IMA साउथ 2024: विजेताओं के नाम तय करने के लिए जूरी मीट आज

‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) का बहुप्रतीक्षित 'इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स साउथ'  (IMA South) एक बार फिर वापस आ गया है।

Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2024
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‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) का बहुप्रतीक्षित 'इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स साउथ'  (IMA South) एक बार फिर वापस आ गया है। IMA साउथ के चौथे संस्करण के लिए वर्चुअल जूरी मीट बुधवार, 17 जुलाई को यानी आज आयोजित की जा रही है। इंडस्ट्री जगत के दिग्गजों और मार्केटिंग व विज्ञापन जगत के प्रतिष्ठित लीडर्स से युक्त एक प्रतिष्ठित जूरी पैनल एक साथ, एक छत के नीचे एकत्रित होगी और विजेताओं के चयन प्रक्रिया में अपना योगदान देंगी।

इस वर्ष, IMA साउथ 2024 जूरी की अध्यक्षता 'चोलायिल प्राइवेट लिमिटेड' (Cholayil Private Limited) के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर अनुपम कथेरिया करेंगे। अन्य जूरी सदस्यों में इंडस्ट्री के लीडर्स, अनुभवी प्रोफेशनल्स व जानी-मानी हस्तियां शामिल रहेंगी। e4m IMA साउथ 2024 का आयोजन 23 अगस्त, 2024 को बेंगलुरु में किया जाएगा।

IMA साउथ 2024 के अन्य जूरी सदस्य विविध क्षेत्रों से अनुभव का खजाना लेकर आए हैं। यह अवॉर्ड दक्षिण भारत में काम करने वाले सर्वश्रेष्ठ संगठनों, व्यक्तियों और टीमों का सम्मान करता है, जिन्होंने क्षेत्र/देश में अपनी उपस्थिति दर्ज करने या उसका विस्तार करने के तरीके खोजने की दिशा में आत्मविश्वास और अभिनव कदम उठाए हैं। यह उन विविध कंपनियों को मान्यता देता है और सम्मानित करता है, जिनका कॉर्पोरेट ऑफिस और/या मार्केटिंग डिवीजन दक्षिण भारत में मुख्यालय है। यह अवॉर्ड उन कंपनियों के लिए भी हैं, जिनका मुख्यालय पूरे भारत में है, लेकिन उन्होंने साउथ मार्केट के लिए कैंपेंन बनाया और चलाया है।

इस वर्ष जूरी अध्यक्ष बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अनुपम कथेरिया ने कहा, "इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड साउथ 2024 के लिए जूरी अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया जाना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। उभरते हुए मीडिया में जिस गति से बदलाव हो रहे हैं, उपभोक्ताओं का ध्यान कम हो रहा है और कारोबारी माहौल कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है, उसे देखते हुए मार्केटर के लिए जीवित रहना आसान नहीं है और व्यावसायिक वातावरण कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है। यह देखते हुए मार्केटर के लिए जीवित रहना आसान नहीं है। इस माहौल में कामयाब होने के लिए मार्केटर को लगातार कुछ इनोवेटिव और क्रिएटिव करना पड़ता है। मैं प्रतिष्ठित जूरी पैनल में शामिल होने और कुछ बेहतरीन कैंपेंस का मूल्यांकन करने के लिए उत्सुक हूं। मैं इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए वास्तव में उत्साहित हूं और मैं सभी नामांकन देखने के लिए उत्सुक हूं। सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं"। 

यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड 5 प्रमुख कैटेगरीज में मार्केटिंग की असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देता है और उनका जश्न मनाता है। पांच प्रमुख को सब-कैटेगरीज में विभाजित किया गया है। अवॉर्ड्स का गोल्ड पार्टनर 'द हिन्दू' है जबकि लक्ष्य मीडिया ग्रुप द्वारा संचालित (powered by) है। 

यहां देखें जूरी में शामिल सदस्य:

Abhishek Mehrotra, Vice President and Head of Marketing, Aashirvaad - ITC Limited
Ahmed Rahimtoola, Chief Marketing Officer, Tilaknagar Industries Ltd
Akash Deep Batra, Executive Director & Head of Marketing, Customer Experience &
Analytics, DBS Bank
Anil Gurnani, Chief Sales and Marketing Officer, TTK Prestige
Arvind Naidu, Head of Marketing, KTV Health FOOD
Ashish Tiwari, Chief Marketing Officer, Home credit
Ayushman Chiranewala, Chief Marketing Officer, Dr Agarwal’s Eye Hospitals
Chandrahas Shetty, Head of Demand, Magnite
Dr. Ashish Bajaj, Chief Marketing Officer, Narayana Health
Eiti Singhal, Chief Marketing Officer, Vega Industries Pvt. Ltd.
Eshita Anil, Marketing Head, boAt (Imagine Marketing Limited)
Gaurav Barjatya, Chief Marketing Officer, NDTV
Kranthi Kumar, Director Marketing- ProManage, Sulekha
M K Machaiah (Mac), Chief Client Officer & Office Head – South, Wavemaker
Mukesh Ghuraiya, Former -Chief Marketing Officer, Modi Naturals
Nishant Nayyar, Vice President and Head of Marketing, Kaya Ltd
Nitin Khanna, Vice President -Marketing, Acko General Insurance
Pallavi Chopra, Chief Marketing Officer, RedBus
Piyush Pandey, Head of Marketing, Montra Electric (TICMPL)
Prasanna Rai, Chief Marketing Officer (CMO) and Head of Ecommerce Business, Wipro Consumer Care and Lighting
Prassanna S, Vice President Marketing, MGM Healthcare
Pratip Francis, General Manager - Brand Marketing, MRF
Puneet Kusumbia, VP Marketing, Heritage Foods Ltd
Raj Gopal Iyer, Former- Head -Growth Marketing, Croma
Rajesh Mani, Head Marketing and Corporate Communication, Ashok Leyland Ltd
Raju Menon, Managing Director, Maitri Advertising Works Pvt. Ltd.
Ranjani Krishnaswamy, General Manager Marketing, Titan Company Limited
Ruchira Jaitly, Chief Marketing Officer, Diageo
Samir Sethi, Head of Brand Marketing, Policybazaar
Seenivasan Subramanian PhD, Head of Marketing - Colors Kannada Cluster & Colors Tamil, Viacom18 Media Private Limited
Shubham Shukla, Head of Marketing, Ghodawat Consumers
Shyam sunder Nalluri, Chief Marketing Officer, Coromandel International Ltd
Sirajudheen Nellur, Head of Brand Marketing, Partnership & Growth, Practo
Sudhanshu Tripathi, Chief Marketing Officer & Head ESG, Quick Heal
Swati Nathani, Co-Founder, Team Pumpkin

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एन वेंकटरमन बने ब्रिटानिया के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने एन वेंकटरमन को डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर और राममूर्ति जयरामन को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया है। दोनों नियुक्तियां 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 30 September, 2026
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Wednesday, 30 September, 2026
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ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia Industries) ने एन वेंकटरमन (N Venkataraman) को डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (Deputy Managing Director) और राममूर्ति जयरामन (Ramamurthy Jayaraman) को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (Chief Financial Officer) नियुक्त किया है। दोनों नियुक्तियां 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगी।

एन वेंकटरमन अप्रैल 2007 से ब्रिटानिया के साथ जुड़े हुए हैं और उन्हें करीब चार दशक का अनुभव है। फिलहाल वह कंपनी के फाइनेंस, बिजनेस कमर्शियल, लीगल और सेक्रेटेरियल कार्यों की देखरेख कर रहे हैं। इसके अलावा वह कंपनी की कॉस्ट एफिशिएंसी (Cost Efficiency) से जुड़ी पहलों का नेतृत्व भी कर रहे हैं।

नई जिम्मेदारी में वेंकटरमन कारोबार को रणनीतिक नेतृत्व देना जारी रखेंगे। उनका फोकस लंबे समय में कंपनी के लिए वैल्यू क्रिएशन (Value Creation) और टिकाऊ विकास पर रहेगा।

ब्रिटानिया से पहले वेंकटरमन आयशर मोटर्स (Eicher Motors) के टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल कारोबार के फाइनेंस कार्यों का नेतृत्व कर चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Ltd.-HAL) में मैनेजमेंट ट्रेनी (Management Trainee) के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश एयरोस्पेस के साथ एचएएल के संयुक्त उपक्रम में सीनियर फाइनेंस एग्जीक्यूटिव (Senior Finance Executive) के तौर पर काम किया।

राममूर्ति जयरामन को 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें करीब 15 वर्ष उन्होंने ब्रिटानिया के साथ बिताए हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी में फाइनेंस से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं।

फिलहाल जयरामन फाइनेंशियल रिपोर्टिंग, फाइनेंशियल प्लानिंग एंड एनालिसिस, टैक्सेशन, ट्रेजरी और शेयर्ड सर्विसेज की देखरेख करते हैं। इसके अलावा वह कंपनी के लीगल और सेक्रेटेरियल कार्यों की भी निगरानी कर रहे हैं।

ब्रिटानिया में शामिल होने से पहले जयरामन पीडब्ल्यूसी (PwC) और डेलॉयट (Deloitte) के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के ऑडिट का नेतृत्व किया।

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कैम्पस एक्टिववियर ने मुस्कान ग्रोवर को बनाया मैनेजर-पीआर

कैम्पस एक्टिववियर ने मुस्कान ग्रोवर को मैनेजर-पीआर और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस नियुक्त किया है। वह मीडिया रिलेशंस, ब्रांड पोजिशनिंग, रणनीतिक स्टोरीटेलिंग और कॉरपोरेट प्रतिष्ठा से जुड़े काम संभालेंगी।

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Published - Wednesday, 30 September, 2026
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Wednesday, 30 September, 2026
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भारत के प्रमुख स्पोर्ट्स और एथलीजर फुटवियर ब्रांड्स में शामिल कैम्पस एक्टिववियर (Campus Activewear) ने मुस्कान ग्रोवर को मैनेजर-पीआर और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस नियुक्त किया है।

नई भूमिका में मुस्कान कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications), मीडिया रिलेशंस (Media Relations), नेतृत्व की ब्रांड पोजिशनिंग (Brand Positioning) और रणनीतिक स्टोरीटेलिंग (Strategic Storytelling) की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनका फोकस ब्रांड की कॉरपोरेट प्रतिष्ठा मजबूत करने के साथ ब्रांड, कारोबार और हितधारकों से जुड़े कम्युनिकेशन प्रयासों को आगे बढ़ाने पर रहेगा।

मुस्कान को पब्लिक रिलेशंस (Public Relations) और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें रणनीतिक संचार, मीडिया रिलेशंस, ब्रांड स्टोरीटेलिंग, नेतृत्व की पोजिशनिंग और हितधारक जुड़ाव में विशेषज्ञता हासिल है।

कैम्पस एक्टिववियर से पहले वह एडफैक्टर्स पीआर (Adfactors PR) और बर्सन (Burson) जैसी प्रमुख कम्युनिकेशन एजेंसियों के साथ काम कर चुकी हैं। यहां उन्होंने कंज्यूमर, कॉरपोरेट और लाइफस्टाइल से जुड़े कई कम्युनिकेशन प्रोजेक्ट्स संभाले।

कैम्पस एक्टिववियर में वह ब्रांड की रीब्रांडिंग (Rebranding), कैटेगरी विस्तार और प्रमुख कॉरपोरेट नैरेटिव से जुड़े कम्युनिकेशन कार्यों में शामिल रहेंगी। इसके अलावा वह नेतृत्व की विजिबिलिटी (Visibility), थॉट लीडरशिप (Thought Leadership), इंटरनल कम्युनिकेशंस (Internal Communications) और कंपनी की लिंक्डइन (LinkedIn) मौजूदगी को मजबूत करने पर भी काम करेंगी।

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रेड एफएम से जुड़ीं सुबर्णा रेचौधरी : रेड मैक्स सेल्स की संभालेंगी कमान

रेड एफएम ने सुबर्णा रेचौधरी को रेड मैक्स सेल्स की वेस्ट हेड नियुक्त किया है। इससे पहले वह जी लाइव में वाइस प्रेसिडेंट ऑफ सेल्स की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 29 September, 2026
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Tuesday, 29 September, 2026
redfm

रेड एफएम (Red FM) ने सुबर्णा रेचौधरी (Subarna RayChaudhuri) को रेड मैक्स सेल्स (Red Max Sales) की वेस्ट हेड (West Head) नियुक्त किया है। कंपनी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए उनकी नई भूमिका की जानकारी साझा की।

कंपनी ने पोस्ट में उनका स्वागत करते हुए बताया कि सुबर्णा रेचौधरी रेड एफएम के मुंबई ऑफिस (Mumbai Office) से रेड मैक्स सेल्स की वेस्ट हेड के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे पहले वह जी लाइव (Zee Live) में वाइस प्रेसिडेंट ऑफ सेल्स (Vice President of Sales) के पद पर कार्यरत थीं।

सुबर्णा रेचौधरी को मीडिया सेल्स (Media Sales), चैनल सेल्स (Channel Sales) और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications) में 25 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। उनके काम में क्लाइंट रिलेशनशिप (Client Relationships) मजबूत करना, नए बिजनेस अवसर (Business Opportunities) विकसित करना और पार्टनर्स की जरूरतों के अनुरूप डिजिटल सॉल्यूशंस (Digital Solutions) तैयार करना शामिल रहा है।

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e4m प्राइम टाइम अवॉर्ड्स की वापसी, मुंबई में 30 सितंबर को होगा 12वां संस्करण

टेलीविजन विज्ञापन की दुनिया के चर्चित e4m प्राइम टाइम अवॉर्ड्स (PTA)  हो रही है। अवॉर्ड्स का 12वां संस्करण 30 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित किया जाएगा।

Vikas Saxena by
Published - Saturday, 26 September, 2026
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Saturday, 26 September, 2026
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टेलीविजन विज्ञापन की दुनिया के चर्चित e4m प्राइम टाइम अवॉर्ड्स (PTA)  हो रही है। अवॉर्ड्स का 12वां संस्करण 30 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित किया जाएगा।

इन अवॉर्ड्स का मकसद टेलीविजन विज्ञापन के क्षेत्र में बेहतरीन क्रिएटिव काम को सम्मानित करना और शानदार अभियानों का जश्न मनाना है। इस आयोजन में प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों, मीडिया प्लानर्स और ब्रैंड मार्केटर्स के एक जगह जुटने की उम्मीद है। समय के साथ एक्सचेंज4मीडिया प्राइम टाइम अवॉर्ड्स टेलीविजन जगत में प्रभावशाली कैंपेन, दमदार कहानी और क्रिएटिव काम को पहचान देने वाला एक प्रमुख मंच बन गया है।

e4m प्राइम टाइम अवॉर्ड्स ऐसे टेलीविजन कैंपेन में क्रिएटिविटी और इनोवेशन को सम्मानित करते हैं, जो न सिर्फ दर्शकों का ध्यान खींचते हैं, बल्कि ब्रैंड के लिए वास्तविक असर भी पैदा करते हैं। इस मंच पर एजेंसियों, ब्रैंड्स, प्रोडक्शन हाउसेज और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को अलग-अलग कैटेगरी में उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया जाता है।

इस बार कई नई कैटेगरी शामिल

इस साल के संस्करण में मार्केटिंग, एंटरटेनमेंट और टैलेंट सेगमेंट में कई नई कैटेगरी जोड़ी गई हैं। ये कैटेगरी मीडिया और कंटेंट की बदलती तस्वीर को ध्यान में रखते हुए शामिल की गई हैं। अवॉर्ड्स की कैटेगरी तेजी से बदलते मीडिया माहौल में टीवी विज्ञापन के बदलते स्वरूप को दिखाती हैं। इस साल विजेताओं का फैसला 6 मुख्य कैटेगरी में किया गया है, जिन्हें आगे 95 सब-कैटेगरी में बांटा गया है।

इस साल जूरी के चेयरमैन टाइटन कंपनी लिमिटेड के सीईओ-ज्वेलरी अरुण नारायण हैं। वहीं BW बिजनेसवर्ल्ड और एक्सचेंज4मीडिया के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अन्नुराग बत्रा को-चेयरमैन हैं। जूरी में इंडस्ट्री के कई प्रमुख लीडर्स, बिजनेस हेड्स और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल रहे हैं।  

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मुथूट फिनकॉर्प को अगले दो साल के लिए मिला भारतीय क्रिकेट का टाइटल स्पॉन्सरशिप

मुथूट फिनकॉर्प ने अगले दो वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स हासिल किए हैं। करार के तहत करीब 35 घरेलू इंटरनेशनल मैचों के अधिकार शामिल होने की उम्मीद है।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 25 September, 2026
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Friday, 25 September, 2026
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मुथूट फिनकॉर्प (Muthoot Fincorp) ने अगले दो वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स (Title Sponsorship Rights) हासिल किए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया (Times of India) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह करार करीब 35 घरेलू इंटरनेशनल मैचों (International Matches) को कवर कर सकता है।

दो साल की अवधि में 10 टेस्ट (Tests), 12 वनडे (ODIs) और 13 टी20 इंटरनेशनल (T20Is) मैच शामिल होने की उम्मीद है। यह करार वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से शुरू होगा।

कोच्चि स्थित मुथूट ग्रुप (Muthoot Group) के पास भारत में खेले जाने वाले सभी इंटरनेशनल और घरेलू मैचों के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स 31 मार्च 2028 तक रहेंगे। भारतीय क्रिकेट की बाइलेटरल स्पॉन्सरशिप लाइनअप (Bilateral Sponsorship Line-up) में कैंपा (Campa), एसबीआई लाइफ (SBI Life) और चैटजीपीटी (ChatGPT) भी शामिल हैं।

यह घटनाक्रम भारत के आगामी होम सीजन (Home Season) से पहले सामने आया है। इस दौरान वेस्टइंडीज, श्रीलंका और जिम्बाब्वे की टीमें भारत का दौरा करेंगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का नया कमर्शियल साइकल (Commercial Cycle) मार्च 2028 तक चलेगा और इसमें भारत की होम बाइलेटरल सीरीज (Home Bilateral Commitments) शामिल हैं।

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एला दास बनीं 'ELLE DECOR इंडिया' की नई एडिटर

एला दास को ELLE DECOR India का नया एडिटर नियुक्त किया गया है। वह प्रिंट, डिजिटल और अन्य प्लेटफॉर्म्स के लिए मैगजीन की एडिटोरियल दिशा की जिम्मेदारी संभालेंगी।

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Published - Thursday, 24 September, 2026
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Thursday, 24 September, 2026
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एला डेकोर इंडिया (ELLE DECOR India) ने एला दास (Ela Das) को अपना नया एडिटर (Editor) नियुक्त किया है। वह मैगजीन के प्रिंट (Print), डिजिटल (Digital) और अन्य प्लेटफॉर्म्स (Platforms) की एडिटोरियल दिशा संभालेंगी।

कॉरपोरेट लॉयर (Corporate Lawyer) के तौर पर करियर शुरू करने के बाद पत्रकार और एडिटर बनीं एला दास ने पब्लिशिंग करियर (Publishing Career) की शुरुआत कोंडे नास्ट इंडिया (Condé Nast India) से की थी। इसके बाद वह आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट इंडिया (Architectural Digest India) की फाउंडिंग डिजिटल एडिटर (Founding Digital Editor) बनीं।

एला दास के पास 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने भारत में डिजाइन और संस्कृति को आकार देने वाले लोगों, जगहों और विचारों पर काम किया है। उनका काम उन्हें भारत के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों तक ले गया, जहां उन्होंने घरों, स्टूडियो, गैलरीज और क्रिएटिव कम्युनिटीज (Creative Communities) से जुड़ी कहानियों को कवर किया।

एला दास के नेतृत्व में ELLE DECOR India का फोकस डिजाइन, आर्किटेक्चर (Architecture), इंटीरियर्स (Interiors), आर्ट (Art) और कल्चर (Culture) से जुड़ी बातचीत को और मजबूत करने पर रहेगा। मैगजीन उन लोगों और विचारों को भी सामने लाने पर जोर जारी रखेगी, जो आज के भारत के रहन-सहन को आकार दे रहे हैं।

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दिशा संघवी बनीं सर्वम में ब्रांड एंड कम्युनिकेशन लीड

दिशा संघवी ने सर्वम में ब्रांड एंड कम्युनिकेशन लीड के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह जेट में मार्केटिंग कम्युनिकेशन और पीआर की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

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Published - Tuesday, 22 September, 2026
Last Modified:
Tuesday, 22 September, 2026
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दिशा संघवी (Disha Sanghvi) ने भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी सर्वम (Sarvam) में ब्रांड एंड कम्युनिकेशंस लीड (Brand & Communications Lead) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। यह नियुक्ति पत्रकारिता, फिनटेक (Fintech) और ब्रांड कम्युनिकेशंस (Brand Communications) में उनके करियर के बाद फ्रंटियर एआई (Frontier AI) क्षेत्र में उनकी नई पारी की शुरुआत है।

दिशा ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी नियुक्ति की जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह सर्वम के साथ भारत की फ्रंटियर एआई में स्थिति को आकार देने के काम से जुड़ने को लेकर उत्साहित हैं। अपनी नई भूमिका में वह कंपनी की ब्रांड और कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजी (Communications Strategy) पर काम करेंगी।

दिशा ने अपने करियर की शुरुआत मिंट (Mint) में पत्रकार के तौर पर की थी, जहां उन्होंने इंश्योरेंस (Insurance) और फिनटेक रेगुलेशन (Fintech Regulation) को कवर किया। बाद में उनका करियर उन बिजनेस से जुड़ा, जिनकी वह पहले रिपोर्टिंग कर चुकी थीं। इस दौरान उन्हें फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स (Financial Products) और जटिल सेवाओं को उपभोक्ताओं तक आसान तरीके से पहुंचाने की चुनौती का अनुभव मिला।

दिशा के मुताबिक, “मेकिंग द कॉम्प्लिकेटेड फील ऑब्वियस” (Making the complicated feel obvious) की सोच उनके करियर को लगातार दिशा देती रही है। उनका मानना है कि यह सोच उभरते एआई इंडस्ट्री (AI Industry) के लिए भी खास तौर पर प्रासंगिक है।

सर्वम से जुड़ने से पहले दिशा जेट (ZET) के साथ काम कर रही थीं। वहां उन्होंने ब्रांड, कंटेंट, पब्लिक रिलेशंस (Public Relations) और परफॉर्मेंस मार्केटिंग (Performance Marketing) से जुड़े काम संभाले।

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श्रीजा एमएस बनीं व्हाइट गोल्ड में हेड ऑफ कम्युनिकेशंस

श्रीजा एमएस ने 15 साल की पत्रकारिता, मीडिया और ब्रांडेड कंटेंट के अनुभव के बाद व्हाइट गोल्ड में हेड ऑफ कम्युनिकेशंस की नई जिम्मेदारी संभाली है।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 21 September, 2026
Last Modified:
Monday, 21 September, 2026
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श्रीजा एमएस (Sreeja MS) ने व्हाइट गोल्ड (White Gold) में हेड ऑफ कम्युनिकेशंस (Head of Communications) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। यह कदम पत्रकारिता, मीडिया और ब्रांडेड कंटेंट (Branded Content) में करीब 15 साल के करियर के बाद आया है।

श्रीजा ने कॉलेज के दौरान एक हॉस्पिटैलिटी मैगजीन (Hospitality Magazine) से पत्रकारिता में करियर शुरू किया था। इसके बाद वह न्यूज9 (News9) से एसोसिएट प्रोड्यूसर (Associate Producer) के तौर पर जुड़ीं, जहां उन्होंने न्यूज स्टोरीज, बुलेटिन और फीचर्स पर काम किया। बाद में उन्होंने रिपोर्टिंग में कदम रखा और फील्ड जर्नलिज्म (Field Journalism) तथा न्यूज गैदरिंग (News Gathering) का अनुभव हासिल किया।

अपने सफर को याद करते हुए श्रीजा ने कहा, “15 साल पहले मैं अपने पहले न्यूजरूम में गई थी। आज मैं अपने पहले बोर्डरूम में जा रही हूं।” उन्होंने कहा कि शुरुआती न्यूजरूम अनुभव और उनके साथ काम करने वाले पत्रकारों ने स्टोरीटेलिंग और रिपोर्टिंग के प्रति उनके नजरिए को आकार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ऐसी पत्रकारिता की जो मायने रखती थी और जिसका असर पड़ा, और वह अनुभव उनके साथ आगे भी रहेगा।

मुख्यधारा की पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा समय बिताने के बाद श्रीजा ने तीन साल पहले अपना पहला करियर पिवट (Career Pivot) किया। उन्होंने टाइम्स नेटवर्क (Times Network) में मीडिया के भीतर ब्रांडेड कंटेंट की जिम्मेदारी संभाली। इस अवसर के लिए उन्होंने मिहिर भट्ट (Mihir Bhatt) को श्रेय दिया।

व्हाइट गोल्ड में अपनी नई भूमिका में श्रीजा कंपनी के कम्युनिकेशंस मैंडेट (Communications Mandate) की जिम्मेदारी संभालेंगी। कंपनी ऑर्गनाइज्ड गोल्ड बाइंग (Organised Gold Buying) के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

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टाटा संस एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव पर कर रही विचार

टाटा संस एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी के एक हिस्से को खरीदने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके लिए कम से कम 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 18 September, 2026
Last Modified:
Friday, 18 September, 2026
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टाटा संस (Tata Sons) अपनी होल्डिंग कंपनी (Holding Company) में शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप (Shapoorji Pallonji Group) की हिस्सेदारी के एक हिस्से को खरीदने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। टाटा संस बोर्ड (Board) की बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार, इस सौदे के लिए कम से कम 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। यह प्रस्ताव टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के चेयरमैन नोएल एन टाटा (Noel N Tata) ने बोर्ड के सामने रखा।

यह प्रस्ताव नोएल टाटा, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) और एसपी ग्रुप के चेयरमैन शापूर मिस्त्री (Shapoor Mistry) के बीच हुई शुरुआती बातचीत के बाद सामने आया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत स्टर्लिंग इन्वेस्टमेंट्स कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (Sterling Investment Corporation Private Limited) और साइरस इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (Cyrus Investments Private Limited) के पास मौजूद टाटा संस के शेयर बेचे जाएंगे।

इन शेयरों का न्यूनतम मूल्यांकन आयकर नियम, 1962 के नियम 11यूए (Rule 11UA) के तहत तय मूल्य के आधार पर होगा। एसपी ग्रुप ने संकेत दिया है कि शेयरों की खरीद दो चरणों में 18 महीने के भीतर पूरी की जा सकती है।

इसके साथ ही टाटा संस राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (National Company Law Tribunal) के जरिए चुनिंदा पूंजी कटौती (Selective Capital Reduction) की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। शेयरों का मूल्यांकन आयकर नियमों के तहत उचित बाजार मूल्य (Fair Market Value) के आधार पर किया जाएगा।

नोएल टाटा ने सौदे के लिए जरूरी धन जुटाने के कई विकल्प तलाशने का सुझाव दिया है। इनमें आंतरिक नकदी प्रवाह (Internal Cash Flow), सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों की बिक्री, नए कारोबारों में निवेशकों को शामिल करना और कुछ कारोबारों को ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) के जरिए सूचीबद्ध करना शामिल है।

उन्होंने बोर्ड से एनसीएलटी (NCLT) प्रक्रिया शुरू करने और टाटा संस व टाटा ट्रस्ट्स की टीमों को एसपी ग्रुप तथा उसके बैंकरों के साथ बातचीत जारी रखने की अनुमति देने का भी प्रस्ताव रखा।

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हैप्पी बर्थडे नरेंद्र मोदी: RSS के संगठनकर्ता से तीन बार PM तक, ऐसे बना ‘Brand Modi’

आरएसएस के संगठनकर्ता से गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक संवाद, चुनावी प्रचार और अपनी सार्वजनिक छवि को एक खास पहचान दी है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 17 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 17 September, 2026
PM Modi....

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 साल के हो गए हैं। जन्मदिन के इस मौके पर उनके करीब 25 साल के राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो यह यात्रा गुजरात से देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के साथ-साथ एक अलग तरह की राजनीतिक ब्रैंडिंग की कहानी भी है। आरएसएस के संगठनकर्ता से गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक संवाद, चुनावी प्रचार और अपनी सार्वजनिक छवि को एक खास पहचान दी है।

17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी का शुरुआती जीवन साधारण आर्थिक परिस्थितियों में बीता। वह अपने शुरुआती वर्षों और परिवार की चाय की दुकान से जुड़ी कहानी का अक्सर उल्लेख करते रहे हैं। हालांकि उनकी राजनीतिक नींव चुनावी राजनीति में आने से पहले संगठन के स्तर पर तैयार हुई।

नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम किया। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी के संगठन में आए। वर्ष 1987 तक वह बीजेपी की गुजरात इकाई के महासचिव के तौर पर काम कर रहे थे। वर्ष 1995 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और हरियाणा व हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में पार्टी के काम की जिम्मेदारी मिली।

गुजरात से राष्ट्रीय राजनीति तक: 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह मई 2014 तक इस पद पर रहे और गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले व्यक्ति बने। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल ने उनकी राष्ट्रीय राजनीतिक पहचान को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सरकार ने गुजरात को निवेश के प्रमुख केंद्र के तौर पर पेश किया। वाइब्रेंट गुजरात समिट राज्य के आर्थिक विकास और निवेश के प्रस्ताव को सामने रखने का एक प्रमुख मंच बना। विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और प्रशासनिक दक्षता आगे चलकर नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय राजनीतिक छवि के महत्वपूर्ण हिस्से बने।

हालांकि गुजरात के वर्ष 2002 के सांप्रदायिक दंगों को लेकर उनका राजनीतिक सफर विवादों से भी जुड़ा रहा। मोदी और उनकी सरकार को हिंसा को लेकर वर्षों तक राजनीतिक आलोचना और जांच का सामना करना पड़ा। 2012 में कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल ने दंगों से जुड़े आरोपों में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए। वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। 2013 में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया और इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव उनके राजनीतिक सफर में एक बड़ा पड़ाव बना।

2014 में बदला चुनावी प्रचार का अंदाज: 2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी की जीत के साथ-साथ भारतीय राजनीतिक प्रचार के तौर-तरीकों में बदलाव के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। ‘अबकी बार मोदी सरकार’, ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ और ‘चाय पर चर्चा’ जैसे नारों ने चुनावी अभियान में नरेंद्र मोदी को केंद्र में रखा। उनकी साधारण पृष्ठभूमि भी राजनीतिक संवाद का हिस्सा बनी। विरोधियों की ओर से इस्तेमाल किया गया ‘चायवाला’ शब्द भी अभियान के दौरान उनकी पहचान का हिस्सा बन गया।

इस चुनाव में तकनीक का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल हुआ। 3D होलोग्राम रैलियों, सोशल मीडिया आउटरीच और योजनाबद्ध कार्यक्रमों के जरिए नरेंद्र मोदी को अभियान के केंद्र में रखा गया। बीजेपी ने 282 लोकसभा सीटें जीतीं और 1984 के बाद पहली बार किसी एक पार्टी को अपने दम पर लोकसभा में बहुमत मिला।

26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 303 सीटें जीतीं और नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बने। 2024 के चुनाव में बीजेपी को 240 सीटें मिलीं और वह अपने दम पर बहुमत से दूर रही, लेकिन बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें हासिल कीं। 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वह जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शुरुआत करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बने।

जब ‘मोदी’ सिर्फ नाम नहीं, एक ब्रैंड बना: करीब 25 साल की राजनीतिक यात्रा में एक समय ऐसा आया जब नरेंद्र मोदी सिर्फ एक राजनेता के नाम तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ‘मोदी’ एक राजनीतिक ब्रैंड के तौर पर पहचाना जाने लगा। इस ब्रैंड की अपनी एक पहचान बनी। ‘मित्रों’, ‘भाइयों और बहनों’, ‘सबका साथ, सबका विकास’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ जैसे शब्द और नारों ने उनकी राजनीतिक संवाद शैली को अलग पहचान दी।

उनकी दृश्य पहचान भी इसी तरह स्पष्ट हुई। आधी बांह वाले कुर्ते को उनके साथ इतना जोड़ा गया कि इसे लोकप्रिय तौर पर ‘मोदी कुर्ता’ कहा जाने लगा। बिना आस्तीन की जैकेट, शॉल, स्वतंत्रता दिवस पर अलग-अलग तरह की पगड़ियां और क्षेत्रीय पहनावे उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों का हिस्सा बने।

हिमाचल प्रदेश में हिमाचली टोपी, अलग-अलग राज्यों के कार्यक्रमों में क्षेत्रीय साफे और पगड़ी, हैंडलूम, खादी तथा कोविड के दौरान नजर आया गमछा भी उनकी सार्वजनिक छवि का हिस्सा रहे हैं। राजनीतिक संवाद के इस दौर में कपड़े भी संदेश देने का एक माध्यम बने।

गुजरात के विकास से ‘विश्वगुरु’ की छवि तक: प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी की राजनीतिक छवि में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार हुआ। बड़े प्रवासी भारतीय कार्यक्रम, द्विपक्षीय बैठकें, जी20 से जुड़ी तस्वीरें, विदेश यात्राएं और वैश्विक नेताओं के साथ उनकी मुलाकातें उनकी घरेलू सार्वजनिक छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा बनीं।

इसी के साथ भारत को संभावित ‘विश्वगुरु’ के तौर पर पेश करने वाली राजनीतिक शब्दावली भी सामने आई। ‘विश्वगुरु’ नरेंद्र मोदी और बीजेपी की ओर से समर्थित एक आकांक्षी राजनीतिक विचार है। भारत का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और सरकार का विदेश नीति रिकॉर्ड राजनीतिक बहस के विषय बने हुए हैं।

राजनीतिक ब्रैंडिंग के नजरिए से देखें तो कहानी गुजरात के विकास से भारत के विकास और फिर दुनिया में भारत की भूमिका तक पहुंचती दिखाई देती है। समर्थकों के लिए नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय सक्रियता वैश्विक मंच पर अधिक मुखर भारत की तस्वीर पेश करती है, जबकि आलोचक इस नैरेटिव और भारत के कूटनीतिक, आर्थिक व लोकतांत्रिक रिकॉर्ड के अलग-अलग पहलुओं पर सवाल उठाते रहे हैं।

रेडियो से सोशल मीडिया और अब जेनरेशन Z तक: नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में संचार का माध्यम बदलने के साथ उसके इस्तेमाल का तरीका भी बदला। रैलियां महत्वपूर्ण बनी रहीं, लेकिन ‘मन की बात’ के जरिए रेडियो को भी राजनीतिक संवाद में प्रमुखता मिली।

टेलीविजन के साथ सीधे डिजिटल संवाद पर भी जोर बढ़ा। ट्विटर, जिसे अब एक्स कहा जाता है, राजनीतिक संवाद का एक बड़ा माध्यम बना। इसके बाद इंस्टाग्राम और यूट्यूब भी सीधे दर्शकों तक पहुंचने के महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बने। नमो ऐप ने अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया।

इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू केवल फॉलोअर्स की संख्या नहीं, बल्कि राजनेता और जनता के बीच दूरी कम होना था। प्रधानमंत्री को हर संदेश के लिए अखबार के फ्रंट पेज या रात के टीवी बुलेटिन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रही। वह खुद भी सीधे अपना संदेश लोगों तक पहुंचा सकते हैं। यह बदलाव सिर्फ नरेंद्र मोदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक दलों में राजनीतिक संवाद के तरीके को भी प्रभावित किया।

अब राजनीतिक संवाद में जेनरेशन Z पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मंत्रियों को इंस्टाग्राम और रील्स के जरिए ज्यादा सक्रियता से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की उनकी हालिया कोशिश इस बदलाव की ओर संकेत करती है। हालांकि यह उनके राजनीतिक करियर की पूरी कहानी नहीं, बल्कि संचार के बदलते माध्यम के साथ जुड़ा नया अध्याय है।

76 की उम्र में भी राजनीतिक सफर जारी: अक्टूबर 2026 में नरेंद्र मोदी के किसी सरकार के मुखिया बनने के 25 साल पूरे होंगे। इस दौरान उनके नेतृत्व में एनडीए ने तीन लोकसभा चुनाव जीते हैं। वह एक दशक से अधिक समय से प्रधानमंत्री हैं, 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इससे पहले कई दशक राजनीतिक संगठन में काम कर चुके हैं।

उनके राजनीतिक सफर में विवाद, राजनीतिक संघर्ष, नीतिगत बदलाव, चुनावी उतार-चढ़ाव और उनकी सरकार के रिकॉर्ड को लेकर तीखे मतभेद भी रहे हैं। उनके कार्यकाल ने जहां मजबूत समर्थन पैदा किया, वहीं उतना ही मुखर विरोध भी देखने को मिला। 17 सितंबर 2026 को 76 साल के हुए नरेंद्र मोदी आज भी भारतीय राजनीति के केंद्र में हैं और प्रधानमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल में हैं। वडनगर में जन्मे बच्चे से आरएसएस के संगठनकर्ता, फिर गुजरात के मुख्यमंत्री और उसके बाद प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाली यह यात्रा करीब 25 साल से सरकार के शीर्ष स्तर पर जारी है।

राजनीतिक कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार, उम्मीदवार से प्रधानमंत्री और फिर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी की यात्रा में उनका नाम एक राजनीतिक ब्रैंड के रूप में भी स्थापित हुआ। ‘मोदी कुर्ता’ उनकी पहचान का हिस्सा बना, नारे चुनावी अभियान की संपत्ति बने और ‘मित्रों’ राजनीतिक संवाद का पहचाना जाने वाला अंदाज। 

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