कश्मीर के मुद्दे पर पीएम मोदी के फैसले का अखबार ने कुछ यूं किया समर्थन

कहा-जम्मू-कश्मीर के विकास और उसके बेहतर भविष्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है यह कदम, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की जमकर की खिंचाई

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 24 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 24 September, 2019
PM MODI

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स (New York Times) ने पहली बार भारत का समर्थन किया है। इसके साथ ही भारत के विरोधी माने जाने वाले इस अखबार ने कश्मीर में मुस्लिमों के जनसंहार का दुष्प्रचार करने पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की जमकर खिंचाई भी की है।

दैनिक जागरण की वेबसाइट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के प्रख्यात विश्लेषक रोजर कोहेन (Roger Cohen) ने न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित अपने लेख में लिखा है, 'जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर भारत ने इसे अपना अभिन्न हिस्सा बना लिया है। ये फैसला जम्मू-कश्मीर के विकास और उसके बेहतर भविष्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी इस फैसले को किसी भी सूरत में वापस लेने वाले नहीं हैं।' न्यूयॉर्क टाइम्स ने पहली बार अपने किसी लेख में भारत के इस कदम का समर्थन किया है।

रोजर कोहेन के अनुसार, 'मोदी कश्मीर की स्वायत्ता को खत्म करने के फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। भारतीय इतिहास का वह दौर खत्म हो चुका है। मैं ये दावा कर सकता हूं कि मोदी सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसले, नए व एकीकृत कश्मीर क्षेत्र सहित पूरे भारत की तस्वीर बदलने वाले हैं।' कोहेन ने इसके साथ ही पाकिस्तान के लिए लिखा है कि उन्हें भारत के इस फैसले को स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए। कोहेन ने ये लेख इमरान-ट्रंप की सोमवार को हुई मुलाकात से कुछ घंटे पहले ही लिखा था।

कोहेन ने आगे लिखा है, 'ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कश्मीर मुद्दे पर भारत के कदम का समर्थन कर चुके हैं। ये सच है कि भारत के इस फैसले के बाद से कश्मीर में रक्तपात कम हुआ है। इसके बावजूद पाकिस्तान लगातार कश्मीर में नरसंहार बढ़ने के झूठे आरोप लगा रहा है। सवाल ये है कि क्या मोदी के पास कश्मीर मुद्दे पर कोई विकल्प था? क्या अस्थाई रूप से लागू किया गया अनुच्छेद 370 कभी भी कश्मीर द्वारा समाप्त किया जाता? क्या कभी ऐसा होता कि स्थानीय भ्रष्ट राजनेता व सक्षम लोग कश्मीरी जनता के गले मिलते और उन्हें बेहतर भविष्य प्रदान करते? मुझे लगता है कि अब ये हो सकता है।'

न्यूयॉर्क टाइम्स में कश्मीर मुद्दे पर समर्थन भरा ये लेख सोमवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की डोनाल्ड ट्रंप व दुनिया के अन्य नेताओं संग संयुक्त राष्ट्र महासभा में होने वाली मुलाकात से ठीक पहले आया है। रोजर कोहेन ने अपने लेख में उम्मीद जताई है कि इस मुलाकात में भी पाकिस्तान, कश्मीर मुद्दे को जरूर उठाएगा। कोहेन ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी प्रतिक्रिया को जंगली करार दिया है।

रोजर कोहेन के अनुसार, ‘पाकिस्तान द्वारा बार-बार भारत को परमाणु युद्ध की धमकी देना उसकी लापरवाही को दर्शाता है। परमाणु युद्ध पाकिस्तान का ऐसा झांसा है, जिसके चक्कर में अब भारत आने वाला नहीं है। अमेरिकी विश्लेषक ने अपने लेख में इस बात की भी आशंका जताई है कि पाकिस्तान वास्तव में कश्मीर मुद्दे का कोई हल चाहता भी है या नहीं। इसकी वजह ये है कि पाकिस्तान अपने कब्जे वाले कश्मीर में लगातार सैन्य बजट में बढ़ोतरी कर रहा है। पाकिस्तान के सामने अब भी बड़ा प्रश्न है कि क्या उसकी खुफिया एजेंसियों ने भारत के खिलाफ इस्लामिक कट्टरपंथियों का प्रयोग बंद कर दिया है? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का ये बयान कि कश्मीर मुद्दे पर अगर दुनिया ने साथ नहीं दिया तो परमाणु शक्ति क्षेत्र में कुछ भी हो सकता है, गैरजिम्मेदाराना है।

पाकिस्तान जब-जब भारत पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाता है, वह खुद घिर जाता है। दरअसल पाकिस्तान में अल्पसंखयक और हिंदू महिलाओं पर होने वाले अमानवीय अत्याचार दुनिया से छिपे नहीं हैं। इसकी वजह से पाकिस्तान को कुछ दिनों पहले ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHRC) में भी मुसीबत का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान यहां पर कश्मीर में मुस्लिमों के उत्पीड़न और नरसंहार के झूठे सबूतों के आधार पर घेरने का नाकाम प्रयास कर रहा था।

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाकर कर विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर दिया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर को पहला केंद्र शासित और लद्दाख को अलग दूसरा केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की व्यवस्था की गई है, लेकिन लद्दाख में कोई विधानसभा नहीं होगी। भारत के इस फैसले के बाद से ही पाकिस्तान बिलबिलाया हुआ है। जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने के फैसले को पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा चुका है।

पाकिस्तान को भारत के खिलाफ कश्मीर मुद्दे पर मुस्लिम देशों समेत किसी अन्य देश का साथ नहीं मिला है। उल्टा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों के अलावा देश के अंदर भी कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पहले बालाकोट एयर स्ट्राइक, फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव में विंग कमांडर अभिनंदन को मुक्त करना और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर पाकिस्तान खुद को हारा हुआ महसूस कर रहा है। यही वजह है कि बदला लेने के लिए वह कभी सोशल मीडिया पर तो कभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है, तो कभी सीमापार से सीज फायर उल्लंघन और आतंकी घुसपैठ की नाकाम कोशिशों में लगा हुआ है।

जम्मू-कश्मीर समेत तमाम मुद्दों पर हारा हुआ महसूस कर रहा पाकिस्तान अब दुनिया के तमाम ताकतवर देशों से मध्यस्थता की गुहार लगा रहा है। एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने उनके सामने फिर से मध्यस्थता का मुद्दा उठाया। इस पर ट्रंप ने उन्हें साफ इनकार कर दिया है। ट्रंप ने इमरान खान को सलाह दी है कि दोनों देश बातचीत के जरिए आपसी मुद्दों को सुलझाएं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर पहले ही ट्रंप की मध्यस्थता को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने पूर्व में ट्रंप संग हुई मुलाकात में भी इसे लेकर स्पष्ट संदेश दे दिया था। इतना ही नहीं रविवार को ह्यूस्टन में आयोजित 'हाउडी मोदी' (Howdy Modi) कार्यक्रम में भी ट्रंप और मोदी ने बिना पाकिस्तान का नाम लिये, उस पर जमकर हमला किया।

आप इस रिपोर्ट को दैनिक जागरण के ट्विटर अकाउंट पर जाकर भी पढ़ सकते हैं।

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न्यूज एंकर नीलू व्यास ने अब नई दिशा में बढ़ाए कदम

मूल रूप से इलाहाबाद की रहने वालीं नीलू व्यास को टीवी इंडस्ट्री में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है

Last Modified:
Sunday, 13 October, 2019
Neelu Vyas

टेलिविजन की दुनिया में बतौर न्यूज एंकर/रिपोर्टर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकीं पत्रकार नीलू व्यास ने वेब मीडिया की दुनिया में कदम बढ़ाते हुए अपनी नई पारी की शुरुआत वेब पोर्टल 'सत्य हिंदी डॉट कॉम' (Satyahindi.com) से की है। यहां उन्होंने बतौर एडिटर (करेंट अफेयर्स) के पद पर जॉइन किया है। इन दिनों वह यहां पर सोमवार से शनिवार तक एक शो 'सुनिए सच' होस्ट कर रही हैं।

'सुनिए सच' कार्यक्रम में उस दिन की पांच उन बड़ी खबरों का विश्लेषण किया जाता है, जिन्हें ट्विटर, फेसबुक और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाखों हिट मिल रहे हों। नीलू व्यास 'सुनिए सच' के अलावा समसामयिक और सामाजिक विषयों पर आधारित और भी कई 'साप्ताहिक शो' होस्ट करती हैं।

नीलू व्यास को टीवी इंडस्ट्री में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है, इससे पहले वह लंबे समय तक राज्यसभा टीवी ( RSTV) के संपादकीय विभाग में वरिष्ठ पद पर काम कर रही थीं, जहां वह फील्ड रिपोर्टिंग और एंकरिग के साथ साथ 'द पल्स' और 'टू द पॉइंट' शो का संचालन भी करती थीं।

राज्यसभा टीवी से पहले नीलू व्यास CNN-IBN, आजतक और जी न्यूज में भी बतौर एंकर/रिपोर्टर काम कर चुकी है । मूलरूप से इलाहाबाद की रहने वाली नीलू व्यास ने इलाहाबाद विश्वविधालय से अंग्रेजी में एमए. और सिम्बॉयसिस इंस्टीटयूट से मास कम्युनिकेशन की पढ़ई की है।
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Maddies अवॉर्ड्स में इस साल दिखा इन कंपनियों का जलवा

मोबाइल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मुंबई में 11 अक्टूबर को आयोजित एक कार्यक्रम में दिए गए ये अवॉर्ड्स

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 12 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 12 October, 2019
The Maddies

मोबाइल मार्केटिंग के क्षेत्र में किए गए बेहतरीन कार्यों को प्रोत्‍सा‍हन देने व उन्‍हें सम्‍मानित करने के लिए एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) ग्रुप के मोबाइल मार्केटिंग अवॉर्ड्स ‘द मैडीज 2019’ (The Maddies 2019) मुंबई में दिए गए। मुंबई के आईटीसी होटल में 11 अक्टूबर की शाम को हुए एक समारोह में विभिन्न कैटेगरी में ये अवॉर्ड्स दिए गए।

इसके तहत ‘हॉल ऑफ फेम’ (Hall of Fame) कैटेगरी में ‘माइंडशेयर इंडिया’ (Mindshare India) ने एजेंसी ऑफ द ईयर अवॉर्ड अपने नाम किया, जबकि ‘गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स’ (Godrej Consumer Products) को मोबाइल मार्केटर ऑफ द ईयर घोषित किया गया।   

अन्य श्रेणियों की बात करें तो ‘Engagement in a Media Dark Market: 81% Delivered!’, ‘Chug Chug in Chuk Chuk’, ‘With Great Pranks Come Great Responsibility’, ‘Saving Lives with Platelet Donation’ और ‘Blow Maadi! (Please Blow!)’ जैसे कैंपेन के लिए माइंडशेयर को आठ गोल्ड मिले। वहीं, ‘When Colors Won Its Fans Back During IPL 2019’, ‘Phone Se Loan in 3 Mins’ और ‘Jigar Pe Trigger’ जैसे कैंपेन की बदौलत ‘मैडिसन मीडिया’ (Madison Media) ने तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इस एजेंसी को ‘Abhi Toh Aur Chalega’, ‘The #Missing’, और ‘Phone Se Loan in 3 Mins’ कैंपेन के लिए तीन अन्य मेडल्स भी मिले।

इनके अलावा, ‘नेस्ले इंडिया’ (Nestlé India) के कैंपेन ‘Ask Nestle’ के लिए ‘डिजिटास इंडिया’ (Digitas India) ने एक गोल्ड जीता। ‘Tata Ace Gold’ के लॉन्चिंग कैंपेन के लिए ‘हवास मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Havas Media India Pvt Ltd) को एक गोल्ड मिला और ‘पब्लिशिज मीडिया-परफॉर्मिंक्स इंडिया’ (Publicis Media-Performics India) ने ‘Reckitt Benckiser’ के ‘Overcoming #OrgasmInequality with Durex Mutual Climax’ कैंपेन के लिए एक गोल्ड जीता।

इससे पूर्व इन अवॉर्ड्स विजेताओं का चयन करने के लिए ‘फ्यूचर जनरल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अनूप राव (Anup Rau) की अध्यक्षता में मुंबई में 26 सितंबर 2019 को जूरी मीट हुई थी। जूरी द्वारा एंट्रीज को इनोवेशन, एग्जिक्यूशन और रिजल्ट की कसौटी पर परखने के बाद विजेताओं का चयन किया गया था।

जूरी में शामिल अन्य दिग्गजों में ‘Edelweiss Tokio Life Insurance’ के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अभिषेक गुप्ता, ‘RP-Sanjiv Goenka Group FMCG’ के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अनुपम बोके, ‘आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ के मार्केटिंग हेड दर्शन शाह, ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज’ की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर प्रत्यूषा अग्रवाल, ‘कॉक्स एंड किंग्स’ के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर संजीव धीमान, ‘एबीपी न्यूज’ की वाइस प्रेजिडेंट (एएनएन मार्केटिंग एंड मार्केटिंग सर्विसेज), ‘वूट एडवर्टाइजिंग विडियो प्लेटफॉर्म वायकॉम 18’ के बिजनेस हेड आकाश बनर्जी, ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ के मार्केटिंग हेड (अंग्रेजी क्लस्टर) रोहन जैन, ‘रिलायंस हेल्थ इंश्योरेंस’ के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर शामिक बनर्जी, ‘मोमैजिक’ के सीईओ और फाउंडर अरुण गुप्ता, ‘मलयाला मनोरमा’ के वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग, एडवर्टाइजिंग सेल्स) वर्गीस चांडी, ‘जिरका डिजिटल सॉल्यूशंस’ के मैनेजिंग डायरेक्टर करण कुमार गुप्ता, ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’  के एडवर्टाइजिंग सेल्स हेड और रीजनल क्लस्टर (साउथ एशिया) के बिजनेस हेड विक्रम तन्ना, ‘लक्ष्य’ के हेड (स्ट्रैटेजिक एलांयसेज और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) सत्यब्रत दास, ‘गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स लिमिटेड’ के वाइस प्रेजिडेंट और हेड (Digital Marketing & Transformation) पंकज सिंह परिहार, ‘पैसाबाजार डॉट कॉम’ के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर साईं नारायण, ‘वाइब्रैंट रिलायंस जियो’ के वाइस प्रेजिडेंट (मीडिया प्लानिंग एंड स्ट्रैटेजी) कार्तिक लक्ष्मीनारायण और ‘टाटा केमिकल्स’ के हेड (मार्केटिंग, कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स बिजनेस) और बिजनेस हेड (Spices) सागर बोके शामिल थे।

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OTT प्लेटफॉर्म्स को लेकर फिर उठा ये बड़ा मुद्दा

मुंबई में आयोजित एक सेमिनार में सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और सचिव अमित खरे ने जताई चिंता

Last Modified:
Friday, 11 October, 2019
OTT CONTENT

सूचना-प्रसारण मंत्रालय में सचिव अमित खरे का कहना है कि ‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट किए जाने की जरूरत है, क्योंकि समाज के कई वर्गों से इसके कंटेंट को लेकर चिंता जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई में दस अक्टूबर को फिल्म सर्टिफिकेशन और ऑनलाइन कंटेंट के रेगुलेशन को लेकर हुए सेमिनार में उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय के पास फिलहाल इस पर किसी तरह का रेगुलेशन लगाने की कोई योजना नहीं है।

सेमिनार में अमित खरे का कहना था कि सभी राष्ट्रमंडल देशों में फिल्म्स, न्यूजपेपर्स और टीवी को रेगुलेट करने के लिए संस्थाएं हैं, लेकिन ओटीटी कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है।  

सेमिनार में विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये शामिल हुए सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना था, ‘ओटीटी प्लेटफॉर्म्स आईटी एक्ट के दायरे में आते हैं, लेकिन न तो सरकार की ओर से और न ही इनके द्वारा खुद की ओर से रेगुलेट किए जाने की कोई व्यवस्था है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सभी तरह का कंटेंट मौजूद है, जिसमें गलत और आपत्तिजनक कंटेंट भी शामिल है, लेकिन इसके लिए सेंसर बोर्ड नहीं है। इस कारण अच्छा-बुरा सभी तरह का कंटेंट इस पर परोसा जा रहा है।’

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व पीटीआई मुख्यालय में पत्रकारों के साथ एक बातचीत के दौरान भी सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन का मुद्दा उठाया था।

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अब 'मास्टर' की भूमिका में नजर आएंगे पत्रकार सौरभ द्विवेदी

वह केवल पर्दे के पीछे बैठकर रणनीति तैयार ही नहीं करते, बल्कि कैमरे के सामने आकर उसे अमल में भी लाते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 05 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 05 October, 2019
Saurabh Dwivedi

अपने ठेठ देशी अंदाज से सबको लुभाने वाले ‘द लल्लनटॉप’ के एडिटर सौरभ द्विवेदी एक नए अवतार में सामने आ रहे हैं। अब वह कॉलेज स्टूडेंट्स का सामान्य ज्ञान परखेंगे। वेबसाइट के संपादक से टीवी क्विज शो होस्ट करना द्विवेदी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, वह पहले भी छोटे पर्दे पर नजर आ चुके हैं, लेकिन ऐसा पहली बार है जब वो कोई क्विज शो होस्ट करेंगे।

दरअसल, इंडिया टुडे समूह की वेबसाइट द लल्लनटॉप.कॉम एक क्विज शो शुरू करने जा रही है, जिसका नाम ‘द लल्लनटॉप क्विज शो’ रखा गया है। समूह के न्यूज चैनल ‘तेज’ पर इसका प्रसारण 5 अक्टूबर से प्रत्येक शनिवार रात नौ बजे होगा, जबकि रिपीट टेलिकास्ट रविवार सुबह 11 और रात 8 बजे आएगा। क्विज शो में देश के टॉप कॉलेजों के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे, जहां सौरभ उन पर कानून, तकनीक, मैनेजमेंट, मेडिकल सहित तमाम विषयों के सवाल दागेंगे। शो का मकसद, देश के भविष्य यानी युवाओं को ‘कल’ के लिए तैयार करना है।

क्विज शो पहले भी बनते रहे हैं, लेकिन ‘द लल्लनटॉप क्विज शो’ सबसे जुदा होगा, इसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि सौरभ द्विवेदी खुद हैं। महज थोड़े से वक्त में सौरभ ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वह केवल पर्दे के पीछे बैठकर रणनीति तैयार ही नहीं करते, बल्कि कैमरे के सामने आकर उसे अमल में भी लाते हैं। गंभीर मुद्दों की गहराई में जाकर उन्हें आमजन के अनुरूप भाषाशैली में प्रस्तुत करने में वह माहिर हैं।

सौरभ द्विवेदी मूलरूप से कानपुर के उरई गांव के हैं, लेकिन उन्होंने दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और फिर यहीं बस गए। वैसे, सौरभ गए तो थे हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री लेने, लेकिन यहां पत्रकारिता का ऐसा चस्का लगा कि पत्रकार ही बन बैठे। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका आगाज 2007 में स्टार न्यूज के साथ इंटर्नशिप से हुआ। इंटर्नशिप पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ वक्त तक एक एस्ट्रो शो में काम किया और फिर टाइम्स समूह से जुड़ गए। नवभारत टाइम्स में तीन साल पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने के बाद सौरभ ने न्यूज एडिटर के रूप में भास्कर समूह का दामन थामा, और यहां से उनकी सीधे इंडिया टुडे ग्रुप में एंट्री हुई।         

सौरभ का कनपुरिया अंदाज़ और खबरों को नए तरीके से गढ़ने की ललक ने जल्द ही उन्हें ‘इंडिया टुडे’ में पहचान दिलाई। फिर जन्म हुआ देश की पहली ‘न्यू एज’ हिंदी न्यूज वेबसाइट ‘द लल्लनटॉप.कॉम’ का। सौरभ द्विवेदी के नेतृत्व में ये अपनी तरह की पहली ऐसी वेबसाइट है, जो न्यूज को व्यूज के साथ एक अलग अंदाज में प्रस्तुत करती है। द लल्लनटॉप को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के बाद अब सौरभ एक नई भूमिका में है और देखना यह है कि खबरों वाले भैयाजी, मास्टर वाले किरदार में लोगों को कितना लुभा पाते हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से द लल्लनटॉप और सौरभ द्विवेदी को अपने नए प्रयोग के लिए शुभकामनाएं।

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दैनिक भास्कर डिजिटल को मिला नया CEO

नए सीईओ को स्टार्टअप्स के लिए विभिन्न डिजिटल कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स तैयार करने और संचालित करने के साथ ही उन्हें आगे बढ़ाने का लगभग दस साल का अनुभव है

Last Modified:
Friday, 04 October, 2019
DB DIGITAL

'दैनिक भास्‍कर', ‘दिव्य भास्कर’ और ‘दिव्य मराठी’ जैसे प्रमुख अखबारों का संचालन करने वाली कंपनी 'डीबी कॉर्प लिमिटेड' (DBCL) ने अपने डिजिटल बिजनेस की कमान पथिक शाह को सौंप दी है। उन्हें डीबी डिजिटल का चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर बनाया गया है। पथिक शाह को स्टार्टअप्स के लिए विभिन्न डिजिटल कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स तैयार करने और संचालित करने के साथ ही उन्हें आगे बढ़ाने का लगभग दस साल का अनुभव है। बता दें कि दैनिक भास्कर डिजिटल के सीईओ ज्ञान गुप्ता ने कुछ माह पूर्व अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

दैनिक भास्कर समूह जॉइन करने से पहले पथिक शाह ‘हाइक मैसेंजर’ (Hike Messenger) से लगभग सात साल से जुड़े हुए थे। यहां वह वाइस प्रेजिडेंट (प्रॉडक्ट्स) के पद पर काम कर रहे थे। इसके अलावा वह ‘विलय और अधिग्रहण’ (M&A) जैसे कार्यों का नेतृत्व भी कर रहे थे।   

इस बारे में दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल का कहना है, ‘समूह में पथिक शाह के शामिल होने पर हम बहुत खुश हैं। हमें पूरा विश्वास है कि दैनिक भास्कर समूह को डिजिटल कंज्युमर प्रॉडक्ट के क्षेत्र में पथिक शाह के अनुभव का काफी फायदा मिलेगा और उनके नेतृत्व में ग्रुप को और मजबूत ब्रैंड बनाने में काफी मदद मिलेगी।’  

वहीं, अपनी नई भूमिका के बारे में पथिक शाह का कहना है, ‘देश की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी में शुमार दैनिक भास्कर समूह की डिजिटल टीम का हिस्सा बनने पर मैं काफी खुश हूं। प्रिंट मीडियम में लीडरशिप पोजीशन हासिल करने के बाद अब हम डिजिटल न्यूज और कंटेंट पर विशेष फोकस कर रहे हैं।’

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गांधी पर 'लापरवाह' हेडिंग लगाने वाला BBC खुद लापरवाही कर बैठा, पढ़ें पूरा माजरा

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वी जयंती के मौके पर देशी-विदेशी मीडिया गांधीजी के जीवन से जुड़े छुए-अनछुए पहलुओं से लोगों को रूबरू कराने में लगा हुआ है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 27 September, 2019
Last Modified:
Friday, 27 September, 2019
BBC

काम करते समय कई बार गलती हो जाना स्वाभाविक है, लेकिन जब गलती काफी बड़ी हो और ‘ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ (BBC) जैसे मीडिया संस्थान से हो, तो खबर बन ही जाती है। दरअसल,‘लापरवाह नौजवान से राष्ट्रपिता तक महात्मा गांधी की जीवन यात्रा’ शीर्षक से प्रकाशित एक आर्टिकल में ‘बीबीसी’ खुद ऐसी लापरवाही कर बैठा कि अब यह चर्चा का विषय बन गई है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वी जयंती के मौके पर देशी-विदेशी मीडिया गांधीजी के जीवन से जुड़े छुए-अनछुए पहलुओं से लोगों को रूबरू कराने में लगा हुआ है। इसी क्रम में ‘बीबीसी न्यूज (हिंदी) ने भी अपनी वेबसाइट पर महात्मा गांधी के जीवन से लोगों को परिचित कराने के लिए एक आर्टिकल पब्लिश किया है। इस आर्टिकल में महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1969 को होना बताया गया है, जबकि उनका जन्म दो अक्टूबर 1869 को हुआ था।

बीबीसी में पब्लिश इस पूरे आर्टिकल को पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं। 

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ऑफिस के ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट से किए गए एक ट्वीट में भी महात्मा गांधी को लेकर बड़ी गलती हुई थी। दरअसल, इस ट्वीट में महात्मा गांधी के नाम को मोहनदास करमदास गांधी लिखा गया था, जबकि उनका नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। हालांकि, एबीपी न्यूज के मशहूर एंकर सुमित अवस्थी द्वारा इस मामले को उठाए जाने के बाद इस गलती को ठीक कर दिया गया था।

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आजतक से यूं होती रहीं गलतियों पर गलतियां, आनन-फानन में किया करेक्शन

काम के दौरान कई बार गलतियां हो जाती हैं, लेकिन एक के बाद एक तीन गलतियां हो जाएं, तो नजर में आना और लाना दोनों ही जरूरी हो जाते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
AAJTAK

‘आजतक’ इंडिया टुडे जैसे प्रतिष्ठित ग्रुप से जुड़ा है। ऐसे में इंडिया टुडे या टीवी टुडे ग्रुप के सभी प्रकाशनों पर क्वालिटी को लेकर काफी फोकस किया जाता रहा है। फिर भी इंसान काम करते हैं, तो गलतियां हो ही जाती हैं, लेकिन एक के बाद एक तीन गलतियां हो जाएं, तो नजर में आना और लाना दोनों ही जरूरी हो जाते हैं। हालांकि ये आज तक चैनल पर नहीं, बल्कि उसके ट्विटर एकाउंट पर हुआ। एक बारगी तो लगा कि उनके ट्विटर एकाउंट पर किसी इंटर्न को बैठा दिया गया है, क्योंकि सारी गलतियां हिंदी लिखने में हुई थीं।

पहली खबर नोएडा में मिले अवैध शराब के जखीरे की थी और रिपोर्ट तनसीम हैदर की। उसको ट्विटर पर शेयर किया गया इस लाइन के साथ- ‘#Noida पुलिस ने जब्त अवैध शराब का जखीरा’। अब गौर से देखिए इसमें क्या छूटा? जब्त शब्द के बाद ‘किया’ छूट गया। करीब साढे तीन घंटे बाद इसका करेक्शन ट्वीट जारी किया गया।

दूसरी खबर सऊदी ऑयल प्लांट पर ड्रोन हमले को लेकर थी, जिसमें गलती से ड्रोन को ‘ड्रोने’ लिख दिया गया था। उसको करीब 15 घंटे बाद करेक्शन करके ठीक किया गया।

तीसरी खबर मोदी से जुड़ी थी, कि कैसे 100 दिनों के कार्यकाल में फैसलों की हैट्रिक लगाई मोदी ने, लेकिन सोशल मीडिया पर हेडलाइन से ‘में’ ही छूट गया। खैर इसका भी साढ़े तीन घंटे बाद ‘इलाज’ करके करेक्ट ट्वीट जारी कर दिया गया। ऐसे देखने पर आपको लगेगा कि एक या आधा घंटे के अंदर आजतक पर तीन गलतियां हुईं और उनके करेक्शन ट्वीट जारी किए गए।

ध्यान से देखने पर पता चलता है कि ये सारे ट्वीट्स अलग-अलग समय के थे। गलतियां होती रहीं और फिर किसी को सुध आई कि गलतियां चेक की जाएं और उसने जल्दी से तीन गलतियां निकालीं और करेक्शन कर दिए।

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टीवी जर्नलिस्ट प्रवीण साहनी ने हासिल किया खास मुकाम

करीब तीन साल पहले शुरु किया था ‘द राजनीति’ नाम से शो, फेसबुक पर शेयर कीं अपनी भावनाएं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 16 September, 2019
Last Modified:
Monday, 16 September, 2019
Praveen Sahni

‘समाचार प्लस’ चैनल में एग्जिक्यूटिव एडिटर रहे प्रवीण साहनी के ‘द राजनीति’ (The Rajneeti) शो को लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। यही कारण है कि इस शो के यूट्यूब सबस्क्राइबर्स की संख्या पांच लाख से ऊपर पहुंच गई है। इस उपलब्धि को प्रवीण साहनी ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है।

प्रवीण साहनी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, ‘जब तक जीवन है, तब तक संघर्ष है...जीवन हमेशा सरलता से नहीं गुजरता... रोजाना कोई न कोई चुनौती, कोई न कोई, संघर्ष जीवन में आता है और आता रहेगा...शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसके जीवन में चुनौतियां न हों, दुख न हों, कठिनाई न हों, रुकावटें न हों लेकिन आपकी मेहनत और लगन से चुनौतियों भरी हर मुश्किल राह आसान हो जाती है। इसी लगन और जज्बे के साथ 18 नवंबर 2016 को मैंने द राजनीति शो की शुरुआत की... मेरे इस शो को पहले दिन से ही जनता का भरपूर साथ मिला... मेरा मनोबल तब और बढ़ गया, जब बहुत ही कम अवधि सितंबर 2018 में मुझे यूट्यूब से सिल्वर प्लेट मिल गई...ये आपके प्यार और भरोसे का ही नतीजा है कि आज The Rajneeti के यूट्यूब सब्सक्राईबर्स की संख्या 5 लाख के पार पहुंच गई है... मेरी मेहनत अनवरत जारी रहेगी, आप भी अपना प्यार और स्नेह यूं ही बनाए रखिएगा।’

प्रवीण साहनी के 'द राजनीति' शो देखने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं। 

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पत्रकार पंकज कुमार ने तलाशी नई मंजिल, अब पहुंचे यहां

पूर्व में कई मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं पत्रकार पंकज कुमार

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 14 September, 2019
Last Modified:
Saturday, 14 September, 2019
Pankaj Kumar

पत्रकार पंकज कुमार ने अब नई दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने अब सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ‘शेयरचैट’ (Sharechat) के साथ अपनी पारी शुरू की है। यहां उन्हें Key Alliance Manager (News & TV) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बता दें कि पूर्व में पंकज कुमार ‘एबीपी न्यूज’ और आईबीएन7 (अब न्यूज18इंडिया) जैसे कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इससे पहले वह ग्रामीण अखबार ‘गांव कनेक्शन’ में भी बतौर रिपोर्टर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के रहने वाले पंकज कुमार देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (आईआईएमसी) के छात्र भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से की है।

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‘जी’ समूह को अलविदा कह पत्रकार श्रमित चौधरी ने थामा इस मीडिया ग्रुप का दामन

मीडिया के श्रेत्र में करीब 12 साल की पारी के दौरान कई संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं श्रमित चौधरी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 05 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 05 September, 2019
Shramit Chaudhary

पत्रकार श्रमित चौधरी ने ‘जी’ समूह में करीब साढ़े पांच साल की पारी खेलने के बाद यहां से बाय बोल दिया है। यहां वह एंकर/प्रड्यूसर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। श्रमित चौधरी ने अब पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल विंग के साथ सीनियर पोजीशन पर नई शुरुआत की है।

श्रमित चौधरी को विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करने का करीब 12 साल का अनुभव है। उन्होंने बतौर एंकर अपने करियर की शुरुआत PBC TV (P7 News), पटियाला के साथ फरवरी 2007 में की थी। हालांकि यहां उन्होंने एक साल से भी कम समय तक काम किया और सितंबर 2007 में यहां से बाय बोलकर गुरुग्राम में बतौर एंकर/असिस्टेंट प्रड्यूसर ‘स्टैंडर्ड वर्ल्ड चैनल’ का दामन थाम लिया और जुलाई 2008 तक अपनी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद यहां से अलविदा कहकर श्रमित चौधरी ने बतौर एंकर/रिपोर्टर कई संस्थानों के साथ फ्रीलॉन्सिंग की।

बाद में श्रमित चौधरी ने News Time 24x7 (JANSANDESH UP/UK), नोएडा के साथ एंकर/एसोसिएट प्रड्यूसर के तौर पर नई पारी शुरू की और दिसंबर 2011 से अक्टूबर 2012 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली। अक्टूबर 2012 में यहां से अपनी पारी को विराम देकर वह बतौर एंकर/एसोसिएट प्रड्यूसर ‘इंडिया न्यूज’ (मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़) से जुड़ गए और करीब दो साल तक यहां काम किया।

श्रमित चौधरी ने फरवरी 2014 में ‘जी’(पंजाब, हरियाणा, हिमाचल) के साथ अपना नया सफर शुरू किया। यहां उन्हें एंकर/प्रड्यूसर की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब यहां से वह पंजाब केसरी समूह पहुंचे हैं। बता दें कि श्रमित चौधरी ने हरियाणा के हिसार में स्थित गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है।

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