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डीपफेक एक गंभीर सामाजिक खतरा है: जस्टिस सूर्यकांत
न्यूजएक्स और लीगली स्पीकिंग की ओर से प्रस्तुत सेकेंड लॉ एंड कॉन्स्टिट्यूशन डायलॉग को संबोधित कर रहे थे जस्टिस सूर्यकांत
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
देश के बड़े मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) की ओर से 13 दिसंबर से नई दिल्ली के NDMC कन्वेंशन सेंटर में तीन दिवसीय कार्यक्रम 'इंडिया न्यूज मंच' का आयोजन किया गया। इसके तहत ‘न्यूजएक्स’ (NewsX) और ‘लीगली स्पीकिंग’ (Legally Speaking) की ओर से प्रस्तुत सेकेंड लॉ एंड कॉन्स्टिट्यूशन डायलॉग में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस दौरान मीडिया और लॉ के बारे में जस्टिस सूर्यकांत का कहना था, ‘मीडिया और न्यायालय का संबंध जटिल है। इसके अलाव दोनों ही चैलेंजिंग हैं। मीडिया जनता की आंखों की तरह काम करती है और न्याय को प्रकाश देती है। इसके अलावा भष्टाचार पर खुलासा करती है।’
न्यायालय के बारे में जस्टिस सूर्यकांत का कहना था कि इसमें कुछ अपवाद हैं। इसलिए सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, मीडिया के नियम को पहचानना आवश्यक है। क्योंकि यह सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह बनाने व कानूनी और राजनीतिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का काम करती है। इस शक्ति को हम सभी समझते हैं और यह एक बड़ी जिम्मेदारी से जुड़ी है। डीपफेक गंभीर सामाजिक खतरा है और इस बारे में कार्रवाई की जरूरत है।
सोशल मीडिया के बारे में जस्टिस सूर्यकांत का कहना था, ’हमें मीडिया के सदस्यों के रूप में समझा जाना चाहिए। सोशल मीडिया वास्तविक समय में जानकारी निर्धारित करता है और मीडिया के पारंपरिक रूपों की तुलना में कहीं अधिक अच्छा है। यह सच है कि हम अपडेट के इस तेजी से आदान-प्रदान को स्वीकार करते हैं और न केवल हमें तेज गति से सूचित करते हैं बल्कि अधिक जानकारी की खपत भी करते हैं।’
उन्होंने कहा, ’सोशल मीडिया यूजर्स को सक्षम बनाता है। यूजर्स न केवल जानकारी का उपभोग करते हैं बल्कि सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और अपनी प्रतिक्रिया और स्टोरी शेयर करते हैं। इस विकास ने मीडिया को संभवतः एकतरफा बना दिया है।’
कार्यक्रम के दौरान जस्टिस सूर्यकांत का स्वागत करते हुए राज्यसभा सांसद कार्तिक शर्मा का कहना था, ‘मीडिया हमेशा से ही लोकतंत्र का चौथा स्तंभ रहा है। जज हमेशा अपने फैसलों और अपने शब्दों से बड़ा इंपैक्ट बनाते हैं। हमेशा से ही समाज में परिवर्तन लाने के लिए न्यायालय का विशेष महत्व रहा है। न्याय में बड़ा परिवर्तन करने के लिए हमेशा अच्छे माइंडसेट की जरूरत है।‘
बता दें कि इस कार्यक्रम के पहले और दूसरे दिन तमाम केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों से लेकर राज्य के कैबिनेट मंत्रियों, संसद सदस्यों, मुख्यमंत्रियों, पार्टी अध्यक्षों, महासचिवों और देश की अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की और देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। कॉन्क्लेव का सीधा प्रसारण आईटीवी नेटवर्क के 'इंडिया न्यूज', 'न्यूजएक्स' व इसके सभी रीजनल चैनल्स पर किया गया। इसके अलावा डेलीहंट, शेमारूमी, वॉचो, मजालो, जियो टीवी, टाटास्काई और पेटीएम लाइवस्ट्रीम पर भी लाइव-स्ट्रीम किया गया।
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