेट प्रड्यूसर जॉइन किया है। वह यहां भी स्पोर्ट्स टीम का हिस्सा हैं।

किताबें पढ़ने के शौकीन विकाश गौड़ की क्रिकेट पर अच्छी पकड़ है। मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले विकाश को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब पांच साल का अनुभव है। ‘दैनिक जागरण’ से पहले उन्होंने करीब छह महीने ‘डेली हंट’ में काम किया है और इससे पहले करीब 10 महीने ‘राजस्थान पत्रिका’ की सहयोगी वेबसाइट ‘कैच हिंदी’ से सब एडिटर के तौर पर जुड़े हुए थे। इसके अलावा वह अपने करियर की शुरुआत में ‘खबर नॉन स्टॉप’ के साथ करीब 15 महीने काम कर चुके हैं।

विकाश गौड़ ने ‘मंगलायतन यूनिवर्सिटी’ से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद ‘आजतक’ न्यूज चैनल और ‘दैनिक जागरण’ अखबार में इंटर्नशिप की, फिर वह डिजिटल पत्रकारिता की ओर मुड़ गए और ‘खबर नॉन स्टॉप’ के साथ जुड़ गए। इसके बाद तमाम मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अब वह ‘हिंदुस्तान’ पहुंचे हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से विकाश गौड़ को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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HT Media की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने आठ वेबसाइट्स पर लगाई ये रोक

अदालत ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और आर्थिक अपराध शाखा को इन वेबसाइट्स की अवैध गतिविधियों की जांच करने के साथ ही अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 19 January, 2022
HT Media

‘एचटी मीडिया’ (HT Media) को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने आठ वेबसाइट्स को कंपनी के जॉब पोर्टल शाइन/शाइन डॉट कॉम (Shine/Shine.com) के ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन करने से रोक दिया है। बता दें कि ‘एचटी मीडिया’ शाइन (Shine) ब्रैंडनेम के तहत जॉब पोर्टल का संचालन करता है।  

13 जनवरी को दिए गए अपने अंतरिम आदेश में जस्टिस योगेश खन्ना ने आठ वेबसाइट्स को एचटी मीडिया के पंजीकृत ट्रेडमार्क/कॉपीराइट  और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) का उल्लंघन करने से रोक दिया है।

हाई कोर्ट ने इंटरनेट और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इन वेबसाइट्स तक पहुंच को अवरुद्ध करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही दूरसंचार विभाग और ‘केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय’ (एमईआईटी) को इस आशय के लिए इंटरनेट और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को अधिसूचना जारी करने का निर्देश भी दिया है।

अदालत ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और आर्थिक अपराध शाखा को इन वेबसाइट्स की अवैध गतिविधियों की जांच करने और उनकी वास्तविक पहचान से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ ही अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा है।

बता दें कि कंपनी ने ऐसी वेबसाइट्स पर पंजीकृत ट्रेडमार्क/कॉपीराइट  और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्थायी निषेधाज्ञा और हर्जाने की मांग की थी। कंपनी का तर्क था कि ये वेबसाइट्स ‘शाइन’ और इसकी वेबसाइट से जुड़े होने का झूठा दावा करके आम लोगों को धोखा दे रही थीं। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था ये वेबसाइट्स खुद को shine.com की तरह प्रतिबिंबित कर रही थीं और ‘हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया' ब्रैंड का इस्तेमाल करके कथित रूप से नौकरी/साक्षात्कार/करियर की पेशकश करके लोगों को बेवकूफ बन रही हैं।

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India TV पहुंचे पत्रकार आलोक सिंह, निभाएंगे यह जिम्मेदारी

पत्रकार आलोक सिंह ने ‘इंडिया टीवी’ (India TV) के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 January, 2022
Last Modified:
Wednesday, 19 January, 2022
Alok Singh

पत्रकार आलोक सिंह ने ‘इंडिया टीवी’ (India TV) के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने ‘इंडिया टीवी’ की डिजिटल विंग में बतौर असिस्टेंट एडिटर जॉइन किया है। यहां वह बिजनेस से जुड़ी खबरों की कमान संभालेंगे।

‘इंडिया टीवी’ से पहले आलोक सिंह करीब चार साल से सीनियर बिजनेस जर्नलिस्ट के तौर पर ‘हिंदुस्तान’ में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। यहां बिजनेस डेस्क की कमान उन्हीं के हाथ में थी। इससे पहले वह ‘राजस्थान पत्रिका’, ‘दैनिक भास्कर’ और ‘पी-7’ समेत कई मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

मूल रूप से मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले आलोक सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 13 साल का अनुभव है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के साथ की थी।

आलोक सिंह ने मुजफ्फरपुर से अंग्रेजी (ऑनर्स) की डिग्री ली है। इसके अलावा उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। समाचार4मीडिया की ओर से आलोक सिंह को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।    

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न्यूज18 इंडिया को अलविदा कह युवा पत्रकार आलोक तिवारी ने तलाशी नई मंजिल

युवा पत्रकार आलोक तिवारी ने ‘नेटवर्क18‘ में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब छह महीने से ‘न्यूज18 इंडिया’ में कार्यरत थे और कानपुर में बतौर रिपोर्टर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

Last Modified:
Monday, 17 January, 2022
Alok Tiwari

युवा पत्रकार आलोक तिवारी ने ‘नेटवर्क18‘ (Network18) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब छह महीने से ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) में कार्यरत थे और कानपुर में बतौर रिपोर्टर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

आलोक तिवारी ने अब अपने नए सफर की शुरुआत ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) की डिजिटल विंग से की है। उन्होंने लखनऊ में बतौर सीनियर सब एडिटर जॉइन किया है।

बता दें कि आलोक तिवारी कानपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने ‘जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन‘ से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद ‘दैनिक जागरण‘ से अपने करियर की शुरुआत की थी।

समाचार4मीडिया की ओर से आलोक तिवारी को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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एक और न्यूज वेबसाइट हुई यहां की दमन नीति का शिकार, लिया कठिन फैसला

‘सिटीजन न्यूज’ ने रविवार को इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा है कि वह अपनी वेबसाइट पर चार जनवरी से अपडेटेड जानकारी साझा नहीं करेगी और इसके बाद वह बंद कर दी जाएगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 04 January, 2022
Last Modified:
Tuesday, 04 January, 2022
Hongcong54149

हॉन्गकॉन्ग (Hong Kong) की एक न्यूज वेबसाइट को चीनी दमन नीति के आगे घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा है। हॉन्गकॉन्ग में लोकतंत्र समर्थन न्यूज वेबसाइट ‘सिटिजन न्यूज’ (Citizen News) ने रविवार को कहा कि वह अपनी सेवाएं बंद कर ही है।

लोकतंत्र समर्थक एक अन्य वेबसाइट ‘स्टैंड न्यूज’ (Stand News) के कार्यालय पर पुलिस के छापेमारी करने और राजद्रोह के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार करने के कुछ दिनों बाद, प्रेस स्वतंत्रता पर उठते सवालों के बीच वेबसाइट ने यह घोषणा की है।

‘सिटीजन न्यूज’ ने रविवार को इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा है कि वह अपनी वेबसाइट पर चार जनवरी से अपडेटेड जानकारी साझा नहीं करेगी और इसके बाद वह बंद कर दी जाएगी। वेबसाइट के चीफ राइटर क्रिस येयुंग (Chris Yeung) ने बताया कि यह निर्णय बहुत कम समय में लेना पड़ा है, क्योंकि स्टैंड न्यूज पर हुई कार्रवाई ने हमें निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है।

‘सिटिजन न्यूज’ ने एक बयान में कहा, ‘हमें यह जगह बेहद पसंद है। अफसोस की बात है कि हमारे सामने केवल बारिश या तेज हवाओं जैसी नहीं, बल्कि तूफान और सुनामी जैसी चुनौतियां हैं। हम अपने मूल सिद्धांतों को कभी नहीं भूले हैं। दुखद है कि पिछले दो वर्षों में समाज में हुए बड़े परिवर्तनों और मीडिया के लिए बिगड़ते माहौल के कारण हम अब बिना किसी डर के अपने मार्ग पर नहीं चल सकते।’

चीन ने हाल के दिनों में हॉन्गकॉन्ग में अपनी गतिविधियों को बढ़ाया है और लोकतंत्र समर्थक लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इसके अलावा, कई मीडिया संस्थानों पर छापेमारी की गई है और प्रमुख पत्रकारों की गिरफ्तारी हुई है।

 ‘एपल डेली’ और ‘स्टैंड न्यूज’ के बाद हालिया महीनों में सेवाएं बंद करने की घोषणा करने वाली ‘सिटिजन न्यूज’ तीसरी वेबसाइट है।

2019 में बड़े पैमाने पर लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों के बाद चीन ने हॉन्गकॉन्ग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National security law) लागू किया था, जिसके बाद से ही मीडिया घरानों तथा पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। सिटिजन न्यूज को तब बंद किया गया है, जब स्टैंड न्यूज पर छापेमारी की गई और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसमें स्टैंड न्यूज के संपादक और पूर्व बोर्ड के सदस्य बी शामिल थे।

इन सभी लोगों पर आरोप लगाया गया कि ये लोग कथित रूप से देशद्रोही सामग्री को प्रकाशित करने की साजिश रच रहे थे। स्टैंड न्यूज ने उसी दिन ऐलान किया कि वह काम करना बंद कर देगा। स्टैंड न्यूज के दो पूर्व संपादक जिन्हें गिरफ्तार किया गया था, उन पर बाद में औपचारिक रूप से राजद्रोह का आरोप लगाया गया।

 

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Hindustan को अलविदा बोलकर पत्रकार अमित गुप्ता ने तलाशी नई मंजिल

अमित गुप्ता करीब पांच सालों से ‘हिन्दुस्तान’ की न्यूज वेबसाइट (livehindustan.com) में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 31 December, 2021
Last Modified:
Friday, 31 December, 2021
Amit Gupta

युवा पत्रकार अमित गुप्ता ने ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने पिछले दिनों ‘आजतक‘ की डिजिटल विंग में जॉइन किया है। इससे पहले अमित गुप्ता करीब 11 साल से हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स से जुड़े हुए थे। इस दौरान विभिन्न जिलों में तमाम भूमिकाएं निभाने के बाद वह करीब पांच सालों से ‘हिन्दुस्तान’ की न्यूज वेबसाइट (livehindustan.com) में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले अमित गुप्ता को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 16 साल का अनुभव है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘अमर उजाला’, मेरठ से की थी। इसके बाद वह ‘अमर उजाला‘, गोरखपुर में भी कार्यरत रहे। अमित गुप्ता ने बस्ती में ब्यूरो चीफ के रूप में भी काम किया है। इसके बाद वह वर्ष 2010 में हिन्दुस्तान से जुड़ गए और विभिन्न जिलों में अपनी भूमिका निभाई।  

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो अमित गुप्ता ने वाराणसी से ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। समाचार4मीडिया की ओर से अमित गुप्ता को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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ShareChat और Moj की पैरेंट कंपनी ने नए दौर की फंडिंग से जुटाई इतनी रकम

यह वर्ष 2021 में मोहल्ला टेक का तीसरा दौर है, जिसमें इस साल कुल मिलाकर 913 मिलियन डॉलर जुटाए गए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 16 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 16 December, 2021
Sharechat Moj

‘शेयरचैट’ (ShareChat) और ‘मोज’ (Moj) की पैरेंट कंपनी ’मोहल्ला टेक’ (Mohalla Tech) ने अपने सीरीज ‘जी’ (G) राउंड के तहत 3,7 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर 266 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया है। अब इसके नए और वर्तमान निवेशकों में Temasek, Moore Strategic Ventures (MSV), Harbourvest और India Quotient की भागीदारी हो गई है। यह वर्ष 2021 में ‘मोहल्ला टेक’ का तीसरा दौर है, जिसमें इस साल कुल मिलाकर 913 मिलियन डॉलर जुटाए गए हैं।

फंडिंग का नवीनतम दौर सामाजिक और लाइव कॉमर्स जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर गहन क्षमताओं का निर्माण करने में मदद करेगा। यह कंपनी अब अपनी AI/ML टीम को बढ़ा रही है, जिसमें अभी 100 से अधिक प्रतिभाशाली लोग हैं, जो अमेरिका, यूरोप और भारत में फैले हुए हैं। बताया जाता है कि जनवरी 2021 से अब तक कंपनी के एम्प्लॉयीज की संख्या 2000 से अधिक बढ़ गई है और इसने कई नए फीचर्स शामिल किए हैं, क्योंकि इसका फोकस अपने प्रॉडक्ट्स को भारतीय शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।

फंडिंग के नवीनतम दौर के बारे में Moj और ShareChat के सीईओ और को-फाउंडर अंकुश सचदेवा का कहना है, ‘Moj और ShareChat काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमारे दोनों प्रॉडक्ट्स सबसे ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर बेस और नई साझेदारी के साथ मार्केट में आगे बने हुए हैं। यह नई फंडिंग हमारी स्थिति को और मजबूत करेगी और हमें अपनी कम्युनिटी को व्यापक सामाजिक अनुभव प्रदान करने में मदद करेगी।’

वहीं, ‘Alkeon Capital’ के जनरल पार्टनर दीपक रविचंद्रन का कहना है, ‘तमाम ऐप, अपनी श्रेणी में प्रमुख और स्थानीय भाषा में कंटेंट उपलब्ध कराने के साथ शेयरचैट देश में तेजी से बढ़ रहा प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे गतिशील इंटरनेट बाजारों में से एक में ShareChat पहले से ही सबसे बड़े और सबसे आकर्षक सोशल और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित है। हम शेयरचैट की श्रेष्ठ मैनेजमेंट टीम के साथ पार्टनरशिप और सपोर्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं।’

बता दें कि वर्ष 2015 में स्थापित, मोहल्ला टेक ने अब तक फंड जुटाने के आठ राउंड में 1.177 बिलियन डॉलर से अधिक जुटाए हैं, जिसमें इस वर्ष ही 913 मिलियन डॉलर जुटाए गए हैं।

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Times Group का साथ छोड़कर युवा पत्रकार विश्व गौरव ने तलाशा नया ठिकाना

विश्व गौरव ‘टाइम्स ग्रुप’ के नवभारत टाइम्स (ऑनलाइन) में करीब साढ़े छह साल से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 16 December, 2021
Last Modified:
Thursday, 16 December, 2021
Vishva Gaurav

युवा पत्रकार विश्व गौरव ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (डिजिटल) के साथ नई पारी की शुरुआत की है। इससे पहले विश्व गौरव ‘टाइम्स ग्रुप’ के नवभारत टाइम्स (ऑनलाइन) में करीब साढ़े छह साल से काम कर रहे थे। ‘एनबीटी’ (ऑनलाइन) में विश्व गौरव के पास उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की स्ट्रिंगर्स टीम को मैनेज करने की जिम्मेदारी थी।

एनबीटी ऑनलाइन में अपने करियर के दौरान विश्व गौरव ने ऑपरेशन भूख, सिस्टम के दीमक और आत्मनिर्भर सीरीज जैसी कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज कीं। विश्व गौरव ने बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी कई स्पेशल स्टोरीज और इंटरव्यूज किए। डिजिटल मीडिया में काम करने के साथ वह ग्राउंड जीरो से भी स्टोरीज करते हैं।

विश्व गौरव अब ‘हिन्दुस्तान’ की न्यूज वेबसाइट (livehindustan.com) में वीडियो को-ऑर्डिनेशन के साथ-साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के स्ट्रिंगर्स की खबरों पर काम करेंगे।

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले विश्व गौरव ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJ) किया है। समाचार4मीडिया की ओर से विश्व गौरव को उनकी नई पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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MIB ने बताया, बच्चों-युवाओं को अश्लील कंटेंट से बचाने के लिये सरकार क्या उठा रही कदम

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने ओवर द टॉप (ओटीटी) परिचालकों से कहा है कि वे ऐसी किसी भी कंटेंट का प्रसारण न करें, जो कानून के तहत निषिद्ध है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 15 December, 2021
Last Modified:
Wednesday, 15 December, 2021
MIB

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने ओवर द टॉप (ओटीटी) परिचालकों से कहा है कि वे ऐसी किसी भी कंटेंट का प्रसारण न करें, जो कानून के तहत निषिद्ध है। मंत्रालय ने परिचालकों से यह भी कहा कि वे पर्याप्त सुलभता नियंत्रण उपायों के साथ बच्चों के लिये आयु अनुकूल सामग्री का स्व-वर्गीकरण करें।

लोकसभा में उदय प्रताप सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सदस्य ने पूछा था कि वेब सीरीज के नाम पर बच्चों एवं युवाओं को अश्लील मनोरंजन से बचाने के लिये सरकार क्या कदम उठा रही है?

इस पर सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत 25 फरवरी, 2021 को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) -नियम, 2021 अधिसूचित किये हैं। उन्होंने कहा कि इन संहिताओं में ओटीटी परिचालकों से यह अपेक्षा है कि वे ऐसी किसी भी सामग्री का प्रसारण नहीं करें जो कानून के तहत निषिद्ध है।

ठाकुर ने कहा कि वे (ओटीटी परिचालक) पर्याप्त सुलभता नियंत्रण उपायों के साथ बच्चों के लिये आयु उचित सामग्री तय करने के लिये पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ अनुसूची में दिये गए सामान्य दिशा-निर्देशों पर आधारित सामग्री का आयु आधारित स्व-वर्गीकरण करें।

उन्होंने कहा कि इन नियमों के भाग-3 में कई प्रवाधान हैं जिसमें डिजिटल मीडिया पर समाचार और सम-सामयिक विषयों के प्रकाशकों और ऑनलाइन सृजित सामग्री (जिसे आमतौर पर ओटीटी प्लेटफार्म के रूप में जाना जाता है) के प्रकाशकों द्वारा पालन किए जाने हेतु आचार-संहिता शामिल है।

मंत्री ने कहा कि इसमें समयबद्ध शिकायत-निवारण तंत्र के साथ प्रकाशक (स्तर-1), प्रकाशकों द्वारा गठित स्व-नियमन निकाय (स्तर-2) और सरकार का निगरानी तंत्र (स्तर-3) संबंधी तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र है।

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आजतक से जुड़ीं युवा पत्रकार श्‍वेता सिंह राजपूत

युवा पत्रकार श्‍वेता सिंह राजपूत ने अपने पत्रकारिता करियर की औपचारिक शुरुआत ‘आजतक’ से की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 13 December, 2021
Last Modified:
Monday, 13 December, 2021
Shweta Singh Rajput

युवा पत्रकार श्‍वेता सिंह राजपूत ने अपने पत्रकारिता करियर की औपचारिक शुरुआत ‘आजतक’ से की है। वह ‘आजतक’ (डिजिटल) से बतौर सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां उन्‍हें डिजिटल वीडियो टीम में जिम्मेदारी दी गई है।

मूल रूप से बिहार की रहने वाली श्‍वेता सिंह राजपूत पिछले कुछ वर्षों से नोएडा में रह रही हैं। इससे पहले वह ‘आजतक’ और ‘टाइम्‍स नाउ नवभारत‘ में इंटरर्नशिप कर चुकी हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो श्‍वेता सिंह राजपूत ने नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की शिक्षा ली है और कुछ वर्षों से तमाम मीडिया संस्थानों के लिए फ्रीलांस काम कर रही थीं। अब उन्होंने मेनस्ट्रीम मीडिया में औपचारिक रूप से कदम रखा है।

समाचार4मीडिया की ओर से श्‍वेता सिंह राजपूत को उनकी इस पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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