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Food ब्लॉगर्स पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई!
यदि आप फ़ूड ब्लॉगर हैं, तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया ऐसे ब्लॉगर को चिन्हित करने जा रही है...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
यदि आप फ़ूड ब्लॉगर हैं, तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया ऐसे ब्लॉगर को चिन्हित करने जा रही है जो बिना सर्टिफिकेशन के रेस्टोरेंट आदि के बारे में अपने विचारों को शब्दों का रूप देते हैं। इंडस्ट्री का मानना है कि बिना पर्याप्त जानकारी के लिखने वाले नकारात्मक रूप से रेस्टोरेंट, इटिंग जॉइंट्स को प्रभावित करते हैं, इससे लोगों के बीच उनकी गलत छवि प्रस्तुत होती है, जिसका किसी न किसी रूप में उन्हें खामियाजा उठाना पड़ता है।
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन साने अव्सर्म्मेल (sanee awsarmmel) के मुताबिक अकेले पुणे में ही 500 फ़ूड ब्लॉगर हैं, जिनमें से केवल 25 प्रतिशत ही वास्तविक रूप से काम करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि कोई इंजीनियर या आईटी प्रोफेशनल भोजन का आकलन कैसे कर सकता है? ये कुछ ऐसा हुआ जैसे मरीज का इलाज डॉक्टर के बजाये इंजीनियर से कराना। उन्होंने साफ़ किया कि इंडस्ट्री ब्लॉगरों के खिलाफ नहीं हैं बल्कि हमारी लड़ाई ऐसे लोगों के विरुद्ध जो अपने कौशल का दुरुपयोग करते हैं।
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया ने ऐसे ब्लॉगरों की पहचान शुरू कर दी है, जो रेस्टोरेंट आदि के बारे में नकारात्मक समीक्षाएं लिख रहे हैं। यदि उनके द्वारा कहीं गईं बातें गलत साबित होती हैं तो फिर उनके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस बारे में उन्होंने कहा, “ऐसे ब्लॉगरों पर नज़र रखी जा रही है, जो रेस्टोरेंट जाते हैं और उसके बारे में रिव्यु लिखते हैं। जो ब्लॉगर रेस्टोरेंट्स को बदनाम करने का प्रयास करेंगे, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होगी।” उन्होंने बताया कि ‘असली ब्लॉगरों’ को आधिकारिक रूप से पहचानने के लिए उन्हें सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ऑफ़ इंडिया ने एक अन्य सदस्य ने कहा कि ब्लॉगर अक्सर फ़ूड डिलीवरी प्लेटफार्म के बारे मं सोशल मीडिया पर उल्टा-सीधा लिखते रहते हैं। इनमें से अधिकांश बातें सही नहीं होती, लेकिन लोग उन्हें सच समझ लेते हैं, जिसका खामियाजा संबंधित रेस्टोरेंट को उठाना पड़ता है। उनके मुताबिक, किसी भी डिश को तैयार करने में 2 से 3 घंटे लगते हैं, मगर एक गलत रिव्यु सबकुछ ख़राब कर देता है। फ़ूड रिव्यु लिखने के लिए भोजन से जुड़ी सामग्री का सामान्य ज्ञान ज़रूरी है। महज प्रेजेंटेशन के आधार पर यह नहीं बताया जा सकता कि खाना अच्छा है या बुरा। अब देखना यह है कि इंडस्ट्री के इस कदम पर ब्लॉगर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं।
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